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GK क्विजभूगोल

भूगोल क्विज: भारत के राष्ट्रीय जलमार्ग और अंतर्देशीय जल परिवहन

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भूगोल के अंतर्गत "भारत के राष्ट्रीय जलमार्ग और अंतर्देशीय जल परिवहन" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भूगोलआसान

भारत का राष्ट्रीय जलमार्ग 1 किस नदी तंत्र पर है?

  1. A.ब्रह्मपुत्र
  2. B.गंगा, भागीरथी और हुगली
  3. C.गोदावरी और कृष्णा
  4. D.नर्मदा और तापी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गंगा, भागीरथी और हुगली

व्याख्या

सही उत्तर B, गंगा, भागीरथी और हुगली है। राष्ट्रीय जलमार्ग 1 पश्चिम बंगाल के हल्दिया से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज तक 1,620 किलोमीटर चलता है और पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार तथा उत्तर प्रदेश से गुजरता है; यह 1986 में राष्ट्रीय घोषित होने वाला पहला जलमार्ग था। विकल्प A गलत है क्योंकि धुबरी से सादिया तक ब्रह्मपुत्र राष्ट्रीय जलमार्ग 2 है, जो 1988 में घोषित हुआ। विकल्प C गलत है क्योंकि गोदावरी और कृष्णा के भाग, काकीनाडा तथा पुडुचेरी नहरों के साथ, राष्ट्रीय जलमार्ग 4 बनाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि नर्मदा बहुत बाद में घोषित अलग जलमार्ग है, जिसकी संख्या 73 है, और तापी पुराने जलमार्गों में नहीं है। जल मार्ग विकास परियोजना भी एनडब्ल्यू-1 पर ही चल रही है। ध्यान रखें कि पुराने प्रश्नपत्रों में प्रयागराज को इलाहाबाद लिखा गया है, इसलिए एक ही जलमार्ग के लिए दोनों नाम प्रश्नों में मिलते हैं।

Q2.भूगोलमध्यम

हल्दिया से प्रयागराज तक राष्ट्रीय जलमार्ग 1 की लंबाई कितनी है?

  1. A.891 किमी
  2. B.1,095 किमी
  3. C.1,620 किमी
  4. D.2,480 किमी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1,620 किमी

व्याख्या

सही उत्तर C, 1,620 किमी है, और इसी कारण राष्ट्रीय जलमार्ग 1 भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग है तथा उस पर सबसे अधिक माल ढुलाई होती है। विकल्प A में दी गई 891 किमी की लंबाई धुबरी और सादिया के बीच ब्रह्मपुत्र पर राष्ट्रीय जलमार्ग 2 की है, और यही आंकड़ा इस प्रश्न में सबसे अधिक बदला जाता है। विकल्प B में दी गई 1,095 किमी की लंबाई राष्ट्रीय जलमार्ग 4 की है, जिसमें काकीनाडा और पुडुचेरी नहरों के साथ गोदावरी तथा कृष्णा के भाग आते हैं। विकल्प D किसी भी एक राष्ट्रीय जलमार्ग से बड़ा है और किसी से मेल नहीं खाता। याद रखने का सरल क्रम है एनडब्ल्यू-1 के लिए 1,620, एनडब्ल्यू-2 के लिए 891, एनडब्ल्यू-3 के लिए 205, एनडब्ल्यू-4 के लिए 1,095 और एनडब्ल्यू-5 के लिए 623।

Q3.भूगोलमध्यम

राष्ट्रीय जलमार्ग 2 किन दो स्थानों के बीच है?

