भारत के धार्मिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. स्थविरवादी महायान बौद्ध धर्म से संबंधित हैं।
2. लोकोत्तरवादी संप्रदाय बौद्ध धर्म के महासांघिक संप्रदाय की एक शाखा था।
3. महासांघिकों द्वारा बुद्ध के देवत्वीकरण ने महायान बौद्ध धर्म को बढ़ावा दिया।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
कथन 2 और 3 सही हैं; स्थविरवादी पुरानी हीनयान परंपरा के हैं, महायान के नहीं। वैशाली में हुई दूसरी बौद्ध संगीति के बाद संघ स्थविरवादियों ('वरिष्ठ', जो कठोर नियमों पर टिके रहे) और महासांघिकों ('महान संघ') में बँट गया।
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