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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 11

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 11) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल, बौद्ध और जैन धर्म और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा हड़प्पाई स्थल हरियाणा में है?

  1. A.राखीगढ़ी
  2. B.धौलावीरा
  3. C.लोथल
  4. D.कालीबंगा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राखीगढ़ी

व्याख्या

सही उत्तर है A, राखीगढ़ी। राखीगढ़ी हरियाणा के हिसार जिले में घग्घर नदी के सूखे तल पर बसा है। यह भारत में मिला सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल है, जो कई टीलों पर फैला हुआ है। खुदाई में यहाँ नियोजित गलियाँ, पक्की ईंटों की नालियाँ, अन्न भंडार का क्षेत्र, मुहरें और मिट्टी के खिलौने मिले हैं। यहाँ की कब्रगाह के कंकालों पर हुए डीएनए अध्ययन ने इस स्थल को पुरातत्व से बाहर भी चर्चित कर दिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि धौलावीरा गुजरात के कच्छ के रण में है और अपने जल कुंडों तथा साइनबोर्ड के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि लोथल भी गुजरात में है और खंभात की खाड़ी के पास बंदरगाह वाला स्थल है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में है, जहाँ जुते हुए खेत और अग्निकुंड मिले। परीक्षा टिप: राज्य याद रखें — राखीगढ़ी और बनावली (हरियाणा), कालीबंगा (राजस्थान), धौलावीरा, लोथल तथा सुरकोटदा (गुजरात), रोपड़ (पंजाब)।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 23 Jun 2024मध्यम

किस वेद में सभा और समिति को पृथक संस्थाओं के रूप में घोषित किया गया है?

  1. A.ऋग्वेद
  2. B.सामवेद
  3. C.अथर्ववेद
  4. D.यजुर्वेद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अथर्ववेद

व्याख्या

सही उत्तर है C, अथर्ववेद। अथर्ववेद में सभा और समिति को प्रजापति की दो पुत्रियाँ कहा गया है, जिससे पता चलता है कि इन्हें दो अलग-अलग जन-संस्थाएँ माना जाता था। सभा वृद्धों और कुलीनों की छोटी परिषद थी, जो न्याय का काम भी करती थी, जबकि समिति आम जनता की बड़ी सभा थी, जो नीतियों पर चर्चा करती थी और राजा के चुनाव में भी भूमिका निभा सकती थी। दोनों का नाम पहली बार ऋग्वेद में आता है, पर अथर्ववेद ही इन्हें अलग-अलग बताता है और कहता है कि अच्छे शासन के लिए राजा को इनका साथ चाहिए। विदथ और गण के साथ ये वैदिक काल की कबीलाई सभाएँ थीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऋग्वेद दोनों का उल्लेख तो करता है, पर इन्हें जुड़वाँ संस्थाओं के रूप में नहीं रखता। विकल्प B गलत है, क्योंकि सामवेद यज्ञ में गाए जाने वाले मंत्रों का संगीतमय संग्रह है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यजुर्वेद यज्ञ की विधियों और मंत्रों से जुड़ा है। परीक्षा टिप: सभा और समिति, प्रजापति की दो पुत्रियाँ, अथर्ववेद में।

Q3.भारतीय इतिहासआसान

किस वेद को भारतीय शास्त्रीय संगीत का मूल माना जाता है?

  1. A.ऋग्वेद
  2. B.सामवेद
  3. C.यजुर्वेद
  4. D.अथर्ववेद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सामवेद

व्याख्या

सही उत्तर B, सामवेद है। इसके अधिकांश मंत्र ऋग्वेद से लिए गए हैं, परंतु उन्हें यज्ञ के समय निश्चित रागों में गाने के लिए स्वरबद्ध किया गया है, और यही स्वर भारत में संगीत के अंकन का सबसे प्राचीन प्रमाण हैं, इसीलिए सामवेद को भारतीय शास्त्रीय संगीत का मूल कहा जाता है।

विकल्प A, ऋग्वेद देवताओं की स्तुति के सूक्तों का संग्रह है जो गाए नहीं बल्कि पढ़े जाते थे, और वह 1,028 सूक्तों वाला प्राचीनतम वेद है। विकल्प C, यजुर्वेद उन सूत्रों का संग्रह है जिन्हें पुरोहित यज्ञ करते समय बोलता है और यही एकमात्र वेद है जिसका कुछ भाग गद्य में है। विकल्प D, अथर्ववेद में जादू-टोना, औषधि और लोकजीवन की सामग्री है और वह सबसे बाद में वेद माना गया। प्रश्नपत्र चारों को साथ रखते हैं, इसलिए प्रत्येक के साथ एक शब्द जोड़ लीजिए: सूक्त, गान, यज्ञ सूत्र और अभिचार।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 27 Oct 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-कौन से सिद्धांत जैन धर्म से संबंधित हैं?

