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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 67

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 67) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: बहुलक, प्लास्टिक और रेशे, औद्योगिक रसायन: कांच, सीमेंट, उर्वरक और विस्फोटक, विद्युत रसायन: विद्युत अपघटन, विद्युत लेपन और बैटरी और अन्य। इनमें से 8 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानकठिन

नायलॉन-6,6 किसके संघनन बहुलकीकरण से प्राप्त होता है?

  1. A.केवल कैप्रोलैक्टम
  2. B.हेक्सामेथिलीनडाइऐमीन और एडिपिक अम्ल
  3. C.एथिलीन ग्लाइकॉल और टेरेफ्थैलिक अम्ल
  4. D.फीनॉल और फॉर्मेल्डिहाइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हेक्सामेथिलीनडाइऐमीन और एडिपिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर B, हेक्सामेथिलीनडाइऐमीन और एडिपिक अम्ल है। नायलॉन-6,6 एक पॉलीऐमाइड है, जो हेक्सामेथिलीनडाइऐमीन के एडिपिक अम्ल से संघनन पर बनता है और प्रत्येक बंध पर जल का एक अणु निकलता है; नाम यह बताता है कि प्रत्येक एकलक छह कार्बन परमाणुओं की श्रृंखला देता है। यह रस्सियों, टायर कॉर्ड, ब्रश के रेशों और पैराशूट के कपड़े में काम आता है। A गलत है क्योंकि केवल कैप्रोलैक्टम से नायलॉन-6 बनता है, जो इससे जुड़ा पर भिन्न पॉलीऐमाइड है। C गलत है क्योंकि एथिलीन ग्लाइकॉल और टेरेफ्थैलिक अम्ल से पॉलिएस्टर टेरिलीन बनता है, जिसे डैक्रॉन भी कहते हैं और बोतल के रूप में पॉलीएथिलीन टेरेफ्थैलेट। D गलत है क्योंकि फीनॉल और फॉर्मेल्डिहाइड से बैकेलाइट बनता है, जो तापदृढ़ प्लास्टिक है और रेशा बिल्कुल नहीं। नाम का नियम याद रखें: दो अंकों वाला नायलॉन दो एकलकों से बनता है, एक डाइऐमीन देता है और दूसरा डाइअम्ल, जबकि एक अंक वाला नायलॉन एक ही एकलक से बनता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 04 Oct 2017, Shift 2आसान

सीमेंट, रोड़ी, मोटी बालू और पानी के मिश्रण को _______ कहा जाता है।

  1. A.मोर्टार
  2. B.कंक्रीट
  3. C.स्लरी
  4. D.मॉडरेटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कंक्रीट

व्याख्या

सही उत्तर है B, कंक्रीट। कंक्रीट वह निर्माण सामग्री है जो सीमेंट के साथ रोड़ी जैसे मोटे गिट्टी पदार्थ, बालू जैसे महीन पदार्थ और पानी मिलाकर बनाई जाती है।

सीमेंट और पानी के बीच जलयोजन नामक अभिक्रिया होती है, जिससे मिश्रण जमकर कठोर हो जाता है और गिट्टी को बाँध लेता है। साधारण काम के लिए एक भाग सीमेंट, दो भाग बालू और चार भाग रोड़ी का अनुपात आम है, जिसे 1:2:4 लिखा जाता है। कंक्रीट संपीडन में मजबूत पर तनाव में कमजोर होती है, इसलिए इसमें लोहे की छड़ें डालकर प्रबलित सीमेंट कंक्रीट बनाई जाती है, जिससे आज की इमारतें, पुल और बाँध बनते हैं।

विकल्प A, मोर्टार, में केवल सीमेंट या चूना, बालू और पानी होता है, रोड़ी नहीं, और इससे ईंटें जोड़ी जाती हैं। विकल्प C, स्लरी, किसी ठोस का पतला बहने वाला मिश्रण है। विकल्प D, मॉडरेटर, नाभिकीय रिएक्टर में न्यूट्रॉन की गति धीमी करने वाला पदार्थ है।

परीक्षा सुझाव: मोर्टार में रोड़ी नहीं, कंक्रीट में रोड़ी, और लोहे की छड़ मिलाने पर आरसीसी।

Q3.सामान्य विज्ञानमध्यम

एक फैराडे नामक विद्युत की मात्रा लगभग कितनी होती है?

