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भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 21

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 21) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मौर्योत्तर काल: कुषाण और सातवाहन, प्राचीन भारतीय राजवंश और उनके संस्थापक, गुप्त साम्राज्य और अन्य। इनमें से 9 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · 12th Sept 2024कठिन

नालगिरि के दमन नाम से प्रसिद्ध मूर्तिशिल्प कहाँ से प्राप्त हुआ है?

  1. A.भरहुत
  2. B.अमरावती
  3. C.मथुरा
  4. D.साँची
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अमरावती

व्याख्या

सही उत्तर B, अमरावती है। देवदत्त द्वारा बुद्ध को मारने के लिए छोड़े गए मदमस्त हाथी नालगिरि के राजगृह की गली में शांत हो जाने का दृश्य आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी की निचली घाटी के अमरावती स्तूप की सबसे प्रसिद्ध पट्टिकाओं में गिना जाता है। अमरावती शैली सातवाहन संरक्षण में फली-फूली और सफेद चूना-पत्थर पर भीड़ भरे, छरहरे तथा प्रवाहमान आकृति-समूह उकेरती थी। अमरावती की अनेक पट्टिकाएँ आज चेन्नई के सरकारी संग्रहालय और लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय में सुरक्षित हैं।

विकल्प A भरहुत मध्य प्रदेश का शुंगकालीन स्तूप है, जिसकी वेदिकाओं पर ब्राह्मी में नाम लिखे जातक दृश्य हैं। विकल्प C मथुरा उत्तर की लाल बलुआ पत्थर की शैली है, यह पट्टिका वहाँ की नहीं है। विकल्प D साँची अपने तोरणद्वारों के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ बुद्ध का जीवन प्रतीकों के माध्यम से दिखाया गया है।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 18 Aug 2021, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से किसने राष्ट्रकूट राज्य की स्थापना की थी?

  1. A.अशोक
  2. B.अमोघवर्ष
  3. C.कृष्ण प्रथम
  4. D.दंतिदुर्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दंतिदुर्ग

व्याख्या

सही उत्तर है D, दंतिदुर्ग। दंतिदुर्ग ने लगभग 753 ईस्वी में दक्कन में राष्ट्रकूट राज्य की स्थापना की।

दंतिदुर्ग बादामी के चालुक्यों का सामंत था और उसने चालुक्य शासक कीर्तिवर्मन द्वितीय को पराजित कर स्वतंत्र शासन स्थापित किया। इसकी राजधानी मान्यखेट बनी, जो आज कर्नाटक का मलखेड़ है। कन्नौज के लिए चले लंबे त्रिपक्षीय संघर्ष की तीन शक्तियों में राष्ट्रकूट, पाल और प्रतिहार शामिल थे। अरब यात्री अल-मसूदी ने राष्ट्रकूट शासक को विश्व के महान राजाओं में गिना था।

A गलत है: अशोक तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के मौर्य सम्राट थे। B गलत है: अमोघवर्ष बाद के राष्ट्रकूट राजा थे, जिन्होंने कन्नड़ में कविराजमार्ग लिखा। C गलत है: कृष्ण प्रथम दंतिदुर्ग के उत्तराधिकारी थे और एलोरा के शैलकृत कैलाश मंदिर के लिए याद किए जाते हैं।

परीक्षा टिप: राष्ट्रकूट - संस्थापक दंतिदुर्ग, लगभग 753 ईस्वी, राजधानी मान्यखेट, कैलाश मंदिर कृष्ण प्रथम ने बनवाया।

Q3.भारतीय इतिहासमध्यम

किस गुप्त शासक ने पश्चिमी भारत के शक क्षत्रपों को पराजित कर शकारि उपाधि धारण की?

