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GK क्विजविज्ञान और प्रौद्योगिकी

विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्विज: भारतीय उपग्रह और नाविक

  • 10 प्रश्न
  • 10 मिनट
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इस क्विज के बारे में

विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अंतर्गत "भारतीय उपग्रह और नाविक" विषय पर यह क्विज़ 10 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

10 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भारत का पहला उपग्रह कौन था और वह किस वर्ष छोड़ा गया?

  1. A.रोहिणी, 1980
  2. B.आर्यभट, 1975
  3. C.भास्कर-1, 1979
  4. D.एप्पल, 1981
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आर्यभट, 1975

व्याख्या

सही उत्तर B, आर्यभट, 1975 है। इसे 19 अप्रैल 1975 को सोवियत प्रक्षेपण यान से छोड़ा गया, क्योंकि उस समय भारत के पास अपना यान नहीं था, और इसमें एक्स-किरण खगोलिकी, सौर भौतिकी तथा आयनमंडल के प्रयोग थे। इसका नाम प्राचीन भारतीय गणितज्ञ और खगोलशास्त्री के नाम पर रखा गया।

विकल्प A, 1980 का रोहिणी, दूसरा कीर्तिमान रखता है: वह 18 जुलाई 1980 को भारतीय प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 से कक्षा में स्थापित पहला उपग्रह था, और दोनों कीर्तिमान मिला देने वाले अभ्यर्थी इसे चुन लेते हैं। विकल्प C, 1979 का भास्कर-1, पहला प्रायोगिक भू-अवलोकन उपग्रह था। विकल्प D, 1981 का एप्पल, पहला प्रायोगिक संचार उपग्रह था और यूरोपीय एरियन रॉकेट से गया। साफ़ श्रृंखला याद रखें: 1975 पहला उपग्रह, 1979 पहला भू-अवलोकन, 1980 पहला भारतीय प्रक्षेपण, 1981 पहला संचार उपग्रह।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

नाविक (NavIC) का पूर्ण रूप क्या है?

  1. A.नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन
  2. B.नेशनल वॉयेज एंड इंडियन कम्युनिकेशन
  3. C.नेविगेशन इंडियन कोऑर्डिनेट्स
  4. D.नेविगेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन

व्याख्या

सही उत्तर A, नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन है। यह नाम 2016 में भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली, आईआरएनएसएस, को तब दिया गया जब तारामंडल का सातवाँ उपग्रह कक्षा में पहुँचा, और नाविक शब्द में मल्लाह या पथप्रदर्शक का अर्थ भी है, इसीलिए वह चुना गया।

विकल्प B, C और D गढ़े हुए विस्तार हैं, जैसे परीक्षक यह देखने के लिए जोड़ते हैं कि अभ्यर्थी ने शब्द पढ़ा है या केवल सुना है। पूर्ण रूप के साथ दो तथ्य चलते हैं: नाविक वह भारतीय प्रणाली है जो इसलिए बनी कि देश दूसरे राष्ट्र के संकेतों पर निर्भर न रहे, और यह क्षेत्रीय प्रणाली है जो पूरी पृथ्वी के बजाय भारत तथा सीमा से लगभग 1,500 किलोमीटर की पट्टी को कवर करती है। आईआरएनएसएस और नाविक को एक ही प्रणाली के पुराने और नए नाम मानें।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

नाविक तारामंडल कितने उपग्रहों के साथ बनाया गया था?

  1. A.चार
  2. B.सात
  3. C.नौ
  4. D.चौबीस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सात

व्याख्या

सही उत्तर B, सात है। प्रणाली सात उपग्रहों के तारामंडल के रूप में बनाई गई, जिनमें तीन भूस्थिर कक्षा में और चार भूमध्यरेखीय तल से झुकी भूतुल्यकालिक कक्षाओं में हैं; इतनी छोटी संख्या पर्याप्त है क्योंकि सेवा क्षेत्र क्षेत्रीय है, वैश्विक नहीं। अप्रैल 2016 में छोड़े गए आईआरएनएसएस-1जी ने सातों का समूह पूरा किया।