  1. A.9,650 कूलॉम
  2. B.96,500 कूलॉम
  3. C.1,600 कूलॉम
  4. D.6,023 कूलॉम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 96,500 कूलॉम

व्याख्या

सही उत्तर B, 96,500 कूलॉम है। एक फैराडे एक मोल इलेक्ट्रॉनों द्वारा वहन किया गया आवेश है, जो एक इलेक्ट्रॉन के आवेश को आवोगाद्रो संख्या से गुणा करने पर मिलता है और लगभग 96,500 कूलॉम होता है; किसी अपघट्य से एक फैराडे प्रवाहित करने पर इलेक्ट्रोड पर पदार्थ का एक ग्राम तुल्यांक मुक्त होता है। A गलत है क्योंकि 9,650 कूलॉम सही मान का दसवाँ भाग है और असावधानी से पढ़ने वालों के लिए जाल है। C गलत है क्योंकि 1.6 का अंक एक इलेक्ट्रॉन के आवेश से जुड़ा है, जो 1.6 गुणा दस की घात ऋण उन्नीस कूलॉम है, फैराडे से नहीं। D गलत है क्योंकि 6.023 गुणा दस की घात तेईस आवोगाद्रो संख्या है, जो कणों की गिनती है, आवेश की मात्रा नहीं, यद्यपि फैराडे की गणना में दोनों साथ आते हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 12 June 2022, Shift 1आसान

जंतुओं में जनन अंग नर और मादा युग्मक बनाते हैं, जिनके संलयन से ____________ बनता है।

  1. A.अंडाणु
  2. B.भ्रूण (फीटस)
  3. C.भ्रूण (एम्ब्रियो)
  4. D.युग्मनज
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. युग्मनज

व्याख्या

सही उत्तर है D, युग्मनज। नर युग्मक और मादा युग्मक के मिलने को निषेचन कहते हैं और इससे बनी एक कोशिका ही युग्मनज कहलाती है। जंतुओं में नर युग्मक शुक्राणु है और मादा युग्मक अंडाणु है। हर युग्मक में गुणसूत्रों की आधी संख्या होती है, इसलिए युग्मनज में पूरी संख्या लौट आती है: मनुष्य में 23 गुणसूत्र शुक्राणु से और 23 अंडाणु से मिलकर 46 हो जाते हैं। इसके बाद युग्मनज बार-बार विभाजित होता है, फैलोपियन नलिका से होकर गर्भाशय की दीवार में जुड़ जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अंडाणु स्वयं मादा युग्मक है, यानी मिलने वाली दो कोशिकाओं में से एक, परिणाम नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि युग्मनज के विभाजन के बाद बनी कोशिकाओं के पिंड को एम्ब्रियो कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि फीटस उससे भी बाद की अवस्था है, जब अंग बन चुके होते हैं। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - युग्मक, युग्मनज, एम्ब्रियो, फीटस।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

वल्कनीकरण के दौरान प्राकृतिक रबर में कौन सा पदार्थ मिलाया जाता है?

  1. A.कार्बन
  2. B.गंधक
  3. C.फॉस्फोरस
  4. D.सिलिकॉन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गंधक

व्याख्या

सही उत्तर B, गंधक है। वल्कनीकरण कच्चे रबर को गंधक के साथ गर्म करना है, जिससे लंबी आइसोप्रीन श्रृंखलाओं के बीच छोटे तिर्यक बंध बन जाते हैं। कच्चा रबर मृदु, गर्मी में चिपचिपा और ठंड में भंगुर होता है; वल्कनीकृत उत्पाद प्रबल, कहीं अधिक प्रत्यास्थ और तापमान की विस्तृत परास में स्थिर होता है। टायर के रबर में कुछ प्रतिशत गंधक और बहुत कठोर एबोनाइट में उससे अधिक होती है। A, कार्बन, सावधानी से रखा भ्रामक विकल्प है: टायर के रबर में कार्बन ब्लैक भरक के रूप में घिसाव रोकने के लिए मिलाया जाता है, पर उसे मिलाना वल्कनीकरण नहीं है और वह कोई तिर्यक बंध नहीं बनाता। C, फॉस्फोरस, गलत है क्योंकि रबर के प्रसंस्करण में उसकी कोई भूमिका नहीं। D, सिलिकॉन, गलत है; सिलिकोन रबर संश्लेषित बहुलकों का अलग वर्ग है और प्राकृतिक रबर के वल्कनीकरण से नहीं बनता।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 16 Sept 2018मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा पहला पुनर्योगज (रीकॉम्बिनेंट) टीका है?

