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GK क्विजविज्ञान और प्रौद्योगिकी

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मिश्रित क्विज: सेट 19

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मिश्रित क्विज़ (सेट 19) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी, नैनो प्रौद्योगिकी और नई सामग्री, क्वांटम प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और अन्य। इनमें से 1 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का नोडल मंत्रालय कौन सा है?

  1. A.विद्युत मंत्रालय
  2. B.नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
  3. C.पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
  4. D.पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर B, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय है। यह मंत्रालय मिशन का नोडल मंत्रालय है, उसके प्रत्येक घटक के दिशानिर्देश बनाता है और उसी ने अगस्त 2023 में भारत के लिए हरित हाइड्रोजन मानक अधिसूचित किया। विकल्प A गलत है क्योंकि विद्युत मंत्रालय बिजली के उत्पादन, पारेषण तथा वितरण का काम देखता है; किंतु उसके अधीन ऊर्जा दक्षता ब्यूरो को हरित हाइड्रोजन प्रमाणित करने वाले अभिकरणों की मान्यता देने का नोडल प्राधिकरण बनाया गया, और इसीलिए यह विकल्प भ्रमक लगता है। विकल्प C गलत है क्योंकि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय कच्चे तेल, शोधन तथा गैस से जुड़ा है, और शोधक कारखाने हरित हाइड्रोजन के ग्राहक होंगे, उसके प्रशासक नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि पर्यावरण मंत्रालय जलवायु वार्ताओं तथा वन और प्रदूषण कानून को देखता है, इस मिशन को नहीं।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

एक नैनोमीटर निम्नलिखित में से किसके बराबर होता है?

  1. A.एक मीटर का दस लाखवाँ भाग
  2. B.एक मीटर का अरबवाँ भाग
  3. C.एक मीटर का हज़ारवाँ भाग
  4. D.एक मीटर का खरबवाँ भाग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एक मीटर का अरबवाँ भाग

व्याख्या

सही उत्तर B, एक मीटर का अरबवाँ भाग है। नैनो उपसर्ग का अर्थ दस की घात ऋण नौ है, इसलिए एक नैनोमीटर एक मीटर का अरबवाँ भाग होता है, जो दस एंगस्ट्रॉम के भी बराबर है, और नैनो प्रौद्योगिकी की परिभाषा एक से सौ नैनोमीटर की पट्टी में किए गए कार्य के रूप में दी जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि एक मीटर का दस लाखवाँ भाग माइक्रोमीटर या माइक्रॉन होता है, जो जीवाणुओं तथा बाल की मोटाई के लिए प्रयुक्त इकाई है और नैनोमीटर से एक हज़ार गुना बड़ा है। विकल्प C गलत है क्योंकि एक मीटर का हज़ारवाँ भाग मिलीमीटर है, जो किसी भी पैमाने पर आँख से दिखता है। विकल्प D गलत है क्योंकि एक मीटर का खरबवाँ भाग पिकोमीटर है, जो अणु के भीतर बंध लंबाई के लिए प्रयुक्त होता है और नैनोमीटर से एक हज़ार गुना छोटा है; परमाणु का व्यास लगभग सौ पिकोमीटर की कोटि का होता है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सन 2007 में आरंभ भारत का नैनो मिशन भारत सरकार के किस विभाग के अंतर्गत चलाया जाता है?

  1. A.रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन
  2. B.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
  3. C.परमाणु ऊर्जा विभाग
  4. D.इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग

व्याख्या

सही उत्तर B, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग है। नैनो मिशन, जिसका पूरा नाम नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मिशन है, सन 2007 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत आरंभ हुआ, जो 2001 से नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पहल पहले से चला रहा था, और मिशन मूल शोध, मानव संसाधन, आधारभूत ढाँचे तथा परिणामों को उद्योग तक पहुँचाने पर काम करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन रक्षा केंद्रित सामग्री शोध को धन देता है, पर नैनो मिशन नहीं चलाता। विकल्प C गलत है क्योंकि परमाणु ऊर्जा विभाग नाभिकीय बिजली, रिएक्टर तथा भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र जैसे संस्थानों को देखता है। विकल्प D गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिकी निर्माण और डिजिटल कार्यक्रम सँभालता है, जिसका नैनो प्रौद्योगिकी से मेल केवल चिप पर होता है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

शोर कलनविधि क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कौन सा कार्य कुशलता से कर सकती है?