(i) अनेकान्तवाद

(ii) सर्वास्तिवाद

(iii) शून्यवाद

(iv) स्यादवाद

नीचे दिये गये कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.(i) एवं (iv)
  2. B.(ii) एवं (iii)
  3. C.(ii) एवं (iv)
  4. D.(i), (ii) एवं (iii)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. (i) एवं (iv)

व्याख्या

सही उत्तर है A, (i) एवं (iv)। अनेकान्तवाद और स्यादवाद ज्ञान और सत्य से जुड़े जैन दर्शन के दो मुख्य सिद्धांत हैं। अनेकान्तवाद का अर्थ है 'अनेक पक्ष': सत्य के कई पहलू होते हैं और कोई एक दृष्टि पूरे सत्य को नहीं पकड़ सकती। स्यादवाद इसी विचार को भाषा में उतारता है; हर कथन के साथ 'स्यात्' यानी 'किसी अपेक्षा से' जोड़ना चाहिए, और इसी से किसी बात को सात प्रकार से कहने की पद्धति सप्तभंगी बनी। इसे समझाने के लिए अंधों और हाथी की कहानी सुनाई जाती है, जिसमें हर व्यक्ति हाथी का एक अंग छूकर उसे अलग जानवर बताता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सर्वास्तिवाद ('सब कुछ विद्यमान है') प्रारंभिक बौद्ध संप्रदाय था और शून्यवाद नागार्जुन द्वारा स्थापित महायान बौद्ध धर्म का माध्यमिक संप्रदाय है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें एक बौद्ध संप्रदाय को जैन सिद्धांत के साथ जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दो बौद्ध संप्रदाय जुड़े हैं और स्यादवाद छूट गया है। परीक्षा टिप: अनेकान्त और स्यात् जैन हैं; सर्वास्ति और शून्य बौद्ध हैं।

Q5.भारतीय इतिहासआसान

गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश निम्नलिखित में से किस स्थान पर दिया था?

  1. A.बोधगया
  2. B.सारनाथ
  3. C.कुशीनगर
  4. D.लुंबिनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सारनाथ

व्याख्या

सही उत्तर B, सारनाथ है। संबोधि के बाद बुद्ध वाराणसी के निकट सारनाथ के मृगदाव पहुँचे और उन पाँच तपस्वियों को चार आर्य सत्यों का उपदेश दिया जिन्होंने पहले उनका साथ छोड़ दिया था। इसी उपदेश को धर्मचक्र प्रवर्तन कहा जाता है और बौद्ध संघ की स्थापना इसी घटना से मानी जाती है।

विकल्प A, बोधगया वह स्थान है जहाँ पैंतीस वर्ष की आयु में निरंजना के तट पर पीपल वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ, उपदेश नहीं दिया गया। विकल्प C, कुशीनगर मल्ल जनपद का वह नगर है जहाँ अस्सी वर्ष की आयु में उनका महापरिनिर्वाण हुआ। विकल्प D, लुंबिनी नेपाल की तराई में उनका जन्मस्थान है, जहाँ बाद में अशोक ने स्तंभ लगवाया। प्रश्नपत्र इन्हीं चार स्थानों को आपस में बदलते हैं, इसलिए हर नाम के साथ केवल एक घटना जोड़ें।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2025, Shift 2आसान

मगध के सिंहासन पर राजा बिंबिसार का उत्तराधिकारी निम्नलिखित में से कौन था?