  1. A.समुद्रगुप्त
  2. B.कुमारगुप्त प्रथम
  3. C.चंद्रगुप्त द्वितीय
  4. D.स्कंदगुप्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चंद्रगुप्त द्वितीय

व्याख्या

सही उत्तर C, चंद्रगुप्त द्वितीय है। उसने गुजरात, काठियावाड़ और मालवा पर शक क्षत्रपों के लंबे शासन का अंत किया, शकारि अर्थात शकों का शत्रु उपाधि ली और विक्रमादित्य नाम से भी जाना जाता है। इस विजय से गुप्तों को पश्चिमी समुद्री बंदरगाह और वहाँ से होने वाले व्यापार का राजस्व मिला, और इसी कारण उसने उस क्षेत्र के लिए शक सिक्कों के आदर्श पर चाँदी के रूपक चलाए।

विकल्प A, समुद्रगुप्त, ने गंगा के मैदान और दक्कन में अभियान किए पर पश्चिमी क्षत्रपों को नहीं छेड़ा; प्रयाग प्रशस्ति में शक केवल समर्पण करने वालों में गिने गए हैं। विकल्प B, कुमारगुप्त प्रथम, नालंदा की स्थापना और हूणों के पहले दबाव के लिए याद किया जाता है। विकल्प D, स्कंदगुप्त, ने हूणों से युद्ध किया और सुदर्शन झील की मरम्मत करवाई, शकों से नहीं लड़ा।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस आंग्ल-मराठा युद्ध के परिणामस्वरूप पेशवा के क्षेत्र बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए थे?

  1. A.चौथा
  2. B.तीसरा
  3. C.दूसरा
  4. D.पहला
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीसरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, तीसरा। तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध 1817-18 में लॉर्ड हेस्टिंग्स के समय लड़ा गया और इसी से मराठा शक्ति समाप्त हुई। पेशवा बाजीराव द्वितीय खड़की, कोरेगाँव और अष्टी में पराजित हुआ, पेशवा का पद ही समाप्त कर दिया गया और पूना के आसपास के उसके क्षेत्र लेकर बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए। बाजीराव द्वितीय को पेंशन देकर कानपुर के पास बिठूर भेज दिया गया और शिवाजी के वंशज के लिए सतारा में एक छोटा राज्य बना दिया गया। इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी भारत की सर्वोपरि शक्ति बन गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि चौथा आंग्ल-मराठा युद्ध हुआ ही नहीं; मराठों ने तीन युद्ध लड़े। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1803-05 का दूसरा युद्ध बसीन की संधि के बाद हुआ और उसमें मराठों ने ओडिशा, दिल्ली तथा आगरा खोए, पर पेशवा अपने पद पर बना रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1775-82 का पहला युद्ध सालबाई की संधि से समाप्त हुआ, जिसने युद्ध से पहले की स्थिति बहाल कर दी। परीक्षा टिप: सालबाई 1782, बसीन 1802, पेशवा पद समाप्त 1818।

Q5.भारतीय इतिहासआसान

शुंग वंश की स्थापना निम्नलिखित में से किस मौर्य शासक की हत्या के बाद हुई?

  1. A.दशरथ
  2. B.संप्रति
  3. C.बृहद्रथ
  4. D.देवभूति
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बृहद्रथ

व्याख्या

सही उत्तर C, बृहद्रथ है। बृहद्रथ मौर्य वंश का अंतिम शासक था। लगभग 185 ईसा पूर्व उसके अपने सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने, परंपरा के अनुसार सेना के निरीक्षण के अवसर पर, उसकी हत्या कर पाटलिपुत्र का सिंहासन ले लिया। इस घटना से मौर्य शासन समाप्त होता है और मौर्योत्तर काल आरंभ होता है, इसलिए लगभग 185 ईसा पूर्व की यह तिथि दोनों युगों की सीमा के रूप में याद रखनी चाहिए।

विकल्प A दशरथ अशोक का पौत्र था, जिसने नागार्जुनी गुफाएँ आजीवकों को दान दीं और वह वंश के अंत से काफी पहले हुआ। विकल्प B संप्रति एक अन्य परवर्ती मौर्य शासक था, जिसे जैन परंपरा जैन धर्म के प्रसार से जोड़ती है। विकल्प D देवभूति मौर्य था ही नहीं; वह अंतिम शुंग शासक था, जिसकी हत्या उसके मंत्री वासुदेव ने कर कण्व वंश की नींव रखी।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Jul, 2024, Shift 4कठिन

बिजोलिया शिलालेख में निम्नलिखित में से किस वंश की वंशावली मिली है?

