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GK क्विजविज्ञान और प्रौद्योगिकी

विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्विज: नैनो प्रौद्योगिकी और नई सामग्री

  • 12 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अंतर्गत "नैनो प्रौद्योगिकी और नई सामग्री" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

एक नैनोमीटर निम्नलिखित में से किसके बराबर होता है?

  1. A.एक मीटर का दस लाखवाँ भाग
  2. B.एक मीटर का अरबवाँ भाग
  3. C.एक मीटर का हज़ारवाँ भाग
  4. D.एक मीटर का खरबवाँ भाग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एक मीटर का अरबवाँ भाग

व्याख्या

सही उत्तर B, एक मीटर का अरबवाँ भाग है। नैनो उपसर्ग का अर्थ दस की घात ऋण नौ है, इसलिए एक नैनोमीटर एक मीटर का अरबवाँ भाग होता है, जो दस एंगस्ट्रॉम के भी बराबर है, और नैनो प्रौद्योगिकी की परिभाषा एक से सौ नैनोमीटर की पट्टी में किए गए कार्य के रूप में दी जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि एक मीटर का दस लाखवाँ भाग माइक्रोमीटर या माइक्रॉन होता है, जो जीवाणुओं तथा बाल की मोटाई के लिए प्रयुक्त इकाई है और नैनोमीटर से एक हज़ार गुना बड़ा है। विकल्प C गलत है क्योंकि एक मीटर का हज़ारवाँ भाग मिलीमीटर है, जो किसी भी पैमाने पर आँख से दिखता है। विकल्प D गलत है क्योंकि एक मीटर का खरबवाँ भाग पिकोमीटर है, जो अणु के भीतर बंध लंबाई के लिए प्रयुक्त होता है और नैनोमीटर से एक हज़ार गुना छोटा है; परमाणु का व्यास लगभग सौ पिकोमीटर की कोटि का होता है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

"नैनो प्रौद्योगिकी" शब्द किसने गढ़ा था?

  1. A.रिचर्ड फाइनमैन
  2. B.नोरियो तानिगुची
  3. C.के. एरिक ड्रेक्सलर
  4. D.सुमियो इजिमा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नोरियो तानिगुची

व्याख्या

सही उत्तर B, नोरियो तानिगुची है। जापानी अभियंता नोरियो तानिगुची ने 1974 में नैनो प्रौद्योगिकी शब्द का प्रयोग एक नैनोमीटर की परिशुद्धता वाली मशीनिंग के लिए किया, और परीक्षा में यही शब्द गढ़ने का श्रेय अपेक्षित है। विकल्प A गलत है और यही आम भ्रम है: रिचर्ड फाइनमैन ने 1959 में प्रसिद्ध व्याख्यान देयर्स प्लेंटी ऑफ रूम ऐट द बॉटम दिया, जिसमें एक एक परमाणु से रचना करने का विचार रखा गया, परंतु उन्होंने यह शब्द कभी प्रयोग नहीं किया, इसलिए उन्हें विचार का श्रेय मिलता है, शब्द का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि के. एरिक ड्रेक्सलर ने 1986 की अपनी पुस्तक एंजिन्स ऑफ क्रिएशन और आण्विक नैनो प्रौद्योगिकी पद से इस शब्द को लोकप्रिय बनाया, जो लोकप्रियकरण है, शब्द गढ़ना नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि सुमियो इजिमा ने 1991 में कार्बन नैनोट्यूब की सूचना दी, जो महत्वपूर्ण सामग्री है पर क्षेत्र के नामकरण से बहुत बाद की है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

नैनो प्रौद्योगिकी का आरंभ माना जाने वाला सन 1959 का व्याख्यान "देयर्स प्लेंटी ऑफ रूम ऐट द बॉटम" किसने दिया था?

  1. A.रिचर्ड फाइनमैन
  2. B.अल्बर्ट आइंस्टाइन
  3. C.गर्ड बिनिग
  4. D.हैरोल्ड क्रोटो
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रिचर्ड फाइनमैन

व्याख्या

सही उत्तर A, रिचर्ड फाइनमैन है। अमेरिकी भौतिकविद् रिचर्ड फाइनमैन ने दिसंबर 1959 में कैलटेक में अमेरिकन फिजिकल सोसाइटी के समक्ष देयर्स प्लेंटी ऑफ रूम ऐट द बॉटम व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि भौतिकी का कोई नियम एक एक परमाणु को संचालित करने से नहीं रोकता, और यही व्याख्यान नैनो प्रौद्योगिकी का वैचारिक जन्म माना जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि अल्बर्ट आइंस्टाइन, जिनका निधन 1955 में हुआ, सापेक्षता, प्रकाश विद्युत प्रभाव और ब्राउनी गति पर काम करते थे और इस व्याख्यान से उनका कोई संबंध नहीं था। विकल्प C गलत है क्योंकि गर्ड बिनिग ने 1981 में हाइनरिख रोहरर के साथ आईबीएम ज़्यूरिख में स्कैनिंग टनलिंग सूक्ष्मदर्शी बनाया, अर्थात क्षेत्र को आँखें दीं, संस्थापक विचार नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि हैरोल्ड क्रोटो को 1985 में फुलरीन की खोज के लिए 1996 का रसायन का नोबेल पुरस्कार साझा रूप में मिला।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

