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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 64

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 64) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 12 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: रेडियोधर्मिता और नाभिकीय ऊर्जा, औद्योगिक रसायन: कांच, सीमेंट, उर्वरक और विस्फोटक, अर्धचालक और मूल इलेक्ट्रॉनिकी और अन्य। इनमें से 11 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानमध्यम

रेडियोधर्मिता की एसआई इकाई कौन सी है?

  1. A.बेकरल
  2. B.क्यूरी
  3. C.ग्रे
  4. D.सीवर्ट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बेकरल

व्याख्या

सही उत्तर A, बेकरल है। एक बेकरल का अर्थ प्रति सेकंड एक विघटन है, और यह रेडियोधर्मी स्रोत की सक्रियता की एसआई इकाई है, जिसका नाम रेडियोधर्मिता के आविष्कारक के नाम पर रखा गया। विकल्प B गलत है क्योंकि क्यूरी सक्रियता की पुरानी इकाई है, जो एक ग्राम रेडियम की सक्रियता पर आधारित थी, और एक क्यूरी 3.7 गुणा दस की घात दस बेकरल के बराबर होता है; यह आज भी उद्धृत होता है पर एसआई इकाई नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि ग्रे अवशोषित मात्रा नापता है, अर्थात एक किलोग्राम पदार्थ में जमा ऊर्जा, और उसने रैड का स्थान लिया। विकल्प D गलत है क्योंकि सीवर्ट समतुल्य मात्रा नापता है, जो विकिरण के प्रकार से ऊतक को होने वाली हानि के अनुसार भारित होती है, और उसने रेम का स्थान लिया।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 04 Oct 2017, Shift 2आसान

सीमेंट, रोड़ी, मोटी बालू और पानी के मिश्रण को _______ कहा जाता है।

  1. A.मोर्टार
  2. B.कंक्रीट
  3. C.स्लरी
  4. D.मॉडरेटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कंक्रीट

व्याख्या

सही उत्तर है B, कंक्रीट। कंक्रीट वह निर्माण सामग्री है जो सीमेंट के साथ रोड़ी जैसे मोटे गिट्टी पदार्थ, बालू जैसे महीन पदार्थ और पानी मिलाकर बनाई जाती है।

सीमेंट और पानी के बीच जलयोजन नामक अभिक्रिया होती है, जिससे मिश्रण जमकर कठोर हो जाता है और गिट्टी को बाँध लेता है। साधारण काम के लिए एक भाग सीमेंट, दो भाग बालू और चार भाग रोड़ी का अनुपात आम है, जिसे 1:2:4 लिखा जाता है। कंक्रीट संपीडन में मजबूत पर तनाव में कमजोर होती है, इसलिए इसमें लोहे की छड़ें डालकर प्रबलित सीमेंट कंक्रीट बनाई जाती है, जिससे आज की इमारतें, पुल और बाँध बनते हैं।

विकल्प A, मोर्टार, में केवल सीमेंट या चूना, बालू और पानी होता है, रोड़ी नहीं, और इससे ईंटें जोड़ी जाती हैं। विकल्प C, स्लरी, किसी ठोस का पतला बहने वाला मिश्रण है। विकल्प D, मॉडरेटर, नाभिकीय रिएक्टर में न्यूट्रॉन की गति धीमी करने वाला पदार्थ है।

परीक्षा सुझाव: मोर्टार में रोड़ी नहीं, कंक्रीट में रोड़ी, और लोहे की छड़ मिलाने पर आरसीसी।

Q3.सामान्य विज्ञानमध्यम

ट्रांजिस्टर का आविष्कार 1947 में बेल प्रयोगशाला में किसने किया?

  1. A.जैक किल्बी और रॉबर्ट नॉयस
  2. B.जे जे थॉमसन और अर्नेस्ट रदरफोर्ड
  3. C.बार्डीन, ब्रैटेन और शॉक्ले
  4. D.माइकल फैराडे और जेम्स क्लर्क मैक्सवेल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बार्डीन, ब्रैटेन और शॉक्ले