  1. A.अवर्गीकृत आंकड़ाकोष में खोज
  2. B.बड़ी पूर्णांक संख्याओं का गुणनखंडन
  3. C.संख्याओं की सूची को क्रमबद्ध करना
  4. D.चित्र आंकड़ों का संपीडन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बड़ी पूर्णांक संख्याओं का गुणनखंडन

व्याख्या

सही उत्तर B, बड़ी पूर्णांक संख्याओं का गुणनखंडन है। पीटर शोर ने यह कलनविधि 1994 में प्रकाशित की थी, और यह पर्याप्त बड़े क्वांटम कंप्यूटर को उस बड़ी संख्या के गुणनखंडन को तोड़ने देगी जिस पर आरएसए जैसी सार्वजनिक कुंजी कूटलेखन प्रणाली टिकी है। यही खतरा वह कारण है जिससे सरकारों और मानक निकायों ने उत्तर क्वांटम कूटलेखन पर काम शुरू किया है। विकल्प A गलत है क्योंकि अवर्गीकृत आंकड़ाकोष में खोज ग्रोवर कलनविधि का कार्य है, जिसे लव ग्रोवर ने 1996 में प्रकाशित किया और जो चरघातांकी नहीं बल्कि द्विघातीय तेजी देती है। विकल्प C गलत है क्योंकि क्रमबद्ध करना ऐसी समस्या नहीं जिसमें क्वांटम कंप्यूटरों को कोई प्रसिद्ध बढ़त हो। विकल्प D गलत है क्योंकि चित्र संपीडन चिरसम्मत संकेत प्रसंस्करण का कार्य है जिसमें इस महत्व की कोई क्वांटम कलनविधि नहीं है। जोड़ी स्पष्ट रखें: शोर गुणनखंडन, ग्रोवर खोज।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन में साइट का पूरा नाम क्या है?

  1. A.भारतीय हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी योजना
  2. B.हरित हाइड्रोजन संक्रमण के लिए सामरिक हस्तक्षेप
  3. C.हरित हाइड्रोजन व्यापार के लिए सब्सिडी प्रोत्साहन
  4. D.औद्योगिक हरित हाइड्रोजन लक्ष्यों के लिए सहायता
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हरित हाइड्रोजन संक्रमण के लिए सामरिक हस्तक्षेप

व्याख्या

सही उत्तर B, हरित हाइड्रोजन संक्रमण के लिए सामरिक हस्तक्षेप है। साइट मिशन का सबसे बड़ा घटक है, जिसका परिव्यय सत्रह हजार चार सौ नब्बे करोड़ रुपये है, और उसके दो भाग हैं: भारत में विद्युत अपघटक निर्माण के लिए प्रोत्साहन तथा हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए प्रोत्साहन, दोनों प्रतिस्पर्धी बोली से दिए जाते हैं। विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि ये उसी संक्षिप्त नाम के गढ़े हुए विस्तार हैं, जो ऊर्जा योजना में सुनने में ठीक लगने वाले शब्दों से बनाए गए हैं। मिशनों के संक्षिप्त नामों के पूरे रूप ठीक उसी रूप में पूछे जाते हैं जिस रूप में वे अधिसूचित हैं, इसलिए सुरक्षित उपाय है इसके चार मुख्य शब्द याद रखना, अर्थात सामरिक, हस्तक्षेप, हरित हाइड्रोजन और संक्रमण, तथा उस विस्तार को अस्वीकार करना जो हस्तक्षेप के स्थान पर प्रोत्साहन, सब्सिडी या सहायता रखता है।

Q6.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: RRB ग्रुप D · 15 Sept 2022, Shift 3मध्यम

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के दूसरे चरण के अंतर्गत मार्च 2022 में सी-डैक द्वारा आईआईटी रुड़की में डिजाइन और स्थापित किए गए सुपरकंप्यूटर का नाम क्या है?

