1856 का संक्षिप्त बंदोबस्त (समरी सेटलमेंट) निम्नलिखित में से किस मान्यता पर आधारित था?
- A.ताल्लुकदार भूमि के वैध स्वामी थे।
- B.ताल्लुकदार बाहरी घुसपैठिए थे जिनका भूमि में कोई स्थायी हित नहीं था।
- C.ताल्लुकदार किसानों को भूमि से बेदखल कर सकते थे।
- D.ताल्लुकदार राज्य को जाने वाले राजस्व का एक भाग लेंगे।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, ताल्लुकदार बाहरी घुसपैठिए थे जिनका भूमि में कोई स्थायी हित नहीं था। अवध में अंग्रेज़ों के बंदोबस्त ने ताल्लुकदारों को ऐसे घुसपैठिए माना जिन्होंने बल और छल से ज़मीन हथियाई थी।
1856 में अवध के विलय के बाद अंग्रेज़ों ने वहाँ भू-राजस्व का संक्षिप्त बंदोबस्त लागू किया। इसकी मान्यता थी कि ताल्लुकदार राज्य और भूमि के असली स्वामियों यानी किसानों के बीच खड़े हैं और उनके कोई स्थायी अधिकार नहीं हैं। इसलिए बहुत से ताल्लुकदार बेदखल किए गए, उनकी जागीरें ली गईं, उनकी सशस्त्र टुकड़ियाँ भंग की गईं और किले तोड़ दिए गए। अंग्रेज़ों को आशा थी कि इससे किसानों को अधिक और राज्य को ऊँचा राजस्व मिलेगा। पर राजस्व का आकलन बहुत अधिक हुआ और किसानों को कोई लाभ नहीं मिला, इसलिए 1857 के विद्रोह में अवध के ताल्लुकदार और किसान दोनों शामिल हुए।
A गलत है: बंदोबस्त की मान्यता इसके उलट थी कि ताल्लुकदार स्वामी नहीं हैं।
C गलत है: बंदोबस्त का उद्देश्य ताल्लुकदारों को हटाना था, उन्हें किसानों पर अधिकार देना नहीं।
D गलत है: उद्देश्य ताल्लुकदारों को राजस्व-बिचौलिये के रूप में हटाना था।
परीक्षा टिप: अवध का विलय 1856 में डलहौज़ी ने कुशासन के आधार पर किया; संक्षिप्त बंदोबस्त ने ताल्लुकदारों को बेदखल किया, जिन्होंने फिर वहाँ विद्रोह का नेतृत्व किया।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन 'सिक्किम प्रजा मंडल' के संस्थापक थे?
- A.काज़ी ल्हेनडुप दोरजी खांगसरपा
- B.अंगामी ज़ापू फ़िज़ो
- C.लालडेंगा
- D.नर बहादुर भंडारी
उत्तर देखें
उन्होंने सामंती ज़मींदारी व्यवस्था और चोग्याल के निरंकुश शासन के विरोध में 1945 में सिक्किम प्रजा मंडल की स्थापना की थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'अमर-नायक' व्यवस्था के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अमर-नायक व्यवस्था विजयनगर साम्राज्य का एक प्रमुख राजनीतिक नवाचार थी।
- B.अमर-नायक सैनिक कमांडर थे जिन्हें राय द्वारा शासन करने के लिए क्षेत्र दिए जाते थे।
- C.अमर-नायक कर वसूलते थे और राजस्व का कुछ भाग निजी उपयोग तथा अपनी सैन्य टुकड़ियों के रखरखाव के लिए रखते थे।
- D.अमर-नायकों के अधीन क्षेत्र वंशानुगत थे और इसलिए हस्तांतरणीय नहीं थे।
उत्तर देखें
अमर-नायकों के क्षेत्र वंशानुगत नहीं थे; विजयनगर के राजा समय-समय पर उनका एक स्थान से दूसरे स्थान पर तबादला करते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के इतिहास के संदर्भ में, "उलगुलान" या महान हलचल निम्नलिखित में से किस घटना का वर्णन है?
- A.1857 का विद्रोह
- B.1921 का मोपला विद्रोह
- C.1859-60 का नील विद्रोह
- D.1899-1900 का बिरसा मुंडा का विद्रोह
उत्तर देखें
उलगुलान, जिसका अर्थ है "महान हलचल", राँची क्षेत्र में बिरसा मुंडा के नेतृत्व में हुए मुंडा विद्रोह का नाम है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वुड के डिस्पैच (वुड का घोषणा-पत्र) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?
1. सहायता-अनुदान (ग्रांट-इन-एड) प्रणाली शुरू की गई।
2. विश्वविद्यालयों की स्थापना की संस्तुति की गई।
3. शिक्षा के सभी स्तरों पर अंग्रेज़ी को शिक्षा का माध्यम बनाने की संस्तुति की गई।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
वुड के डिस्पैच ने सहायता-अनुदान शुरू किया और विश्वविद्यालयों की संस्तुति की, पर प्राथमिक स्तर पर अंग्रेज़ी के स्थान पर देशी भाषाओं को चाहा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के इतिहास के संदर्भ में "कुल्यवाप" और "द्रोणवाप" शब्द किसके द्योतक हैं?
- A.भूमि की माप
- B.विभिन्न मौद्रिक मूल्य के सिक्के
- C.नगरीय भूमि का वर्गीकरण
- D.धार्मिक अनुष्ठान
उत्तर देखें
कुल्यवाप और द्रोणवाप प्रारंभिक भारतीय भूमि-अनुदान अभिलेखों में मिलने वाली भूमि माप की इकाइयाँ थीं। ये शब्द मुख्य रूप से बंगाल के गुप्त और गुप्तोत्तर काल के ताम्रपत्र अभिलेखों में मिलते हैं, जैसे दामोदरपुर ताम्रपत्र, जिनमें भूमि की बिक्री और दान दर्ज हैं।
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