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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास क्विज: वैदिक काल

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास के अंतर्गत "वैदिक काल" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासआसान

किस वेद को भारतीय शास्त्रीय संगीत का मूल माना जाता है?

  1. A.ऋग्वेद
  2. B.सामवेद
  3. C.यजुर्वेद
  4. D.अथर्ववेद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सामवेद

व्याख्या

सही उत्तर B, सामवेद है। इसके अधिकांश मंत्र ऋग्वेद से लिए गए हैं, परंतु उन्हें यज्ञ के समय निश्चित रागों में गाने के लिए स्वरबद्ध किया गया है, और यही स्वर भारत में संगीत के अंकन का सबसे प्राचीन प्रमाण हैं, इसीलिए सामवेद को भारतीय शास्त्रीय संगीत का मूल कहा जाता है।

विकल्प A, ऋग्वेद देवताओं की स्तुति के सूक्तों का संग्रह है जो गाए नहीं बल्कि पढ़े जाते थे, और वह 1,028 सूक्तों वाला प्राचीनतम वेद है। विकल्प C, यजुर्वेद उन सूत्रों का संग्रह है जिन्हें पुरोहित यज्ञ करते समय बोलता है और यही एकमात्र वेद है जिसका कुछ भाग गद्य में है। विकल्प D, अथर्ववेद में जादू-टोना, औषधि और लोकजीवन की सामग्री है और वह सबसे बाद में वेद माना गया। प्रश्नपत्र चारों को साथ रखते हैं, इसलिए प्रत्येक के साथ एक शब्द जोड़ लीजिए: सूक्त, गान, यज्ञ सूत्र और अभिचार।

Q2.भारतीय इतिहासमध्यम

दाशराज्ञ युद्ध किस नदी के तट पर लड़ा गया था?

  1. A.वितस्ता
  2. B.शुतुद्री
  3. C.परुष्णी
  4. D.अस्किनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. परुष्णी

व्याख्या

सही उत्तर C, परुष्णी है, जिसे आज रावी कहा जाता है। ऋग्वेद के सातवें मंडल में वर्णन है कि भरत जन के राजा सुदास ने इसी नदी के तट पर दस जनों के संघ को पराजित किया, और यह पूरे ऋग्वैदिक साहित्य में दर्ज सबसे स्पष्ट राजनीतिक घटना है।

विकल्प A, वितस्ता आधुनिक झेलम है और विकल्प D, अस्किनी आधुनिक चिनाब; दोनों ऋग्वैदिक क्षेत्र में थीं परंतु इस युद्ध से इनका संबंध नहीं है। विकल्प B, शुतुद्री आधुनिक सतलज है, जो सात नदियों में तो है परंतु युद्ध स्थल नहीं। परीक्षक इस प्रश्न को इसलिए पसंद करते हैं कि इसमें घटना और नदियों के नाम दोनों जांचे जाते हैं, इसलिए ये जोड़े याद कीजिए: वितस्ता-झेलम, अस्किनी-चिनाब, परुष्णी-रावी, विपाशा-व्यास और शुतुद्री-सतलज। यह भी ध्यान रखिए कि विजयी भरत जन का नाम ही आगे चलकर देश के नाम भारत में सुरक्षित रहा, और इसी कारण यह युद्ध केवल एक स्थानीय संघर्ष नहीं माना जाता।

Q3.भारतीय इतिहासमध्यम

चार वर्णों का पहला उल्लेख करने वाला पुरुष सूक्त ऋग्वेद के किस मंडल में है?

  1. A.तीसरा मंडल
  2. B.सातवां मंडल
  3. C.नवां मंडल
  4. D.दसवां मंडल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दसवां मंडल

व्याख्या

सही उत्तर D, दसवां मंडल है। पुरुष सूक्त में उस विराट पुरुष के यज्ञ का वर्णन है जिसके अंगों से ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र उत्पन्न बताए गए हैं, और यही चार वर्णों का पहला कथन है। दसवां मंडल ऋग्वेद के सबसे बाद के भागों में है, इसीलिए इतिहासकार मानते हैं कि वर्ण व्यवस्था पूर्व वैदिक काल के अंत में ही कठोर हुई।

विकल्प A, तीसरे मंडल में गायत्री मंत्र है जो सूर्य देवता सवितृ को समर्पित है। विकल्प B, सातवें मंडल में दाशराज्ञ युद्ध का वर्णन है। विकल्प C, नवां मंडल पूरी तरह सोम को समर्पित है। चूँकि प्रश्नपत्र इन चारों मंडलों को बारी-बारी पूछते हैं, इन्हें एक साथ याद रखना सबसे सुरक्षित है: तीन गायत्री, सात दाशराज्ञ, नौ सोम और दस पुरुष सूक्त।

Q4.भारतीय इतिहासआसान

ऋग्वेद में सर्वाधिक सूक्त किस देवता को समर्पित हैं?