  1. A.अजातशत्रु
  2. B.उदयिन
  3. C.चंद्रगुप्त मौर्य
  4. D.अशोक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अजातशत्रु

व्याख्या

सही उत्तर है A, अजातशत्रु। वह बिंबिसार का पुत्र था और हर्यक वंश में उसके बाद मगध की गद्दी पर बैठा। बुद्ध के समकालीन बिंबिसार ने वैवाहिक संबंधों और अंग की विजय से मगध को ताकतवर बनाया, और उसकी राजधानी राजगृह थी। अजातशत्रु ने इस शक्ति को आगे बढ़ाया: उसने कोसल से युद्ध किया, लिच्छवियों के वज्जि संघ को हराया और गंगा किनारे पाटलिग्राम गांव में किला बनवाया। बुद्ध की मृत्यु के कुछ समय बाद पहली बौद्ध संगीति उसी के शासन में राजगृह में हुई। B गलत है क्योंकि उदयिन अजातशत्रु का पुत्र था, जो बाद में आया और जिसने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया। C गलत है क्योंकि चंद्रगुप्त मौर्य ने लगभग दो सदी बाद, करीब 322 ईसा पूर्व में मौर्य वंश की नींव रखी। D गलत है क्योंकि अशोक चंद्रगुप्त मौर्य का पोता था। परीक्षा टिप: हर्यक वंश का क्रम, बिंबिसार, फिर अजातशत्रु, फिर उदयिन; पहले राजधानी राजगृह, बाद में पाटलिपुत्र।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 23 Aug 2021, Shift 1मध्यम

अशोक के अभिलेखों के अनुसार, राजा बनने के कितने वर्ष बाद अशोक ने कलिंग पर युद्ध किया?

  1. A.पाँच
  2. B.आठ
  3. C.छह
  4. D.सात
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आठ

व्याख्या

सही उत्तर है B, आठ। शिलालेख XIII में अशोक कहता है कि उसके राज्याभिषेक के आठ वर्ष बाद कलिंग देश जीता गया। उसका राज्याभिषेक लगभग 268 ईसा पूर्व मानें तो यह युद्ध करीब 261 ईसा पूर्व का ठहरता है। इसी अभिलेख में दर्ज है कि एक लाख पचास हजार लोग बंदी बनाकर ले जाए गए, एक लाख मारे गए और उससे कई गुना अधिक लोग मरे; राजा को गहरा पश्चाताप हुआ और वह धम्म की ओर मुड़ा। यही एकमात्र युद्ध है जिसका वर्णन अशोक ने अपने अभिलेखों में किया। कलिंग आज के ओडिशा का तटीय भाग है और वहीं धौली तथा जौगड़ के अभिलेख खड़े हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि कलिंग अभियान के लिए किसी अभिलेख में पाँच वर्ष नहीं मिलते। विकल्प C गलत है, क्योंकि छह वर्ष का उल्लेख किसी शिलालेख में नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सात एक आम भ्रम है, जबकि मूल पाठ स्पष्ट रूप से आठ कहता है। परीक्षा टिप: राज्याभिषेक लगभग 268 ईसा पूर्व, कलिंग युद्ध आठवें राज्यवर्ष यानी करीब 261 ईसा पूर्व, शिलालेख XIII में वर्णित।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Jan 2023, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किस यूनानी शासक ने मेगस्थनीज को चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा था?

  1. A.सेल्यूकस निकेटर
  2. B.एमिंटास द्वितीय
  3. C.एमिंटास तृतीय
  4. D.फिलिप द्वितीय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सेल्यूकस निकेटर

व्याख्या

सही उत्तर है A, सेल्यूकस निकेटर। सिकंदर का सेनापति सेल्यूकस, जो उसके साम्राज्य के पूर्वी हिस्से का शासक बना, उसने मेगस्थनीज को अपना राजदूत बनाकर पाटलिपुत्र में चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा। यह करीब 305 ईसा पूर्व के उनके युद्ध के बाद हुआ, जिसमें सेल्यूकस ने कंधार और काबुल के आसपास के इलाके छोड़ दिए और बदले में 500 युद्ध हाथी पाए। मेगस्थनीज ने मौर्यकालीन भारत, उसकी राजधानी और लोगों का वर्णन करने वाली 'इंडिका' लिखी; मूल पुस्तक खो गई और केवल स्ट्रैबो और एरियन जैसे बाद के यूनानी लेखकों के उद्धरणों में बची है। B गलत है क्योंकि एमिंटास द्वितीय मौर्यों से बहुत पहले का मकदूनिया का एक राजा था। C गलत है क्योंकि एमिंटास तृतीय मकदूनिया का राजा और फिलिप द्वितीय का पिता था। D गलत है क्योंकि फिलिप द्वितीय मकदूनिया का राजा और सिकंदर महान का पिता था, जिसकी मृत्यु 336 ईसा पूर्व में हो गई थी। परीक्षा टिप: सेल्यूकस ने मेगस्थनीज को चंद्रगुप्त के पास भेजा, और मेगस्थनीज ने 'इंडिका' लिखी।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन प्राचीन भारत में चिकित्सा के विषय में योगदान देने वाला था?

