'281 एंड बियॉन्ड' किस अनुभवी क्रिकेटर की आत्मकथा है?
- A.कपिल देव
- B.वीवीएस लक्ष्मण
- C.सौरव गांगुली
- D.अजिंक्य रहाणे
सही उत्तर
B. वीवीएस लक्ष्मण
व्याख्या
सही उत्तर है B, वीवीएस लक्ष्मण। '281 एंड बियॉन्ड' वीवीएस लक्ष्मण की आत्मकथा है, जो 2018 में प्रकाशित हुई। शीर्षक उनकी उस 281 रन की पारी से आया है, जो उन्होंने मार्च 2001 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध खेली थी, जब भारत फॉलोऑन के बाद भी मैच जीत गया था। यह टेस्ट क्रिकेट के सबसे यादगार मुकाबलों में गिना जाता है। लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ ने लगभग पूरे चौथे दिन बल्लेबाजी की, और हरभजन सिंह ने, जिन्होंने उसी मैच में किसी भारतीय की पहली टेस्ट हैट्रिक ली थी, जीत पूरी की। विकल्प A गलत है, क्योंकि कपिल देव की आत्मकथा 'स्ट्रेट फ्रॉम द हार्ट' है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सौरव गांगुली ने 'ए सेंचुरी इज नॉट इनफ' लिखी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अजिंक्य रहाणे की ऐसी कोई पुस्तक नहीं है। परीक्षा टिप: 281 एंड बियॉन्ड - लक्ष्मण; ए सेंचुरी इज नॉट इनफ - गांगुली; प्लेइंग इट माई वे - सचिन तेंदुलकर।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपुस्तक "स्ट्रेट फ्रॉम द हार्ट" के लेखक की पहचान करें।
- A.सचिन तेंदुलकर
- B.कपिल देव
- C.एम.एस. धोनी
- D.सौरव गांगुली
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कपिल देव
व्याख्या
सही उत्तर है B, कपिल देव। स्ट्रेट फ्रॉम द हार्ट तेज गेंदबाज कपिल देव की आत्मकथा है, जिनकी कप्तानी में भारत ने 1983 में लॉर्ड्स में अपना पहला विश्व कप जीता। यह पुस्तक 2004 में आई और इसमें चंडीगढ़ से उनके उठने, टनब्रिज वेल्स में जिम्बाब्वे के विरुद्ध नाबाद 175 रन तथा कप्तान और कोच के रूप में बिताए वर्षों का वर्णन है। कपिल देव टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज थे और 2002 में विजडन ने उन्हें भारतीय शताब्दी क्रिकेटर चुना। विकल्प A गलत है, क्योंकि सचिन तेंदुलकर की आत्मकथा प्लेइंग इट माई वे है। विकल्प C गलत है, क्योंकि एम.एस. धोनी ने कोई आत्मकथा नहीं लिखी; उनके जीवन पर फिल्म बनी और दूसरे लेखकों ने पुस्तकें लिखीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सौरव गांगुली ने ए सेंचुरी इज नॉट इनफ लिखी। परीक्षा टिप: स्ट्रेट फ्रॉम द हार्ट कपिल देव, प्लेइंग इट माई वे सचिन तेंदुलकर, ए सेंचुरी इज नॉट इनफ सौरव गांगुली।
निम्नलिखित में से कौन सी पुस्तक जीवनी है, आत्मकथा नहीं?
- A.लॉन्ग वॉक टू फ्रीडम
- B.प्लेइंग इट माई वे
- C.द मैन हू न्यू इनफिनिटी
- D.विंग्स ऑफ फायर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. द मैन हू न्यू इनफिनिटी
व्याख्या
सही उत्तर है C, द मैन हू न्यू इनफिनिटी। यह पुस्तक रॉबर्ट कनिगेल ने गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन पर लिखी, अर्थात लेखक और विषय दो अलग व्यक्ति हैं, इसलिए यह जीवनी है। रामानुजन ने अपने जीवन का कोई विवरण स्वयं नहीं छोड़ा और यह पुस्तक पत्रों, अभिलेखों तथा उन्हें जानने वालों के स्मरण से तैयार हुई।
विकल्प A, लॉन्ग वॉक टू फ्रीडम, नेल्सन मंडेला ने अपने ही जीवन पर लिखी, इसलिए वह आत्मकथा है। विकल्प B, प्लेइंग इट माई वे, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का अपने कैरियर का विवरण है और वह भी आत्मकथा है। विकल्प D, विंग्स ऑफ फायर, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने अरुण तिवारी की सहायता से लिखी, पर वर्णित जीवन कलाम का अपना है, इसलिए सह-लेखक होने से वह जीवनी नहीं बन जाती।
प्लेइंग इट माई वे किस खिलाड़ी की आत्मकथा है?