  1. A.परम गंगा
  2. B.परम भीम
  3. C.परम युवा
  4. D.परम यमुना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. परम गंगा

व्याख्या

सही उत्तर A, परम गंगा है। परम गंगा को 2022 में राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के दूसरे चरण के अंतर्गत आईआईटी रुड़की में लगाया गया और इसका डिजाइन तथा स्थापना सी-डैक ने की। मिशन का दूसरा चरण वह अवस्था है जिसमें सर्वर बोर्ड तैयार आयात करने के बजाय भारत में बनने लगे, इसलिए इस चरण की मशीनें आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम मानी जाती हैं। मिशन में नाम रखने की शैली यह है कि मेजबान संस्थान से जुड़ा कोई परिचित भारतीय नाम चुना जाए, और गंगा रुड़की के लिए उपयुक्त है, जो उत्तराखंड में गंगा बेसिन में बसा है।

विकल्प B परम भीम रुड़की की इस मिशन की मशीन नहीं है। विकल्प C परम युवा सी-डैक पुणे की पुरानी पीढ़ी की मशीन है, जहाँ परम युवा दो 2013 में चालू हुआ था, अर्थात मिशन शुरू होने से भी पहले। विकल्प D परम यमुना नदी के नाम पर सुनने में सही लगता है, पर आईआईटी रुड़की में ऐसी कोई मशीन नहीं लगाई गई।

Q7.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

सर्वाधिक प्रसिद्ध आकृति स्मृति मिश्रातु नाइटिनॉल किन दो धातुओं का मिश्रातु है?

  1. A.निकल और टाइटेनियम
  2. B.निकल और टिन
  3. C.नायोबियम और टैंटेलम
  4. D.निकल और टंगस्टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निकल और टाइटेनियम

व्याख्या

सही उत्तर A, निकल और टाइटेनियम है। नाइटिनॉल लगभग समान मात्रा में निकल और टाइटेनियम का मिश्रातु है, और इसका नाम भी यही दर्ज करता है, क्योंकि वह निकल, टाइटेनियम तथा नेवल ऑर्डनेंस लैबोरेटरी से बना है, जहाँ इसे विकसित किया गया। संक्रमण ताप से ऊपर गरम करने पर यह उस आकृति में लौट आता है जो इसे याद कराई गई थी, और यह अति प्रत्यास्थ भी है, इसीलिए इसका उपयोग धमनी के स्टेंट, दंत चिकित्सा के तारों, चश्मे के फ्रेम तथा प्रवर्तकों में होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि निकल और टिन से साधारण लेपन तथा बियरिंग मिश्रातु बनते हैं, जिनमें आकृति स्मृति प्रभाव नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि नायोबियम और टैंटेलम उच्चतापसह धातुएँ हैं, जो क्रमशः अतिचालक चुंबकों और संधारित्रों में प्रयुक्त होती हैं, और उनके मिश्रातु आकृति स्मृति सामग्री नहीं हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि निकल और टंगस्टन के मिश्रातु कठोरता तथा उच्च ताप पर मजबूती के लिए चुने जाते हैं।

Q8.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

वनस्पति तेलों से बायोडीजल किस प्रक्रिया द्वारा बनाया जाता है?