व्याख्या

सही उत्तर C, बार्डीन, ब्रैटेन और शॉक्ले है। जॉन बार्डीन, वॉल्टर ब्रैटेन तथा विलियम शॉक्ले ने 1947 में बेल प्रयोगशाला में पहला कार्यशील ट्रांजिस्टर बनाया और ट्रांजिस्टर प्रभाव की खोज के लिए 1956 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार साझा किया। विकल्प A गलत है क्योंकि जैक किल्बी तथा रॉबर्ट नॉयस समेकित परिपथ से जुड़े हैं, जो 1958 से विकसित हुआ और जिसके लिए किल्बी को 2000 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। विकल्प B गलत है क्योंकि जे जे थॉमसन ने इलेक्ट्रॉन की और रदरफोर्ड ने नाभिक की खोज की, दोनों इलेक्ट्रॉनिकी से बहुत पहले। विकल्प D गलत है क्योंकि फैराडे तथा मैक्सवेल उन्नीसवीं शताब्दी के विद्युत्चुंबकत्व के कार्य से संबंधित हैं। ट्रांजिस्टर शब्द स्वयं ट्रांसफर तथा रेसिस्टर से बना है। उन्होंने जर्मेनियम में बिंदु-संपर्क ट्रांजिस्टर बनाया था, और आगे शॉक्ले ने संधि ट्रांजिस्टर का वर्णन किया जिससे बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव हुआ; तीनों नाम प्रायः एक समुच्चय के रूप में पूछे जाते हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 5 (Civil Engineering) 2012मध्यम

निम्नलिखित में से सही कथन चुनें: 1. हुक का नियम समानुपातिकता सीमा तक मान्य है। 2. हुक का नियम प्रत्यास्थता सीमा तक मान्य है। 3. समानुपातिकता सीमा सदैव प्रत्यास्थता सीमा से कम होती है। 4. समानुपातिकता सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है। सही उत्तर है

  1. A.1 और 4
  2. B.2 और 4
  3. C.1 और 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1 और 4। हुक का नियम केवल समानुपातिकता सीमा तक लागू होता है, और यह सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है, इसलिए कथन 1 और 4 ही सही जोड़ी बनाते हैं। हुक के नियम के अनुसार प्रतिबल विकृति के समानुपाती होता है, और यही प्रतिबल-विकृति ग्राफ का सीधा भाग है; जहाँ वक्र सीधी रेखा छोड़ देता है, वही बिंदु समानुपातिकता सीमा है। उससे कुछ आगे तक भी पदार्थ बल हटाने पर अपने मूल रूप में लौट आता है, और जहाँ तक ऐसा होता है वह अंतिम बिंदु प्रत्यास्थता सीमा कहलाता है। अधिकांश धातुओं में ये दोनों बिंदु बहुत पास होते हैं और आदर्श पदार्थ में एक ही हो जाते हैं। B गलत है क्योंकि कथन 2 नियम को ग्राफ के सीधे भाग से आगे तक खींच देता है, जहाँ समानुपात नहीं रहता। C और D गलत हैं क्योंकि कथन 3 सदैव कम कहता है, जबकि दोनों सीमाएँ बराबर भी हो सकती हैं। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - समानुपातिकता सीमा, प्रत्यास्थता सीमा, पराभव बिंदु, परम प्रतिबल।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 7 Feb 2021आसान

निम्नलिखित में से किस धातु में आघातवर्ध्यता तथा तन्यता दोनों गुण होते हैं:

  1. A.Na
  2. B.Au
  3. C.Ce
  4. D.Hg
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. Au

व्याख्या

सही उत्तर B, Au अर्थात सोना है। आघातवर्ध्यता पतली चादरों में पीटे जाने का गुण है और तन्यता तारों में खींचे जाने का गुण, और सोने में ये दोनों किसी भी धातु से अधिक मात्रा में हैं: एक ग्राम सोने को लगभग एक वर्ग मीटर की चादर में पीटा जा सकता है और बहुत लंबे तार में खींचा जा सकता है, इसीलिए सदियों से सोने का वरक और सोने का तार बनाया जाता रहा है। विकल्प A गलत है क्योंकि सोडियम इतना मृदु है कि उसे चाकू से काटा जा सकता है और इतना क्रियाशील है कि उसे किरोसिन में रखा जाता है, इसलिए उसे प्रयोग योग्य तार में नहीं खींचा जा सकता। विकल्प C गलत है क्योंकि सीरियम, जो लाइटर के पत्थरों तथा मिश्रधातुओं में प्रयुक्त एक लैंथेनाइड है, भंगुर है और इन दोनों गुणों के लिए नहीं जाना जाता। विकल्प D गलत है क्योंकि पारा कक्ष ताप पर द्रव रहने वाली एकमात्र धातु है, और किसी द्रव को न चादरों में पीटा जा सकता है न तारों में खींचा जा सकता है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · RRB ALP CBT I Official Mock Test 2024आसान

पिसीकल्चर शब्द किससे संबंधित है?

