शीत ऋतु के आरंभ में तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में वर्षा किस कारण होती है?
- A.उत्तर-पूर्वी मानसून
- B.स्थानीय वायु संचरण
- C.शीतोष्ण चक्रवात
- D.दक्षिण-पश्चिम मानसून
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. उत्तर-पूर्वी मानसून
व्याख्या
सही उत्तर A, उत्तर-पूर्वी मानसून है। अक्टूबर और नवंबर में मानसून के लौटने पर हवा की दिशा उलट जाती है और वायु स्थल से समुद्र की ओर बहने लगती है। बंगाल की खाड़ी पार करते समय यह नमी ग्रहण कर लेती है और कोरोमंडल तट से टकराकर तमिलनाडु तथा तटीय आंध्र प्रदेश को उनकी मुख्य वर्षा ऋतु देती है। इसी कारण तमिलनाडु भारत का वह बड़ा भाग है जिसका कृषि पंचांग ग्रीष्म के बजाय शीत ऋतु की वर्षा पर निर्भर करता है।
विकल्प B स्थानीय वायु संचरण से केवल स्थल और समुद्र समीर बनते हैं, जो पूरी ऋतु की वर्षा नहीं दे सकते। विकल्प C शीतोष्ण चक्रवात अर्थात पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में शीतकालीन वर्षा देते हैं, सुदूर दक्षिण में नहीं। विकल्प D दक्षिण-पश्चिम मानसून के महीनों में तमिलनाडु पश्चिमी घाट की वृष्टिछाया में रहने के कारण सूखा रहता है।