  1. A.अग्नि
  2. B.इंद्र
  3. C.वरुण
  4. D.प्रजापति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इंद्र

व्याख्या

सही उत्तर B, इंद्र है। वे वर्षा और युद्ध के देवता हैं, जिन्हें पुरंदर अर्थात किलों को तोड़ने वाला कहा गया, और ऋग्वेद के सर्वाधिक सूक्त उन्हीं को समर्पित हैं, जो उस समाज के अनुरूप है जिसका जीवन वर्षा और पशुओं पर टिका था।

विकल्प A, अग्नि दूसरे स्थान पर हैं और उन्हें वह दूत माना गया जो मनुष्यों की आहुति देवताओं तक पहुँचाते हैं; ऋग्वेद का पहला सूक्त उन्हीं का है, और अभ्यर्थी अक्सर इस पहले स्थान को सर्वाधिक संख्या समझ लेते हैं। विकल्प C, वरुण ऋत अर्थात विश्व की नैतिक व्यवस्था के रक्षक हैं, महत्वपूर्ण पर कम पूजे गए। विकल्प D, प्रजापति उत्तर वैदिक देवता हैं: वे ब्राह्मण ग्रंथों में ही सर्वोच्च सृष्टिकर्ता बनते हैं, तब तक इंद्र और अग्नि अपना पुराना महत्व खो चुके थे। प्रजापति का यही उत्थान स्वयं एक प्रिय प्रश्न है।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

ऋग्वेद में किस नदी को नदीतमा अर्थात सबसे पवित्र नदी कहा गया है?

  1. A.गंगा
  2. B.सिंधु
  3. C.सरस्वती
  4. D.यमुना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सरस्वती

व्याख्या

सही उत्तर C, सरस्वती है। ऋग्वेद उसे नदीतमा अर्थात नदियों में श्रेष्ठ कहता है और उसे नदी के साथ देवी भी मानता है। माना जाता है कि वह बाद में सूख गई, इसीलिए आगे की शताब्दियों के ग्रंथों में उसका वही महत्व नहीं रहा।

विकल्प B, सिंधु एक कठिन विकल्प है क्योंकि ऋग्वेद में सर्वाधिक बार उसी का उल्लेख हुआ है, परंतु सर्वाधिक उल्लेख और सर्वाधिक पवित्रता दो अलग बातें हैं और प्रश्नपत्र जानबूझकर दोनों को साथ रखते हैं। विकल्प A, गंगा का उल्लेख केवल एक बार दसवें मंडल में है और विकल्प D, यमुना का तीन बार; यही दुर्लभता इस बात का प्रमाण है कि पूर्व वैदिक लोग उत्तर-पश्चिम में रहते थे और पूर्व की ओर बाद में बढ़े। जोड़ा याद रखिए: सिंधु सर्वाधिक उल्लिखित, सरस्वती सर्वाधिक पूजित।

Q6.भारतीय इतिहासकठिन

सभा और समिति को प्रजापति की दो पुत्रियाँ किस ग्रंथ में कहा गया है?

  1. A.ऋग्वेद
  2. B.सामवेद
  3. C.अथर्ववेद
  4. D.शतपथ ब्राह्मण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अथर्ववेद

व्याख्या

सही उत्तर C, अथर्ववेद है, जिसमें सभा और समिति को प्रजापति की दो पुत्रियाँ कहा गया है। यह वाक्य परीक्षाओं में इसलिए बार-बार पूछा जाता है कि इससे दोनों संस्थाओं के नाम और उनका उल्लेख करने वाला ग्रंथ, दोनों एक साथ याद हो जाते हैं।

विकल्प A, ऋग्वेद में सभा, समिति और उससे भी प्राचीन विदथ का उल्लेख तो है, परंतु यह वर्णन नहीं। विकल्प B, सामवेद स्वरबद्ध मंत्रों का ग्रंथ है और राजनीतिक संस्थाओं पर कुछ नहीं कहता। विकल्प D, शतपथ ब्राह्मण सबसे बड़ा ब्राह्मण ग्रंथ है, यजुर्वेद से जुड़ा है और मुख्यतः कर्मकांड तथा जलप्लावन जैसी कथाओं से संबंधित है; वह उत्तर वैदिक काल का है जब ये संस्थाएँ अपना बल खो रही थीं। अंतर स्पष्ट रखिए: सभा वृद्धों की छोटी परिषद थी और समिति पूरे जन की बड़ी सभा।

Q7.भारतीय इतिहासआसान

पूर्व वैदिक लोगों की मुख्य फसल कौन सी थी?