  1. A.मधुमक्खी पालन
  2. B.रेशम कीट पालन
  3. C.मछली पालन
  4. D.पक्षी पालन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मछली पालन

व्याख्या

सही उत्तर है C, मछली पालन। पिसीकल्चर का अर्थ तालाबों, जलकुंडों तथा अन्य प्रबंधित जलाशयों में मछली पालना है; लैटिन शब्द पिसिस का अर्थ ही मछली है। यह जलकृषि की एक शाखा है और भारत विश्व के सबसे बड़े मछली उत्पादकों में एक है। मछली उत्पादन की योजनाबद्ध वृद्धि को नीली क्रांति कहा जाता है, और रोहू, कतला तथा मृगल भारतीय तालाबों में पाली जाने वाली प्रमुख कार्प मछलियाँ हैं। A गलत है क्योंकि मधुमक्खी पालन एपीकल्चर कहलाता है, जिससे शहद और मोम मिलता है। B गलत है क्योंकि रेशम कीट पालन सेरीकल्चर है, जिसमें शहतूत खाने वाला बॉम्बिक्स मोराई कीट संसार का अधिकांश रेशम देता है। D गलत है क्योंकि पक्षी पालन एवीकल्चर कहलाता है और अंडे तथा मांस के लिए मुर्गी पालना कुक्कुट पालन है। परीक्षा टिप: सभी शब्द साथ याद रखें - पिसीकल्चर मछली, एपीकल्चर मधुमक्खी, सेरीकल्चर रेशम कीट, एवीकल्चर पक्षी, हॉर्टीकल्चर फल-सब्जी, फ्लोरीकल्चर फूल।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 19 Dec 2021मध्यम

जब किसी पदार्थ से निकली ऊष्मा उस ऊष्मा से अधिक हो जो उसके ज्वलन के लिए आवश्यक है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा दहन होता है?

  1. A.द्रुत
  2. B.स्वतः
  3. C.पूर्ण
  4. D.विस्फोटक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्वतः

व्याख्या

सही उत्तर B, स्वतः है। स्वतः दहन में पदार्थ बाहर से कोई ज्वाला पास लाए बिना स्वयं आग पकड़ लेता है। ऐसा तब होता है जब वायु में पदार्थ के मंद ऑक्सीकरण से उतनी ऊष्मा निकलती है जो उसके अपने ज्वलन ताप तक पहुंचने के लिए आवश्यक ऊष्मा से अधिक हो, इसलिए ऊष्मा एकत्र होती जाती है और अंत में पदार्थ भड़क उठता है। श्वेत फॉस्फोरस इसका मानक प्रयोगशाला उदाहरण है, और कोयले की धूल के ढेर, तेल सने कपड़े तथा नम घास के ढेर भी इसी प्रकार आग पकड़ते हैं। A, द्रुत दहन, गलत है क्योंकि उसमें ईंधन किसी बाहरी स्रोत से प्रज्वलित होने के बाद ही तेजी से जलता है, जैसे माचिस दिखाने पर रसोई गैस। C, पूर्ण दहन, जलने के ढंग को नहीं, उसकी गुणवत्ता को बताता है: पर्याप्त ऑक्सीजन के कारण ईंधन का कार्बन पूरी तरह कार्बन डाइऑक्साइड बन जाता है। D, विस्फोटक दहन, गलत है क्योंकि उसमें अभिक्रिया इतनी तेज होती है कि क्षण भर में गैस, ऊष्मा, प्रकाश और ध्वनि उत्पन्न होती है, जैसे पटाखे में।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 17 Aug 2021, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किसने पहली बार यह निष्कर्ष निकाला कि निर्वात में सभी वस्तुएँ समान त्वरण g से गिरती हैं और एक ही समय में जमीन पर पहुँचती हैं?

