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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 38

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 38) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 18 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: दिल्ली सल्तनत, राजपूत राज्य और त्रिपक्षीय संघर्ष, 1857 का विद्रोह और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 11 May, 2023, Shift 1मध्यम

सैयद वंश का पहला शासक कौन था?

  1. A.ख़िज़्र ख़ाँ
  2. B.अलाउद्दीन आलम शाह
  3. C.मुहम्मद शाह
  4. D.मुबारक ख़ाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ख़िज़्र ख़ाँ

व्याख्या

सही उत्तर है A, ख़िज़्र ख़ाँ। ख़िज़्र ख़ाँ ने 1414 में दौलत ख़ाँ लोदी से दिल्ली छीनकर सैयद वंश की नींव रखी। वह मुल्तान का सूबेदार रहा था और उसने तैमूर की अधीनता स्वीकार कर ली थी, इसलिए उसने कभी स्वयं को सुल्तान नहीं कहा; उसने 'रयात-ए-आला' की उपाधि लेकर प्रतिनिधि के रूप में शासन किया, ख़ुतबा और सिक्के तैमूर के पुत्र शाहरुख़ के नाम पर चलाए और उसे कर भेजा। इस वंश में कुल चार शासक हुए और इसके अंत तक सल्तनत सिमटकर दिल्ली और उसके आसपास तक रह गई। विकल्प B गलत है, क्योंकि अलाउद्दीन आलम शाह अंतिम सैयद शासक था, जो 1451 में दिल्ली छोड़कर बदायूँ चला गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि मुहम्मद शाह इस वंश का तीसरा शासक था। विकल्प D गलत है, क्योंकि दूसरा शासक मुबारक शाह के नाम से जाना जाता है, जिसके समय याह्या बिन अहमद सरहिंदी ने तारीख़-ए-मुबारकशाही लिखी। परीक्षा टिप: सैयद वंश 1414 से 1451, पहला ख़िज़्र ख़ाँ और अंतिम आलम शाह।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1मध्यम

प्रतिहार वंश का संस्थापक कौन था?

  1. A.नरसिंहदेव प्रथम
  2. B.नागभट्ट प्रथम
  3. C.हर्षवर्धन
  4. D.रामचंद्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नागभट्ट प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर है B, नागभट्ट प्रथम। नागभट्ट प्रथम ने आठवीं शताब्दी के मध्य में गुर्जर-प्रतिहार वंश की नींव रखी, जिसकी शक्ति का केंद्र पश्चिमी भारत में अवंति और उज्जैन था। उसे मुख्य रूप से सिंध की ओर से बढ़ती अरब सेनाओं को रोकने के लिए याद किया जाता है, और इस उपलब्धि के लिए प्रतिहारों की प्रशंसा बहुत समय तक होती रही। उसके उत्तराधिकारी वत्सराज, नागभट्ट द्वितीय और मिहिर भोज ने इस वंश को उस युग की तीन बड़ी शक्तियों में शामिल कर दिया, और प्रतिहार, बंगाल के पाल तथा दक्कन के राष्ट्रकूट कन्नौज के लिए लंबे त्रिपक्षीय संघर्ष में उलझे रहे, जिसमें अंत में कन्नौज प्रतिहारों के हाथ रहा। A गलत है क्योंकि नरसिंहदेव प्रथम ओडिशा का पूर्वी गंग शासक था, जिसने कोणार्क का सूर्य मंदिर बनवाया। C गलत है क्योंकि हर्षवर्धन थानेसर और कन्नौज के वर्धन वंश का था। D गलत है क्योंकि रामचंद्र देवगिरि के यादव वंश का अंतिम प्रमुख शासक था। परीक्षा टिप: प्रतिहार वंश के संस्थापक नागभट्ट प्रथम, सबसे प्रतापी शासक मिहिर भोज।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Feb 2019, Shift 2मध्यम

बेगम हज़रत महल भारत के निम्नलिखित में से किस विद्रोह से संबंधित हैं?