  1. A.चाहमान
  2. B.चंदेल
  3. C.परमार
  4. D.गहड़वाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चाहमान

व्याख्या

सही उत्तर है A, चाहमान। बिजोलिया शिलालेख राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया में है और 1170 ईस्वी का माना जाता है, यानी सोमेश्वर के शासनकाल का। इसमें शाकंभरी के चौहानों यानी चाहमान वंश की वंशावली दी गई है। संस्कृत में लिखा यह लेख जैन व्यापारी लोलाक ने पार्श्वनाथ मंदिर के पास उत्कीर्ण कराया था और इसमें सामंतराज से लेकर पृथ्वीराज चौहान के पिता सोमेश्वर तक के शासकों के नाम हैं। इतिहासकार इसे इसलिए महत्वपूर्ण मानते हैं कि इसमें चाहमानों को वत्स गोत्र का ब्राह्मण कहा गया है और अजमेर के लिए अजयमेरु जैसे पुराने स्थान-नाम मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि खजुराहो बनवाने वाले बुंदेलखंड के चंदेलों की जानकारी खजुराहो तथा मऊ अभिलेखों से मिलती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मालवा के परमारों का वर्णन उदयपुर प्रशस्ति में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कन्नौज के गहड़वालों की जानकारी चंद्रावती आदि ताम्रपत्रों से मिलती है। परीक्षा टिप: बिजोलिया - चाहमान; खजुराहो - चंदेल; उदयपुर प्रशस्ति - परमार।

Q7.भारतीय इतिहासआसान

चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में भारत आने वाला चीनी बौद्ध यात्री कौन था?

  1. A.ह्वेनसांग
  2. B.फाह्यान
  3. C.इत्सिंग
  4. D.मेगस्थनीज
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फाह्यान

व्याख्या

सही उत्तर B, फाह्यान है। फाह्यान बौद्ध ग्रंथों की खोज में भारत आया और चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में गुप्त साम्राज्य में घूमा। उसके विवरण में एक शांत राज्य दिखता है जहाँ दंड हल्के थे, लोग बिना अनुमति पत्र के यात्रा कर सकते थे, पाटलिपुत्र में दानशाला और चिकित्सालय चलते थे, पर चांडालों को नगर के बाहर रहना पड़ता था और चलते समय लकड़ी बजाकर संकेत देना पड़ता था।

विकल्प A, ह्वेनसांग, दो शताब्दी बाद सातवीं सदी में हर्षवर्धन के शासनकाल में आया और नालंदा में अध्ययन किया। विकल्प C, इत्सिंग, भी सातवीं शताब्दी का है और उसने भारत तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के द्वीपों की मठ परंपरा पर लिखा। विकल्प D, मेगस्थनीज, चीनी था ही नहीं; वह सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था, मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में रहा और इंडिका लिखी।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 13 Oct 2020, Shift 1आसान

अहमद शाह अब्दाली ने किस युद्ध में मराठों को हराया था?

  1. A.पानीपत का तृतीय युद्ध
  2. B.खानवा का युद्ध
  3. C.बक्सर का युद्ध
  4. D.तराइन का प्रथम युद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पानीपत का तृतीय युद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है A, पानीपत का तृतीय युद्ध। अहमद शाह अब्दाली, जिन्हें अहमद शाह दुर्रानी भी कहा जाता है, ने 14 जनवरी 1761 को पानीपत के तृतीय युद्ध में मराठों को हराया। मराठा सेना का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ कर रहे थे और उनके साथ युवा विश्वासराव थे, जबकि अब्दाली के साथ रुहेलों के नजीब-उद-दौला और अवध के शुजा-उद-दौला थे। इस युद्ध में मराठों की पूरी एक पीढ़ी के सेनापति मारे गए और उत्तर भारत में उनके प्रभुत्व की दौड़ रुक गई, जिससे अंग्रेजों के लिए रास्ता खुल गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1527 का खानवा का युद्ध बाबर और मेवाड़ के राणा सांगा के बीच हुआ था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1764 के बक्सर के युद्ध में हेक्टर मुनरो के नेतृत्व में अंग्रेजों ने मीर कासिम, शुजा-उद-दौला और शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना को हराया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1191 का तराइन का प्रथम युद्ध पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी के विरुद्ध जीता था। परीक्षा टिप: पानीपत 1526 में बाबर-इब्राहिम लोदी, 1556 में अकबर-हेमू और 1761 में अब्दाली-मराठा।