  1. A.ट्रांसएस्टरीकरण
  2. B.प्रभाजी आसवन
  3. C.हाइड्रोजनीकरण
  4. D.किण्वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ट्रांसएस्टरीकरण

व्याख्या

सही उत्तर A, ट्रांसएस्टरीकरण है। ट्रांसएस्टरीकरण में वनस्पति तेल या पशु वसा को पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड जैसे क्षारीय उत्प्रेरक की उपस्थिति में मेथनॉल या इथेनॉल से क्रिया कराई जाती है, जिससे वसा अम्ल मिथाइल एस्टर अर्थात बायोडीजल और सहउत्पाद के रूप में ग्लिसरॉल बनते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि प्रभाजी आसवन से कच्चे पेट्रोलियम को पेट्रोल, केरोसिन और डीजल में अलग किया जाता है; वह पहले से बने मिश्रण को अलग करता है, नया एस्टर नहीं बनाता। विकल्प C गलत है क्योंकि हाइड्रोजनीकरण द्विबंधों पर हाइड्रोजन जोड़ता है और वही प्रक्रिया तरल तेलों को वनस्पति घी में बदलती है। विकल्प D गलत है क्योंकि किण्वन शर्करा पर यीस्ट की अवायवीय क्रिया है, जिससे इथेनॉल बनता है, बायोडीजल नहीं। शुद्ध बायोडीजल को B100 कहा जाता है।

Q9.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

हाइड्रोजन ईंधन सेल में हाइड्रोजन ऑक्सीजन से मिलकर क्या उत्पन्न करती है?

  1. A.बिजली और जल
  2. B.बिजली और कार्बन डाइऑक्साइड
  3. C.ऊष्मा और नाइट्रोजन के ऑक्साइड
  4. D.केवल हाइड्रोजन परऑक्साइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बिजली और जल

व्याख्या

सही उत्तर A, बिजली और जल है। ईंधन सेल हाइड्रोजन की रासायनिक ऊर्जा को दहन के बिना सीधे विद्युत ऊर्जा में बदलता है, इसलिए वह ताप इंजन की दक्षता सीमा से बँधा नहीं होता। एनोड पर हाइड्रोजन का ऑक्सीकरण होता है, इलेक्ट्रॉन बाहरी परिपथ से धारा के रूप में जाते हैं, और कैथोड पर वे वायु की ऑक्सीजन से मिलकर जल बनाते हैं, साथ ही कुछ ऊष्मा भी निकलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि इस अभिक्रिया में कहीं कार्बन नहीं है, और ठीक इसी कारण हाइड्रोजन ईंधन के रूप में आकर्षक है। विकल्प C गलत है क्योंकि नाइट्रोजन के ऑक्साइड तब बनते हैं जब किसी इंजन में वायु उच्च ताप पर जलती है, और ईंधन सेल में न ज्वाला होती है न ऐसा उच्च ताप। विकल्प D गलत है क्योंकि इस सेल का उत्पाद हाइड्रोजन परऑक्साइड नहीं, जल है, और जल भर जाने पर सेल काम करना बंद कर देता है।

Q10.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

उपग्रह आधारित संवर्धन प्रणाली गगन इसरो और किस संगठन की संयुक्त परियोजना है?

  1. A.भारतीय वायु सेना
  2. B.भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण
  3. C.भारत मौसम विज्ञान विभाग
  4. D.पोत परिवहन महानिदेशालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण

व्याख्या

सही उत्तर B, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण है। गगन का अर्थ है जीपीएस एडेड जियो ऑगमेंटेड नेविगेशन, और इसे इसरो ने विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ मिलकर विकसित किया जिससे भारतीय वायुक्षेत्र में असैन्य विमानों को उतरने और अंतिम अभिगमन के लिए पर्याप्त परिशुद्ध तथा विश्वसनीय स्थिति सूचना मिले। इसके अपने नौवहन उपग्रह नहीं हैं; यह पहले से उपलब्ध संकेतों को सुधारने वाले संशोधन प्रसारित करती है।