  1. A.अल्बर्ट आइंस्टीन
  2. B.गैलीलियो गैलिली
  3. C.थॉमस अल्वा एडिसन
  4. D.आइजैक न्यूटन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गैलीलियो गैलिली

व्याख्या

सही उत्तर है B, गैलीलियो गैलिली। गैलीलियो ने पहली बार यह तर्क दिया कि वायु प्रतिरोध हटा देने पर हर वस्तु अपने द्रव्यमान से निरपेक्ष, समान त्वरण से गिरती है। उसने नत तलों पर गेंदें लुढ़काकर और समय मापकर यह निष्कर्ष निकाला, और लोकप्रिय विवरणों में यह विचार पीसा की झुकी मीनार के उसके प्रयोग से जुड़ा है। इससे अरस्तू की पुरानी मान्यता गलत सिद्ध हुई कि भारी वस्तुएँ तेज गिरती हैं। उसने जिस त्वरण की बात की वही g है, जो पृथ्वी के निकट लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग है। A गलत है क्योंकि आइंस्टीन ने बहुत बाद में व्यापक सापेक्षता के तुल्यता सिद्धांत में इसी पर आगे काम किया। C गलत है क्योंकि एडिसन विद्युत बल्ब और फोनोग्राफ के आविष्कारक थे, गिरती वस्तुओं पर उनका कोई कार्य नहीं है। D गलत है क्योंकि न्यूटन, जिनका जन्म गैलीलियो की मृत्यु के वर्ष हुआ, ने बाद में गुरुत्वाकर्षण नियम से इसका कारण समझाया। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - गैलीलियो ने बताया कि सब वस्तुएँ एक साथ गिरती हैं, न्यूटन ने कारण बताया।

Q9.सामान्य विज्ञानमध्यम

भारत में स्थापित पहला नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र कौन था?

  1. A.तारापुर, महाराष्ट्र
  2. B.कलपक्कम, तमिलनाडु
  3. C.रावतभाटा, राजस्थान
  4. D.नरोरा, उत्तर प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. तारापुर, महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर A, तारापुर, महाराष्ट्र है। तारापुर परमाणु ऊर्जा केंद्र भारत का पहला नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र था और एशिया का भी पहला, जो अमेरिकी सहयोग से बना और जिसमें क्वथन जल रिएक्टर लगे, जबकि बाद के भारतीय संयंत्रों में दाबित भारी जल रिएक्टर हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि कलपक्कम का मद्रास परमाणु ऊर्जा केंद्र बाद में आया और उसे दूसरे चरण के प्रोटोटाइप तीव्र प्रजनक रिएक्टर के स्थल के रूप में जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि राजस्थान का रावतभाटा दूसरा संयंत्र था, जो कनाडा के सहयोग से बना। विकल्प D गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश का नरोरा उससे भी बाद का है। अभ्यर्थी को 1956 में ट्रॉम्बे के पहले अनुसंधान रिएक्टर अप्सरा को पहले ऊर्जा संयंत्र तारापुर से अलग रखना चाहिए।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 8 Nov 2020मध्यम

पराबैंगनी प्रकाश के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.यह एक विद्युत चुंबकीय तरंग है।
  2. B.यह निर्वात से होकर चल सकती है।
  3. C.यह एक अनुदैर्ध्य तरंग है।
  4. D.इसकी तरंगदैर्ध्य दृश्य प्रकाश से छोटी होती है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. यह एक अनुदैर्ध्य तरंग है।

व्याख्या

सही उत्तर है C। पराबैंगनी प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है, अनुदैर्ध्य नहीं, इसलिए यही कथन गलत है। विद्युत चुंबकीय तरंग में विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के तथा तरंग की चाल की दिशा के समकोण पर कंपन करते हैं, और यही अनुप्रस्थ तरंग की परिभाषा है। अनुदैर्ध्य तरंगों को दबने और फैलने के लिए कोई माध्यम चाहिए, जिसका सबसे जाना-पहचाना उदाहरण ध्वनि है। विकल्प A सही है, क्योंकि पराबैंगनी प्रकाश विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम में दृश्य प्रकाश और एक्स-किरणों के बीच आता है। विकल्प B सही है, क्योंकि विद्युत चुंबकीय तरंगों को माध्यम की जरूरत नहीं होती और वे खाली अंतरिक्ष पार कर लेती हैं, इसीलिए सूर्य की पराबैंगनी किरणें पृथ्वी तक पहुँचती हैं। विकल्प D सही है, क्योंकि पराबैंगनी तरंगदैर्ध्य लगभग 400 नैनोमीटर से घटकर 10 नैनोमीटर तक जाती है, जो बैंगनी प्रकाश से छोटी है; इसी अधिक ऊर्जा से त्वचा जलती है और इसे ओजोन परत सोख लेती है। परीक्षा टिप: सभी विद्युत चुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं; ध्वनि जैसी यांत्रिक तरंगें ही अनुदैर्ध्य हो सकती हैं।

Q11.सामान्य विज्ञानकठिन

मादित किए गए अर्धचालक के विषय में कौन कथन सही है?