Q9.भारतीय इतिहासमध्यम

सुदर्शन झील की मरम्मत का उल्लेख करने वाला जूनागढ़ शिलालेख किस शासक ने जारी किया था?

  1. A.रुद्रदामन प्रथम
  2. B.नहपान
  3. C.गोंडोफर्नीस
  4. D.मिनांडर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रुद्रदामन प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर A, रुद्रदामन प्रथम है। लगभग 150 ईस्वी का जूनागढ़ शिलालेख पश्चिमी क्षत्रप वंश के शक शासक रुद्रदामन प्रथम ने जारी किया था। यह परिष्कृत संस्कृत में लिखा पहला बड़ा अभिलेख है, जबकि उस समय राजकीय अभिलेख सामान्यतः प्राकृत में होते थे। इसमें आँधी से बाँध टूट जाने के बाद सौराष्ट्र की सुदर्शन झील की मरम्मत का वर्णन है। यह झील चंद्रगुप्त मौर्य के समय बनी और अशोक के समय सुधारी गई थी, इसलिए एक ही शिला पर तीन वंशों का इतिहास दर्ज है और उसी पर अशोक के बृहद् शिलालेख भी हैं।

विकल्प B नहपान पूर्ववर्ती क्षहरात शक शासक था, जिसके अभिलेख नासिक की गुफाओं से मिले हैं। विकल्प C गोंडोफर्नीस उत्तर-पश्चिम का पह्लव राजा था, जिसके समय संत थॉमस के भारत आने की मान्यता है। विकल्प D मिनांडर मिलिंदपन्हो का हिंद-यवन राजा था।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 2आसान

भारत ने पंचशील समझौते पर किस देश के साथ हस्ताक्षर किए थे?

  1. A.पाकिस्तान
  2. B.बांग्लादेश
  3. C.चीन
  4. D.नेपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चीन

व्याख्या

सही उत्तर है C, चीन। पंचशील समझौते पर 29 अप्रैल 1954 को भारत और चीन ने हस्ताक्षर किए थे, जो भारत तथा चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार संबंधी संधि का भाग था। जवाहरलाल नेहरू और चाउ एन-लाई ने इसे पंचशील नाम दिया। इसके पांच सिद्धांत हैं - एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, अनाक्रमण, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, समानता और पारस्परिक लाभ, तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व। 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा इन्हीं वर्षों का है और आगे चलकर इन्हीं सिद्धांतों ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन को दिशा दी। 1962 के युद्ध ने दिखा दिया कि यह समझौता कितना कमजोर सिद्ध हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि पाकिस्तान के साथ मुख्य समझौते 1960 की सिंधु जल संधि और 1972 का शिमला समझौता हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बांग्लादेश 1971 में बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारत-नेपाल शांति एवं मैत्री संधि 1950 में हुई थी। परीक्षा टिप: पंचशील - भारत और चीन, 29 अप्रैल 1954, पांच सिद्धांत।

Q11.भारतीय इतिहासमध्यम

नालंदा महाविहार की स्थापना का श्रेय किस गुप्त शासक को दिया जाता है?