विकल्प A, भारतीय वायु सेना, उपग्रह नौवहन का उपयोग करती है पर इस असैन्य विमानन परियोजना की भागीदार नहीं है। विकल्प C, भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम पर काम करता है और भिन्न प्रकार के उपग्रह आँकड़े उपयोग करता है। विकल्प D, पोत परिवहन महानिदेशालय, व्यापारिक जहाज़रानी देखता है, और समुद्री उपयोगकर्ताओं की सेवा गगन के बजाय नाविक करती है। परीक्षा भवन तक ले जाने योग्य भेद यह है कि नाविक संकेत देती है और गगन केवल उन्हें सुधारती है।

Q11.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

सन 1911 में हाइके कामरलिंग ओनेस ने अतिचालकता की खोज किस धातु में की थी?

  1. A.सीसा
  2. B.पारा
  3. C.नायोबियम
  4. D.टिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पारा

व्याख्या

सही उत्तर B, पारा है। सन 1911 में डच भौतिकविद् हाइके कामरलिंग ओनेस ने, जिन्होंने पहले ही हीलियम को द्रवित कर लिया था, पारे को लगभग चार केल्विन तक ठंडा किया और पाया कि उसका विद्युत प्रतिरोध पूर्णतः लुप्त हो गया; यही अतिचालकता की खोज है, जिसके लिए उन्हें 1913 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। विकल्प A गलत है क्योंकि सीसे में अतिचालकता कुछ ही समय बाद, 1913 में दिखाई गई, इसलिए वह बाद की पुष्टि है और यहाँ का परंपरागत भ्रम है। विकल्प C गलत है क्योंकि नायोबियम, हालाँकि सर्वाधिक क्रांतिक ताप वाला तात्विक अतिचालक और अधिकांश अतिचालक चुंबकों की सामग्री है, बहुत बाद में पहचाना गया। विकल्प D गलत है क्योंकि टिन भी पारे के बाद आया। अतिचालक अपने भीतर से चुंबकीय क्षेत्र भी बाहर कर देता है, जिसे माइस्नर प्रभाव कहते हैं, और इसी से चुंबक उसके ऊपर तैरता है।

Q12.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

चंद्रयान तीन की सफलता के साथ भारत चंद्रमा पर सुरक्षित अवतरण करने वाला कौन सा देश बना?

  1. A.दूसरा
  2. B.तीसरा
  3. C.चौथा
  4. D.पाँचवाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चौथा

व्याख्या

सही उत्तर C, चौथा है। चंद्र सतह पर यान को धीरे से उतारने वाला पहला देश सोवियत संघ था, उसके बाद संयुक्त राज्य और फिर चीन तीसरा बना। भारत 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान तीन के विक्रम लैंडर के अवतरण के साथ इनमें सम्मिलित हुआ। भारत दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में उतरने वाला पहला देश भी बना, और यह अलग कीर्तिमान प्रायः उसी प्रश्नपत्र में पूछा जाता है।

विकल्प A, दूसरा, और विकल्प B, तीसरा, स्थान कम बताते हैं और ये क्रमशः संयुक्त राज्य तथा चीन के हैं। विकल्प D, पाँचवाँ, स्थान अधिक बताता है। दोनों दावों को स्मृति में अलग रखिए: चंद्रमा पर कहीं भी सुरक्षित उतरने वाला चौथा देश, और चंद्र दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरने वाला पहला देश। प्रश्न किसी एक को पूछेगा, और उसकी भाषा बता देगी कि कौन सा।

Q13.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

हाइड्रोजन को निम्नलिखित में से किस रूप में सबसे ठीक बताया जा सकता है?