विकल्प A, चार, केवल झुके उपग्रहों की संख्या है और उस अभ्यर्थी के लिए जाल है जिसे बँटवारा याद है पर कुल संख्या नहीं। विकल्प D, चौबीस, जीपीएस जैसी वैश्विक प्रणाली के आकार के लगभग बराबर है, जिसे पूरी पृथ्वी पर फैले उपग्रह चाहिए। विकल्प C, नौ, किसी प्रणाली से मेल नहीं खाता। बँटवारा तीन और चार के रूप में याद रखें, और यह भी कि दूसरी पीढ़ी के एनवीएस उपग्रह पहली पीढ़ी के पुराने होते उपग्रहों की जगह ले रहे हैं।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

केवल मौसम विज्ञान को समर्पित भारत का पहला उपग्रह कौन था?

  1. A.इनसैट-1बी
  2. B.कल्पना-1
  3. C.भास्कर-2
  4. D.ओशनसैट-1
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कल्पना-1

व्याख्या

सही उत्तर B, कल्पना-1 है। 2002 में मेटसैट के नाम से छोड़ा गया यह केवल मौसम के काम के लिए बना पहला भारतीय उपग्रह था, और 2003 की कोलंबिया दुर्घटना में जान गँवाने वाली भारत में जन्मी अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की स्मृति में इसका नाम कल्पना-1 रखा गया। इसके उपकरण चक्रवात चेतावनी के लिए बादल, जलवाष्प और समुद्र सतह के तापमान पर नज़र रखते थे।

विकल्प A, 1983 का इनसैट-1बी, मौसम उपकरण ले गया था पर मुख्यतः संचार उपग्रह था, और केवल शब्द इसी भेद को जाँचता है। विकल्प C, भास्कर-2, 1979 और 1981 की आरंभिक प्रायोगिक भू-अवलोकन श्रेणी का था। विकल्प D, 1999 का ओशनसैट-1, समुद्र, उसके रंग और उस पर चलने वाली हवाओं का अध्ययन करता था, इसलिए वह समुद्री उपग्रह है, मौसम का नहीं। इस क्रम के बाद के समर्पित मौसम उपग्रह इनसैट-3डी श्रेणी के हैं।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सितंबर 2015 में छोड़ा गया एस्ट्रोसैट भारत का किस प्रकार का पहला उपग्रह था?

  1. A.रडार प्रतिबिंबन उपग्रह
  2. B.समर्पित बहु-तरंगदैर्ध्य अंतरिक्ष वेधशाला
  3. C.नौवहन उपग्रह
  4. D.शैक्षिक उपग्रह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. समर्पित बहु-तरंगदैर्ध्य अंतरिक्ष वेधशाला

व्याख्या

सही उत्तर B, समर्पित बहु-तरंगदैर्ध्य अंतरिक्ष वेधशाला है। एस्ट्रोसैट 28 सितंबर 2015 को पीएसएलवी से छोड़ा गया और उसके उपकरण एक ही ब्रह्मांडीय स्रोत को पराबैंगनी, दृश्य तथा एक्स-किरण बैंड में साथ देखते हैं, बहु-तरंगदैर्ध्य का अर्थ यही है और इसी से यह अभियान अपने आकार की अंतरिक्ष दूरबीनों में विशिष्ट बनता है।

विकल्प A रीसैट श्रेणी का वर्णन करता है, जो रडार से बादल के पार और रात में भी भूमि का चित्र लेती है। विकल्प C नाविक तारामंडल के आईआरएनएसएस और एनवीएस उपग्रहों का वर्णन है। विकल्प D 2004 के एडुसैट का वर्णन है, जो केवल शिक्षा और कक्षा प्रसारण के लिए बना पहला भारतीय उपग्रह था। इसी प्रथम सूची में दो और विज्ञान अभियान आते हैं: 2023 की आदित्य-एल1, पहली सौर वेधशाला, और 2024 का एक्सपोसैट, जो ब्रह्मांडीय एक्स-किरणों के ध्रुवण का अध्ययन करता है।

Q6.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

भारत के सौर अभियान आदित्य-एल1 को किस बिंदु के चारों ओर हेलो कक्षा में स्थापित किया गया है?