  1. A.n-प्रकार मादन से उस पर कुल ऋणावेश आ जाता है
  2. B.p-प्रकार मादन से उस पर कुल धनावेश आ जाता है
  3. C.दोनों दशाओं में वह विद्युत् दृष्टि से उदासीन रहता है
  4. D.उसकी चालकता शुद्ध क्रिस्टल से भी कम हो जाती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दोनों दशाओं में वह विद्युत् दृष्टि से उदासीन रहता है

व्याख्या

सही उत्तर C, दोनों दशाओं में वह विद्युत् दृष्टि से उदासीन रहता है है। मादन में कुछ आश्रय परमाणुओं के स्थान पर अपद्रव्य परमाणु आते हैं, और प्रत्येक अपद्रव्य परमाणु अपने इलेक्ट्रॉनों के साथ अपना नाभिक भी लाता है, इसलिए क्रिस्टल में कुल धन तथा ऋण आवेश संतुलित रहता है। n-प्रकार और p-प्रकार नाम केवल यह बताते हैं कि कौन वाहक बहुसंख्यक है, कुल आवेश नहीं। विकल्प A गलत है क्योंकि दाता द्वारा दिया गया अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन दाता नाभिक के अतिरिक्त प्रोटॉन से संतुलित रहता है। विकल्प B ग्राही पक्ष पर उसी कारण गलत है। विकल्प D गलत है क्योंकि मादन चालकता को तीव्रता से बढ़ाता है, प्रायः कई गुणा कोटि तक, और यही इस प्रक्रिया का सारा उद्देश्य है तथा यही कारण है कि युक्तियों में शुद्ध के स्थान पर अपद्रव्यी अर्धचालक प्रयुक्त होते हैं। इसीलिए युक्तियों के निर्माण में सदा मादन किया जाता है, और मादन की मात्रा को अत्यंत सूक्ष्मता से नियंत्रित किया जाता है, क्योंकि दस लाख में एक परमाणु का अनुपात भी चालकता को कई गुना बढ़ा देता है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 21 Jan 2019, Shift 3मध्यम

प्लास और कैंची को मिलाकर ______ प्रथम श्रेणी का उत्तोलक माना जाता है।

  1. A.त्रिगुण
  2. B.एकल
  3. C.द्विक
  4. D.सरल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. द्विक

व्याख्या

सही उत्तर है C, द्विक। प्लास और कैंची दोनों में दो भुजाएँ होती हैं जो एक कील पर जुड़ी रहती हैं, और प्रत्येक भुजा स्वयं एक पूर्ण प्रथम श्रेणी का उत्तोलक है, इसलिए इन औजारों को द्विक उत्तोलक कहा जाता है। प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में आलंब भार और आयास के बीच रहता है; यहाँ कील आलंब है, हत्थे पर रखा हाथ आयास देता है और जबड़ा या फलक भार सँभालता है। चूँकि दोनों उत्तोलक आमने-सामने से दबाव डालते हैं, एक हाथ का दबाव वस्तु के दोनों तलों पर साथ-साथ लगता है। A गलत है क्योंकि औजार में दो भुजाएँ होती हैं, तीन नहीं। B गलत है क्योंकि एकल उत्तोलक उस औजार को कहते हैं जिसमें एक ही भुजा हो, जैसे सब्बल या झूला। D गलत है क्योंकि सरल शब्द छह सरल मशीनों के पूरे कुल का नाम है और यह नहीं बताता कि औजार में कितने उत्तोलक हैं। परीक्षा टिप: कैंची, प्लास और संडसी द्विक प्रथम श्रेणी के उत्तोलक हैं, जबकि सरौता द्विक द्वितीय श्रेणी का उत्तोलक है।

Q13.सामान्य विज्ञानआसान

गैलेना किस धातु का अयस्क है?