  1. A.मोपला विद्रोह 1921
  2. B.पाइक विद्रोह 1817
  3. C.गोंड विद्रोह 1941
  4. D.सिपाही विद्रोह 1857
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सिपाही विद्रोह 1857

व्याख्या

सही उत्तर है D, सिपाही विद्रोह 1857। अवध के अपदस्थ शासक की बेगम हज़रत महल ने 1857 में लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया और अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस क़द्र को अवध का शासक घोषित कराया। उन्होंने महीनों नगर संभाला, अंग्रेज़ों की शर्तें अस्वीकार कीं और नेपाल चली गईं, जहाँ उनका देहांत हुआ।

विकल्प A गलत है क्योंकि 1921 का मोपला विद्रोह वर्तमान केरल के मलाबार क्षेत्र का किसान विद्रोह था, जो उनके समय से बहुत बाद हुआ। विकल्प B गलत है क्योंकि 1817 का पाइक विद्रोह ओडिशा में बक्शी जगबंधु के नेतृत्व में हुआ, 1857 से चार दशक पहले। विकल्प C गलत है क्योंकि 1941 का इस प्रकार का कोई गोंड विद्रोह नहीं है; कंपनी के विरुद्ध गोंड विद्रोह उन्नीसवीं सदी के आरंभ के हैं। उनका नाम सदा 1857 में लखनऊ और अवध से जुड़ता है।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021कठिन

निम्नलिखित में से किसने हैदराबाद को अपना केंद्र बनाकर निजाम-उल-मुल्क आसफ जाह की उपाधि के साथ स्वयं को स्वतंत्र शासक के रूप में स्थापित किया?

  1. A.आसफ जाह द्वितीय
  2. B.बहादुर शाह
  3. C.अलीवर्दी खान
  4. D.चिन किलिच खान
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चिन किलिच खान

व्याख्या

सही उत्तर है D, चिन किलिच खान। चिन किलिच खान, जो अपनी उपाधि निजाम-उल-मुल्क आसफ जाह से अधिक याद किए जाते हैं, एक मुगल अमीर थे जिन्हें मुहम्मद शाह ने दक्कन का सूबेदार नियुक्त किया। दिल्ली दरबार की साजिशों से ऊबकर वे दक्षिण लौटे, 1724 में शकर खेड़ा में अपने प्रतिद्वंद्वी मुबारिज खान को हराया और इसके बाद नाम भर के अतिरिक्त हर अर्थ में स्वतंत्र शासक की तरह दक्कन पर राज किया; उन्होंने हैदराबाद के आसफ जाही या निजाम वंश की नींव रखी, जो 1948 तक चला। उन्होंने मुगल निष्ठा का रूप बनाए रखा और बादशाह के नाम से सिक्के ढाले, पर अधिकारी स्वयं नियुक्त किए तथा युद्ध और संधि अपने निर्णय से की। विकल्प A गलत है, क्योंकि आसफ जाह द्वितीय यानी निजाम अली खान इसी वंश के बाद के शासक थे, संस्थापक नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बहादुर शाह 1707 से 1712 तक शासन करने वाला मुगल बादशाह था। विकल्प C गलत है, क्योंकि अलीवर्दी खान ने बंगाल में स्वतंत्रता कायम की थी, हैदराबाद में नहीं। परीक्षा टिप: हैदराबाद 1724 चिन किलिच खान, अवध 1722 सआदत खान, बंगाल मुर्शिद कुली खान।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

1856 का हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम मुख्यतः किसके अभियान के कारण पारित हुआ?

  1. A.ईश्वर चंद्र विद्यासागर
  2. B.बेहरामजी एम मलाबारी
  3. C.हरबिलास शारदा
  4. D.राजा राम मोहन राय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ईश्वर चंद्र विद्यासागर

व्याख्या

सही उत्तर A, ईश्वर चंद्र विद्यासागर है। संस्कृत के विद्वान और संस्कृत कॉलेज के प्राचार्य रहे विद्यासागर ने शास्त्रों से ही सिद्ध किया कि विधवा का पुनर्विवाह वर्जित नहीं है, सरकार को अभ्यावेदन दिए और इस प्रकार 1856 का अधिनियम बनवाया; उन्होंने कन्या विद्यालयों के लिए तथा बहुविवाह के विरुद्ध भी काम किया। विकल्प B गलत है क्योंकि पारसी सुधारक बेहरामजी मलाबारी ने 1891 के सहमति आयु अधिनियम के लिए प्रयास किया। विकल्प C गलत है क्योंकि हरबिलास शारदा ने 1929 का बाल विवाह निरोधक अधिनियम प्रस्तुत किया, जो उनके नाम पर शारदा अधिनियम कहलाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि राजा राम मोहन राय का देहांत 1833 में हो गया था; उनकी बड़ी विधायी सफलता 1829 का सती विरोधी विनियम थी, विधवा पुनर्विवाह कानून नहीं। यह अधिनियम लॉर्ड डलहौजी के गवर्नर जनरल काल में पारित हुआ, जो विद्यासागर के नाम के साथ पूछा जाने वाला दूसरा तथ्य है।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 5 Oct 2021, Shift 2आसान

ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्ज़न ने बंगाल का विभाजन किस वर्ष किया था?