- A.कपिल देव
- B.सुनील गावस्कर
- C.सचिन तेंदुलकर
- D.राहुल द्रविड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सचिन तेंदुलकर
व्याख्या
सही उत्तर है C, सचिन तेंदुलकर। प्लेइंग इट माई वे सचिन तेंदुलकर की आत्मकथा है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के कुछ ही समय बाद प्रकाशित हुई। इसमें मुंबई का उनका बचपन, रमाकांत आचरेकर से मिला प्रशिक्षण और भारत के लिए खेला गया लंबा कैरियर वर्णित है।
विकल्प A, कपिल देव, ने स्ट्रेट फ्रॉम द हार्ट लिखी, जिसमें 1983 की विश्व कप विजय सहित उनके कैरियर की घटनाएँ हैं। विकल्प B, सुनील गावस्कर, ने सनी डेज तथा आइडल्स और रन्स एन रुइंस लिखीं, इसलिए वे इसी प्रश्न समूह में बार-बार आने वाला नाम हैं। विकल्प D, राहुल द्रविड़, ने इस नाम से कोई आत्मकथा नहीं लिखी; उनसे जुड़ी पुस्तकें दूसरों ने उनके कैरियर पर लिखी हैं, और आत्मकथा तथा जीवनी का यही अंतर प्रश्न जाँचता है। इसीलिए विकल्पों में चार क्रिकेटर रखकर पूछा जाता है कि पुस्तक स्वयं खिलाड़ी ने लिखी है या किसी और ने।
इंडिया विंस फ्रीडम नामक पुस्तक किसने लिखी थी?
- A.मौलाना अबुल कलाम आजाद
- B.राजेंद्र प्रसाद
- C.जवाहरलाल नेहरू
- D.सुभाष चंद्र बोस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मौलाना अबुल कलाम आजाद
व्याख्या
सही उत्तर है A, मौलाना अबुल कलाम आजाद। इंडिया विंस फ्रीडम में आजाद ने स्वतंत्रता संघर्ष के अंतिम दशक, कैबिनेट मिशन और विभाजन तक पहुँचाने वाली घटनाओं का विवरण दिया है। आजाद एक निर्णायक कालखंड में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री बने।
विकल्प B, राजेंद्र प्रसाद, ने अपनी आत्मकथा तथा इंडिया डिवाइडेड जैसी पुस्तकें लिखीं, पर यह शीर्षक उनका नहीं है। विकल्प C, जवाहरलाल नेहरू, ने एन ऑटोबायोग्राफी, भारत एक खोज और विश्व इतिहास की झलक लिखीं, जो सब अलग कृतियाँ हैं। विकल्प D, सुभाष चंद्र बोस, ने अधूरी आत्मकथा एन इंडियन पिलग्रिम और आंदोलन का राजनीतिक इतिहास द इंडियन स्ट्रगल लिखी, इसलिए प्रश्न में दी गई पुस्तक इनमें से किसी से मेल नहीं खाती। परीक्षा में स्वतंत्रता संग्राम के इन चारों नेताओं की पुस्तकें प्रायः एक साथ विकल्पों में रखी जाती हैं, इसलिए हर नाम के साथ उसकी कृति जोड़कर याद रखनी चाहिए।
हिंदी दलित लेखन की मील का पत्थर मानी जाने वाली आत्मकथात्मक कृति जूठन किसने लिखी?
- A.ओमप्रकाश वाल्मीकि
- B.प्रेमचंद
- C.हरिवंश राय बच्चन
- D.फणीश्वर नाथ रेणु
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ओमप्रकाश वाल्मीकि
व्याख्या
सही उत्तर है A, ओमप्रकाश वाल्मीकि। जूठन ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा है और हिंदी दलित लेखन का मील का पत्थर मानी जाती है। इसमें विद्यालय और कार्यस्थल पर लेखक द्वारा झेले गए जातिगत अपमान का विवरण है, और शीर्षक स्वयं उस बचे हुए भोजन की ओर संकेत करता है जिसे स्वीकार करना उनके समुदाय से अपेक्षित था।
विकल्प B, प्रेमचंद, उपन्यासकार और कहानीकार थे, जिनकी कृतियाँ गोदान, गबन और निर्मला कथा साहित्य हैं, आत्मकथा नहीं। विकल्प C, हरिवंश राय बच्चन, मधुशाला के लिए प्रसिद्ध कवि थे और उन्होंने क्या भूलूँ क्या याद करूँ से आरंभ होने वाली कई खंडों की आत्मकथा अवश्य लिखी, पर यह पुस्तक नहीं। विकल्प D, फणीश्वर नाथ रेणु, ने ग्रामीण बिहार पर आधारित आंचलिक उपन्यास मैला आँचल लिखा और वे उसी उपन्यास के लिए स्मरण किए जाते हैं, किसी आत्मकथा के लिए नहीं।