  1. A.जस्ता
  2. B.सीसा
  3. C.टिन
  4. D.पारा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सीसा

व्याख्या

सही उत्तर B, सीसा है। गैलेना सीसे का सल्फाइड है, जिसका सूत्र PbS है, और यह वही मुख्य अयस्क है जिससे सीसा निकाला जाता है; सल्फाइड होने के कारण इसका सांद्रण झाग प्लवन से होता है और अपचयन से पहले इसे भर्जित करके ऑक्साइड में बदला जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि जस्ते के अयस्क जिंक ब्लेंड हैं, जो सल्फाइड ZnS है, तथा कैलेमीन, जो कार्बोनेट ZnCO3 है। विकल्प C गलत है क्योंकि टिन कैसिटेराइट या टिन पत्थर से आता है, जो ऑक्साइड SnO2 है, और उसका परिष्करण द्रवण से होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि पारा सिनेबार से आता है, जो सल्फाइड HgS है, और उसका परिष्करण आसवन से होता है क्योंकि वह कम ताप पर उबलता है। बनाने योग्य आदत यह है कि नाम का अंत देखें: इस समूह के अधिकांश सल्फाइड ब्लेंड, पायराइट, गैलेना या सिनेबार पर समाप्त होते हैं, जबकि कार्बोनेट आइट पर समाप्त होते हैं और उनका भर्जन नहीं, निस्तापन होता है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 14 Feb 2019, Shift 3आसान

__________ आसपास के वातावरण से ध्वनि एकत्र करता है।

  1. A.श्रवण तंत्रिका
  2. B.कर्णपटल
  3. C.कर्णावर्त
  4. D.कर्णपल्लव
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कर्णपल्लव

व्याख्या

सही उत्तर है D, कर्णपल्लव। कर्णपल्लव कान का बाहरी दिखाई देने वाला भाग है, और उसकी कीप जैसी बनावट आसपास के वातावरण से ध्वनि एकत्र करती है।

कर्णपल्लव द्वारा एकत्र ध्वनि कर्ण नलिका से होकर कर्णपटल तक पहुँचती है, जो कंपन करने लगता है। ये कंपन मध्य कान की तीन छोटी हड्डियों — मैलियस, इन्कस और स्टेपीज — से होकर कर्णावर्त तक जाते हैं, जो भीतरी कान का कुंडलीनुमा और द्रव से भरा भाग है। वहाँ कंपन तंत्रिका संकेतों में बदल जाते हैं, और श्रवण तंत्रिका उन्हें मस्तिष्क तक पहुँचाती है, जहाँ उन्हें ध्वनि के रूप में पहचाना जाता है।

A गलत है: श्रवण तंत्रिका संकेतों को मस्तिष्क तक ले जाती है, ध्वनि एकत्र नहीं करती। B गलत है: ध्वनि पहुँचने पर कर्णपटल कंपन करता है, वह स्वयं ध्वनि नहीं बटोरता। C गलत है: कर्णावर्त कान के भीतर गहराई में होता है और कंपन को तंत्रिका आवेगों में बदलता है।

परीक्षा टिप: ध्वनि का मार्ग है — कर्णपल्लव, कर्ण नलिका, कर्णपटल, फिर मैलियस, इन्कस और स्टेपीज, फिर कर्णावर्त, श्रवण तंत्रिका और मस्तिष्क।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 1 Oct 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस भोज्य पदार्थ का प्रति ग्राम कैलोरी मान सर्वाधिक है?

  1. A.घी
  2. B.मक्का
  3. C.चावल
  4. D.मांस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. घी

व्याख्या

सही उत्तर A, घी है। कैलोरी मान किसी पदार्थ के एक ग्राम के पूर्ण दहन पर निकली ऊष्मा है, और दिए गए चार भोज्य पदार्थों में सर्वाधिक घी का है, क्योंकि वह लगभग पूरी तरह वसा है। वसा से प्रति ग्राम लगभग नौ किलोकैलोरी मिलती है, जो कार्बोहाइड्रेट तथा प्रोटीन से मिलने वाली ऊर्जा की दोगुनी से भी अधिक है, क्योंकि वसा का कार्बन तथा हाइड्रोजन आरंभ में बहुत कम ऑक्सीकृत होता है और इसलिए ऑक्सीकरण पर अधिक ऊर्जा देता है। B, मक्का, और C, चावल, गलत हैं क्योंकि दोनों मुख्यतः स्टार्च अर्थात कार्बोहाइड्रेट हैं, जिससे प्रति ग्राम लगभग चार किलोकैलोरी मिलती है। D, मांस, गलत है क्योंकि वह मुख्यतः प्रोटीन और जल है; प्रोटीन से भी लगभग चार किलोकैलोरी मिलती है और मांस में उपस्थित जल से कोई ऊर्जा नहीं मिलती। इसी तर्क से तेल तथा मक्खन को ऊर्जा-घन आहार कहा जाता है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 1 Sept 2019, Shift 1 (Electrical)मध्यम

विद्युत लेपन शुरू करने से पहले कौन-सी क्रिया अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए?