  1. A.1905
  2. B.1901
  3. C.1907
  4. D.1911
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1905

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1905। लॉर्ड कर्ज़न ने 19 जुलाई 1905 को बंगाल विभाजन की घोषणा की और यह 16 अक्टूबर 1905 से लागू हुआ, जिससे प्रांत मुस्लिम-बहुल पूर्वी हिस्से और शेष बंगाल में बँट गया। सार्वजनिक रूप से कारण यह बताया गया कि बंगाल प्रशासन के लिए बहुत बड़ा हो गया है, पर असली मकसद हिंदू-मुसलमानों को बाँटकर वहाँ बढ़ते राष्ट्रीय आंदोलन को कमज़ोर करना था। इसके विरोध से स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें विदेशी कपड़े जलाए गए और भारतीय सामान, स्कूल तथा बैंक बढ़ावा पाए; रवींद्रनाथ टैगोर का गीत 'आमार सोनार बांग्ला' इन्हीं दिनों का है। विरोध इतना व्यापक था कि 1911 में विभाजन रद्द कर दिया गया और उसी साल राजधानी कलकत्ता से दिल्ली ले जाई गई। B गलत है क्योंकि 1901 में महारानी विक्टोरिया का निधन हुआ था। C गलत है क्योंकि 1907 कांग्रेस के सूरत विभाजन का वर्ष है। D गलत है क्योंकि 1911 में विभाजन रद्द हुआ था, हुआ नहीं था। परीक्षा टिप: 1905 में कर्ज़न ने घोषित किया, 1911 में हार्डिंग के समय रद्द हुआ।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · 16 April 2023कठिन

1937 के चुनाव में किन दो प्रांतों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में नहीं उभर सकी?

  1. A.पंजाब और सिंध
  2. B.असम और उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत
  3. C.पंजाब और असम
  4. D.असम और मद्रास
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पंजाब और सिंध

व्याख्या

सही उत्तर है A, पंजाब और सिंध। 1937 के चुनाव भारत शासन अधिनियम, 1935 के अंतर्गत हुए थे, और कांग्रेस ने देशभर में जीत दर्ज की: पाँच प्रांतों में उसे स्पष्ट बहुमत मिला और शेष में भी वह प्रायः सबसे बड़ी पार्टी बनी। जिन दो प्रांतों में वह पहले स्थान पर नहीं आई, वे पंजाब और सिंध थे। पंजाब में सिकंदर हयात खान की यूनियनिस्ट पार्टी, जो जमींदारों का अंतर-सामुदायिक गठजोड़ थी, विधानसभा में छाई रही। सिंध में स्थानीय दल और निर्दलीय हावी थे और कोई समूह मजबूत नहीं था, इसलिए कांग्रेस गौण बनी रही। आगे कांग्रेस ने ग्यारह में से आठ प्रांतों में मंत्रिमंडल बनाए, जिन्होंने अक्टूबर 1939 में यह कहकर त्यागपत्र दे दिया कि भारत को पूछे बिना द्वितीय विश्वयुद्ध में डाल दिया गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि असम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी। विकल्प C और D भी इसी कारण गलत हैं, क्योंकि दोनों में असम का नाम गलत ढंग से आया है। परीक्षा टिप: 1937 के चुनाव - ग्यारह में से आठ प्रांतों में कांग्रेस मंत्रिमंडल, पंजाब और सिंध अपवाद।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 2मध्यम

प्राचीन भारत में निम्नलिखित में से कौन एक मछुआरों की बस्ती थी, जिसका उपयोग रोमनों और यूनानी-रोमनों के साथ व्यापार के बंदरगाह के रूप में किया जाता था?

  1. A.बादामी
  2. B.अरिकामेडु
  3. C.लोथल
  4. D.तुलापुरुषदान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अरिकामेडु

व्याख्या

सही उत्तर है B, अरिकामेडु। कोरोमंडल तट पर पुडुचेरी के निकट अरियनकुप्पम नदी के किनारे बसा अरिकामेडु पहले मछुआरों की छोटी बस्ती था, जो ईसा की पहली शताब्दियों में रोमनों और यूनानी-रोमन जगत के साथ व्यापार करने वाला व्यस्त बंदरगाह बन गया। वहाँ की खुदाई में शराब और जैतून का तेल ढोने वाले रोमन अंफोरा, लाल चमकदार ऐरेटाइन मृद्भांड, काँच और पत्थर के मनके, दीपक तथा रोमन सिक्के मिले हैं, साथ ही स्थानीय रूलेटेड मृद्भांड भी। इसी कारण इस स्थल को “पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी” में वर्णित “पोडुके” माना जाता है। A गलत है क्योंकि कर्नाटक का बादामी चालुक्यों की भीतरी राजधानी थी, जो शैलकृत गुफा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। C गलत है क्योंकि गुजरात का लोथल गोदी वाला हड़प्पाकालीन स्थल है, जो बहुत पुराना है और पश्चिमी तट पर स्थित है। D गलत है क्योंकि तुलापुरुषदान सोने के बराबर स्वयं को तौलकर दान करने की एक रस्म थी, कोई स्थान नहीं। परीक्षा टिप: अरिकामेडु (पुडुचेरी के पास) = रोमन व्यापार का पोडुके; लोथल = गुजरात की हड़प्पा गोदी।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Prelims 2016 Official Paperआसान