  1. A.पोलियो
  2. B.एड्स
  3. C.हेपेटाइटिस बी
  4. D.चेचक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. हेपेटाइटिस बी

व्याख्या

सही उत्तर है C, हेपेटाइटिस बी। हेपेटाइटिस बी का टीका पुनर्योगज डीएनए तकनीक से बनने वाला पहला टीका था। वैज्ञानिकों ने हेपेटाइटिस बी विषाणु के सतही प्रोटीन का जीन काटकर यीस्ट कोशिकाओं में डाल दिया; यीस्ट ने वह प्रोटीन बड़ी मात्रा में बनाया और शुद्ध किए गए इसी प्रोटीन को टीके के रूप में लगाया जाता है। चूँकि इसमें पूरा विषाणु नहीं, केवल एक प्रोटीन होता है, इसलिए टीके से रोग होने का खतरा नहीं रहता – यही पुनर्योगज टीकों की सबसे बड़ी खूबी है। यह टीका 1980 के दशक के मध्य में स्वीकृत हुआ और भारत में शिशुओं को लगने वाले पेंटावेलेंट टीके का हिस्सा है। A गलत है क्योंकि पोलियो का टीका या तो साल्क का मृत विषाणु टीका है या सेबिन का जीवित दुर्बलीकृत टीका। B गलत है क्योंकि एड्स का कोई टीका अब तक स्वीकृत नहीं हुआ है। D गलत है क्योंकि चेचक के टीके में जीवित वैक्सीनिया विषाणु प्रयुक्त होता था और 1980 में इस रोग के उन्मूलन की घोषणा हो चुकी है। परीक्षा टिप: हेपेटाइटिस बी – पहला पुनर्योगज टीका, यीस्ट में तैयार।

Q7.सामान्य विज्ञानआसान

विद्युत लेपन की प्रक्रिया में जिस वस्तु पर लेप करना होता है, उसे बनाया जाता है

  1. A.एनोड
  2. B.कैथोड
  3. C.विद्युत अपघट्य
  4. D.सुविधानुसार कोई भी इलेक्ट्रोड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कैथोड

व्याख्या

सही उत्तर B, कैथोड है। लेपन विलयन में धातु के आयन धनावेशित होते हैं, अतः वे ऋणात्मक इलेक्ट्रोड की ओर जाते हैं और वहाँ अपचयित होकर धातु में बदल जाते हैं; इसलिए लेप जमाने के लिए वस्तु को कैथोड बनाना ही पड़ता है। A गलत है क्योंकि एनोड लेप की शुद्ध धातु की पट्टी होती है, जो लेपन के साथ-साथ विलयन में घुलती जाती है और विलयन की सांद्रता स्थिर रखती है, जिससे विलयन बार-बार बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ती। C गलत है क्योंकि विद्युत अपघट्य लेप की धातु के लवण का विलयन होता है, जैसे ताँबे के लेपन के लिए कॉपर लवण, और वह इलेक्ट्रोड नहीं है। D गलत है क्योंकि ध्रुवता मनमाने ढंग से नहीं चुनी जा सकती: उसे उलट देने पर वस्तु पर धातु जमने के स्थान पर उससे धातु हटने लगेगी, और वास्तव में विद्युत पॉलिशिंग तथा ऐनोडीकरण इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 3 March 2019मध्यम

कौन-सा औषधीय पौधा 'विंटर चेरी' के नाम से जाना जाता है?

  1. A.अश्वगंधा
  2. B.गुलाब
  3. C.लिली
  4. D.चाँदनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अश्वगंधा

व्याख्या

सही उत्तर है A, अश्वगंधा। अश्वगंधा का वानस्पतिक नाम विथानिया सोम्नीफेरा है और अंग्रेजी में इसे 'विंटर चेरी' कहा जाता है, क्योंकि इसके पतले आवरण के भीतर छोटा लाल फल लगता है। इसे 'इंडियन जिनसेंग' भी कहते हैं। इसका उपयोगी भाग जड़ है, जिसे आयुर्वेद में कमजोरी, तनाव और नींद न आने की स्थिति में बलवर्धक के रूप में दिया जाता है; ताजी जड़ से घोड़े जैसी गंध आने के कारण ही इसका नाम अश्वगंधा पड़ा। यह सूखे इलाकों का कड़ा पौधा है, इसलिए राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात इसके मुख्य उत्पादक राज्य हैं; राजस्थान के नागौर की 'नागौरी' किस्म तथा मध्य प्रदेश के मंदसौर-नीमच क्षेत्र की खेती सबसे प्रसिद्ध है। B गलत है क्योंकि गुलाब सजावटी और इत्र वाली फसल है। C गलत है क्योंकि लिली कंद से उगने वाला बागवानी पुष्प है। D गलत है क्योंकि चाँदनी सफेद फूलों वाला सजावटी झाड़ीदार पौधा है। परीक्षा टिप: अश्वगंधा – विथानिया सोम्नीफेरा, विंटर चेरी, जड़ का उपयोग।