  1. A.ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत
  2. B.ऊर्जा वाहक
  3. C.जीवाश्म ईंधन
  4. D.नवीकरणीय खनिज
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ऊर्जा वाहक

व्याख्या

सही उत्तर B, ऊर्जा वाहक है। मुक्त हाइड्रोजन पृथ्वी पर किसी उपयोगी मात्रा में नहीं मिलती, इसलिए उसे ऊर्जा खर्च करके पानी या किसी हाइड्रोकार्बन से बनाना पड़ता है, और फिर वह उस ऊर्जा को भंडारित करके अन्यत्र पहुँचाती है। यही वाहक की परिभाषा है, जैसे बिजली। विकल्प A गलत है क्योंकि प्राथमिक स्रोत वह है जो प्रकृति में मिलता है और जैसा है वैसा प्रयोग होता है, जैसे सूर्य का प्रकाश, पवन, बहता जल, कोयला या यूरेनियम; हाइड्रोजन को पहले बनाना पड़ता है। विकल्प C गलत है क्योंकि जीवाश्म ईंधन भूगर्भीय काल में दबे कार्बनिक पदार्थ से बनता है, और यद्यपि ग्रे हाइड्रोजन प्राकृतिक गैस से बनती है, हाइड्रोजन स्वयं जीवाश्म ईंधन नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि हाइड्रोजन गैस है, खनिज नहीं, और इस अर्थ में कोई खनिज नवीकरणीय नहीं होता।

Q14.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

इसरो का मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए समर्पित केंद्र कहाँ स्थित है?

  1. A.तिरुवनंतपुरम
  2. B.बेंगलुरु
  3. C.अहमदाबाद
  4. D.श्रीहरिकोटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बेंगलुरु

व्याख्या

सही उत्तर B, बेंगलुरु है। गगनयान कार्यक्रम के लिए उत्तरदायी इसरो केंद्र, मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र, 2019 में स्थापित हुआ और बेंगलुरु से कार्य करता है, जहाँ इसरो का मुख्यालय, यू आर राव उपग्रह केंद्र तथा इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क भी हैं।

विकल्प A, तिरुवनंतपुरम, में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र है जहाँ प्रक्षेपण यान विकसित होते हैं, तथा वलियामला में द्रव नोदन प्रणाली केंद्र है। विकल्प C, अहमदाबाद, में अंतरिक्ष उपयोग केंद्र और विक्रम साराभाई द्वारा स्थापित भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला है। विकल्प D, आंध्र प्रदेश का श्रीहरिकोटा, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र अर्थात प्रक्षेपण स्थल है, और गगनयान वहीं से उड़ेगा, यद्यपि कार्यक्रम का संचालन बेंगलुरु से होता है। इसरो का मुख्यालय भी बेंगलुरु में है, और इसी शहर से गगनयान की प्रणालियों का समन्वय तथा यात्रियों का प्रशिक्षण संचालित होता है, इसलिए प्रश्नपत्र इसे बार-बार पूछते हैं।

Q15.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सन 2023 का रसायन का नोबेल पुरस्कार किस नैनो सामग्री की खोज और संश्लेषण के लिए दिया गया?

  1. A.ग्रैफीन
  2. B.क्वांटम डॉट
  3. C.कार्बन नैनोट्यूब
  4. D.एयरजेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्वांटम डॉट

व्याख्या

सही उत्तर B, क्वांटम डॉट है। सन 2023 का रसायन का नोबेल पुरस्कार मूंगी बावेंडी, लुई ब्रूस और अलेक्सेई एकिमोव को क्वांटम डॉट की खोज तथा संश्लेषण के लिए मिला; ये अर्धचालक नैनो क्रिस्टल हैं, जिनसे निकलने वाले प्रकाश का रंग क्वांटम परिरोध के कारण उनके आकार पर निर्भर करता है, और जिनका उपयोग टेलीविजन के पर्दों, प्रकाश उत्सर्जक डायोड तथा जैविक संकेतकों में होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ग्रैफीन को 2010 में रसायन का नहीं, भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था। विकल्प C गलत है क्योंकि 1991 में सुमियो इजिमा द्वारा सूचित कार्बन नैनोट्यूब पर कभी नोबेल पुरस्कार नहीं दिया गया, जबकि उससे जुड़े फुलरीन को 1996 में रसायन का पुरस्कार मिला था। विकल्प D गलत है क्योंकि 1931 में सैमुअल किस्टलर द्वारा पहली बार बनाए गए एयरजेल को भी अपना कोई नोबेल पुरस्कार नहीं मिला है।

Q16.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

आदित्य-एल1 का मुख्य उपकरण कौन सा है, जो सूर्य की चमकीली बिंब ढककर कोरोना का अध्ययन करता है?