निम्नलिखित में से किसने नौवीं शताब्दी ईस्वी में चोल साम्राज्य की नींव रखी?

  1. A.विजयालय
  2. B.कृष्ण प्रथम
  3. C.परांतक
  4. D.राजराज चोल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विजयालय

व्याख्या

सही उत्तर है A, विजयालय। लगभग 850 ईस्वी में विजयालय, जो तब तक पल्लवों के सामंत थे, ने मुत्तरैयर सरदारों से तंजावुर छीनकर उसे अपनी राजधानी बनाया, और यही विजय साम्राज्यवादी चोल वंश का आरंभ मानी जाती है। उन्होंने वहाँ निशुंभसूदिनी देवी का मंदिर बनवाया। उनके उत्तराधिकारी आदित्य प्रथम और परांतक प्रथम ने राज्य का विस्तार किया, और राजराज प्रथम तथा राजेंद्र प्रथम के समय यह दक्षिण भारत की सबसे बड़ी शक्ति बन गया, जिसकी नौसेना श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया तक पहुँची। B गलत है क्योंकि कृष्ण प्रथम राष्ट्रकूट शासक थे, जिन्हें एलोरा के शैलकृत कैलाश मंदिर के लिए याद किया जाता है। C गलत है क्योंकि परांतक प्रथम बाद के चोल शासक थे, उत्तराधिकारी, संस्थापक नहीं। D गलत है क्योंकि राजराज प्रथम, जिन्होंने 985 से 1014 तक शासन किया और तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर बनवाया, बहुत बाद में आए। परीक्षा टिप: विजयालय ने वंश की नींव रखी, राजराज प्रथम ने बृहदेश्वर बनवाया और राजेंद्र प्रथम ने गंगा तक अभियान किया।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 23rd Dec 2021मध्यम

'भूतपूर्व देशी रियासतों' की श्रेणी में वे राज्य आते थे A. जिनके राजा ने भारत में विलय पर सहमति दी B. जिनके राजा ने पाकिस्तान में विलय पर सहमति दी C. जिन्हें राज्य का दर्जा मिलने तक प्रशासनिक इकाइयों के रूप में रखा गया D. जिन्हें गोवा और पांडिचेरी जैसे यूरोपीय उपनिवेशों के रूप में रखा गया।

  1. A.A और B सत्य हैं। B, A का सही स्पष्टीकरण है
  2. B.B, C और D
  3. C.A, C और D
  4. D.A, B और C
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. A, B और C

व्याख्या

सही उत्तर है D, A, B और C। 1947 में अंग्रेजों के जाने पर भारत में प्रत्यक्ष ब्रिटिश शासन वाले प्रांतों के अलावा लगभग 565 देशी रियासतें थीं, जिनके शासकों ने ब्रिटिश सर्वोपरिता स्वीकार कर रखी थी। स्वतंत्रता के साथ यह सर्वोपरिता समाप्त हो गई और हर शासक को भारत या पाकिस्तान में विलय करना था; सरदार वल्लभभाई पटेल तथा वी. पी. मेनन ने रियासत विभाग के माध्यम से लगभग सभी से विलय पत्र पर हस्ताक्षर कराए। इस प्रकार कथन A और B दोनों रियासतों का वर्णन करते हैं। कथन C भी सही है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा जैसी कई रियासतें अलग प्रशासनिक इकाइयों के रूप में रखी गईं और बाद में पूर्ण राज्य बनीं। कथन D गलत है, क्योंकि गोवा, दमन और दीव पुर्तगाली तथा पांडिचेरी फ्रांसीसी उपनिवेश थे, रियासतें नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि उसमें कथन C छूट जाता है। विकल्प B और C गलत हैं, क्योंकि दोनों में असत्य कथन D शामिल है। परीक्षा टिप: लगभग 565 रियासतें, पटेल और वी. पी. मेनन, विलय पत्र, तथा गोवा और पांडिचेरी यूरोपीय उपनिवेश।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · 4 Sep 2022आसान

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में स्वतंत्र भारत की सरकार के गठन की घोषणा कहाँ की थी?