  1. A.बफिंग
  2. B.सोल्डरिंग
  3. C.सफाई
  4. D.पॉलिशिंग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सफाई

व्याख्या

सही उत्तर है C, सफाई। विद्युत लेपन में जिस वस्तु पर परत चढ़ानी होती है उसे कैथोड बनाया जाता है, लेपन की धातु एनोड का काम करती है, और दोनों को उसी धातु के लवण वाले विद्युत-अपघट्य में डुबोया जाता है। धारा बहने पर धातु के आयन कैथोड की ओर जाकर उस पर जम जाते हैं। यह परत तभी मजबूती से चिपकती है जब सतह रासायनिक रूप से साफ हो, इसलिए पहले चिकनाई, तेल, जंग और ऑक्साइड को डीग्रीसिंग तथा अम्ल में पिकलिंग द्वारा हटाया जाता है; यदि कोई पतली परत रह जाए तो लेपन उखड़ जाता है, फूल जाता है या जगह-जगह से अधूरा रह जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बफिंग से पहले से साफ सतह पर केवल चमक आती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सोल्डरिंग भराव मिश्रधातु से दो धातुओं को जोड़ने की क्रिया है, लेपन की तैयारी से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पॉलिशिंग सतह को यांत्रिक रूप से चिकना करती है, पर चिपकने में बाधा डालने वाली तेल और ऑक्साइड की परत नहीं हटाती। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें, पहले सफाई फिर लेपन, और वस्तु सदैव कैथोड होती है।

Q17.सामान्य विज्ञानकठिन

भारत के त्रिस्तरीय नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम का तीसरा चरण किस तत्व पर आधारित है?

  1. A.प्राकृतिक यूरेनियम
  2. B.प्लूटोनियम
  3. C.थोरियम
  4. D.बेरिलियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. थोरियम

व्याख्या

सही उत्तर C, थोरियम है। होमी भाभा ने यह कार्यक्रम इस तथ्य को देखकर बनाया कि भारत में यूरेनियम सीमित है पर केरल तट की मोनाजाइट बालू में थोरियम के बहुत बड़े भंडार हैं। तीसरे चरण में थोरियम को यूरेनियम-233 में बदलकर उसी ईंधन के लिए बने रिएक्टरों में जलाना है, जिससे देश को शताब्दियों के लिए अपना ईंधन मिल सके। विकल्प A गलत है क्योंकि प्राकृतिक यूरेनियम पहले चरण का ईंधन है, जो दाबित भारी जल रिएक्टरों में जलता है। विकल्प B गलत है क्योंकि पहले चरण के प्रयुक्त ईंधन के पुनर्संसाधन से मिला प्लूटोनियम दूसरे चरण के तीव्र प्रजनक रिएक्टरों का ईंधन है, जिसका प्रोटोटाइप कलपक्कम में है। विकल्प D गलत है क्योंकि बेरिलियम न्यूट्रॉन परावर्तक और मंदक के रूप में प्रयुक्त होता है, ईंधन के रूप में नहीं।

Q18.सामान्य विज्ञानमध्यम

झाग प्लवन किस प्रकार के अयस्क के सांद्रण के लिए सर्वाधिक उपयुक्त विधि है?

  1. A.ऑक्साइड अयस्क
  2. B.सल्फाइड अयस्क
  3. C.कार्बोनेट अयस्क
  4. D.हैलाइड अयस्क
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सल्फाइड अयस्क