बकमिंस्टर फुलरीन (सी-60) बीस षट्कोणीय फलकों और कितने पंचकोणीय फलकों से बना होता है?

  1. A.12
  2. B.20
  3. C.32
  4. D.60
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 12

व्याख्या

सही उत्तर A, 12 है। सन 1985 में खोजे गए बकमिंस्टर फुलरीन में साठ कार्बन परमाणु बीस षट्कोणों और बारह पंचकोणों के बंद पिंजरे में सजे होते हैं, ठीक सिले हुए फुटबॉल के प्रतिरूप में, और ये बारह पंचकोण ही सपाट षट्कोणीय शीट को मुड़कर बंद गेंद बनने देते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि बीस षट्कोणीय फलकों की संख्या है, जो प्रश्न स्वयं दे रहा है, और इन दोनों संख्याओं की अदला बदली इस प्रश्न का सामान्य भ्रम है। विकल्प C गलत है क्योंकि बत्तीस अणु के कुल फलकों की संख्या है, अर्थात बीस और बारह का योग, केवल पंचकोणों की संख्या नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि साठ कार्बन परमाणुओं अर्थात पिंजरे के शीर्षों की संख्या है, और अणु का नाम वास्तुकार बकमिंस्टर फुलर के नाम पर रखा गया, जिनके जियोडेसिक गुंबदों से यह मिलता जुलता है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

कार्बन नैनोट्यूब की पहली सूचना सन 1991 में किस वैज्ञानिक ने दी थी?

  1. A.हैरोल्ड क्रोटो
  2. B.सुमियो इजिमा
  3. C.आंद्रे गाइम
  4. D.रिचर्ड स्मॉली
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सुमियो इजिमा

व्याख्या

सही उत्तर B, सुमियो इजिमा है। जापानी भौतिकविद् सुमियो इजिमा ने, जो तब एनईसी प्रयोगशाला में थे, 1991 में पारगमन इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की सहायता से बहु भित्तीय कार्बन नैनोट्यूब की सूचना दी, और यही वर्ष तथा नाम पूछा जाता है। नैनोट्यूब ग्रैफीन की शीट को बेलन में लपेटने से बनी संरचना है, समान भार पर इस्पात से लगभग सौ गुना मजबूत है, और ताप तथा विद्युत की बहुत अच्छी चालक है। विकल्प A गलत है क्योंकि हैरोल्ड क्रोटो 1985 की फुलरीन खोज का हिस्सा थे और उन्हें 1996 का रसायन का नोबेल साझा रूप में मिला। विकल्प C गलत है क्योंकि आंद्रे गाइम ने 2004 में मैनचेस्टर में कोंस्तांतिन नोवोसेलोव के साथ ग्रैफीन अलग किया और 2010 का भौतिकी का नोबेल साझा किया। विकल्प D गलत है क्योंकि रिचर्ड स्मॉली भी 1985 की फुलरीन टीम के थे, जो संबंधित पर पहले की खोज है।

Q6.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

आंद्रे गाइम और कोंस्तांतिन नोवोसेलोव को ग्रैफीन पर प्रयोगों के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार किस वर्ष मिला?

  1. A.2004
  2. B.2008
  3. C.2010
  4. D.2014
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2010

व्याख्या

सही उत्तर C, 2010 है। मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के आंद्रे गाइम और कोंस्तांतिन नोवोसेलोव को ग्रैफीन पर अग्रगामी प्रयोगों के लिए 2010 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार साझा रूप में मिला; ग्रैफीन कार्बन की एक परमाणु मोटी शीट है, जिसे उन्होंने साधारण चिपकने वाली टेप से ग्रेफाइट से उठाया था। विकल्प A गलत है क्योंकि 2004 स्वयं पृथक्करण का वर्ष है, और खोज तथा पुरस्कार के बीच का यह अंतर ही इस प्रश्न का भ्रम है। विकल्प B गलत है क्योंकि 2008 का भौतिकी का नोबेल टूटी सममिति और क्वार्क से जुड़े कार्य को मिला था, जिसका ग्रैफीन से कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 2014 का भौतिकी का नोबेल नीली प्रकाश उत्सर्जक डायोड के लिए दिया गया, जो सामग्री क्षेत्र की भिन्न उपलब्धि है। ग्रैफीन अब तक परखा गया सर्वाधिक मजबूत पदार्थ, उत्तम चालक और लगभग पूर्णतः पारदर्शी है।

Q7.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सन 2007 में आरंभ भारत का नैनो मिशन भारत सरकार के किस विभाग के अंतर्गत चलाया जाता है?