  1. A.सिंगापुर
  2. B.शंघाई
  3. C.बर्लिन
  4. D.मांडले
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सिंगापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, सिंगापुर। सुभाष चंद्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार यानी आज़ाद हिंद सरकार (अर्ज़ी हुकूमत-ए-आज़ाद हिंद) की घोषणा की। उन्होंने स्वयं राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री और युद्ध मंत्री का भार संभाला। इस सरकार को जापान, जर्मनी और इटली सहित कुछ देशों ने मान्यता दी, इसने ब्रिटेन और अमेरिका के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की, बाद में अपना मुख्यालय रंगून ले गई और अंडमान-निकोबार द्वीप इसके अधीन किए गए, जिन्हें बोस ने शहीद और स्वराज नाम दिया। बोस जुलाई 1943 में सिंगापुर पहुँचे थे और रासबिहारी बोस से आज़ाद हिंद फौज की कमान ली थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि शंघाई का इसमें कोई योगदान नहीं था। विकल्प C गलत है, क्योंकि बर्लिन में बोस 1941 से 1943 तक रहे और वहाँ फ्री इंडिया सेंटर तथा इंडियन लीजन बनाई। विकल्प D गलत है, क्योंकि बर्मा का मांडले वह जेल है जहाँ वे 1920 के दशक में बंद रहे थे। परीक्षा टिप: 21 अक्टूबर 1943, सिंगापुर; 1944 में मुख्यालय रंगून।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 16 Oct 2020, Shift 3मध्यम

'पिकलीहल' और 'उटनूर' महत्वपूर्ण ______ स्थल हैं।

  1. A.मोनोलिथिक
  2. B.महापाषाणिक
  3. C.पुरापाषाणिक
  4. D.नवपाषाणिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नवपाषाणिक

व्याख्या

सही उत्तर है D, नवपाषाणिक। पिकलीहल और उटनूर दक्षिण भारत के नवपाषाण काल के बस्ती-स्थल हैं, जो अपने राख के टीलों के लिए प्रसिद्ध हैं। पिकलीहल कर्नाटक में और उटनूर तेलंगाना में है, और दोनों की खुदाई 1950 के दशक में हुई थी। यहाँ के लोग पशुपालन करते थे, घिसे-चमकाए पत्थर के औजार तथा हाथ से बने भूरे मृद्भांड इस्तेमाल करते थे और गोल झोपड़ियों में रहते थे, इसलिए इन्हें लगभग 2500 से 1000 ईसा पूर्व के दक्कन नवपाषाण चरण में रखा जाता है। राख के ये टीले मवेशियों के बाड़ों में जमा गोबर के जलने से बने हैं, जो इस क्षेत्र की लगभग अनोखी विशेषता है। A गलत है क्योंकि मोनोलिथिक का अर्थ केवल एक बड़े पत्थर से बना होना है, यह कोई पुरातात्विक काल नहीं है। B गलत है क्योंकि महापाषाण स्थल बड़े पत्थरों से चिह्नित बाद के समाधि-स्थल हैं, जो मुख्यतः लौह युग के हैं। C गलत है क्योंकि पुरापाषाण स्थल बहुत पुराने शिकारी शिविर हैं, जहाँ अनगढ़ औजार मिलते हैं और पशुपालन का चिह्न नहीं। परीक्षा टिप: पिकलीहल, उटनूर, मस्की, ब्रह्मगिरि और संगनकल्लू को दक्कन के नवपाषाण राख-टीला स्थलों के रूप में एक साथ याद रखें।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · 2 Feb 2020मध्यम

1931 में बॉम्बे में हुए अखिल भारतीय दलित वर्ग नेता सम्मेलन ने निम्नलिखित में से किसकी माँग की थी?

  1. A.सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार
  2. B.अस्पृश्यों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल
  3. C.अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित सीटें
  4. D.भारत में एकात्मक राज्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अस्पृश्यों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल

व्याख्या

सही उत्तर है B, अस्पृश्यों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल। यह सम्मेलन 1931 में बॉम्बे में हुआ और इसमें प्रस्ताव पास हुआ कि दलित वर्गों को पृथक निर्वाचन मंडल के जरिए अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिले; यही माँग डॉ. बी. आर. आंबेडकर उसी वर्ष लंदन में दूसरे गोलमेज सम्मेलन में ले गए। अंग्रेजों ने इसे 1932 के सांप्रदायिक निर्णय में स्वीकार किया, जिसने दलित वर्गों को पृथक निर्वाचन मंडल दे दिया। गांधीजी ने इसका विरोध किया कि यह हिंदू समाज को बाँट देगा और यरवदा जेल में आमरण अनशन शुरू कर दिया। गतिरोध सितंबर 1932 के पूना पैक्ट से टूटा, जिसमें पृथक निर्वाचन मंडल छोड़ दिए गए और उनके बदले सामान्य निर्वाचन मंडल के भीतर दलित वर्गों के लिए अधिक संख्या में सीटें आरक्षित कर दी गईं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार राष्ट्रीय आंदोलन की बाद की व्यापक माँग थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह सम्मेलन दलित वर्गों की बात कर रहा था, सामान्य अल्पसंख्यकों की नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि राज्य का स्वरूप इसका विषय नहीं था। परीक्षा टिप: सांप्रदायिक निर्णय 1932, फिर पूना पैक्ट 1932 - पृथक निर्वाचन के बदले आरक्षित सीटें।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2019 Pमध्यम

चार्टर अधिनियम 1813 के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने चाय के व्यापार तथा चीन के साथ व्यापार को छोड़कर भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार समाप्त कर दिया। 2. इसने कंपनी के अधीन भारतीय क्षेत्रों पर ब्रिटिश ताज की संप्रभुता की घोषणा की। 3. भारत के राजस्व अब ब्रिटिश संसद के नियंत्रण में आ गए। उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1 और 2। 1813 के अधिनियम ने कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार तोड़ा और ताज की संप्रभुता की घोषणा की, पर राजस्व को जहाँ था वहीं छोड़ दिया, इसलिए पहले दो कथन सही हैं और तीसरा नहीं। यह अधिनियम ब्रिटेन में मुक्त व्यापार के अभियान के चरम पर आया: इसने भारत का व्यापार सभी ब्रिटिश व्यापारियों के लिए खोल दिया और एकाधिकार केवल चाय तथा चीन के व्यापार में बना रहने दिया, जिसे 1833 के चार्टर अधिनियम ने समाप्त किया। इसने स्पष्ट शब्दों में यह भी घोषित किया कि कंपनी जिन भारतीय क्षेत्रों का शासन करती है, उन पर संप्रभुता ब्रिटिश ताज की है, तथा शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपये नियत किए और ईसाई मिशनरियों को भारत आने की अनुमति दी। कथन 3 गलत है क्योंकि भारतीय राजस्व पर नियंत्रण और उसका व्यय कंपनी के ही हाथ में रहा; संसद बोर्ड ऑफ़ कंट्रोल के ज़रिये निगरानी करती थी, थैली अपने हाथ में नहीं लेती थी। B और D गलत हैं क्योंकि दोनों में कथन 3 शामिल है। C इसी कारण गलत है और उसमें कथन 2 भी छूट जाता है। परीक्षा टिप: 1813 ने चाय और चीन को छोड़कर व्यापार खोला; 1833 ने एकाधिकार पूरी तरह समाप्त किया।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 1 Mar 2021, Shift 2आसान

सिकंदर और पोरस के बीच युद्ध निम्नलिखित में से किस नदी के तट पर हुआ था?

  1. A.परुष्णी
  2. B.सिंधु
  3. C.गंगा
  4. D.झेलम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. झेलम

व्याख्या

सही उत्तर है D, झेलम। सिकंदर और पोरस के बीच 326 ईसा पूर्व में हाइडेस्पीज का युद्ध झेलम नदी के तट पर हुआ; इसी नदी को यूनानी हाइडेस्पीज और ऋग्वेद वितस्ता कहता है। पोरस पौरव वंश का राजा था और झेलम तथा चिनाब के बीच का क्षेत्र उसके अधीन था; उसने युद्ध में हाथियों का प्रयोग किया और हार गया, परंतु सिकंदर उसके साहस से इतना प्रभावित हुआ कि उसने राज्य उसे लौटा दिया और उसे मित्र बना लिया। भारत में यह सिकंदर का अंतिम बड़ा युद्ध था, क्योंकि थकी हुई सेना ने व्यास नदी से आगे बढ़ने से इनकार कर दिया और वह वापस लौट गया। विकल्प A गलत है क्योंकि परुष्णी, जो आज रावी है, ऋग्वेद के दाशराज्ञ युद्ध की नदी थी। विकल्प B गलत है क्योंकि सिकंदर ने सिंधु को केवल पंजाब में प्रवेश के लिए पार किया था। विकल्प C गलत है क्योंकि वह गंगा तक कभी पहुँचा ही नहीं। परीक्षा टिप: हाइडेस्पीज यानी झेलम, सिकंदर बनाम पोरस, 326 ईसा पूर्व।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 6 March 2023कठिन

निम्नलिखित में से कौन 1915 के अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे?