Q9.सामान्य विज्ञानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन एक तापसुघट्य प्लास्टिक है?

  1. A.बैकेलाइट
  2. B.मेलैमीन-फॉर्मेल्डिहाइड
  3. C.पॉलीविनाइल क्लोराइड
  4. D.यूरिया-फॉर्मेल्डिहाइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पॉलीविनाइल क्लोराइड

व्याख्या

सही उत्तर C, पॉलीविनाइल क्लोराइड है। पॉलीविनाइल क्लोराइड की श्रृंखलाएं रेखीय हैं और आपस में केवल दुर्बल बलों से बंधी हैं, इसलिए वह गर्म करने पर मृदु और ठंडा होने पर कठोर हो जाता है तथा बार-बार गलाकर ढाला जा सकता है; यही उत्क्रमणीयता किसी प्लास्टिक को तापसुघट्य बनाती है और इसी से ऐसे प्लास्टिक गलाकर पुनर्चक्रित किए जा सकते हैं। A, बैकेलाइट, गलत है क्योंकि उसकी श्रृंखलाएं सहसंयोजक तिर्यक बंधों से एक जाल में बंधी हैं, इसलिए वह तापदृढ़ है और तेज गर्मी पर केवल जलकर काला पड़ता है। B, मेलैमीन-फॉर्मेल्डिहाइड, इसी कारण गलत है, और ठीक इसी कारण मेलैमीन के बरतन गर्म पानी में अपना आकार बनाए रखते हैं। D, यूरिया-फॉर्मेल्डिहाइड, गलत है क्योंकि वह भी तिर्यकबंधित तापदृढ़ रेजिन है, जो चिपकाने वाले पदार्थों और लैमिनेट में लगता है। परीक्षा में तुरंत जांचने का तरीका यह है: यदि प्लास्टिक फिर गलाया जा सकता है तो वह तापसुघट्य है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 17 Aug 2021, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किसने पहली बार यह निष्कर्ष निकाला कि निर्वात में सभी वस्तुएँ समान त्वरण g से गिरती हैं और एक ही समय में जमीन पर पहुँचती हैं?

  1. A.अल्बर्ट आइंस्टीन
  2. B.गैलीलियो गैलिली
  3. C.थॉमस अल्वा एडिसन
  4. D.आइजैक न्यूटन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गैलीलियो गैलिली

व्याख्या

सही उत्तर है B, गैलीलियो गैलिली। गैलीलियो ने पहली बार यह तर्क दिया कि वायु प्रतिरोध हटा देने पर हर वस्तु अपने द्रव्यमान से निरपेक्ष, समान त्वरण से गिरती है। उसने नत तलों पर गेंदें लुढ़काकर और समय मापकर यह निष्कर्ष निकाला, और लोकप्रिय विवरणों में यह विचार पीसा की झुकी मीनार के उसके प्रयोग से जुड़ा है। इससे अरस्तू की पुरानी मान्यता गलत सिद्ध हुई कि भारी वस्तुएँ तेज गिरती हैं। उसने जिस त्वरण की बात की वही g है, जो पृथ्वी के निकट लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग है। A गलत है क्योंकि आइंस्टीन ने बहुत बाद में व्यापक सापेक्षता के तुल्यता सिद्धांत में इसी पर आगे काम किया। C गलत है क्योंकि एडिसन विद्युत बल्ब और फोनोग्राफ के आविष्कारक थे, गिरती वस्तुओं पर उनका कोई कार्य नहीं है। D गलत है क्योंकि न्यूटन, जिनका जन्म गैलीलियो की मृत्यु के वर्ष हुआ, ने बाद में गुरुत्वाकर्षण नियम से इसका कारण समझाया। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - गैलीलियो ने बताया कि सब वस्तुएँ एक साथ गिरती हैं, न्यूटन ने कारण बताया।

Q11.सामान्य विज्ञानमध्यम

ब्राइन अर्थात साधारण नमक के सांद्र विलयन के विद्युत अपघटन में एनोड पर कौन-सी गैस मुक्त होती है?