  1. A.सूट
  2. B.वीईएलसी
  3. C.हेलिओस
  4. D.एस्पेक्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वीईएलसी

व्याख्या

सही उत्तर B, वीईएलसी है। विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ आदित्य-एल1 पर लगा सबसे बड़ा और प्रमुख उपकरण है। कोरोनाग्राफ उपकरण के भीतर ही सूर्य की चमकीली बिंब को ढककर एक बनावटी ग्रहण बना देता है, जिससे उसका मंद बाहरी वायुमंडल यानी कोरोना दिखाई देने लगता है। वीईएलसी सूर्य की सतह के निकट कोरोना को देख सकता है और यह अध्ययन कर सकता है कि कोरोनीय द्रव्य उत्सर्जन कैसे आरंभ होते हैं, जो अंतरिक्ष मौसम समझने की कुंजी है।

विकल्प A, सूट अर्थात सोलर अल्ट्रावायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप सूर्य को पराबैंगनी प्रकाश में चित्रित करता है। विकल्प C, हेलिओस उच्च ऊर्जा एक्स-किरण स्पेक्ट्रोमीटर है, जो सौर ज्वालाओं की कठोर एक्स-किरणें दर्ज करता है। विकल्प D, एस्पेक्स वह कण प्रयोग है जो यान तक पहुँचने वाली सौर पवन का नमूना लेता है। चारों इसी मिशन के असली उपकरण हैं, इसलिए प्रश्न यह परखता है कि मुख्य कौन सा है।

Q17.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का मुख्यालय किस देश में है?

  1. A.फ्रांस
  2. B.भारत
  3. C.संयुक्त अरब अमीरात
  4. D.जर्मनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारत

व्याख्या

सही उत्तर B, भारत है। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन भारत और फ्रांस ने 30 नवंबर 2015 को पेरिस जलवायु सम्मेलन में मिलकर आरंभ किया, जिसका उद्देश्य मुख्यतः कर्क और मकर रेखाओं के बीच बसे देशों को एक मंच पर लाना था, और उसका मुख्यालय हरियाणा के गुरुग्राम में ग्वाल पहाड़ी में है। यह भारत में स्थित किसी अंतरराष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन का पहला मुख्यालय है। विकल्प A गलत है क्योंकि फ्रांस इस गठबंधन का सह-संस्थापक है, उसका मुख्यालय नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात अबू धाबी के मसदर नगर में अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा अभिकरण रखता है, जो भिन्न संस्था है और भ्रम का आम कारण है। विकल्प D गलत है क्योंकि जर्मनी बॉन में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र संरचना संधि का सचिवालय रखता है, जो फिर एक भिन्न संगठन है।

Q18.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

चंद्रयान-3 का लैंडर चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के निकट किस वर्ष उतरा?

  1. A.2019
  2. B.2021
  3. C.2023
  4. D.2024
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2023

व्याख्या

सही उत्तर C, 2023 है। चंद्रयान-3 को 14 जुलाई 2023 को एलवीएम3 राकेट से छोड़ा गया, और उसका विक्रम लैंडर 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के निकट उतरा तथा प्रज्ञान रोवर बाहर निकला। इस प्रकार भारत सोवियत संघ, अमेरिका और चीन के बाद चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बना और दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में उतरने वाला पहला, जो वैज्ञानिकों के लिए रोचक है क्योंकि वहाँ छाया वाले गड्ढों में जल बर्फ बची रह सकती है। यह दिन अब राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है।

