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GK24
बैंकिंग और वित्तआसान

1 सितंबर 2026 को इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने कौन-सा स्थापना दिवस मनाया?

  1. A.7वां
  2. B.8वां
  3. C.9वां
  4. D.10वां

सही उत्तर

C. 9वां

व्याख्या

सही उत्तर 9वां स्थापना दिवस है, जिसे आईपीपीबी दिवस 2026 के रूप में मनाया गया। यदि शुरुआत की तिथि याद रहे तो गणना आसान है: इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की शुरुआत 1 सितंबर 2018 को हुई थी, इसलिए 2026 की उसी तिथि पर उसके नौ वर्ष पूरे होते हैं। विज्ञप्ति में भी कहा गया है कि पिछले नौ वर्षों में यह बैंक नागरिकों को बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और सरकारी लाभों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। बाकी विकल्प एक-दो वर्ष के अंतर वाले हैं और परीक्षक ऐसे ही निकट विकल्प रखता है, इसलिए केवल क्रम संख्या रटने के बजाय शुरुआत का वर्ष याद रखकर आगे गिनना अधिक सुरक्षित तरीका है। यह भी ध्यान रखें कि बैंक संचार मंत्रालय के डाक विभाग के अंतर्गत स्थापित है और इसकी पूरी हिस्सेदारी भारत सरकार के पास है।

पूरा लेख पढ़ें: आईपीपीबी का 9वां स्थापना दिवस, डाकपे साउंड बॉक्स शुरू

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Q1.बैंकिंग और वित्तमध्यम

आईपीपीबी ने अपने 9वें स्थापना दिवस पर व्यापारियों के लिए इनमें से क्या शुरू किया?

  1. A.डाकपे साउंड बॉक्स
  2. B.डिजिटल म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म
  3. C.सुरक्षित बचत खाता
  4. D.डिजिटल इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. डाकपे साउंड बॉक्स

व्याख्या

सही उत्तर डाकपे साउंड बॉक्स है। विज्ञप्ति इसे व्यापारियों के लिए किया गया शुभारंभ बताती है, जिसका उद्देश्य उनके स्तर पर रोजमर्रा के डिजिटल भुगतान स्वीकार करना सरल और मजबूत बनाना है। बाकी तीनों विकल्प भी बैंक के वास्तविक उत्पाद हैं और इसी कारण यह प्रश्न ध्यान से हल करने योग्य है। डिजिटल म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म और डिजिटल इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म उसी स्थापना दिवस पर शुरू हुए, लेकिन दोनों व्यापारियों के बजाय ग्राहकों के लिए हैं: एक डिजिटल निवेश का रास्ता खोलता है और दूसरा ग्राहकों को जीवन, स्वास्थ्य तथा सामान्य बीमा से जोड़ता है। सुरक्षित बचत खाता वर्ष के दौरान शुरू हुए तीन खातों के समूह का हिस्सा है, जिसमें एसएचजी बचत खाता और संपूर्ण बचत खाता भी हैं, और इसमें फ़िशिंग, स्पूफ़िंग तथा सिम जैकिंग के विरुद्ध 25,000 रुपये का साइबर बीमा मिलता है।

Q2.बैंकिंग और वित्तमध्यम

31 मार्च 2026 तक आईपीपीबी के ग्राहकों की संख्या कितनी थी?

  1. A.6.5 करोड़
  2. B.9.47 करोड़
  3. C.12.06 करोड़
  4. D.13.25 करोड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 13.25 करोड़

व्याख्या

सही उत्तर 13.25 करोड़ है। विज्ञप्ति में यह आंकड़ा 31 मार्च 2026 तक पूरे भारत में ग्राहकों की संख्या के रूप में दिया गया है, और इसके साथ दो अनुपात भी याद रखने योग्य हैं: इनमें 77 प्रतिशत ग्राहक ग्रामीण क्षेत्रों से हैं और 49 प्रतिशत महिलाएं हैं। बैंक में उनकी जमा राशि 29,104 करोड़ रुपये रही। यहां हर गलत विकल्प उसी सूची का सही आंकड़ा है और यही असली जाल है। विकल्प ए का 6.5 करोड़ उन डीबीटी लाभार्थियों की संख्या है जिन्हें लगभग 1.55 लाख करोड़ रुपये मिले। विकल्प बी का 9.47 करोड़ बैंक द्वारा किए गए आधार मोबाइल अपडेट की गिनती है, जिसके साथ 1.35 करोड़ बाल आधार नामांकन भी हुए। विकल्प सी का 12.06 करोड़ आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के लेनदेन हैं, जिनसे 36,140 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। ऐसी तालिकाओं में संख्या से पहले उसका शीर्षक पढ़ें।

Q3.बैंकिंग और वित्तकठिन

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक किस मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित है?