  1. A.समुद्रगुप्त
  2. B.चंद्रगुप्त द्वितीय
  3. C.कुमारगुप्त प्रथम
  4. D.स्कंदगुप्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कुमारगुप्त प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर C, कुमारगुप्त प्रथम है। महेंद्रादित्य उपाधि धारण करने वाले कुमारगुप्त प्रथम को वर्तमान बिहार में नालंदा महाविहार की स्थापना का श्रेय दिया जाता है। बाद में हर्षवर्धन और पाल शासकों ने इसे और दान दिए और यह एशिया का सबसे बड़ा आवासीय बौद्ध शिक्षा केंद्र बना, जो बारहवीं शताब्दी के अंत में नष्ट हुआ। इसकी प्रसिद्धि का बड़ा आधार सातवीं शताब्दी के यात्री ह्वेनसांग का विस्तृत विवरण है, जिसने यहीं अध्ययन किया।

विकल्प A, समुद्रगुप्त, विजयों और प्रयाग प्रशस्ति के लिए याद किया जाता है। विकल्प B, चंद्रगुप्त द्वितीय, शक विजय, वाकाटक वैवाहिक संबंध और फाह्यान की यात्रा से जुड़ा है, और फाह्यान नालंदा का महान विश्वविद्यालय के रूप में वर्णन नहीं करता। विकल्प D, स्कंदगुप्त, ने अपना शासनकाल हूणों से साम्राज्य की रक्षा और सौराष्ट्र में सुदर्शन झील की मरम्मत में बिताया।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 3आसान

मुगलों के प्रशासन में मनसबदारी व्यवस्था किसने आरंभ की?

  1. A.अकबर
  2. B.शाहजहाँ
  3. C.औरंगजेब
  4. D.जहाँगीर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अकबर

व्याख्या

सही उत्तर है A, अकबर। अकबर ने सोलहवीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में साम्राज्य के हर अधिकारी का श्रेणीकरण करने के लिए मनसबदारी व्यवस्था शुरू की। मनसब का अर्थ पद या श्रेणी है, और हर मनसबदार के दो अंक होते थे: जात, जो उसका व्यक्तिगत दर्जा और वेतन तय करता था, और सवार, यानी उसे कितने सशस्त्र घुड़सवार तैयार रखने थे। श्रेणियाँ दस से पाँच हजार तक थीं और इससे ऊँची श्रेणियाँ शाही परिवार के राजकुमारों के लिए रखी गई थीं। अकबर ने घोड़ों पर सरकारी छाप लगाने की दाग प्रथा और हर सिपाही का हुलिया लिखने की चेहरा प्रथा भी चलाई, जिससे अधिकारी गिनती के समय उधार के सिपाही न दिखा सकें। विकल्प D गलत है, क्योंकि जहाँगीर ने केवल दु-अस्पा सिह-अस्पा व्यवस्था जोड़ी, जिससे जात बढ़ाए बिना घुड़सवार बढ़ जाते थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि शाहजहाँ ने वेतन ठीक करने के लिए माहवार (महाना) पैमाना चलाया। विकल्प C गलत है, क्योंकि औरंगजेब ने इसे जैसा पाया वैसा ही चलने दिया। परीक्षा टिप: अकबर से मनसबदारी श्रेणियाँ और टोडरमल की दहसाला बंदोबस्त व्यवस्था जुड़ी है।

Q13.भारतीय इतिहासमध्यम

मिलिंदपन्हो में बौद्ध भिक्षु नागसेन और किस शासक का संवाद है?

  1. A.कनिष्क
  2. B.मिनांडर
  3. C.डेमेट्रियस
  4. D.अंतिआल्किदास
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मिनांडर

व्याख्या

सही उत्तर B, मिनांडर है। मिलिंदपन्हो का अर्थ है मिलिंद के प्रश्न, और मिलिंद दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में उत्तर-पश्चिम में शासन करने वाले हिंद-यवन राजा मिनांडर का भारतीय नाम है। इस पालि ग्रंथ में आत्मा, पुनर्जन्म और स्व के स्वरूप पर राजा के प्रश्न तथा भिक्षु नागसेन के उत्तर संकलित हैं, और अंत में राजा बौद्ध धर्म स्वीकार कर लेता है। यह यूनानी शासकों के भारतीय धर्म से संपर्क का प्रमुख उदाहरण है।

विकल्प A कनिष्क कुषाण शासक था और चौथी बौद्ध संगीति से जुड़ा है, इस ग्रंथ से नहीं। विकल्प C डेमेट्रियस पूर्ववर्ती हिंद-यवन शासक था जिसने भारत पर आक्रमण किया, पर संवाद का राजा वह नहीं है। विकल्प D अंतिआल्किदास वह हिंद-यवन राजा था जिसके दूत हेलियोडोरस ने बेसनगर में गरुड़ स्तंभ खड़ा किया।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 6 Oct 2021, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन भारत का पहला अंग्रेजी भाषा का समाचार पत्र था?