  1. A.धुबरी और सादिया
  2. B.हल्दिया और प्रयागराज
  3. C.कोल्लम और कोट्टापुरम
  4. D.लखीपुर और भंगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. धुबरी और सादिया

व्याख्या

सही उत्तर A, धुबरी और सादिया है। राष्ट्रीय जलमार्ग 2 असम के भीतर ब्रह्मपुत्र के सहारे 891 किलोमीटर चलता है, बांग्लादेश सीमा के पास धुबरी से ऊपरी घाटी के सादिया तक, और इसका मुख्य टर्मिनल गुवाहाटी के निकट पांडु है। विकल्प B में गंगा तंत्र पर राष्ट्रीय जलमार्ग 1 के दोनों छोर दिए गए हैं। विकल्प C में केरल की पश्चिमी तट नहर, अर्थात राष्ट्रीय जलमार्ग 3, के छोर हैं। विकल्प D में बराक नदी पर राष्ट्रीय जलमार्ग 16 के छोर हैं, जो दक्षिणी असम की बराक घाटी को सेवा देता है और उसी राज्य में होने के कारण एनडब्ल्यू-2 से अक्सर भ्रमित होता है। बांग्लादेश के साथ जल पारगमन प्रोटोकॉल के कारण एनडब्ल्यू-2 का माल कोलकाता, हल्दिया और बांग्लादेश के पत्तनों तक पहुंच सकता है।

Q4.भूगोलमध्यम

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की स्थापना किस वर्ष हुई?

  1. A.1982
  2. B.1986
  3. C.1993
  4. D.2016
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1986

व्याख्या

सही उत्तर B, 1986 है। यह प्राधिकरण अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण अधिनियम 1985 के अंतर्गत 1986 में अस्तित्व में आया और इसका मुख्यालय उत्तर प्रदेश के नोएडा में है। यह ड्रेजिंग, टर्मिनल और नौवहन सुविधाओं के माध्यम से राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास तथा रखरखाव करता है और पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन काम करता है। विकल्प A गलत है और इस अध्याय की किसी घटना से मेल नहीं खाता। विकल्प C गलत है क्योंकि 1993 में केरल की पश्चिमी तट नहर, अर्थात राष्ट्रीय जलमार्ग 3, घोषित हुई थी। विकल्प D गलत है क्योंकि 2016 राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम का वर्ष है, जिसने 111 जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया। इस प्रश्न का सबसे आम जाल अधिनियम के वर्ष 1985 को स्थापना का वर्ष मान लेना है।

Q5.भूगोलमध्यम

राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम, 2016 द्वारा कितने अंतर्देशीय जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया?

  1. A.पांच
  2. B.उन्तीस
  3. C.एक सौ ग्यारह
  4. D.एक सौ छब्बीस
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एक सौ ग्यारह

व्याख्या

सही उत्तर C, एक सौ ग्यारह है। राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम 2016 ने 1986 से 2008 के बीच पहले ही घोषित पांच जलमार्गों को एक ही कानून में समेटा और अनेक नए जोड़े, जिससे कुल संख्या 111 हो गई, जो देश के अधिकांश राज्यों की नदियों, नहरों, खाड़ियों, ज्वारनदमुखों और बैकवाटर में फैली है। विकल्प A गलत है क्योंकि अधिनियम से पहले अलग-अलग कानूनों से एक-एक करके घोषित जलमार्गों की संख्या पांच थी। विकल्प B कल्पित आंकड़ा है और घोषणा के किसी चरण से मेल नहीं खाता। विकल्प D गलत है और ऐसा निकट का आंकड़ा है जो उन परीक्षार्थियों को फंसाता है जिन्हें केवल इतना याद है कि संख्या सौ से ऊपर है। ध्यान रखें कि संसद द्वारा घोषणा पहला कदम है; माल ढुलाई तभी होती है जब ड्रेजिंग, टर्मिनल और नौवहन सुविधाएं तैयार हों।

Q6.भूगोलआसान

पश्चिमी तट नहर, अर्थात राष्ट्रीय जलमार्ग 3, किस राज्य में है?