  1. A.वित्त मंत्रालय
  2. B.संचार मंत्रालय
  3. C.इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  4. D.कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. संचार मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर संचार मंत्रालय है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की स्थापना डाक विभाग के अंतर्गत हुई है, जो इसी मंत्रालय में आता है, और बैंक की पूरी हिस्सेदारी भारत सरकार के पास है। परीक्षार्थी यहां अक्सर चूकते हैं, क्योंकि बैंक सुनकर लगता है कि वह वित्त मंत्रालय के अधीन होगा, और विकल्प ए इसी कारण रखा गया है। डाक से जुड़ाव इस संस्था के पूरे ढांचे का आधार है: इसकी पहुंच लगभग 1,65,000 डाकघरों पर टिकी है, जिनमें करीब 1,40,000 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, और इसके साथ करीब 3,00,000 डाक कर्मचारी जुड़े हैं, इसलिए घर तक सेवा शाखाओं के बजाय डाक कर्मचारियों के माध्यम से पहुंचती है। इसकी सेवाएं इंडिया स्टैक पर बनी हैं, कोर बैंकिंग से जुड़े स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक उपकरण से दी जाती हैं और 5.57 लाख गांवों व कस्बों में 13 भाषाओं में उपलब्ध हैं।

Q4.बैंकिंग और वित्तकठिन

अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच भारतीय बैंकों ने आईएफएससी एक्सचेंजों पर बॉन्ड लिस्टिंग से कितनी राशि जुटाई?

  1. A.9.17 अरब डॉलर
  2. B.11.12 अरब डॉलर
  3. C.11.62 अरब डॉलर
  4. D.14.80 अरब डॉलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 11.12 अरब डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 11.12 अरब डॉलर है। अप्रैल से अगस्त 2026 तक पांच महीनों में भारतीय बैंकों ने आईएफएससी एक्सचेंजों पर बॉन्ड लिस्टिंग के जरिए इतनी राशि जुटाई। विकल्प ए यानी 9.17 अरब डॉलर उसी कुल का वह हिस्सा है जो अकेले जुलाई और अगस्त में सूचीबद्ध हुआ, इसलिए वह पूरा आंकड़ा नहीं है। विकल्प सी यानी 11.62 अरब डॉलर बिल्कुल अलग रास्ते का है: यह इसी अवधि में आईबीयू द्वारा वितरित बाहरी वाणिज्यिक उधार है, जिसका मासिक आंकड़ा अप्रैल के 1.54 अरब डॉलर से बढ़कर अगस्त में 3.54 अरब डॉलर हुआ। ये दोनों आंकड़े इतने पास हैं कि आपस में बदल जाते हैं, इसलिए हर आंकड़े को उसके रास्ते के साथ याद करें। विकल्प डी विज्ञप्ति में कहीं नहीं है। स्वैप से जुटाव, ईसीबी वित्तपोषण और बॉन्ड जारी करना, ये तीनों रास्ते मिलकर गिफ्ट-आईएफएससी के गहरे होते अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग तंत्र का प्रमाण माने गए हैं।

Q5.बैंकिंग और वित्तमध्यम

31 अगस्त 2026 तक गिफ्ट सिटी की आईएफएससी बैंकिंग इकाइयों ने आरबीआई की एफसीएनआर(बी) स्वैप सुविधा में कितनी राशि मंजूर की थी?

  1. A.28.60 अरब डॉलर
  2. B.37.26 अरब डॉलर
  3. C.54.02 अरब डॉलर
  4. D.62.40 अरब डॉलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 54.02 अरब डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 54.02 अरब डॉलर है। 31 अगस्त 2026 तक बीस आईएफएससी बैंकिंग इकाइयों ने रिजर्व बैंक की एफसीएनआर(बी) जमा वाली विशेष स्वैप सुविधा में इतनी राशि मंजूर की थी, और इसमें से लगभग 52.82 अरब डॉलर वितरित भी हो चुका था। विकल्प ए और बी उसी विज्ञप्ति के असली आंकड़े हैं, पर उसी महीने की पिछली तारीखों के। 14 अगस्त को स्वीकृतियां 28.60 अरब डॉलर थीं और 21 अगस्त को 37.26 अरब डॉलर। यह प्रश्न जांचता है कि परीक्षार्थी हर आंकड़े के साथ उसकी तारीख याद रखता है या नहीं, क्योंकि एक पखवाड़े में ही राशि लगभग दोगुनी हो गई। विकल्प डी विज्ञप्ति में कहीं नहीं है। याद रखने का आसान तरीका यह जोड़ी है: 54.02 अरब डॉलर स्वीकृत और 52.82 अरब डॉलर वितरित।