मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
भारतीय इतिहासमध्यमपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2017, Paper I

1859 के नील विद्रोह के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.यह पूना और अहमदनगर में भड़का था
  2. B.यह साहूकारों के विरुद्ध था
  3. C.इसे बंगाल के बुद्धिजीवी वर्ग का समर्थन मिला था
  4. D.यह छोटे ज़मींदारों और बागान मालिकों के पूर्व कर्मचारियों के विरुद्ध था

सही उत्तर

C. इसे बंगाल के बुद्धिजीवी वर्ग का समर्थन मिला था

व्याख्या

सही उत्तर है C। यूरोपीय नील बागान मालिकों के विरुद्ध बंगाल के किसानों के नील विद्रोह (1859–60) को बंगाली बुद्धिजीवियों, प्रेस और मिशनरियों का भरपूर समर्थन मिला।

बागान मालिक अग्रिम पैसे और दमनकारी अनुबंधों के ज़रिए रैयतों को उनकी सबसे अच्छी ज़मीन पर नील उगाने के लिए मजबूर करते थे और बाज़ार मूल्य से बहुत कम दाम देते थे। 1859 में नदिया ज़िले में गोविंदपुर के दिगंबर बिस्वास और बिष्णु बिस्वास के नेतृत्व में किसानों ने नील बोने से इनकार कर दिया। हरिश्चंद्र मुखर्जी के अख़बार हिंदू पैट्रियट ने उनकी पीड़ा छापी, और दीनबंधु मित्र के नाटक नील दर्पण (1860) ने बागान मालिकों की क्रूरता उजागर की। सरकार ने 1860 में नील आयोग बनाया, जिसने कहा कि रैयतों को नील उगाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

A गलत है: पूना और अहमदनगर 1875 के दक्कन दंगों के केंद्र थे।

B गलत है: साहूकारों के विरुद्ध दक्कन दंगे थे, नील विद्रोह नहीं।

D गलत है: विद्रोह यूरोपीय बागान मालिकों के विरुद्ध था; छोटे ज़मींदारों और बागानों के पूर्व कर्मचारियों ने तो किसानों का नेतृत्व करने में मदद की थी।

परीक्षा टिप: नील विद्रोह 1859 — नदिया, बंगाल; दीनबंधु मित्र का नील दर्पण; हरिश्चंद्र मुखर्जी का हिंदू पैट्रियट।

Read in English
सभी देखें
Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2025, Paper Iकठिन

निम्नलिखित में से कौन 'सिक्किम प्रजा मंडल' के संस्थापक थे?

  1. A.काज़ी ल्हेनडुप दोरजी खांगसरपा
  2. B.अंगामी ज़ापू फ़िज़ो
  3. C.लालडेंगा
  4. D.नर बहादुर भंडारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. काज़ी ल्हेनडुप दोरजी खांगसरपा

उन्होंने सामंती ज़मींदारी व्यवस्था और चोग्याल के निरंकुश शासन के विरोध में 1945 में सिक्किम प्रजा मंडल की स्थापना की थी।

पूरी व्याख्या पढ़ें →
Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2026, Paper Iमध्यम

'अमर-नायक' व्यवस्था के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.अमर-नायक व्यवस्था विजयनगर साम्राज्य का एक प्रमुख राजनीतिक नवाचार थी।
  2. B.अमर-नायक सैनिक कमांडर थे जिन्हें राय द्वारा शासन करने के लिए क्षेत्र दिए जाते थे।
  3. C.अमर-नायक कर वसूलते थे और राजस्व का कुछ भाग निजी उपयोग तथा अपनी सैन्य टुकड़ियों के रखरखाव के लिए रखते थे।
  4. D.अमर-नायकों के अधीन क्षेत्र वंशानुगत थे और इसलिए हस्तांतरणीय नहीं थे।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अमर-नायकों के अधीन क्षेत्र वंशानुगत थे और इसलिए हस्तांतरणीय नहीं थे।

अमर-नायकों के क्षेत्र वंशानुगत नहीं थे; विजयनगर के राजा समय-समय पर उनका एक स्थान से दूसरे स्थान पर तबादला करते थे।

पूरी व्याख्या पढ़ें →
Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2020, GS Paper Iआसान

भारत के इतिहास के संदर्भ में, "उलगुलान" या महान हलचल निम्नलिखित में से किस घटना का वर्णन है?

  1. A.1857 का विद्रोह
  2. B.1921 का मोपला विद्रोह
  3. C.1859-60 का नील विद्रोह
  4. D.1899-1900 का बिरसा मुंडा का विद्रोह
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1899-1900 का बिरसा मुंडा का विद्रोह

उलगुलान, जिसका अर्थ है "महान हलचल", राँची क्षेत्र में बिरसा मुंडा के नेतृत्व में हुए मुंडा विद्रोह का नाम है।

पूरी व्याख्या पढ़ें →
Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2018, GS Paper Iआसान

वुड के डिस्पैच (वुड का घोषणा-पत्र) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

1. सहायता-अनुदान (ग्रांट-इन-एड) प्रणाली शुरू की गई।

2. विश्वविद्यालयों की स्थापना की संस्तुति की गई।

3. शिक्षा के सभी स्तरों पर अंग्रेज़ी को शिक्षा का माध्यम बनाने की संस्तुति की गई।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1 और 2

वुड के डिस्पैच ने सहायता-अनुदान शुरू किया और विश्वविद्यालयों की संस्तुति की, पर प्राथमिक स्तर पर अंग्रेज़ी के स्थान पर देशी भाषाओं को चाहा।

पूरी व्याख्या पढ़ें →
Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2020, GS Paper Iमध्यम

भारत के इतिहास के संदर्भ में "कुल्यवाप" और "द्रोणवाप" शब्द किसके द्योतक हैं?

  1. A.भूमि की माप
  2. B.विभिन्न मौद्रिक मूल्य के सिक्के
  3. C.नगरीय भूमि का वर्गीकरण
  4. D.धार्मिक अनुष्ठान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भूमि की माप

कुल्यवाप और द्रोणवाप प्रारंभिक भारतीय भूमि-अनुदान अभिलेखों में मिलने वाली भूमि माप की इकाइयाँ थीं। ये शब्द मुख्य रूप से बंगाल के गुप्त और गुप्तोत्तर काल के ताम्रपत्र अभिलेखों में मिलते हैं, जैसे दामोदरपुर ताम्रपत्र, जिनमें भूमि की बिक्री और दान दर्ज हैं।

पूरी व्याख्या पढ़ें →