  1. A.सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा
  2. B.अंबिका चरण मजूमदार
  3. C.भूपेंद्र नाथ बोस
  4. D.मदन मोहन मालवीय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा

व्याख्या

सही उत्तर है A, सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 1915 का अधिवेशन बंबई में हुआ और उसकी अध्यक्षता सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा ने की, जो बाद में लॉर्ड सिन्हा ऑफ रायपुर कहलाए। वे 1909 में वायसराय की कार्यकारी परिषद में नियुक्त होने वाले पहले भारतीय थे, और आगे चलकर भारत के अवर राज्य सचिव तथा बिहार और ओडिशा के राज्यपाल बने, यानी किसी प्रांत के पहले भारतीय राज्यपाल। उनकी अध्यक्षता उसी वर्ष हुई जब गोपाल कृष्ण गोखले और फिरोजशाह मेहता का निधन हुआ और गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से लौटे, इसलिए यह अधिवेशन पार्टी के लिए मोड़ माना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अंबिका चरण मजूमदार ने 1916 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता की, जहाँ कांग्रेस और मुस्लिम लीग का समझौता हुआ तथा नरम और गरम दल एक हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि भूपेंद्र नाथ बोस ने 1914 के मद्रास अधिवेशन की अध्यक्षता की। विकल्प D गलत है, क्योंकि मदन मोहन मालवीय 1909 में लाहौर और 1918 के दिल्ली विशेष अधिवेशन के अध्यक्ष रहे। परीक्षा टिप: 1914 मद्रास बोस, 1915 बंबई सिन्हा, 1916 लखनऊ मजूमदार।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · 5 Feb 2017मध्यम

जॉर्ज वाशिंगटन को अमेरिकी सेनाओं का प्रधान सेनापति कब बनाया गया?

  1. A.दिसंबर 1773 में, बोस्टन टी पार्टी के बाद
  2. B.सितंबर 1774 में प्रथम महाद्वीपीय कांग्रेस में
  3. C.1775 में द्वितीय महाद्वीपीय कांग्रेस में
  4. D.4 जुलाई 1776 को स्वतंत्रता की घोषणा के समय महाद्वीपीय कांग्रेस द्वारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1775 में द्वितीय महाद्वीपीय कांग्रेस में

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1775 में द्वितीय महाद्वीपीय कांग्रेस में। लेक्सिंग्टन और कॉनकॉर्ड की लड़ाई के तुरंत बाद मई 1775 में यह कांग्रेस फिलाडेल्फिया में जुटी और जून में उसने जॉर्ज वाशिंगटन को नवगठित महाद्वीपीय सेना का प्रधान सेनापति नियुक्त किया। उनका चयन एक ओर फ्रेंच और इंडियन युद्ध के अनुभव के कारण हुआ, दूसरी ओर इस कारण कि मुख्यतः न्यू इंग्लैंड की सेना के शीर्ष पर वर्जीनिया का व्यक्ति उपनिवेशों को एक सूत्र में बाँध देगा। वे 1781 में यॉर्कटाउन में ब्रिटिश समर्पण तक पूरे अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम में इस पद पर रहे। विकल्प A गलत है, क्योंकि दिसंबर 1773 की बोस्टन टी पार्टी चाय अधिनियम के विरुद्ध प्रदर्शन था और उससे कोई सेना नहीं बनी। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1774 की प्रथम महाद्वीपीय कांग्रेस ने केवल राजा को याचिका भेजी और ब्रिटिश माल के बहिष्कार पर सहमति दी। विकल्प D गलत है, क्योंकि स्वतंत्रता की घोषणा के समय वाशिंगटन एक वर्ष से सेना का नेतृत्व कर रहे थे। परीक्षा टिप: 1775 सेनापति पद, 1776 स्वतंत्रता की घोषणा, 1781 यॉर्कटाउन, 1783 पेरिस की संधि।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 02 May 2023, Shift 2आसान

मानव के आरंभिक विकास के प्रागैतिहासिक काल को सामान्यतः ______ कहा जाता है।

  1. A.पुरापाषाण काल
  2. B.मध्यपाषाण काल
  3. C.लौह युग
  4. D.नवपाषाण काल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पुरापाषाण काल

