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GK क्विजराजस्थान

राजस्थान क्विज: 1857 और किसान-जनजातीय आंदोलन (बिजोलिया, भील)

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

राजस्थान के अंतर्गत "1857 और किसान-जनजातीय आंदोलन (बिजोलिया, भील)" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.राजस्थानआसान

राजस्थान में 1857 की क्रांति 28 मई 1857 को किस छावनी से शुरू हुई?

  1. A.नीमच
  2. B.नसीराबाद
  3. C.एरिनपुरा
  4. D.देवली
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नसीराबाद

अजमेर जिले की नसीराबाद छावनी में तैनात 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री ने 28 मई 1857 को विद्रोह किया, छावनी जला दी और दिल्ली की ओर बढ़ गई, इसलिए पूरे राजपूताना में क्रांति का पहला केंद्र नसीराबाद ही माना जाता है।

Q2.राजस्थानमध्यम

जोधपुर के पोलिटिकल एजेंट मोंक मेसन 1857 के किस युद्ध में मारे गए?

  1. A.बिथौड़ा का युद्ध
  2. B.चेलावास का युद्ध
  3. C.सांगानेर का युद्ध
  4. D.कोठारिया का युद्ध
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चेलावास का युद्ध

आउवा के ठाकुर कुशाल सिंह ने 18 सितंबर 1857 को चेलावास में अंग्रेज और जोधपुर की मिली-जुली सेना का सामना किया और उसे हराया, तथा इसी लड़ाई में जोधपुर में तैनात पोलिटिकल एजेंट मोंक मेसन मारे गए।

Q3.राजस्थानमध्यम

1857 की क्रांति के समय राजपूताना का एजेंट टू द गवर्नर-जनरल कौन था, जिसका मुख्यालय माउंट आबू में था?

  1. A.मेजर बर्टन
  2. B.मोंक मेसन
  3. C.जॉर्ज सेंट पैट्रिक लॉरेंस
  4. D.जनरल रॉबर्ट्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जॉर्ज सेंट पैट्रिक लॉरेंस

पूरे राजपूताना की निगरानी एक ही एजेंट टू द गवर्नर-जनरल करता था, और 1857 में यह पद पैट्रिक लॉरेंस के पास था, जो माउंट आबू से कार्य करते थे और पूरा वर्ष रियासती शासकों को अंग्रेजों के पक्ष में बनाए रखने में लगे रहे।

Q4.राजस्थानआसान

15 अक्टूबर 1857 के विद्रोह में पोलिटिकल एजेंट मेजर बर्टन और उनके दो पुत्र किस स्थान पर मारे गए?

  1. A.कोटा
  2. B.टोंक
  3. C.जयपुर
  4. D.उदयपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कोटा

15 अक्टूबर 1857 को जयदयाल और मेहराब खां के नेतृत्व में कोटा की राज्य सेना ने अंग्रेजी रेजीडेंसी पर आक्रमण किया, मेजर बर्टन तथा उनके दो पुत्रों को मार डाला और लगभग पांच महीने शहर पर अधिकार रखा, जब तक मार्च 1858 में जनरल रॉबर्ट्स ने उसे वापस नहीं लिया।

Q5.राजस्थानमध्यम

बिजोलिया किसान आंदोलन मेवाड़ के जिस ठिकाने में चला, वह आज राजस्थान के किस जिले में है?

  1. A.चित्तौड़गढ़
  2. B.भीलवाड़ा
  3. C.उदयपुर
  4. D.अजमेर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भीलवाड़ा

बिजोलिया मेवाड़ का प्रथम श्रेणी का ठिकाना था और उसका गांव आज भीलवाड़ा जिले में पड़ता है। वहां के अधिकतर धाकड़ किसानों का लगभग चौरासी प्रकार की लाग-बाग के विरुद्ध आंदोलन 1897 से 1941 तक चला और इसे भारत का सबसे लंबा चलने वाला किसान आंदोलन माना जाता है।

Q6.राजस्थानमध्यम

1919 में वर्धा में राजस्थान सेवा संघ की स्थापना किसने की और 1916 से बिजोलिया आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?

  1. A.माणिक्य लाल वर्मा
  2. B.विजय सिंह पथिक
  3. C.सीताराम दास
  4. D.जयनारायण व्यास
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विजय सिंह पथिक

बुलंदशहर में भूप सिंह के नाम से जन्मे पथिक ने 1916 से बिजोलिया आंदोलन की बागडोर संभाली, उसे प्रेस और संगठन दिया, और रियासतों के किसान आंदोलनों में तालमेल के लिए 1919 में वर्धा में राजस्थान सेवा संघ की स्थापना की।

Q7.राजस्थानकठिन

1921 का बेगूं किसान आंदोलन, जिसके समझौते को मेवाड़ सरकार ने बोल्शेविक समझौता कहा, किसके नेतृत्व में चला?