विकल्प A, 2019 चंद्रयान-2 का वर्ष है, जिसका ऑर्बिटर अब भी काम कर रहा है पर लैंडर खो गया। विकल्प B, 2021 में भारत की कोई चंद्र लैंडिंग नहीं हुई। विकल्प D, 2024 घटना के बाद का वर्ष है। याद रखने की जोड़ी यही है, 2019 में चंद्रयान-2 बिना लैंडिंग और 2023 में चंद्रयान-3 लैंडिंग के साथ।

Q19.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

सन 1981 में आईबीएम ज़्यूरिख में बना कौन सा उपकरण पहली बार किसी सतह पर अलग अलग परमाणुओं का प्रतिबिंब ले सका?

  1. A.स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी
  2. B.परमाणु बल सूक्ष्मदर्शी
  3. C.स्कैनिंग टनलिंग सूक्ष्मदर्शी
  4. D.पारगमन इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्कैनिंग टनलिंग सूक्ष्मदर्शी

व्याख्या

सही उत्तर C, स्कैनिंग टनलिंग सूक्ष्मदर्शी है। गर्ड बिनिग और हाइनरिख रोहरर ने इसे 1981 में ज़्यूरिख की आईबीएम प्रयोगशाला में बनाया; एक नुकीली धातु की नोक चालक सतह से नैनोमीटर के अंश भर ऊपर चलाई जाती है और नोक तथा नमूने के बीच की क्वांटम टनलिंग धारा एक एक परमाणु का नक्शा बना देती है, और इसी कार्य पर उन्हें 1986 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। विकल्प A गलत है क्योंकि स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी बहुत कम विभेदन पर सतह की आकृति दिखाता है और एक एक परमाणु को नहीं सुलझा सकता। विकल्प B गलत है क्योंकि परमाणु बल सूक्ष्मदर्शी 1986 में, टनलिंग सूक्ष्मदर्शी के बाद आया, हालाँकि उसका लाभ यह है कि वह कुचालकों पर भी काम करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अर्न्स्ट रुस्का द्वारा उन्नीस सौ तीस के दशक में बनाया गया पारगमन इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी सतह को स्कैन करने के बजाय पतले नमूने के आर पार देखता है।

Q20.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

एक ही पदार्थ के थोक रूप की तुलना में नैनो कणों के कहीं अधिक रासायनिक क्रियाशील होने का मुख्य कारण है उनका:

  1. A.कम गलनांक
  2. B.पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का बहुत उच्च अनुपात
  3. C.अधिक घनत्व
  4. D.अलग अलग परमाणुओं का बड़ा आकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का बहुत उच्च अनुपात

व्याख्या

सही उत्तर B, पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का बहुत उच्च अनुपात है। जब कोई ठोस नैनो कणों में बाँटा जाता है तो द्रव्यमान वही रहते हुए उसका कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल बहुत बढ़ जाता है, इसलिए परमाणुओं का बहुत बड़ा भाग अपूर्ण बंधों के साथ सतह पर खुला पड़ा होता है; रासायनिक अभिक्रियाएँ सतहों पर होती हैं, अतः क्रियाशीलता और उत्प्रेरक क्षमता तेज़ी से बढ़ जाती है, और इसी कारण स्वर्ण छड़ के रूप में निष्क्रिय पर नैनो कणों के रूप में उत्प्रेरक होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि गलनांक का घटना स्वयं उसी पृष्ठीय प्रभाव का परिणाम है, क्रियाशीलता का कारण नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि नैनो कण का घनत्व मूलतः थोक पदार्थ के ही बराबर होता है और वह क्रियाशीलता नहीं बढ़ाता। विकल्प D गलत है क्योंकि परमाणुओं का आकार अपरिवर्तित रहता है; केवल कण छोटा होता है।

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