  1. A.द्वितीय लैग्रांज बिंदु, एल2
  2. B.प्रथम लैग्रांज बिंदु, एल1
  3. C.सूर्य के चारों ओर ध्रुवीय कक्षा
  4. D.पृथ्वी के चारों ओर भूस्थिर कक्षा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रथम लैग्रांज बिंदु, एल1

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रथम लैग्रांज बिंदु एल1 है, जो सूर्य-पृथ्वी निकाय का वह बिंदु है और सूर्य की दिशा में पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है। लैग्रांज बिंदु वह स्थान है जहाँ दोनों पिंडों का गुरुत्वाकर्षण और कक्षीय गति संतुलित हो जाते हैं, इसलिए यान वहाँ बहुत कम ईंधन से बना रह सकता है, और एल1 से सूर्य को बिना ग्रहण या अवरोध लगातार देखा जा सकता है। आदित्य-एल1 2 सितंबर 2023 को पीएसएलवी से छोड़ा गया।

विकल्प A, एल2, सूर्य से पृथ्वी के दूसरी ओर है और उसका उपयोग वे दूरबीनें करती हैं जो सूर्य से विपरीत दिशा में देखती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि यान सूर्य-पृथ्वी निकाय के एक बिंदु की परिक्रमा करता है, सूर्य की नहीं। विकल्प D उसे पृथ्वी की कक्षा में रख देता, जहाँ प्रतिदिन कुछ समय पृथ्वी दृश्य रोक देती, और अभियान को ठीक यही टालना था। जोड़ी याद रखें: सूर्य देखने के लिए एल1, दूरी 15 लाख किलोमीटर।

Q7.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भारत का पहला परिचालनगत दूर संवेदन उपग्रह कौन था?

  1. A.भास्कर-1
  2. B.आईआरएस-1ए
  3. C.कार्टोसैट-1
  4. D.रीसैट-1
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आईआरएस-1ए

व्याख्या

सही उत्तर B, आईआरएस-1ए है, जो 1988 में छोड़ा गया, भारतीय दूर संवेदन श्रेणी का आरंभ किया और वह पहला ऐसा उपग्रह था जिसके आँकड़े फसल आकलन, वन मानचित्रण, जल संसाधन और भू-उपयोग के लिए नियमित रूप से काम में आए, केवल प्रयोग के लिए नहीं।

विकल्प A, 1979 का भास्कर-1, पहला प्रायोगिक भू-अवलोकन उपग्रह था, और प्रायोगिक शब्द ही उसे आईआरएस-1ए से अलग करता है, इसलिए कथन ध्यान से पढ़ें। विकल्प C, 2005 का कार्टोसैट-1, मानचित्रण के लिए उच्च विभेदन चित्र देता था और उसी कार्यक्रम में बहुत बाद आया। विकल्प D, 2012 का रीसैट-1, पहला स्वदेशी रडार प्रतिबिंबन उपग्रह था, जो बादल के पार देख सकता और रात में भी काम कर सकता है। क्रम याद रखें: भास्कर प्रायोगिक, आईआरएस परिचालनगत, कार्टोसैट मानचित्रण, रीसैट रडार।

Q8.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

उपग्रह नौवहन प्रणाली बेइदोउ किस देश की है?

  1. A.जापान
  2. B.रूस
  3. C.चीन
  4. D.यूरोपीय संघ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चीन

व्याख्या

सही उत्तर C, चीन है। बेइदोउ चीन की वैश्विक नौवहन उपग्रह प्रणाली है, जो चरणों में बनी और अब विश्वव्यापी कवरेज देती है, और यह नाम सप्तर्षि मंडल के लिए प्रयुक्त चीनी शब्द है।