  1. A.हाइड्रोजन
  2. B.ऑक्सीजन
  3. C.क्लोरीन
  4. D.कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. क्लोरीन

व्याख्या

सही उत्तर C, क्लोरीन है। क्लोर-अल्कली प्रक्रम में सोडियम क्लोराइड के सांद्र विलयन का विद्युत अपघटन किया जाता है; एनोड पर क्लोराइड आयन ऑक्सीकृत होकर क्लोरीन गैस के रूप में निकलते हैं, कैथोड पर हाइड्रोजन मुक्त होती है, और विलयन में सोडियम हाइड्रॉक्साइड बचा रहता है, इसी कारण यह उद्योग एक साथ तीन उपयोगी उत्पाद देता है। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन कैथोड पर मिलती है, एनोड पर नहीं। B गलत है क्योंकि ऑक्सीजन तब एनोड उत्पाद होती है जब जल अथवा किसी अम्ल या अत्यधिक क्रियाशील धातु के लवण के तनु विलयन का अपघटन किया जाए; सांद्र ब्राइन में जल के स्थान पर क्लोराइड आयन निस्सारित होता है। D गलत है क्योंकि विलयन में कोई कार्बोनेट अथवा कार्बन स्रोत ही नहीं होता, अतः कार्बन डाइऑक्साइड बन नहीं सकती। ब्राइन से क्लोरीन, हाइड्रोजन और कॉस्टिक सोडा की तिकड़ी स्मरण रखें।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

लिटमस विलयन एक बैंगनी रंजक है, जो लाइकेन से प्राप्त होता है; यह पौधा ________ संघ (डिवीजन) का सदस्य है।

  1. A.जिम्नोस्पर्म
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.थैलोफाइटा
  4. D.ब्रायोफाइटा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है C, थैलोफाइटा। लिटमस एक बैंगनी रंजक है जो लाइकेन से निकाला जाता है, और विद्यालयी विज्ञान में प्रयुक्त वर्गीकरण में लाइकेन को थैलोफाइटा में रखा जाता है। थैलोफाइटा उन साधारण पौधों का समूह है जिनका शरीर अविभेदित थैलस होता है, यानी उनमें असली जड़, तना और पत्ती नहीं होती। शैवाल और कवक भी इसी समूह में आते हैं, और लाइकेन असल में एक शैवाल और एक कवक के सहजीवन से बनता है। लिटमस एक प्राकृतिक सूचक है: उदासीन विलयन में यह बैंगनी रहता है, अम्ल में लाल और क्षार में नीला हो जाता है; इसका उपयोग विलयन और लिटमस पत्र दोनों रूपों में होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि जिम्नोस्पर्म विकसित पौधे हैं जिनके बीज नग्न होते हैं, जैसे चीड़ और साइकस। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा यानी फर्न संवहन ऊतक वाले पहले पौधे हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मॉस और मार्केंशिया जैसे ब्रायोफाइट को पादप जगत का जलस्थलचर कहा जाता है। परीक्षा टिप: लिटमस अम्ल में लाल, क्षार में नीला और उदासीन में बैंगनी।

Q13.सामान्य विज्ञानमध्यम

रेयॉन का सबसे सही वर्णन क्या है?

  1. A.एक प्राकृतिक प्रोटीन रेशा
  2. B.सेलुलोस से बना एक अर्ध-संश्लेषित रेशा
  3. C.पूर्णतः संश्लेषित पॉलीऐमाइड रेशा
  4. D.एक तापदृढ़ प्लास्टिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सेलुलोस से बना एक अर्ध-संश्लेषित रेशा