  1. A.भास
  2. B.चरक
  3. C.पाणिनि
  4. D.हर्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चरक

व्याख्या

सही उत्तर है B, चरक। चरक प्राचीन भारत के वे चिकित्सक हैं जिनके नाम से चरक संहिता जुड़ी है, जो चिकित्सा का महान ग्रंथ है; परंपरा उन्हें कुषाण शासक कनिष्क का राजवैद्य मानती है। चरक संहिता पुराने अग्निवेश तंत्र का संशोधित रूप है और इसमें रोग निदान, आहार, स्वच्छता, औषधियों तथा वैद्य के आचार-नियमों की चर्चा है। सुश्रुत की शल्य चिकित्सा संबंधी संहिता के साथ मिलकर यह आयुर्वेद का आधार बनती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि भास संस्कृत नाटककार थे, जिन्हें स्वप्नवासवदत्ता जैसे नाटकों के लिए याद किया जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पाणिनि वे व्याकरणाचार्य थे जिन्होंने संस्कृत व्याकरण का मानक ग्रंथ अष्टाध्यायी रचा। विकल्प D गलत है, क्योंकि हर्ष सातवीं सदी के कन्नौज के शासक और स्वयं नाटककार थे, जिन्होंने रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानंद लिखे, चिकित्सा पर कुछ नहीं। परीक्षा टिप: जोड़ियाँ याद रखें — चिकित्सा में चरक, शल्य में सुश्रुत, व्याकरण में पाणिनि और गणित-खगोल में आर्यभट।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 28 Oct 2018आसान

हाथीगुम्फा का अभिलेख किस शासक के विषय में जानकारी का स्रोत है?

  1. A.खारवेल
  2. B.अशोक
  3. C.हर्षवर्धन
  4. D.कनिष्क
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. खारवेल

व्याख्या

सही उत्तर है A, खारवेल। हाथीगुम्फा (हाथी गुफा) अभिलेख ओडिशा में भुवनेश्वर के पास उदयगिरि पहाड़ियों में खुदा है और कलिंग के महामेघवाहन (चेदि) वंश के जैन राजा खारवेल का मुख्य स्रोत है, जिसने लगभग पहली सदी ईसा पूर्व में शासन किया। प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में लिखा यह अभिलेख उसके शासन का साल-दर-साल ब्योरा देता है: राजधानी की मरम्मत, उत्तर और दक्षिण के राजाओं पर अभियान, जैन मुनियों को दान और एक नंद राजा द्वारा बनवाई गई नहर का विस्तार। नंद राजा के इस उल्लेख के कारण यह पुराने इतिहास के लिए भी अहम है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अशोक की जानकारी उसके अपने शिलालेखों और स्तंभलेखों से मिलती है; कलिंग युद्ध का वर्णन तेरहवें शिलालेख में है। विकल्प C गलत है, क्योंकि हर्षवर्धन की जानकारी बाणभट्ट के ‘हर्षचरित’ और बांसखेड़ा व मधुबन ताम्रपत्रों से मिलती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कनिष्क का प्रमुख अभिलेख अफ़गानिस्तान में मिला रबातक अभिलेख है। परीक्षा टिप: हाथीगुम्फा → खारवेल; जूनागढ़ → रुद्रदामन; नासिक → गौतमीपुत्र शातकर्णी।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 3 Oct 2018, Shift 2मध्यम