  1. A.हिक्की का बंगाल गजट
  2. B.द मद्रास कूरियर
  3. C.द बॉम्बे हेराल्ड
  4. D.मराठा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हिक्की का बंगाल गजट

व्याख्या

सही उत्तर है A, हिक्की का बंगाल गजट। यह 1780 में कलकत्ता से शुरू हुआ और भारत का पहला मुद्रित समाचार पत्र था।

जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने इसे साप्ताहिक के रूप में निकाला और इसका नाम बंगाल गजट या कलकत्ता जनरल एडवरटाइजर रखा। इसमें वॉरेन हेस्टिंग्स और ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारियों पर तीखे हमले छपते थे, इसलिए सरकार ने इसकी डाक सुविधा रोक दी और 1782 में अखबार बंद कर हिक्की को जेल भेज दिया। भारत में प्रेस के इतिहास और प्रेस की स्वतंत्रता की लड़ाई की शुरुआत यहीं से मानी जाती है।

विकल्प B द मद्रास कूरियर 1785 में निकला, यानी पाँच वर्ष बाद। विकल्प C द बॉम्बे हेराल्ड 1789 में शुरू हुआ। विकल्प D मराठा, बाल गंगाधर तिलक का अंग्रेजी साप्ताहिक था, जो 1881 में शुरू हुआ।

परीक्षा टिप: 1780 बंगाल गजट, 1785 मद्रास कूरियर, 1789 बॉम्बे हेराल्ड; तिलक - मराठी में केसरी, अंग्रेजी में मराठा।

Q15.भारतीय इतिहासकठिन

जूनागढ़ शिलालेख में सुदर्शन झील की मरम्मत का उल्लेख किस गुप्त शासक के संदर्भ में मिलता है?

  1. A.स्कंदगुप्त
  2. B.चंद्रगुप्त प्रथम
  3. C.समुद्रगुप्त
  4. D.कुमारगुप्त प्रथम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. स्कंदगुप्त

व्याख्या

सही उत्तर A, स्कंदगुप्त है। सौराष्ट्र में गिरनार के पास स्थित सुदर्शन झील एक कृत्रिम जलाशय थी, जिसे मौर्यकाल में बनवाया गया और बाद में एक से अधिक बार सुधारा गया। जूनागढ़ की चट्टान पर इससे जुड़े तीन अभिलेख हैं: अशोक के अभिलेख, पहले की मरम्मत का उल्लेख करने वाला शक शासक रुद्रदामन प्रथम का अभिलेख, और स्कंदगुप्त का अभिलेख जिसमें बाँध टूटने के बाद उसके राज्यपाल द्वारा पुनर्निर्माण दर्ज है। स्कंदगुप्त अन्यथा हूणों को खदेड़ने के लिए जाना जाता है।

विकल्प B, चंद्रगुप्त प्रथम, एक शताब्दी से भी पहले का शासक है और उसका ऐसा कोई अभिलेख नहीं है। विकल्प C, समुद्रगुप्त, इलाहाबाद स्तंभ से ज्ञात होता है, जूनागढ़ से नहीं। विकल्प D, कुमारगुप्त प्रथम, बिलसड़ स्तंभ और दामोदरपुर ताम्रपत्रों से ज्ञात है, और उसी के शासनकाल में सीमा पर हूणों का दबाव पहली बार दिखा।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

निम्नलिखित में से कौन, काकोरी षडयंत्र केस (मुकदमा) से संबंधित नहीं था?