  1. A.गोवा
  2. B.कर्नाटक
  3. C.केरल
  4. D.महाराष्ट्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केरल

व्याख्या

सही उत्तर C, केरल है। राष्ट्रीय जलमार्ग 3 कोल्लम से कोट्टापुरम तक पश्चिमी तट नहर के सहारे 205 किलोमीटर चलता है और इसमें चंपाकरा तथा उद्योगमंडल नहरें भी सम्मिलित हैं, जो कोच्चि के निकट औद्योगिक पट्टी को सेवा देती हैं। 1993 में घोषित यह पहला राष्ट्रीय जलमार्ग था जिसे दिन और रात दोनों समय नौवहन की सुविधाएं मिलीं, और यह केरल के उन बैकवाटर से होकर जाता है जहां पर्यटन भी बहुत है। विकल्प A गलत है, हालांकि गोवा में मांडवी पर एनडब्ल्यू-68 और जुआरी पर एनडब्ल्यू-111 जैसे दो जलमार्ग हैं, जिनसे अयस्क ढोया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि कर्नाटक के जलमार्ग छोटे हैं और 2016 के अधिनियम से ही घोषित हुए। विकल्प D गलत है क्योंकि महाराष्ट्र में अंबा नदी पर एनडब्ल्यू-10 जैसे छोटे जलमार्ग हैं, पश्चिमी तट नहर नहीं।

Q7.भूगोलकठिन

असम में लखीपुर से भंगा तक बराक नदी का जलमार्ग कौन-सी संख्या रखता है?

  1. A.राष्ट्रीय जलमार्ग 2
  2. B.राष्ट्रीय जलमार्ग 6
  3. C.राष्ट्रीय जलमार्ग 16
  4. D.राष्ट्रीय जलमार्ग 110
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. राष्ट्रीय जलमार्ग 16

व्याख्या

सही उत्तर C, राष्ट्रीय जलमार्ग 16 है। लखीपुर और भंगा के बीच बराक नदी का लगभग 121 किलोमीटर लंबा भाग दक्षिणी असम की बराक घाटी को सेवा देता है और करीमगंज के रास्ते बांग्लादेश से होकर जाने वाले प्रोटोकॉल मार्ग से जुड़ता है, जिससे वह क्षेत्र जुड़ जाता है जो पहाड़ों के कारण शेष असम से कटा हुआ है। विकल्प A गलत है क्योंकि राष्ट्रीय जलमार्ग 2 उसी राज्य की दूसरी घाटी में धुबरी से सादिया तक ब्रह्मपुत्र है। विकल्प B गलत है क्योंकि बराक का यह भाग पहले अलग कानून से राष्ट्रीय जलमार्ग 6 के रूप में घोषित हुआ था, परंतु 2016 के अधिनियम के बाद उसकी सूची-संख्या 16 है, और आज यही पूछी जाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि राष्ट्रीय जलमार्ग 110 दिल्ली से प्रयागराज तक यमुना है।

Q8.भूगोलमध्यम

भारत में अंतर्देशीय जल परिवहन किस मंत्रालय के अधीन है?

  1. A.जल शक्ति मंत्रालय
  2. B.पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
  3. C.सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
  4. D.पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर B, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय है, जिसके अधीन भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण कार्य करता है। संसद द्वारा राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित जलमार्गों पर पोत परिवहन और नौवहन संघ सूची का विषय है, इसीलिए प्रत्येक जलमार्ग की घोषणा के लिए केंद्रीय कानून आवश्यक होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि जल शक्ति मंत्रालय जल संसाधन, नदी विकास, सिंचाई और पेयजल देखता है, नौवहन नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि सड़क परिवहन और राजमार्ग अलग मंत्रालय है, भले बहुविध टर्मिनल जलमार्गों को राजमार्गों से जोड़ते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि पर्यावरण मंत्रालय केवल ड्रेजिंग और टर्मिनल निर्माण की स्वीकृति देता है। विषय नदियों से जुड़ा होने के कारण परीक्षार्थी अक्सर जल शक्ति चुन लेते हैं, और यही जाल है। इस श्रृंखला को क्रम से याद रखें: संघ सूची की प्रविष्टि, फिर मंत्रालय, और फिर 1985 के अधिनियम से बना प्राधिकरण, क्योंकि प्रश्न इसी क्रम में बनते हैं।

Q9.भूगोलमध्यम

जल मार्ग विकास परियोजना किस राष्ट्रीय जलमार्ग पर चलाई जा रही है?