  1. A.चावल
  2. B.जौ
  3. C.गेहूँ
  4. D.कपास
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जौ

व्याख्या

सही उत्तर B, जौ है, जिसे ग्रंथों में यव कहा गया है। पूर्व वैदिक लोग मुख्यतः पशुपालक थे और खेती कम करते थे, और उनके सूक्तों में बार-बार जिस अन्न का नाम आता है वह जौ ही है, जो भोजन और आहुति दोनों में प्रयुक्त होता था।

विकल्प A, चावल अर्थात व्रीहि और विकल्प C, गेहूँ अर्थात गोधूम उत्तर वैदिक काल के हैं, जब लोग पूर्व की ओर उपजाऊ गंगा-यमुना दोआब में बढ़ चुके थे और लोहे के औजारों से स्थायी खेती करने लगे थे। विकल्प D, कपास हड़प्पा काल में उगाई जाती थी और यूनानियों ने भी भारतीय कपास की चर्चा की, परंतु वैदिक कृषि से उसका संबंध नहीं जोड़ा जाता। परीक्षक यहाँ दोनों कालों का अंतर जांचते हैं: पहले पशु और जौ, बाद में लोहा और चावल, और धन पहले पशुओं में फिर भूमि में।

Q8.भारतीय इतिहासमध्यम

ऋग्वेद का नवां मंडल पूर्ण रूप से किस देवता को समर्पित है?

  1. A.सोम
  2. B.रुद्र
  3. C.विष्णु
  4. D.उषा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सोम

व्याख्या

सही उत्तर A, सोम है। पूरा नवां मंडल सोम के सूक्तों का है, जो एक साथ एक पौधा, उससे निकाला गया रस और उस रस का देवता है, और इससे पता चलता है कि सोम की आहुति वैदिक यज्ञ का कितना केंद्रीय अंग थी।

विकल्प B, रुद्र ऋग्वेद में एक गौण और भयप्रद देवता हैं जिनका महत्व उत्तर वैदिक काल में बढ़ता है और जो आगे शिव से जुड़ जाते हैं। विकल्प C, विष्णु ऋग्वेद में तीन पगों वाले देवता के रूप में आते हैं, परंतु वे भी गौण हैं और बाद में ऊपर उठते हैं। विकल्प D, उषा प्रभात की देवी हैं जिनकी स्तुति में ऋग्वेद की कुछ सुंदरतम कविताएँ हैं, पर उनका अपना कोई मंडल नहीं। मंडलों की संख्याएँ एक पंक्ति में याद रखिए, क्योंकि प्रश्न बारी-बारी आते हैं: तीसरे में गायत्री मंत्र, सातवें में दाशराज्ञ युद्ध, नवें में सोम और दसवें में पुरुष सूक्त।

Q9.भारतीय इतिहासमध्यम

आर्यों का मूल निवास आर्कटिक प्रदेश में होने का सिद्धांत किसने प्रस्तुत किया?

  1. A.मैक्स मूलर
  2. B.दयानंद सरस्वती
  3. C.बाल गंगाधर तिलक
  4. D.ए. सी. दास
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बाल गंगाधर तिलक

व्याख्या

सही उत्तर C, बाल गंगाधर तिलक हैं, जिन्होंने अपनी पुस्तक द आर्कटिक होम इन द वेदाज में तर्क दिया कि वैदिक सूक्तों में लंबे दिन और लंबी रात की स्मृतियाँ सुरक्षित हैं, जिसे उन्होंने आर्कटिक मूल का प्रमाण माना।

विकल्प A, मैक्स मूलर वह जर्मन विद्वान थे जिन्होंने ऋग्वेद का संपादन किया और वैदिक अध्ययन की अधिकांश शब्दावली गढ़ी; उन्होंने मूल निवास मध्य एशिया बताया। विकल्प B, दयानंद सरस्वती, आर्य समाज के संस्थापक, तिब्बत को मूल स्थान मानते थे। विकल्प D, ए. सी. दास ने ऋग्वेदिक इंडिया में कहा कि आर्य सप्त सिंधव अर्थात सात नदियों की भूमि के ही मूल निवासी थे। इस अध्याय के प्रश्न प्रायः विद्वान और क्षेत्र के मिलान के रूप में आते हैं, इसलिए चारों जोड़े साथ याद कीजिए: तिलक और आर्कटिक, मैक्स मूलर और मध्य एशिया, दयानंद सरस्वती और तिब्बत, तथा ए. सी. दास और सप्त सिंधव।

Q10.भारतीय इतिहासकठिन

उत्तर वैदिक काल में लोहे को किस नाम से जाना जाता था?