  1. A.रामप्रसाद बिस्मिल
  2. B.राजेंद्र लाहिड़ी
  3. C.अशफाक उल्लाह खाँ
  4. D.सूर्य सेन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सूर्य सेन

व्याख्या

सही उत्तर है D, सूर्य सेन। सूर्य सेन ने 1930 में बंगाल में चटगाँव शस्त्रागार छापे का नेतृत्व किया था, काकोरी केस से उनका कोई संबंध नहीं था। काकोरी ट्रेन एक्शन 9 अगस्त 1925 को हुआ, जब हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के सदस्यों ने लखनऊ के पास काकोरी में एक ट्रेन रोककर उसमें ले जाया जा रहा सरकारी खज़ाना संघर्ष के लिए ले लिया। इसके बाद चले मुकदमे में चार क्रांतिकारियों को फाँसी की सज़ा हुई और चारों को दिसंबर 1927 में फाँसी दी गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि रामप्रसाद बिस्मिल ने यह योजना बनाई थी और उन्हें गोरखपुर में फाँसी दी गई। विकल्प B गलत है, क्योंकि राजेंद्र लाहिड़ी इसमें शामिल थे और उन्हें बाकी साथियों से दो दिन पहले गोंडा में फाँसी दी गई। विकल्प C गलत है, क्योंकि बिस्मिल के घनिष्ठ मित्र अशफाक उल्लाह खाँ को फ़ैज़ाबाद में फाँसी हुई; चौथे शहीद रोशन सिंह थे। चंद्रशेखर आज़ाद भी इसमें शामिल थे, पर पकड़े नहीं गए। परीक्षा टिप: काकोरी 1925 और HRA; चटगाँव 1930 और सूर्य सेन।

Q17.भारतीय इतिहासकठिन

गौतमीपुत्र सातकर्णि की प्रशंसा करने वाली नासिक प्रशस्ति किसने जारी की थी?

  1. A.उसकी माता गौतमी बलश्री
  2. B.उसका पुत्र वाशिष्ठीपुत्र पुलुमावी
  3. C.परवर्ती राजा हाल
  4. D.वंश का संस्थापक सिमुक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उसकी माता गौतमी बलश्री

व्याख्या

सही उत्तर A, गौतमी बलश्री है। गौतमीपुत्र सातकर्णि की प्रशंसा करने वाला नासिक गुहा अभिलेख उसकी माता गौतमी बलश्री के नाम से, उसके पौत्र के शासनकाल में जारी हुआ था। इसमें राजा को शकों, यवनों और पह्लवों का नाश करने वाला, चारों वर्णों के मिश्रण को रोकने वाला तथा अनेक पर्वतश्रेणियों का स्वामी कहा गया है, और इसमें बौद्ध भिक्षुओं को भूमि अनुदान का उल्लेख भी है।

विकल्प B वाशिष्ठीपुत्र पुलुमावी अभिलेख उत्कीर्ण होते समय शासक अवश्य था, पर अभिलेख उसकी दादी के नाम से जारी हुआ। विकल्प C हाल गाथासप्तशती संकलित करने वाला सातवाहन राजा था और इस अभिलेख से उसका संबंध नहीं। विकल्प D सिमुक ने गौतमीपुत्र से बहुत पहले वंश की स्थापना की थी, इसलिए वह उसकी प्रशंसा नहीं कर सकता था।

Q18.भारतीय इतिहासआसान

किस गुप्तकालीन खगोलशास्त्री ने 499 ईस्वी की अपनी रचना में कहा कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है?

  1. A.वराहमिहिर
  2. B.ब्रह्मगुप्त
  3. C.आर्यभट
  4. D.भास्कर द्वितीय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आर्यभट

व्याख्या

सही उत्तर C, आर्यभट है। आर्यभट ने तेईस वर्ष की आयु में 499 ईस्वी में आर्यभटीय पूरा किया। उसमें उसने कहा कि तारों की दैनिक गति वास्तव में पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने के कारण दिखाई देती है, सूर्य और चंद्र ग्रहण को राहु-केतु का कार्य न मानकर छाया से समझाया, और वृत्त की परिधि तथा व्यास के अनुपात का बहुत निकट मान दिया।