विकल्प A, जापान, क्यूजेडएसएस यानी क्वासी-ज़ेनिथ सैटेलाइट सिस्टम चलाता है, जो नाविक की तरह क्षेत्रीय है, वैश्विक नहीं। विकल्प B, रूस, ग्लोनास चलाता है, जो उसी डिज़ाइन की सोवियत प्रणाली का उत्तराधिकारी है। विकल्प D, यूरोपीय संघ, गैलीलियो चलाता है, जो जानबूझकर सैन्य नियंत्रण से बाहर रखी गई असैन्य वैश्विक प्रणाली है। इनमें संयुक्त राज्य अमेरिका की जीपीएस और भारत की नाविक जोड़ दें तो सूची पूरी हो जाती है, जिसमें केवल नाविक और क्यूजेडएसएस क्षेत्रीय हैं। परीक्षक इसे सरल जोड़ी मिलान के रूप में पूछते हैं, इसलिए पाँचों नाम उनके स्वामियों के साथ याद करें।

Q9.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

उपग्रह आधारित संवर्धन प्रणाली गगन इसरो और किस संगठन की संयुक्त परियोजना है?

  1. A.भारतीय वायु सेना
  2. B.भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण
  3. C.भारत मौसम विज्ञान विभाग
  4. D.पोत परिवहन महानिदेशालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण

व्याख्या

सही उत्तर B, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण है। गगन का अर्थ है जीपीएस एडेड जियो ऑगमेंटेड नेविगेशन, और इसे इसरो ने विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ मिलकर विकसित किया जिससे भारतीय वायुक्षेत्र में असैन्य विमानों को उतरने और अंतिम अभिगमन के लिए पर्याप्त परिशुद्ध तथा विश्वसनीय स्थिति सूचना मिले। इसके अपने नौवहन उपग्रह नहीं हैं; यह पहले से उपलब्ध संकेतों को सुधारने वाले संशोधन प्रसारित करती है।

विकल्प A, भारतीय वायु सेना, उपग्रह नौवहन का उपयोग करती है पर इस असैन्य विमानन परियोजना की भागीदार नहीं है। विकल्प C, भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम पर काम करता है और भिन्न प्रकार के उपग्रह आँकड़े उपयोग करता है। विकल्प D, पोत परिवहन महानिदेशालय, व्यापारिक जहाज़रानी देखता है, और समुद्री उपयोगकर्ताओं की सेवा गगन के बजाय नाविक करती है। परीक्षा भवन तक ले जाने योग्य भेद यह है कि नाविक संकेत देती है और गगन केवल उन्हें सुधारती है।

Q10.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

भारत का पहला प्रायोगिक संचार उपग्रह एप्पल 1981 में किस प्रक्षेपण यान से छोड़ा गया था?

  1. A.भारत के एसएलवी-3 से
  2. B.सोवियत प्रक्षेपण यान से
  3. C.यूरोपीय एरियन रॉकेट से
  4. D.अमेरिकी अंतरिक्ष शटल से
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. यूरोपीय एरियन रॉकेट से

व्याख्या

सही उत्तर C, यूरोपीय एरियन रॉकेट है। उपग्रह का पूरा नाम, एरियन पैसेंजर पेलोड एक्सपेरिमेंट, उत्तर अपने भीतर रखता है, क्योंकि वह 1981 में एरियन के एक प्रक्षेपण में यात्री के रूप में गया जिससे भारत में भूस्थिर संचार उपग्रह बनाने की क्षमता परखी जा सके। तब भारत के पास भूतुल्यकालिक अंतरण कक्षा तक पहुँचने वाला कोई यान नहीं था।

विकल्प A, एसएलवी-3, निचली पृथ्वी कक्षा में केवल लगभग 40 किलोग्राम रख सकता था और एप्पल को उस ऊँचाई तक कभी नहीं ले जा सकता था जो संचार उपग्रह के लिए चाहिए। विकल्प B, सोवियत यान, 1975 में आर्यभट और 1979 में भास्कर ले गया था, इसलिए अनुमान ठीक लगता है पर यहाँ गलत है। विकल्प D, अंतरिक्ष शटल, 1983 में बाद के इनसैट-1बी को ले गया, जो साथ में पूछा जाने वाला अलग तथ्य है। परीक्षण स्थल पर एप्पल की बैलगाड़ी वाली प्रसिद्ध तस्वीर इसी कार्यक्रम की है।

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