व्याख्या

सही उत्तर B, सल्फाइड अयस्क है। झाग प्लवन में चूर्णित अयस्क को जल, चीड़ के तेल जैसे झाग कारक तथा संग्राहक के साथ मथा जाता है। सल्फाइड कण तेल से अधिमानतः भीगते हैं और झाग के साथ ऊपर चले जाते हैं, जबकि मिट्टी वाला गैंग जल से भीगकर तल में बैठ जाता है, इसलिए जिंक ब्लेंड और कॉपर पायराइट का सांद्रण इसी से होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ऑक्साइड अयस्क सामान्यतः गैंग से भारी होते हैं और उनका सांद्रण जल प्रक्षालन से होता है, जैसे हेमेटाइट तथा टिन पत्थर में। विकल्प C गलत है क्योंकि कार्बोनेट अयस्क तेल से नहीं भीगते और उनका सांद्रण निस्तापन से पहले सामान्यतः प्रक्षालन से होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि शैल लवण जैसे हैलाइड अयस्क जल में घुलनशील हैं और उन्हें घोलकर तथा क्रिस्टलन से संभाला जाता है। सोडियम सायनाइड जैसा अवनमक एक सल्फाइड को रोक सकता है जब दूसरा तैरता है।

Q19.सामान्य विज्ञानआसान

मोमबत्ती की ज्वाला का सबसे गर्म क्षेत्र कौन-सा होता है?

  1. A.अंतरतम काला क्षेत्र
  2. B.मध्य पीला दीप्त क्षेत्र
  3. C.बाह्यतम नीला अदीप्त क्षेत्र
  4. D.तीनों क्षेत्र समान रूप से गर्म होते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बाह्यतम नीला अदीप्त क्षेत्र

व्याख्या

सही उत्तर C, बाह्यतम नीला अदीप्त क्षेत्र है। इस क्षेत्र में वायु की आपूर्ति पर कोई रोक नहीं होती, इसलिए दहन पूर्ण होता है और ईंधन का सारा कार्बन कार्बन डाइऑक्साइड में बदल जाता है, जिससे अधिकतम ऊष्मा निकलती है। यह प्रकाश बहुत कम देता है और हल्का नीला दिखता है, इसी कारण इसे अदीप्त क्षेत्र कहा जाता है, और सुनार फूंकनी से ज्वाला का यही भाग सोने या चांदी पर डालकर उसे पिघलाता है। A गलत है क्योंकि बत्ती के चारों ओर का अंतरतम काला क्षेत्र अनजली वाष्पित मोम रखता है और उसे ऑक्सीजन सबसे कम मिलती है, इसलिए वही ज्वाला का सबसे ठंडा भाग है। B गलत है क्योंकि मध्य पीला क्षेत्र केवल अपूर्ण दहन दिखाता है, जहां चमकते अनजले कार्बन कण ज्वाला को प्रकाश देते हैं, परंतु सर्वाधिक ऊष्मा नहीं। D गलत है क्योंकि तीनों क्षेत्र ताप तथा संघटन में स्पष्ट रूप से भिन्न हैं।

Q20.सामान्य विज्ञानमध्यम

निस्तापन भर्जन से इस बात में भिन्न है कि निस्तापन किया जाता है

  1. A.वायु की पर्याप्त आपूर्ति में
  2. B.वायु की अनुपस्थिति या सीमित आपूर्ति में
  3. C.किसी अपचायक की उपस्थिति में
  4. D.अयस्क के गलनांक से ऊपर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वायु की अनुपस्थिति या सीमित आपूर्ति में

व्याख्या

सही उत्तर B है। निस्तापन अयस्क को वायु की अनुपस्थिति या सीमित आपूर्ति में तथा उसके गलनांक से नीचे गर्म करना है, जिससे जलयोजन जल और कार्बन डाइऑक्साइड निकल जाएं; इसलिए यही चरण कैलेमीन जैसे कार्बोनेट अयस्कों तथा बॉक्साइट जैसे जलयोजित अयस्कों के लिए प्रयुक्त होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि वायु की पर्याप्त आपूर्ति में गर्म करना भर्जन है, जो जिंक ब्लेंड जैसे सल्फाइड अयस्कों पर लागू होता है, जहां गंधक सल्फर डाइऑक्साइड के रूप में निकलती है। विकल्प C गलत है क्योंकि कोक जैसा अपचायक मिलाना प्रगलन या अपचयन का अलग चरण है, जो निस्तापन या भर्जन के बाद आता है। विकल्प D गलत है क्योंकि निस्तापन और भर्जन दोनों जानबूझकर गलनांक से नीचे किए जाते हैं; अयस्क को पिघलाना प्रगलन का कार्य है। दोनों चरणों का एक ही उद्देश्य है, ऑक्साइड प्राप्त करना, जो अपचयन के लिए सबसे सरल रूप है।

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