विकल्प A, वराहमिहिर, छठी शताब्दी का है और उसने बृहत्संहिता तथा पंचसिद्धांतिका लिखीं, जो शकुन, फलित ज्योतिष और पाँच पूर्ववर्ती खगोलीय पद्धतियों पर हैं। विकल्प B, ब्रह्मगुप्त, ने 628 ईस्वी में ब्रह्मस्फुटसिद्धांत लिखा और शून्य तथा ऋणात्मक संख्याओं के नियमों के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D, भास्कर द्वितीय, बारहवीं शताब्दी का गणितज्ञ है और सिद्धांत शिरोमणि का रचयिता है, जिसका एक भाग लीलावती है।

Q19.भारतीय इतिहासमध्यम

कनिष्क के शासनकाल में हुई चौथी बौद्ध संगीति किस क्षेत्र में आयोजित की गई थी?

  1. A.राजगृह
  2. B.वैशाली
  3. C.पाटलिपुत्र
  4. D.कश्मीर
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सही उत्तर: D. कश्मीर

व्याख्या

सही उत्तर D, कश्मीर है। चौथी बौद्ध संगीति कुषाण शासक कनिष्क प्रथम के संरक्षण में कश्मीर में हुई थी। इसकी अध्यक्षता वसुमित्र ने की और अश्वघोष उपाध्यक्ष रहे। इस संगीति में त्रिपिटक पर भाष्य संकलित किए गए और इसी के साथ बौद्ध धर्म महायान तथा हीनयान संप्रदायों में स्पष्ट रूप से बँट गया। परंपरा के अनुसार इसकी कार्यवाही ताम्रपत्रों पर उत्कीर्ण कर स्तूप में रखी गई थी, और इसी कारण बौद्ध साहित्य में कनिष्क को दूसरा अशोक कहा गया। चारों संगीतियों के स्थान, संरक्षक और अध्यक्ष परीक्षाओं की निश्चित सूची हैं।

विकल्प A राजगृह में बुद्ध के महापरिनिर्वाण के तुरंत बाद अजातशत्रु के संरक्षण में पहली संगीति हुई, जिसकी अध्यक्षता महाकस्सप ने की। विकल्प B वैशाली में लगभग सौ वर्ष बाद कालाशोक के समय दूसरी संगीति हुई। विकल्प C पाटलिपुत्र में अशोक के संरक्षण में मोग्गलिपुत्त तिस्स की अध्यक्षता में तीसरी संगीति हुई।

Q20.भारतीय इतिहासकठिन

गुप्त प्रशासन में प्रांत को भुक्ति कहा जाता था और उसका प्रमुख अधिकारी कहलाता था:

  1. A.विषयपति
  2. B.उपरिक
  3. C.ग्रामिक
  4. D.राजुक
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सही उत्तर: B. उपरिक

व्याख्या

सही उत्तर B, उपरिक है। गुप्त साम्राज्य भुक्ति नामक प्रांतों में बँटा था और हर भुक्ति का शासन उपरिक नामक राज्यपाल के हाथ में रहता था, जो प्रायः राजपरिवार का ही सदस्य होता था। भुक्ति आगे जिलों में बँटी थी और यह पूरी व्यवस्था मुख्यतः बंगाल के दामोदरपुर ताम्रपत्रों से ज्ञात होती है, जिनमें नगरश्रेष्ठी, सार्थवाह, प्रथम कुलिक और प्रथम कायस्थ वाली नगर परिषद का भी उल्लेख है।

विकल्प A, विषयपति, विषय अर्थात जिले का अधिकारी था, जो भुक्ति से एक स्तर नीचे था। विकल्प C, ग्रामिक, गाँव का मुखिया था, जो व्यवस्था की सबसे निचली इकाई थी। विकल्प D, राजुक, मौर्य प्रशासन का पद है, जहाँ अशोक ने राजुकों को राजस्व और न्याय दोनों अधिकार दिए थे, और गुप्त प्रांतों के लिए यह शब्द प्रयुक्त नहीं होता।

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