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GK24
भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

1991 के संकट के चरम पर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग कितने समय के आयात का भुगतान करने के लिए पर्याप्त था?

  1. A.दो सप्ताह
  2. B.छह महीने
  3. C.एक वर्ष
  4. D.तीन वर्ष

सही उत्तर

A. दो सप्ताह

व्याख्या

सही उत्तर A, लगभग दो सप्ताह है। वर्षों के चालू खाता घाटे, खाड़ी संकट के बाद तेल की कीमतों में वृद्धि तथा प्रेषण में गिरावट, और अनिवासी भारतीयों द्वारा जमा निकाले जाने से भंडार खाली हो चला था, और सबसे बुरी स्थिति में वह केवल पंद्रह दिन के आयात का भुगतान कर सकता था। इसी कारण सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से ऋण लिया और विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए विदेश में स्वर्ण गिरवी रखा। विकल्प B, C और D उन सुखद स्थितियों का वर्णन करते हैं जो कोई देश अच्छे वर्षों में बनाता है, और छह महीने या अधिक के आयात लायक भंडार संकट का नहीं बल्कि मजबूती का संकेत माना जाता है। जिस देश का भंडार एक वर्ष या तीन वर्ष के आयात के बराबर हो उसे आपात ऋण की आवश्यकता ही नहीं पड़ती, और यही विरोध इस प्रश्न में दिखाया गया है।

पूरा लेख पढ़ें: 1991 के आर्थिक सुधार: संकट और एलपीजी नीति

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Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 24 Aug 2021, Shift 2आसान

भारत में 1991 के आर्थिक सुधारों के समय प्रधानमंत्री कौन थे?

  1. A.पी वी नरसिम्हा राव
  2. B.अटल बिहारी वाजपेयी
  3. C.डॉ मनमोहन सिंह
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पी वी नरसिम्हा राव

व्याख्या

सही उत्तर A, पी वी नरसिम्हा राव है। वे जून 1991 में भुगतान संतुलन संकट के बीच प्रधानमंत्री बने, और उनकी सरकार ने रुपये का अवमूल्यन किया, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से ऋण लिया तथा उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नई आर्थिक नीति की घोषणा की, जिसमें औद्योगिक नीति वक्तव्य 24 जुलाई 1991 को जारी हुआ। विकल्प C वह जाल है जिसमें अधिकांश उम्मीदवार फंसते हैं: मनमोहन सिंह वे वित्त मंत्री थे जिन्होंने 1991 का सुधार बजट प्रस्तुत किया और सुधारों से उनका नाम ठीक ही जुड़ा है, पर वे प्रधानमंत्री 2004 में बने। विकल्प B गलत है क्योंकि अटल बिहारी वाजपेयी ने बाद में, 1996 में और 1998 से सरकारें चलाईं, जब दूसरी पीढ़ी के सुधार तथा बहुत सा विनिवेश हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि विकल्प A सही व्यक्ति का नाम देता है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · 25 Sept 2021, Shift 3आसान

सरकार द्वारा व्यापार पर लगाई गई बाधाओं या प्रतिबंधों को हटाना _______ कहलाता है।

  1. A.वैश्वीकरण
  2. B.उदारीकरण
  3. C.निजीकरण
  4. D.माध्यस्थम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उदारीकरण

व्याख्या

सही उत्तर B, उदारीकरण है। उदारीकरण का अर्थ आर्थिक गतिविधि को सरकारी नियंत्रणों से मुक्त करना है: औद्योगिक लाइसेंस, आयात लाइसेंस और परिमाणात्मक प्रतिबंध, निवेश की सीमाएं तथा प्रशासित ब्याज दरें। भारत में यही 1991 के सुधारों का पहला सूत्र था। विकल्प A गलत है क्योंकि वैश्वीकरण किसी देश की अर्थव्यवस्था का व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी तथा लोगों की आवाजाही के माध्यम से विश्व से व्यापक एकीकरण है; व्यापार की बाधाएं हटाना वैश्वीकरण में सहायक है पर वह कार्य स्वयं उदारीकरण है। विकल्प C गलत है क्योंकि निजीकरण राज्य से निजी हाथों में स्वामित्व या प्रबंधन का अंतरण है, जो यह प्रश्न है कि कंपनी का स्वामी कौन है, न कि यह कि उस पर कौन से नियम लागू हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि माध्यस्थम न्यायालय के बाहर विवाद निपटाने की विधि है और उसका व्यापार नीति से कोई संबंध नहीं।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

अधिकांश उद्योगों के लिए औद्योगिक लाइसेंस व्यवस्था समाप्त करने वाली नई औद्योगिक नीति की घोषणा कब हुई?