व्याख्या

सही उत्तर है A, पुरापाषाण काल। मानव प्रागितिहास का सबसे पहला और सबसे लंबा चरण पुरापाषाण काल है, जिसमें लोग शिकार करके और कंद-मूल बटोरकर जीते थे और मुख्य रूप से क्वार्टजाइट के बने खुरदरे, बिना घिसे औजार इस्तेमाल करते थे। भारत में इसे निम्न, मध्य और उच्च पुरापाषाण में बाँटा जाता है। इसके प्रसिद्ध स्थल हैं मध्य प्रदेश का भीमबेटका, जहाँ शैलाश्रय और चित्रकारी मिलती है, कर्नाटक का हुनसगी और तमिलनाडु का अत्तिरम्पक्कम। भूवैज्ञानिक रॉबर्ट ब्रूस फुट ने 1863 में मद्रास के पास पल्लवरम में भारत का पहला पुरापाषाण औजार खोजा था। विकल्प B गलत है, क्योंकि मध्यपाषाण काल छोटे लघुपाषाण औजारों का युग है, जब पशुपालन शुरू हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि लौह युग बहुत बाद का है और इतिहास के दायरे में आता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि नवपाषाण काल घिसे-चमकाए औजार, खेती और मिट्टी के बर्तनों का युग है। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें — पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण, ताम्रपाषाण, फिर लौह युग।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · 7 Feb 2021मध्यम

ईस्ट इंडिया कंपनी ने चीन के व्यापार का एकाधिकार कब खोया?

  1. A.1813
  2. B.1833
  3. C.1838
  4. D.1860
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1833

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1833। 1833 के चार्टर अधिनियम ने ईस्ट इंडिया कंपनी का अंतिम व्यापारिक विशेषाधिकार, अर्थात चीन के व्यापार और चाय पर उसका एकाधिकार समाप्त कर दिया, और कंपनी को केवल प्रशासनिक निकाय बना दिया, जो ब्रिटिश ताज की ओर से भारत को न्यास में रखती थी। यह बदलाव ब्रिटेन के मुक्त व्यापार समर्थक कारखानेदारों के दबाव से हुआ, जो एशियाई बाजारों में खुली पहुँच चाहते थे। इसी अधिनियम ने बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बनाया, जिस पद पर लॉर्ड विलियम बेंटिक पहले व्यक्ति थे, विधायी शक्ति उसकी परिषद में केंद्रित की और घोषित किया कि किसी भारतीय को धर्म, जन्म, वंश या रंग के आधार पर पद से वंचित नहीं किया जाएगा। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1813 के चार्टर अधिनियम ने भारत के व्यापार का एकाधिकार समाप्त किया था, पर चीन और चाय का एकाधिकार स्पष्ट रूप से बनाए रखा। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1838 में कोई चार्टर कानून नहीं बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि कंपनी का शासन 1858 के भारत शासन अधिनियम से ही समाप्त हो गया था। परीक्षा टिप: 1813 भारत का व्यापार खुला, 1833 चीन और चाय का एकाधिकार समाप्त, 1853 सिविल सेवा में प्रतियोगिता।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 15 Oct 2020, Shift 3आसान

महमूद गज़नवी ने भारत पर कितनी बार आक्रमण किया?

  1. A.5
  2. B.15
  3. C.17
  4. D.7
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 17

व्याख्या

सही उत्तर है C, 17। महमूद गज़नवी, जिसने 998 से 1030 तक गज़नवी राज्य पर शासन किया, ने लगभग 1000 से 1027 के बीच भारत पर सत्रह बार आक्रमण किए, ऐसा उल्लेख मिलता है। उसका उद्देश्य लूट था, स्थायी शासन नहीं, इसलिए वह धन-संपत्ति लूटकर ले जाता रहा और पंजाब के पूर्व में कोई व्यवस्थित प्रशासन नहीं छोड़ा। इनमें सबसे चर्चित आक्रमण 1025 में गुजरात के सोमनाथ मंदिर का विध्वंस था; इससे पहले उसने 1001 में हिंदूशाही वंश के जयपाल को हराया और मथुरा, थानेसर तथा कन्नौज के समृद्ध मंदिर-नगरों को लूटा। किताब-उल-हिंद लिखने वाला विद्वान अल-बरूनी और कवि फ़िरदौसी उसके दरबार से जुड़े थे। A गलत है क्योंकि पाँच वास्तविक संख्या से बहुत कम है। B गलत है क्योंकि पंद्रह वह संख्या है जिससे सबसे अधिक भ्रम होता है। D गलत है क्योंकि सात भी मान्य संख्या नहीं है। परीक्षा टिप: महमूद गज़नवी ने 17 आक्रमण किए और 1025 में सोमनाथ पर चढ़ाई की, जबकि मुहम्मद ग़ोरी की 1192 की तराईन विजय से तुर्क शासन शुरू हुआ।

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