  1. A.रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन
  2. B.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
  3. C.परमाणु ऊर्जा विभाग
  4. D.इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग

व्याख्या

सही उत्तर B, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग है। नैनो मिशन, जिसका पूरा नाम नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मिशन है, सन 2007 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत आरंभ हुआ, जो 2001 से नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पहल पहले से चला रहा था, और मिशन मूल शोध, मानव संसाधन, आधारभूत ढाँचे तथा परिणामों को उद्योग तक पहुँचाने पर काम करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन रक्षा केंद्रित सामग्री शोध को धन देता है, पर नैनो मिशन नहीं चलाता। विकल्प C गलत है क्योंकि परमाणु ऊर्जा विभाग नाभिकीय बिजली, रिएक्टर तथा भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र जैसे संस्थानों को देखता है। विकल्प D गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिकी निर्माण और डिजिटल कार्यक्रम सँभालता है, जिसका नैनो प्रौद्योगिकी से मेल केवल चिप पर होता है।

Q8.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

सर्वाधिक प्रसिद्ध आकृति स्मृति मिश्रातु नाइटिनॉल किन दो धातुओं का मिश्रातु है?

  1. A.निकल और टाइटेनियम
  2. B.निकल और टिन
  3. C.नायोबियम और टैंटेलम
  4. D.निकल और टंगस्टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निकल और टाइटेनियम

व्याख्या

सही उत्तर A, निकल और टाइटेनियम है। नाइटिनॉल लगभग समान मात्रा में निकल और टाइटेनियम का मिश्रातु है, और इसका नाम भी यही दर्ज करता है, क्योंकि वह निकल, टाइटेनियम तथा नेवल ऑर्डनेंस लैबोरेटरी से बना है, जहाँ इसे विकसित किया गया। संक्रमण ताप से ऊपर गरम करने पर यह उस आकृति में लौट आता है जो इसे याद कराई गई थी, और यह अति प्रत्यास्थ भी है, इसीलिए इसका उपयोग धमनी के स्टेंट, दंत चिकित्सा के तारों, चश्मे के फ्रेम तथा प्रवर्तकों में होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि निकल और टिन से साधारण लेपन तथा बियरिंग मिश्रातु बनते हैं, जिनमें आकृति स्मृति प्रभाव नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि नायोबियम और टैंटेलम उच्चतापसह धातुएँ हैं, जो क्रमशः अतिचालक चुंबकों और संधारित्रों में प्रयुक्त होती हैं, और उनके मिश्रातु आकृति स्मृति सामग्री नहीं हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि निकल और टंगस्टन के मिश्रातु कठोरता तथा उच्च ताप पर मजबूती के लिए चुने जाते हैं।

Q9.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

सन 1911 में हाइके कामरलिंग ओनेस ने अतिचालकता की खोज किस धातु में की थी?

  1. A.सीसा
  2. B.पारा
  3. C.नायोबियम
  4. D.टिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पारा

व्याख्या

सही उत्तर B, पारा है। सन 1911 में डच भौतिकविद् हाइके कामरलिंग ओनेस ने, जिन्होंने पहले ही हीलियम को द्रवित कर लिया था, पारे को लगभग चार केल्विन तक ठंडा किया और पाया कि उसका विद्युत प्रतिरोध पूर्णतः लुप्त हो गया; यही अतिचालकता की खोज है, जिसके लिए उन्हें 1913 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। विकल्प A गलत है क्योंकि सीसे में अतिचालकता कुछ ही समय बाद, 1913 में दिखाई गई, इसलिए वह बाद की पुष्टि है और यहाँ का परंपरागत भ्रम है। विकल्प C गलत है क्योंकि नायोबियम, हालाँकि सर्वाधिक क्रांतिक ताप वाला तात्विक अतिचालक और अधिकांश अतिचालक चुंबकों की सामग्री है, बहुत बाद में पहचाना गया। विकल्प D गलत है क्योंकि टिन भी पारे के बाद आया। अतिचालक अपने भीतर से चुंबकीय क्षेत्र भी बाहर कर देता है, जिसे माइस्नर प्रभाव कहते हैं, और इसी से चुंबक उसके ऊपर तैरता है।

Q10.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सन 2023 का रसायन का नोबेल पुरस्कार किस नैनो सामग्री की खोज और संश्लेषण के लिए दिया गया?