व्याख्या

सही उत्तर B, सेलुलोस से बना एक अर्ध-संश्लेषित रेशा है। रेयॉन लकड़ी की लुगदी के सेलुलोस को घोलकर, उस घोल को बारीक छिद्रों से निकालकर और सेलुलोस को धागे के रूप में पुनः जमाकर बनाया जाता है। कच्चा माल प्राकृतिक है और प्रसंस्करण रासायनिक, इसलिए रेयॉन अर्ध-संश्लेषित है, और चूंकि वह रंग अच्छा पकड़ता है तथा रेशम जैसा लगता है, उसे कृत्रिम रेशम कहा जाता है। A गलत है क्योंकि प्राकृतिक प्रोटीन रेशे ऊन हैं, जो किरेटिन है, और रेशम, जो फाइब्रोइन है। C गलत है क्योंकि संश्लेषित पॉलीऐमाइड रेशा नायलॉन है, जो पूरी तरह पेट्रोरसायन एकलकों से बनता है। D गलत है क्योंकि रेयॉन रेशा है, प्लास्टिक नहीं, और उसमें कुछ भी तिर्यकबंधित या तापदृढ़ नहीं; सेलुलोस एसीटेट तथा वल्कनीकृत रबर अर्ध-संश्लेषित बहुलकों के अन्य मानक उदाहरण हैं। स्रोत के तीन भागों, प्राकृतिक, अर्ध-संश्लेषित और संश्लेषित, का विभाजन याद रखें, तो रेयॉन सदा बीच में बैठेगा।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सी गैस बिजली के बल्बों में प्रयोग की जाती है?

  1. A.हैलोजन
  2. B.नाइट्रोजन
  3. C.कार्बन डाइऑक्साइड
  4. D.हाइड्रोजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नाइट्रोजन

व्याख्या

सही उत्तर है B, नाइट्रोजन। साधारण तापदीप्त बल्ब में नाइट्रोजन भरी जाती है, जिसमें आमतौर पर आर्गन मिली होती है, ताकि सफेद गर्म टंगस्टन तंतु जलकर नष्ट न हो जाए। यह तंतु लगभग 2500 डिग्री सेल्सियस पर काम करता है और हवा में टंगस्टन कुछ ही क्षणों में ऑक्सीकृत हो जाता। नाइट्रोजन और आर्गन टंगस्टन से कोई क्रिया नहीं करती, और भीतर की गैस का दबाव धातु के वाष्पीकरण को भी धीमा करता है, जिससे तंतु अधिक चलता है और काँच जल्दी काला नहीं पड़ता। A गलत है क्योंकि आयोडीन या ब्रोमीन जैसी हैलोजन गैसें केवल हैलोजन लैंप में डाली जाती हैं, साधारण बल्ब में नहीं। C गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड उस ताप पर ऑक्सीजन छोड़कर तंतु को खा जाती। D गलत है क्योंकि हाइड्रोजन अत्यधिक ज्वलनशील है और बल्ब को खतरनाक बना देती। परीक्षा टिप: तंतु टंगस्टन का, गलनांक लगभग 3400 डिग्री सेल्सियस, बल्ब में नाइट्रोजन और आर्गन।

Q15.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से कौन द्वितीयक सेल है?

  1. A.शुष्क सेल
  2. B.लेड-अम्ल सेल
  3. C.डेनियल सेल
  4. D.मर्करी बटन सेल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लेड-अम्ल सेल

व्याख्या

सही उत्तर B, लेड-अम्ल सेल है। उसकी अभिक्रिया उत्क्रमणीय है, अतः विपरीत दिशा में धारा प्रवाहित करने पर उत्पाद पुनः सीसा तथा लेड डाइऑक्साइड में बदल जाते हैं और सेल दोबारा प्रयोग में आ जाता है; ऐसे सेल को द्वितीयक अथवा संचायक सेल कहते हैं और कार की बैटरी इसका सामान्य उदाहरण है। A गलत है क्योंकि लेक्लांशे प्रकार का शुष्क सेल प्राथमिक सेल है: जिंक पात्र और मैंगनीज़ डाइऑक्साइड के क्षय हो जाने पर उसे फेंक दिया जाता है, और उसे पुनः आवेशित करने के प्रयास से रिसाव हो सकता है। C गलत है क्योंकि जिंक और ताँबे के इलेक्ट्रोडों वाला डेनियल सेल प्रयोगशाला का प्रसिद्ध प्राथमिक सेल है। D गलत है क्योंकि घड़ियों में प्रयुक्त मर्करी बटन सेल भी प्राथमिक सेल है। निकेल-कैडमियम तथा लिथियम-आयन अन्य महत्वपूर्ण द्वितीयक सेल हैं।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 8 Nov 2020मध्यम