चंद्रगुप्त द्वितीय ने गुप्त राज्य का विस्तार गुजरात तक _______ ई. में किया।

  1. A.390
  2. B.309
  3. C.903
  4. D.930
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 390

व्याख्या

सही उत्तर है A, 390। चंद्रगुप्त द्वितीय ने लगभग 390 ई. में पश्चिमी क्षत्रपों, यानी मालवा, गुजरात और काठियावाड़ के शक शासकों, को हराकर गुप्त राज्य का विस्तार गुजरात तक किया। इस विजय से गुप्तों को पश्चिमी तट के बंदरगाह और पश्चिम एशिया तथा रोम के साथ समुद्री व्यापार मिल गया, और उन्हें विक्रमादित्य की उपाधि मिली; उनके चाँदी के सिक्कों पर शकारि यानी शकों का नाश करने वाला भी अंकित है। चंद्रगुप्त द्वितीय का शासन लगभग 380 से 415 ई. तक रहा, उज्जैन उनका दूसरा सत्ता केंद्र बना, और उनके ही काल में चीनी यात्री फाह्यान भारत आया। B गलत है क्योंकि 309 ई. तो वंश के आरंभ से भी पहले पड़ता है, क्योंकि चंद्रगुप्त प्रथम लगभग 319 ई. में गद्दी पर बैठे। C गलत है क्योंकि 903 ई. गुप्त साम्राज्य के अंत के कई शताब्दी बाद का समय है। D गलत है क्योंकि 930 ई. राजपूत काल का है, किसी गुप्त शासक का नहीं। परीक्षा टिप: चंद्रगुप्त द्वितीय - विक्रमादित्य और शकारि, उज्जैन, फाह्यान की यात्रा, शक विजय लगभग 390 ई.।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (II) 2021, 14 Nov 2021आसान

निम्नलिखित में से किस प्राचीन भारतीय राजा की प्रयाग प्रशस्ति में भूरि-भूरि प्रशंसा की गई है?

  1. A.अशोक
  2. B.हर्षवर्धन
  3. C.समुद्रगुप्त
  4. D.बिंदुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. समुद्रगुप्त

व्याख्या

सही उत्तर है C, समुद्रगुप्त। प्रयाग प्रशस्ति, जिसे इलाहाबाद स्तंभ लेख भी कहते हैं, उन्हीं की प्रशंसा में लिखी गई लंबी संस्कृत कविता है। इसे उनके दरबारी कवि और मंत्री हरिषेण ने रचा और यह अशोक के एक पुराने स्तंभ पर खुदी है, जो अब इलाहाबाद (प्रयागराज) किले में है। इसमें समुद्रगुप्त द्वारा उत्तर और दक्षिण में हराए गए राजाओं, कर देने वाले सीमावर्ती राज्यों और आटविक राज्यों की सूची है, और उन्हें कवि तथा वीणा वादक बताया गया है, जैसा उनके सिक्कों पर भी दिखता है। उनकी व्यापक विजयों के कारण इतिहासकार वी. ए. स्मिथ ने उन्हें 'भारत का नेपोलियन' कहा। A गलत है, उसी स्तंभ पर अशोक के अपने अभिलेख हैं, उनकी प्रशंसा वाली प्रशस्ति नहीं। B गलत है, हर्षवर्धन की प्रशंसा बाणभट्ट के हर्षचरित में है, इस अभिलेख में नहीं। D गलत है, प्रयाग में अशोक के पिता, मौर्य राजा बिंदुसार की कोई प्रशस्ति नहीं है। परीक्षा टिप: प्रयाग प्रशस्ति, हरिषेण, समुद्रगुप्त; ऐहोल अभिलेख, रविकीर्ति, पुलकेशिन द्वितीय।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

1801 में जब अवध के नवाब को अपना आधा क्षेत्र ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपने के लिए मजबूर किया गया, तब भारत का गवर्नर जनरल कौन था?

  1. A.रिचर्ड वेलेज़ली
  2. B.वारेन हेस्टिंग्स
  3. C.चार्ल्स कॉर्नवॉलिस
  4. D.रॉबर्ट क्लाइव
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रिचर्ड वेलेज़ली

व्याख्या

सही उत्तर है A, रिचर्ड वेलेज़ली। लॉर्ड रिचर्ड वेलेज़ली 1798 से 1805 तक गवर्नर जनरल रहे, और 1801 में उन्होंने अवध के नवाब सआदत अली खान को अपने राज्य का लगभग आधा हिस्सा कंपनी को सौंपने पर मजबूर किया। नवाब अपने राज्य में रखी गई ब्रिटिश सेना का बढ़ता खर्च नहीं चुका पाया था, और वेलेज़ली ने बदले में रुहेलखंड और निचले दोआब जैसे उपजाऊ इलाके ले लिए। यह वेलेज़ली की सहायक संधि का एक साफ़ उदाहरण था, जिसके तहत भारतीय शासक ब्रिटिश सेना का खर्च उठाता, एक ब्रिटिश रेज़िडेंट रखता और कंपनी की अनुमति के बिना कोई संधि नहीं कर सकता था। इसे सबसे पहले 1798 में हैदराबाद ने स्वीकार किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि बंगाल के पहले गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स 1785 में भारत छोड़ चुके थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1793 के स्थायी बंदोबस्त के लिए प्रसिद्ध कॉर्नवॉलिस तब तक जा चुके थे; वे केवल 1805 में थोड़े समय के लिए लौटे। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्लासी के विजेता रॉबर्ट क्लाइव की मृत्यु 1774 में हो चुकी थी। परीक्षा टिप: सहायक संधि यानी वेलेज़ली; अवध ने 1801 में अपना आधा क्षेत्र खोया और 1856 में डलहौज़ी ने उसका विलय कर लिया।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा राजवंश "त्रिपक्षीय संघर्ष" का हिस्सा नहीं था?