  1. A.रामनारायण चौधरी
  2. B.मोतीलाल तेजावत
  3. C.ठाकुर देशराज
  4. D.हरिभाऊ उपाध्याय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रामनारायण चौधरी

उन्होंने 1921 से वर्तमान चित्तौड़गढ़ जिले में मेवाड़ के बेगूं ठिकाने के किसानों को संगठित किया; उन्हें मिली शर्तें मेवाड़ सरकार को इतनी अप्रिय लगीं कि उसके अधिकारियों ने उस समझौते को बोल्शेविक समझौता कहा, और 13 जुलाई 1923 को गोविंदपुरा की गोलीबारी में किसान रूपाजी तथा कृपाजी मारे गए।

Q8.राजस्थानमध्यम

14 मई 1925 को नीमूचणा में हुई गोलीबारी, जिसे महात्मा गांधी ने दुगुनी डायरशाही कहा, किस रियासत में हुई थी?

  1. A.अलवर
  2. B.भरतपुर
  3. C.बीकानेर
  4. D.जयपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अलवर

नीमूचणा अलवर रियासत का गांव था, जहां के किसानों ने लगान बढ़ाने का विरोध किया; 14 मई 1925 को राज्य की सेना ने उन पर गोलियां चलाईं, और महात्मा गांधी ने इन मौतों पर लिखते हुए इसे दुगुनी डायरशाही कहा, जो जलियांवाला बाग के जनरल डायर से तुलना थी।

Q9.राजस्थानमध्यम

17 नवंबर 1913 का मानगढ़ हत्याकांड, जिसमें गोविंद गुरु के भील अनुयायियों पर गोलियां चलाई गईं, किस जिले की पहाड़ी पर हुआ था?

  1. A.डूंगरपुर
  2. B.बांसवाड़ा
  3. C.सिरोही
  4. D.उदयपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बांसवाड़ा

मानगढ़ पहाड़ी गुजरात की सीमा पर बांसवाड़ा जिले में स्थित है। गोविंद गुरु ने वहीं अपनी धूणी स्थापित की थी, और 17 नवंबर 1913 को राज्य तथा अंग्रेज सेना ने उसके आसपास जुटे भीलों पर गोलियां चलाईं, इसी कारण मानगढ़ को आदिवासी जलियांवाला कहा जाता है।

Q10.राजस्थानमध्यम

1921 में शुरू हुआ मेवाड़ और सिरोही के भीलों तथा गरासियों का एकी आंदोलन किसके नेतृत्व में चला?

  1. A.गोविंद गुरु
  2. B.मोतीलाल तेजावत
  3. C.माणिक्य लाल वर्मा
  4. D.विजय सिंह पथिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मोतीलाल तेजावत

उदयपुर के कोलियारी गांव के तेजावत ने 1921 में एकी आंदोलन शुरू किया, भीलों और गरासियों से अवैध लागें न देने तथा बेगार से इनकार करने को कहा, और उनकी मांगें मेवाड़ की पुकार नामक पत्र में रखीं।

Q11.राजस्थानकठिन

ग्वालियर में खजांची रहते हुए क्रांतिकारियों को धन देने के कारण 1858 में फांसी पाए बीकानेर के अमरचंद बांठिया को किस नाम से याद किया जाता है?

  1. A.1857 की क्रांति का भामाशाह
  2. B.एकलिंगजी का दीवान
  3. C.राजस्थान केसरी
  4. D.मारवाड़ रत्न
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1857 की क्रांति का भामाशाह

अमरचंद बांठिया बीकानेर के थे और ग्वालियर में सिंधिया राज्य के खजांची थे; उन्होंने राजकोष क्रांतिकारी सेनाओं के लिए खोल दिया और इसी कारण 1858 में उन्हें फांसी दी गई।

Q12.राजस्थानकठिन

राजस्थान के किसान आंदोलनों से संबंधित कौन-सा युग्म सही मेल खाता है?

  1. A.1935 की कूदन गोलीबारी और सीकर
  2. B.1923 की गोविंदपुरा गोलीबारी और अलवर
  3. C.1922 की नीमड़ा गोलीबारी और भीलवाड़ा
  4. D.1925 की नीमूचणा गोलीबारी और कोटा
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सही उत्तर: A. 1935 की कूदन गोलीबारी और सीकर

शेखावाटी अंचल के जाट किसानों ने बढ़े लगान के विरुद्ध 1922 से 1935 तक आंदोलन किया, 1934 में सीकर में जाट प्रजापति महायज्ञ किया और 25 अप्रैल 1935 को सीकर के कूदन गांव में उन पर गोलियां चलाई गईं।

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