  1. A.राष्ट्रीय जलमार्ग 1
  2. B.राष्ट्रीय जलमार्ग 2
  3. C.राष्ट्रीय जलमार्ग 3
  4. D.राष्ट्रीय जलमार्ग 5
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. राष्ट्रीय जलमार्ग 1

व्याख्या

सही उत्तर A, राष्ट्रीय जलमार्ग 1 है। विश्व बैंक की सहायता से चल रही जल मार्ग विकास परियोजना हल्दिया और वाराणसी के बीच गंगा के मार्ग को गहरा करती है और बहुविध टर्मिनल, जेटी तथा नौवहन सुविधाएं बनाती है, जिससे बड़े जहाज पूरे वर्ष चल सकें। वाराणसी, साहिबगंज और हल्दिया के टर्मिनल इसी परियोजना के हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि ब्रह्मपुत्र जलमार्ग पर कार्य पांडु टर्मिनल पर केंद्रित अलग योजनाओं से होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि केरल का राष्ट्रीय जलमार्ग 3 पहले से दिन-रात नौवहन के लिए सुसज्जित है और उसे ऐसी क्षमता परियोजना की आवश्यकता नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि ब्राह्मणी-महानदी डेल्टा और पूर्वी तट नहर वाला राष्ट्रीय जलमार्ग 5 प्राधिकरण स्वयं चरणों में विकसित करता है। इस परियोजना का उद्देश्य गंगा पर पूरे वर्ष बड़े जहाजों के लिए पर्याप्त गहराई बनाए रखना है, और यही बात प्रश्नों में पूछी जाती है।

Q10.भूगोलमध्यम

राष्ट्रीय जलमार्ग 1 पर साहिबगंज का बहुविध टर्मिनल किस राज्य में है?

  1. A.बिहार
  2. B.झारखंड
  3. C.पश्चिम बंगाल
  4. D.उत्तर प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. झारखंड

व्याख्या

सही उत्तर B, झारखंड है। साहिबगंज झारखंड के उत्तर-पूर्वी कोने में गंगा के किनारे है और उसका टर्मिनल इसलिए बनाया गया कि राजमहल क्षेत्र का कोयला और पत्थर गिट्टी सड़क के बजाय जल से भेजी जा सके। विकल्प A गलत है क्योंकि एनडब्ल्यू-1 के बिहार वाले भाग में पटना और कालूघाट जैसे स्थानों पर टर्मिनल तथा जेटी हैं, साहिबगंज नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि इस जलमार्ग का पश्चिम बंगाल वाला छोर हल्दिया है, जहां पत्तन और बहुविध टर्मिनल दोनों हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश में रामनगर स्थित वाराणसी टर्मिनल और जलमार्ग का प्रयागराज छोर आता है। जल मार्ग विकास परियोजना के तीन टर्मिनल वाराणसी, साहिबगंज और हल्दिया को क्रमशः उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल से जोड़कर याद रखना इस प्रश्न के अनेक रूपों का उत्तर दे देता है।

Q11.भूगोलकठिन

अंतर्देशीय पोत अधिनियम, 2021 ने किस वर्ष के अधिनियम का स्थान लिया?

  1. A.1917
  2. B.1934
  3. C.1958
  4. D.1985
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1917

व्याख्या

सही उत्तर A, 1917 है। अंतर्देशीय पोत अधिनियम 2021 ने 1917 के अंतर्देशीय वाष्प पोत अधिनियम का स्थान लिया, जिसके अंतर्गत प्रत्येक राज्य जहाजों का पंजीकरण अलग-अलग करता था। नया अधिनियम पूरे देश में मान्य एक पंजीकरण प्रमाणपत्र, जहाजों तथा चालक दल का केंद्रीय डेटाबेस और सुरक्षा एवं प्रदूषण के समान नियम देता है, जिससे एक राज्य में पंजीकृत जहाज दूसरे राज्य के जलमार्ग पर नई कागजी कार्यवाही के बिना चल सकता है। विकल्प B गलत है क्योंकि 1934 वायुयान अधिनियम और भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम का वर्ष है, अंतर्देशीय पोतों का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि 1958 का व्यापारिक पोत परिवहन अधिनियम समुद्री जहाजों पर लागू होता है, और यहीं सबसे अधिक भ्रम होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1985 में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण बनाने वाला अधिनियम आया था।

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