पराबैंगनी प्रकाश के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.यह एक विद्युत चुंबकीय तरंग है।
  2. B.यह निर्वात से होकर चल सकती है।
  3. C.यह एक अनुदैर्ध्य तरंग है।
  4. D.इसकी तरंगदैर्ध्य दृश्य प्रकाश से छोटी होती है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. यह एक अनुदैर्ध्य तरंग है।

व्याख्या

सही उत्तर है C। पराबैंगनी प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है, अनुदैर्ध्य नहीं, इसलिए यही कथन गलत है। विद्युत चुंबकीय तरंग में विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के तथा तरंग की चाल की दिशा के समकोण पर कंपन करते हैं, और यही अनुप्रस्थ तरंग की परिभाषा है। अनुदैर्ध्य तरंगों को दबने और फैलने के लिए कोई माध्यम चाहिए, जिसका सबसे जाना-पहचाना उदाहरण ध्वनि है। विकल्प A सही है, क्योंकि पराबैंगनी प्रकाश विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम में दृश्य प्रकाश और एक्स-किरणों के बीच आता है। विकल्प B सही है, क्योंकि विद्युत चुंबकीय तरंगों को माध्यम की जरूरत नहीं होती और वे खाली अंतरिक्ष पार कर लेती हैं, इसीलिए सूर्य की पराबैंगनी किरणें पृथ्वी तक पहुँचती हैं। विकल्प D सही है, क्योंकि पराबैंगनी तरंगदैर्ध्य लगभग 400 नैनोमीटर से घटकर 10 नैनोमीटर तक जाती है, जो बैंगनी प्रकाश से छोटी है; इसी अधिक ऊर्जा से त्वचा जलती है और इसे ओजोन परत सोख लेती है। परीक्षा टिप: सभी विद्युत चुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं; ध्वनि जैसी यांत्रिक तरंगें ही अनुदैर्ध्य हो सकती हैं।

Q17.सामान्य विज्ञानकठिन

टायरों में प्रयुक्त संश्लेषित रबर बुना-एस किसका सहबहुलक है?

  1. A.ब्यूटाडाईन और स्टाइरीन
  2. B.ब्यूटाडाईन और एक्रिलोनाइट्राइल
  3. C.आइसोप्रीन और क्लोरोप्रीन
  4. D.एथीन और प्रोपीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ब्यूटाडाईन और स्टाइरीन

व्याख्या

सही उत्तर A, ब्यूटाडाईन और स्टाइरीन है। बुना-एस, जिसे स्टाइरीन-ब्यूटाडाईन रबर भी कहते हैं, 1,3-ब्यूटाडाईन और स्टाइरीन के सहबहुलकीकरण से बनता है; नाम में एस का अर्थ स्टाइरीन है। वह प्राकृतिक रबर से कम घिसता है और टायरों तथा जूतों के तलों का सबसे आम रबर है। B, ब्यूटाडाईन और एक्रिलोनाइट्राइल, मुख्य जाल है: उस संयोजन से बुना-एन बनता है, जिसकी पेट्रोल और तेल के प्रति प्रतिरोधकता उसे ईंधन की नलियों तथा तेल की सील के लिए चुनवाती है, और एन का अर्थ नाइट्राइल समूह है। C गलत है क्योंकि आइसोप्रीन प्राकृतिक रबर का और क्लोरोप्रीन नियोप्रीन का एकलक है, और इन दोनों का इस प्रकार सहबहुलकीकरण नहीं किया जाता। D गलत है क्योंकि एथीन और प्रोपीन से पॉलीओलेफिन प्लास्टिक तथा प्रत्यास्थलक बनते हैं, बुना-एस नहीं। नाम के अंत का अक्षर पढ़ें: एस का अर्थ स्टाइरीन और एन का अर्थ नाइट्राइल, और प्रश्न अपने आप हल हो जाता है।

Q18.सामान्य विज्ञानमध्यम

सामान्य शुष्क सेल में एनोड किस धातु का बना होता है?