  1. A.पाल
  2. B.राष्ट्रकूट
  3. C.चेर
  4. D.गुर्जर प्रतिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चेर

व्याख्या

सही उत्तर है C, चेर। चेर केरल में राज करते थे और कन्नौज की लड़ाई में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। त्रिपक्षीय संघर्ष 8वीं से 10वीं शताब्दी के बीच तीन शक्तियों की लंबी होड़ थी, जिसका लक्ष्य गंगा घाटी में हर्षवर्धन की पुरानी राजधानी कन्नौज पर कब्ज़ा करना था। जिसके पास कन्नौज होता, उसे उत्तर भारत का स्वामी माना जाता था, इसलिए तीनों लगभग दो सदियों तक इस पर हमला करते रहे। अंत में गुर्जर-प्रतिहारों ने कन्नौज को सबसे लंबे समय तक अपने पास रखा, और इस लड़ाई ने तीनों को कमज़ोर कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोपाल द्वारा स्थापित बंगाल के पाल इस संघर्ष का एक पक्ष थे; धर्मपाल ने तो कन्नौज की गद्दी पर अपना समर्थक भी बैठाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि दक्कन के राष्ट्रकूट, ध्रुव और गोविंद तृतीय जैसे राजाओं के नेतृत्व में, उत्तर पर हमले करके इस संघर्ष में शामिल हुए। विकल्प D गलत है, क्योंकि पश्चिम भारत के गुर्जर-प्रतिहार, नागभट्ट द्वितीय और मिहिर भोज जैसे शासकों के साथ, तीसरा पक्ष थे। परीक्षा टिप: पाल (पूर्व), प्रतिहार (पश्चिम) और राष्ट्रकूट (दक्षिण) कन्नौज के लिए लड़े।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 20 Sept 2018, Shift 3आसान

बोस्टन टी पार्टी की घटना किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1773
  2. B.1776
  3. C.1775
  4. D.1774
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1773

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1773। बोस्टन टी पार्टी की घटना 16 दिसंबर 1773 को हुई, जब अमेरिकी उपनिवेशवासियों ने बोस्टन बंदरगाह में ब्रिटिश चाय के संदूक फेंक दिए थे। यह विरोध 1773 के चाय अधिनियम के खिलाफ था, जिसने ईस्ट इंडिया कंपनी को उपनिवेशों में सामान्य शुल्क चुकाए बिना चाय बेचने की छूट दी और स्थानीय व्यापारियों का धंधा चौपट कर दिया। सन्स ऑफ लिबर्टी के सदस्य, जिनमें कुछ मोहॉक आदिवासियों के वेश में थे, ग्रिफिन्स व्हार्फ पर खड़े तीन जहाजों पर चढ़े और चाय के 342 संदूक पानी में डाल दिए। ब्रिटेन ने जवाब में असहनीय कानून लगाए, और उनसे उपजे गुस्से ने 1774 की पहली महाद्वीपीय कांग्रेस तथा 1775 से अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम की राह बनाई। B गलत है क्योंकि 1776 में 4 जुलाई को स्वतंत्रता की घोषणा स्वीकार की गई थी। C गलत है क्योंकि 1775 में लेक्सिंगटन और कॉनकॉर्ड से लड़ाई शुरू हुई। D गलत है क्योंकि 1774 असहनीय कानूनों और पहली महाद्वीपीय कांग्रेस का वर्ष है। परीक्षा टिप: बोस्टन टी पार्टी 1773, युद्ध की शुरुआत 1775, स्वतंत्रता की घोषणा 1776।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

______ में विजयनगर के मुख्यमंत्री रामराय ने राक्षसी-तंगड़ी (जिसे तालीकोटा भी कहा जाता है) में सेना का नेतृत्व किया, जहाँ बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा की संयुक्त सेनाओं ने उसकी सेना को करारी हार दी।