  1. A.अयस
  2. B.कृष्ण अयस
  3. C.निष्क
  4. D.व्रीहि
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कृष्ण अयस

व्याख्या

सही उत्तर B, कृष्ण अयस है, जिसका अर्थ है काली धातु; इसी अर्थ में श्याम अयस भी प्रयुक्त होता है। लोहा केवल उत्तर वैदिक काल में मिलता है, और उससे बने कुल्हाड़े तथा हल के फाल ने गंगा-यमुना दोआब के वन साफ करना संभव बनाया, इसीलिए इस एक शब्द का ऐतिहासिक महत्व इतना बड़ा है।

विकल्प A, अयस ऋग्वेद का सामान्य शब्द है जो धातु के लिए प्रयुक्त होता है और प्रायः तांबे या कांसे के अर्थ में लिया जाता है, लोहे के अर्थ में नहीं। विकल्प C, निष्क गले में पहनने का स्वर्ण आभूषण था जो आगे चलकर मूल्य की इकाई भी बना, परंतु वह सिक्का नहीं था और लोहे से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D, व्रीहि चावल का नाम है, जो उत्तर वैदिक काल की ही देन है। परीक्षक इन चारों शब्दों को इसलिए आमने-सामने रखते हैं कि ये एक ही अध्याय से आते हैं।

Q11.भारतीय इतिहासमध्यम

उत्तर वैदिक काल का कौन सा राजकीय यज्ञ घोड़ा छोड़कर राजा के अधिकार क्षेत्र की घोषणा करता था?

  1. A.राजसूय
  2. B.वाजपेय
  3. C.अश्वमेध
  4. D.अग्निष्टोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अश्वमेध

व्याख्या

सही उत्तर C, अश्वमेध अर्थात अश्व यज्ञ है। एक घोड़ा एक वर्ष तक स्वतंत्र घूमने के लिए छोड़ा जाता था और राजा के सैनिक उसकी रक्षा करते थे; वह जिस भी क्षेत्र से बिना चुनौती के गुजर जाता, वह राजा की अधीनता स्वीकार करता माना जाता था, और अंत में बड़े समारोह के साथ उस घोड़े की बलि दी जाती थी।

विकल्प A, राजसूय वह अभिषेक यज्ञ था जो राजा के सत्ता संभालने पर होता था और जिससे उसे सर्वोच्च अधिकार प्राप्त माना जाता था। विकल्प B, वाजपेय एक रथ दौड़ थी जिसे राजा का जीतना आवश्यक था और जो उसकी प्रतिष्ठा बढ़ाती थी। विकल्प D, अग्निष्टोम एक सोम यज्ञ था, विशेष रूप से राजकीय नहीं। ये तीनों राजकीय यज्ञ ऋग्वैदिक राजन से उत्तर वैदिक राजा तक के परिवर्तन के सूचक हैं, और प्रश्नपत्र इनका उद्देश्य से मिलान कराते हैं।

Q12.भारतीय इतिहासआसान

सत्यमेव जयते वाक्य किस ग्रंथ से लिया गया है?

  1. A.मुंडक उपनिषद
  2. B.छांदोग्य उपनिषद
  3. C.ऐतरेय ब्राह्मण
  4. D.शतपथ ब्राह्मण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मुंडक उपनिषद

व्याख्या

सही उत्तर A, मुंडक उपनिषद है, जो अथर्ववेद से संबंधित है। इसका अर्थ है सत्य की ही विजय होती है, और इसे राष्ट्रीय आदर्श वाक्य के रूप में अपनाया गया है तथा यह भारत के राजचिह्न के नीचे देवनागरी लिपि में अंकित है।

विकल्प B, छांदोग्य उपनिषद सामवेद से जुड़ा है और उद्दालक आरुणि के अपने पुत्र श्वेतकेतु को दिए उपदेश तथा तत्त्वमसि वाक्य के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प C, ऐतरेय ब्राह्मण ऋग्वेद से संबंधित है और सोम यज्ञ तथा राजाओं के अभिषेक का वर्णन करता है। विकल्प D, शतपथ ब्राह्मण सबसे बड़ा ब्राह्मण ग्रंथ है और यजुर्वेद से जुड़ा है। सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्र इसे इतिहास और राजव्यवस्था दोनों खंडों में पूछते हैं, क्योंकि यह वाक्य उसी सारनाथ के सिंह शीर्ष के नीचे लिखा है जो राजचिह्न है।

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