  1. A.ग्रैफीन
  2. B.क्वांटम डॉट
  3. C.कार्बन नैनोट्यूब
  4. D.एयरजेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्वांटम डॉट

व्याख्या

सही उत्तर B, क्वांटम डॉट है। सन 2023 का रसायन का नोबेल पुरस्कार मूंगी बावेंडी, लुई ब्रूस और अलेक्सेई एकिमोव को क्वांटम डॉट की खोज तथा संश्लेषण के लिए मिला; ये अर्धचालक नैनो क्रिस्टल हैं, जिनसे निकलने वाले प्रकाश का रंग क्वांटम परिरोध के कारण उनके आकार पर निर्भर करता है, और जिनका उपयोग टेलीविजन के पर्दों, प्रकाश उत्सर्जक डायोड तथा जैविक संकेतकों में होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ग्रैफीन को 2010 में रसायन का नहीं, भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था। विकल्प C गलत है क्योंकि 1991 में सुमियो इजिमा द्वारा सूचित कार्बन नैनोट्यूब पर कभी नोबेल पुरस्कार नहीं दिया गया, जबकि उससे जुड़े फुलरीन को 1996 में रसायन का पुरस्कार मिला था। विकल्प D गलत है क्योंकि 1931 में सैमुअल किस्टलर द्वारा पहली बार बनाए गए एयरजेल को भी अपना कोई नोबेल पुरस्कार नहीं मिला है।

Q11.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

सन 1981 में आईबीएम ज़्यूरिख में बना कौन सा उपकरण पहली बार किसी सतह पर अलग अलग परमाणुओं का प्रतिबिंब ले सका?

  1. A.स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी
  2. B.परमाणु बल सूक्ष्मदर्शी
  3. C.स्कैनिंग टनलिंग सूक्ष्मदर्शी
  4. D.पारगमन इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्कैनिंग टनलिंग सूक्ष्मदर्शी

व्याख्या

सही उत्तर C, स्कैनिंग टनलिंग सूक्ष्मदर्शी है। गर्ड बिनिग और हाइनरिख रोहरर ने इसे 1981 में ज़्यूरिख की आईबीएम प्रयोगशाला में बनाया; एक नुकीली धातु की नोक चालक सतह से नैनोमीटर के अंश भर ऊपर चलाई जाती है और नोक तथा नमूने के बीच की क्वांटम टनलिंग धारा एक एक परमाणु का नक्शा बना देती है, और इसी कार्य पर उन्हें 1986 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। विकल्प A गलत है क्योंकि स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी बहुत कम विभेदन पर सतह की आकृति दिखाता है और एक एक परमाणु को नहीं सुलझा सकता। विकल्प B गलत है क्योंकि परमाणु बल सूक्ष्मदर्शी 1986 में, टनलिंग सूक्ष्मदर्शी के बाद आया, हालाँकि उसका लाभ यह है कि वह कुचालकों पर भी काम करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अर्न्स्ट रुस्का द्वारा उन्नीस सौ तीस के दशक में बनाया गया पारगमन इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी सतह को स्कैन करने के बजाय पतले नमूने के आर पार देखता है।

Q12.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

एक ही पदार्थ के थोक रूप की तुलना में नैनो कणों के कहीं अधिक रासायनिक क्रियाशील होने का मुख्य कारण है उनका:

  1. A.कम गलनांक
  2. B.पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का बहुत उच्च अनुपात
  3. C.अधिक घनत्व
  4. D.अलग अलग परमाणुओं का बड़ा आकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का बहुत उच्च अनुपात

व्याख्या

सही उत्तर B, पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का बहुत उच्च अनुपात है। जब कोई ठोस नैनो कणों में बाँटा जाता है तो द्रव्यमान वही रहते हुए उसका कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल बहुत बढ़ जाता है, इसलिए परमाणुओं का बहुत बड़ा भाग अपूर्ण बंधों के साथ सतह पर खुला पड़ा होता है; रासायनिक अभिक्रियाएँ सतहों पर होती हैं, अतः क्रियाशीलता और उत्प्रेरक क्षमता तेज़ी से बढ़ जाती है, और इसी कारण स्वर्ण छड़ के रूप में निष्क्रिय पर नैनो कणों के रूप में उत्प्रेरक होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि गलनांक का घटना स्वयं उसी पृष्ठीय प्रभाव का परिणाम है, क्रियाशीलता का कारण नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि नैनो कण का घनत्व मूलतः थोक पदार्थ के ही बराबर होता है और वह क्रियाशीलता नहीं बढ़ाता। विकल्प D गलत है क्योंकि परमाणुओं का आकार अपरिवर्तित रहता है; केवल कण छोटा होता है।

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