  1. A.1585
  2. B.1565
  3. C.1545
  4. D.1525
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1565

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1565। तालीकोटा का युद्ध, जिसे राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध भी कहते हैं, जनवरी 1565 में हुआ और इसने विजयनगर की शक्ति तोड़ दी। रामराय सदाशिव राय के समय सिंहासन के पीछे असली शासक था। वह दक्कन की सल्तनतों को आपस में लड़ाता रहा, इसलिए अंत में बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा उसके खिलाफ एकजुट हो गए। रामराय पकड़ा गया और मारा गया, और विजयी सेनाओं ने राजधानी विजयनगर (हम्पी) को महीनों तक लूटा। हम्पी के खंडहर, जो आज यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं, इसी लूट की याद दिलाते हैं। साम्राज्य अराविडु वंश के अधीन चलता रहा, पर पुराना गौरव कभी नहीं लौटा। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1585 युद्ध के बीस साल बाद का वर्ष है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1545 में साम्राज्य पर रामराय का लंबा नियंत्रण अभी शुरू ही हुआ था; निर्णायक युद्ध बीस साल बाद हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1525 में कृष्णदेव राय का शासन था, जो साम्राज्य का स्वर्ण काल था। परीक्षा टिप: विजयनगर की स्थापना 1336, कृष्णदेव राय (1509–1529) के समय चरम, तालीकोटा 1565 में पतन।

Q17.भारतीय इतिहासमध्यम

दाशराज्ञ युद्ध किस नदी के तट पर लड़ा गया था?

  1. A.वितस्ता
  2. B.शुतुद्री
  3. C.परुष्णी
  4. D.अस्किनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. परुष्णी

व्याख्या

सही उत्तर C, परुष्णी है, जिसे आज रावी कहा जाता है। ऋग्वेद के सातवें मंडल में वर्णन है कि भरत जन के राजा सुदास ने इसी नदी के तट पर दस जनों के संघ को पराजित किया, और यह पूरे ऋग्वैदिक साहित्य में दर्ज सबसे स्पष्ट राजनीतिक घटना है।

विकल्प A, वितस्ता आधुनिक झेलम है और विकल्प D, अस्किनी आधुनिक चिनाब; दोनों ऋग्वैदिक क्षेत्र में थीं परंतु इस युद्ध से इनका संबंध नहीं है। विकल्प B, शुतुद्री आधुनिक सतलज है, जो सात नदियों में तो है परंतु युद्ध स्थल नहीं। परीक्षक इस प्रश्न को इसलिए पसंद करते हैं कि इसमें घटना और नदियों के नाम दोनों जांचे जाते हैं, इसलिए ये जोड़े याद कीजिए: वितस्ता-झेलम, अस्किनी-चिनाब, परुष्णी-रावी, विपाशा-व्यास और शुतुद्री-सतलज। यह भी ध्यान रखिए कि विजयी भरत जन का नाम ही आगे चलकर देश के नाम भारत में सुरक्षित रहा, और इसी कारण यह युद्ध केवल एक स्थानीय संघर्ष नहीं माना जाता।

Q18.भारतीय इतिहासमध्यम

चतुर्थ बौद्ध संगीति किस शासक के संरक्षण में आयोजित हुई थी?

  1. A.अशोक
  2. B.अजातशत्रु
  3. C.कनिष्क
  4. D.कालाशोक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कनिष्क

व्याख्या

सही उत्तर C, कनिष्क है। चतुर्थ बौद्ध संगीति पहली शताब्दी ईस्वी में कश्मीर के कुंडलवन में कुषाण शासक कनिष्क के संरक्षण में हुई, जिसकी अध्यक्षता वसुमित्र ने की और अश्वघोष उनके सहयोगी रहे। इसमें संस्कृत में टीकाएँ तैयार हुईं और महायान तथा हीनयान का भेद स्थायी रूप ले गया।

विकल्प A, अशोक ने पाटलिपुत्र की तृतीय संगीति को संरक्षण दिया, जिसकी अध्यक्षता मोग्गलिपुत्त तिस्स ने की और जिसमें अभिधम्म पिटक जोड़ा गया। विकल्प B, अजातशत्रु के समय बुद्ध के निधन के तुरंत बाद राजगृह में प्रथम संगीति हुई, जहाँ उपालि ने विनय और आनंद ने सुत्त सुनाया। विकल्प D, कालाशोक के संरक्षण में वैशाली की द्वितीय संगीति हुई, जिसमें संघ स्थविरवादी और महासांघिक में बँटा। संगीतियों को स्थान, राजा, अध्यक्ष और परिणाम की पंक्ति बनाकर याद करें।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 21 April 2022, Shift 1कठिन

अशोक के लघु शिलालेख भारत के विभिन्न भागों में मिले हैं। निम्नलिखित में से कौन कर्नाटक में अशोक के लघु शिलालेखों का प्राप्ति स्थल नहीं है?