  1. A.ताँबा
  2. B.ग्रेफाइट
  3. C.जिंक
  4. D.मैंगनीज़ डाइऑक्साइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जिंक

व्याख्या

सही उत्तर C, जिंक है। लेक्लांशे शुष्क सेल में बाहरी पात्र स्वयं जिंक का बना होता है और वही एनोड का कार्य करता है, जो सेल के चलने के साथ ऑक्सीकृत होकर जिंक आयन में बदलता जाता है, और इसी कारण पुराना सेल पात्र गल जाने पर रिसने लगता है। A गलत है क्योंकि इस सेल में ताँबे की कोई भूमिका नहीं; वह डेनियल सेल की कैथोड धातु है, जो भिन्न व्यवस्था है। B गलत है क्योंकि शुष्क सेल के मध्य की ग्रेफाइट छड़ कैथोड है, जो निष्क्रिय चालक के रूप में अपचयन अभिक्रिया से धारा बाहर ले जाती है, स्वयं भाग नहीं लेती। D गलत है क्योंकि मैंगनीज़ डाइऑक्साइड ग्रेफाइट छड़ के चारों ओर भरा विध्रुवक है: वह अपचयित होकर उस हाइड्रोजन को सोख लेता है जो अन्यथा एकत्र होकर सेल को रोक देती, परंतु वह एनोड नहीं है। अपघट्य अमोनियम क्लोराइड और जिंक क्लोराइड की नम लेई है, और सेल लगभग 1.5 वोल्ट देता है।

Q19.सामान्य विज्ञानमध्यम

पैकिंग और विद्युतरोधन में प्रयुक्त थर्मोकोल क्या है?

  1. A.फैलाया गया पॉलीस्टाइरीन
  2. B.फैलाया गया पॉलिथीन
  3. C.तिर्यकबंधित बैकेलाइट
  4. D.झागदार पॉलीविनाइल क्लोराइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. फैलाया गया पॉलीस्टाइरीन

व्याख्या

सही उत्तर A, फैलाया गया पॉलीस्टाइरीन है। थर्मोकोल वह पॉलीस्टाइरीन है जिसे किसी गैस छोड़ने वाले पदार्थ से फुलाया गया हो, जिससे ठोस छोटी-छोटी बंद कोशिकाओं का दृढ़ झाग बन जाता है। फंसी हुई वायु उसे बहुत हल्का और ताप का कुचालक बना देती है, इसलिए वह नाजुक सामान की पैकिंग, एक बार प्रयोग के भोजन के डिब्बों और दीवारों तथा शीतगृहों के विद्युतरोधन में काम आता है। B गलत है क्योंकि पॉलिथीन से बना झाग अधिक मृदु और लचीली पैकिंग सामग्री है, थर्मोकोल नहीं। C गलत है क्योंकि बैकेलाइट कठोर तिर्यकबंधित तापदृढ़ रेजिन है, जिसे इस प्रकार के झाग में फुलाया नहीं जा सकता और जो स्विच तथा हत्थों में लगता है। D गलत है क्योंकि झागदार पॉलीविनाइल क्लोराइड साइनबोर्ड और क्लैडिंग के बोर्ड के रूप में मिलता है, पर वह अधिक घना है और थर्मोकोल कहलाने वाला पदार्थ नहीं है।

Q20.सामान्य विज्ञानमध्यम

लेड-अम्ल संचायक बैटरी में प्रयुक्त विद्युत अपघट्य है

  1. A.तनु सल्फ्यूरिक अम्ल
  2. B.सांद्र नाइट्रिक अम्ल
  3. C.अमोनियम क्लोराइड की लेई
  4. D.पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड विलयन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर A, तनु सल्फ्यूरिक अम्ल है। लेड-अम्ल सेल में स्पंजी सीसे की ऋण प्लेट और लेड डाइऑक्साइड की धन प्लेट तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में डूबी रहती हैं, और निरावेशन के साथ दोनों प्लेटें लेड सल्फेट में बदलती जाती हैं तथा अम्ल दुर्बल होता जाता है, इसी कारण उसकी आवेश स्थिति अम्ल के आपेक्षिक घनत्व से जानी जाती है। B गलत है क्योंकि सांद्र नाइट्रिक अम्ल प्रबल ऑक्सीकारक है, जो अपघट्य का कार्य करने के स्थान पर सीसे की प्लेटों और पात्र को ही खा जाएगा। C गलत है क्योंकि अमोनियम क्लोराइड की नम लेई लेक्लांशे शुष्क सेल की है, जो प्राथमिक सेल है और पुनः आवेशित नहीं हो सकता। D गलत है क्योंकि पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड निकेल-कैडमियम तथा निकेल-लोहा सेलों का क्षारीय अपघट्य है, जो द्वितीयक सेलों का भिन्न परिवार है। प्रत्येक लेड-अम्ल सेल लगभग दो वोल्ट देता है, अतः श्रेणीक्रम में छह सेल बारह वोल्ट की बैटरी बनाते हैं।

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