  1. A.1 अप्रैल 1991
  2. B.24 जुलाई 1991
  3. C.1 जनवरी 1995
  4. D.24 जुलाई 1994
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 24 जुलाई 1991

व्याख्या

सही उत्तर B, 24 जुलाई 1991 है। उस तिथि के औद्योगिक नीति वक्तव्य ने एक छोटी आरक्षित सूची को छोड़कर सभी उद्योगों के लिए लाइसेंस समाप्त किया, सार्वजनिक क्षेत्र के लिए रखे उद्योग घटाए, एकाधिकार कानून के अंतर्गत बड़ी कंपनियों के विस्तार पर पूर्व सरकारी अनुमति की अपेक्षा हटाई, और उच्च प्राथमिकता वाले उद्योगों की सूची में इक्यावन प्रतिशत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश स्वतः अनुमत किया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1 अप्रैल वित्तीय वर्ष का आरंभ है और उस दिन ऐसी कोई नीति जारी नहीं हुई। विकल्प C गलत है क्योंकि 1 जनवरी 1995 वह तिथि है जब भारत विश्व व्यापार संगठन का संस्थापक सदस्य बना। विकल्प D गलत है क्योंकि वह सही दिन को गलत वर्ष में रख देता है, जो तिथि वाले प्रश्नों का सामान्य जाल है।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारत की 1991 की नई आर्थिक नीति के तीन घटक मिलकर किस संक्षिप्त नाम से जाने जाते हैं?

  1. A.एलपीजी
  2. B.जीएसटी
  3. C.एमआरटीपी
  4. D.फेमा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एलपीजी

व्याख्या

सही उत्तर A, एलपीजी है, जो उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण के लिए है। उदारीकरण ने उद्योग तथा व्यापार पर लाइसेंस और अन्य नियंत्रण हटाए, निजीकरण ने विनिवेश तथा सामरिक विक्रय के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र का स्वामित्व और भूमिका घटाई, और वैश्वीकरण ने अर्थव्यवस्था को विदेशी व्यापार, निवेश तथा प्रौद्योगिकी के लिए खोला। विकल्प B गलत है क्योंकि जीएसटी वस्तु और सेवा कर है, जो बहुत बाद के काल का अप्रत्यक्ष कर सुधार है। विकल्प C गलत है क्योंकि एमआरटीपी का अर्थ 1969 का एकाधिकार तथा प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार अधिनियम है, जो सुधार पूर्व काल का कानून था, जिसे सुधारों ने पहले संशोधित किया और जिसे आगे 2002 के प्रतिस्पर्धा अधिनियम ने बदल दिया। विकल्प D गलत है क्योंकि फेमा 1999 का विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम है, जो सुधारों के भीतर एक उपाय है, पूरी नीति का नाम नहीं।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

आर्थिक सुधारों की शुरुआत करने वाला जुलाई 1991 का बजट किसने प्रस्तुत किया?

  1. A.यशवंत सिन्हा
  2. B.मनमोहन सिंह
  3. C.प्रणब मुखर्जी
  4. D.सी रंगराजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मनमोहन सिंह

व्याख्या

सही उत्तर B, मनमोहन सिंह है। पी वी नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने जुलाई 1991 का बजट प्रस्तुत किया, जिसमें सब्सिडी घटाई गई, राजकोषीय घाटा कम किया गया, सीमा शुल्क नीचे लाए गए और सुधारों का ढांचा रखा गया, और यह सब उसी महीने के आरंभ में रुपये के अवमूल्यन के बाद हुआ। विकल्प A गलत है क्योंकि यशवंत सिन्हा बाद में, 1990 के दशक के उत्तरार्ध की सरकारों में वित्त मंत्री रहे और दूसरी पीढ़ी के सुधारों से जुड़े हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रणब मुखर्जी 1980 के दशक में वित्त मंत्री रहे थे और इस पद पर फिर 2009 में आए। विकल्प D गलत है क्योंकि सी रंगराजन केंद्रीय बैंकर तथा अर्थशास्त्री थे जिन्होंने भुगतान संतुलन और विनिवेश पर समितियों की अध्यक्षता की, पर उन्होंने कोई बजट प्रस्तुत नहीं किया।