  1. A.मस्की
  2. B.गवीमठ
  3. C.रूपनाथ
  4. D.ब्रह्मगिरि
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रूपनाथ

व्याख्या

सही उत्तर है C, रूपनाथ। रूपनाथ मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में है, कर्नाटक में नहीं, और वहाँ लघु शिलालेख I मिलता है। अशोक के लघु शिलालेखों का सबसे बड़ा समूह कर्नाटक में ही है, रायचूर, बल्लारी और चित्रदुर्ग की पट्टी में — मस्की, गवीमठ, पलकिगुंडु, ब्रह्मगिरि, सिद्दापुर, जटिंग-रामेश्वर, निट्टूर और उडेगोलम में। लघु शिलालेख चौदह बृहत् शिलालेखों से इस बात में अलग हैं कि वे नीति के वक्तव्य नहीं, बल्कि धम्म में राजा की आस्था की छोटी और व्यक्तिगत घोषणाएँ हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि कर्नाटक के रायचूर जिले का मस्की प्राप्ति स्थल है और प्रसिद्ध भी — यहीं किसी अभिलेख में पहली बार अशोक नाम पढ़ा गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि कर्नाटक में कोप्पल के पास गवीमठ में भी लघु शिलालेख I है। विकल्प D गलत है, क्योंकि चित्रदुर्ग जिले का ब्रह्मगिरि कर्नाटक का ही एक अन्य प्राप्ति स्थल है। परीक्षा टिप: मस्की, गवीमठ, ब्रह्मगिरि, सिद्दापुर और निट्टूर कर्नाटक में हैं, जबकि रूपनाथ मध्य प्रदेश में और बैराठ राजस्थान में।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

सौ वर्षीय युद्ध किन दो देशों के बीच लड़ा गया था?

  1. A.इंग्लैंड और फ्रांस
  2. B.इंग्लैंड और इटली
  3. C.इंग्लैंड और जर्मनी
  4. D.जर्मनी और फ्रांस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. इंग्लैंड और फ्रांस

व्याख्या

सही उत्तर है A, इंग्लैंड और फ्रांस। सौ वर्षीय युद्ध इंग्लैंड और फ्रांस के बीच 1337 से 1453 तक चला, अर्थात वास्तव में 116 वर्ष, जिसके बीच लंबी संधियों के दौर भी रहे। इसकी शुरुआत तब हुई जब इंग्लैंड के एडवर्ड तृतीय ने फ्रांस की राजगद्दी पर अपना दावा जताया; इसके पीछे फ्रांस में इंग्लैंड की भूमि और फ्लैंडर्स के ऊन व्यापार पर नियंत्रण का प्रश्न भी था। लंबे धनुष की मदद से इंग्लैंड ने क्रेसी, प्वातिए और एजिनकोर्ट के प्रसिद्ध आरंभिक युद्ध जीते, पर 1429 में जोन ऑफ आर्क द्वारा ऑर्लेआं की घेराबंदी तोड़ने के बाद फ्रांस ने वापसी की, और 1453 तक अंग्रेजों के पास केवल कैले बचा। B गलत है क्योंकि इंग्लैंड और इटली के बीच ऐसा कोई युद्ध नहीं हुआ। C गलत है क्योंकि इंग्लैंड और जर्मनी बीसवीं सदी के विश्व युद्धों में आमने-सामने आए, चौदहवीं सदी में नहीं। D गलत है क्योंकि जर्मनी-फ्रांस का टकराव 1870-71 का फ्रांस-प्रशा युद्ध था, जो बहुत बाद का और छोटा था। परीक्षा टिप: सौ वर्षीय युद्ध 1337 से 1453, इंग्लैंड बनाम फ्रांस, 1429 में जोन ऑफ आर्क से मोड़।

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