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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 62

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 62) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 16 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: गुरुत्वाकर्षण और दाब, प्रत्यास्थता: प्रतिबल, विकृति और हुक का नियम, परमाणु संरचना और आवर्त सारणी और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 25 May 2019, Shift 1आसान

जब दो वस्तुओं में से एक की संहति दोगुनी कर दी जाती है, तो उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल का क्या होता है?

  1. A.गुरुत्वाकर्षण बल चार गुना हो जाता है
  2. B.गुरुत्वाकर्षण बल दोगुना हो जाता है
  3. C.गुरुत्वाकर्षण बल तीन गुना हो जाता है
  4. D.गुरुत्वाकर्षण बल आधा हो जाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गुरुत्वाकर्षण बल दोगुना हो जाता है

व्याख्या

सही उत्तर है B, गुरुत्वाकर्षण बल दोगुना हो जाता है। गुरुत्वाकर्षण बल दोनों संहतियों के समानुपाती होता है, इसलिए एक संहति दोगुनी करने पर बल भी दोगुना हो जाता है।

न्यूटन के सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार दो पिंडों के बीच बल F बराबर G गुणा m1 गुणा m2 बटा r का वर्ग होता है। यहाँ G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक है, जिसका मान लगभग 6.67 गुणा 10 की घात ऋण 11 न्यूटन मीटर वर्ग प्रति किलोग्राम वर्ग है, और r दोनों केंद्रों के बीच की दूरी है। यदि m1 दोगुनी हो और शेष सब अपरिवर्तित रहे, तो अंश दोगुना हो जाता है और इसी के साथ बल भी।

विकल्प A तब सही होता जब दोनों संहतियाँ दोगुनी होतीं या दूरी आधी कर दी जाती। विकल्प C सूत्र से नहीं निकलता। विकल्प D इसके उलट है; बल आधा तब होता जब कोई एक संहति आधी कर दी जाती। ध्यान रखें कि बल दूरी के वर्ग पर निर्भर है, इसलिए दूरी दोगुनी करने पर बल एक चौथाई रह जाता है।

परीक्षा सुझाव: बल m1 गुणा m2 के समानुपाती और r के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 5 (Civil Engineering) 2012मध्यम

निम्नलिखित में से सही कथन चुनें: 1. हुक का नियम समानुपातिकता सीमा तक मान्य है। 2. हुक का नियम प्रत्यास्थता सीमा तक मान्य है। 3. समानुपातिकता सीमा सदैव प्रत्यास्थता सीमा से कम होती है। 4. समानुपातिकता सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है। सही उत्तर है

  1. A.1 और 4
  2. B.2 और 4
  3. C.1 और 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1 और 4। हुक का नियम केवल समानुपातिकता सीमा तक लागू होता है, और यह सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है, इसलिए कथन 1 और 4 ही सही जोड़ी बनाते हैं। हुक के नियम के अनुसार प्रतिबल विकृति के समानुपाती होता है, और यही प्रतिबल-विकृति ग्राफ का सीधा भाग है; जहाँ वक्र सीधी रेखा छोड़ देता है, वही बिंदु समानुपातिकता सीमा है। उससे कुछ आगे तक भी पदार्थ बल हटाने पर अपने मूल रूप में लौट आता है, और जहाँ तक ऐसा होता है वह अंतिम बिंदु प्रत्यास्थता सीमा कहलाता है। अधिकांश धातुओं में ये दोनों बिंदु बहुत पास होते हैं और आदर्श पदार्थ में एक ही हो जाते हैं। B गलत है क्योंकि कथन 2 नियम को ग्राफ के सीधे भाग से आगे तक खींच देता है, जहाँ समानुपात नहीं रहता। C और D गलत हैं क्योंकि कथन 3 सदैव कम कहता है, जबकि दोनों सीमाएँ बराबर भी हो सकती हैं। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - समानुपातिकता सीमा, प्रत्यास्थता सीमा, पराभव बिंदु, परम प्रतिबल।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 29 Oct 2024, Shift 1कठिन

परमाणु क्रमांक 59 वाला तत्व आवर्त सारणी के किस ब्लॉक में स्थित है?

  1. A.s-ब्लॉक
  2. B.f-ब्लॉक
  3. C.p-ब्लॉक
  4. D.d-ब्लॉक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. f-ब्लॉक

व्याख्या

सही उत्तर है B, f-ब्लॉक। परमाणु क्रमांक 59 प्रेजोडिमियम है, जो एक लैंथेनाइड है, और लैंथेनाइड तथा ऐक्टिनाइड मिलकर f-ब्लॉक बनाते हैं।

ब्लॉक का नाम उस उपकोश पर रखा जाता है जिसमें अंतिम इलेक्ट्रॉन प्रवेश करता है। प्रेजोडिमियम का विन्यास जेनॉन के बाद 4f3 और 6s2 है, इसलिए विभेदक इलेक्ट्रॉन 4f उपकोश में जाता है। f-ब्लॉक में परमाणु क्रमांक 58 से 71 तक लैंथेनाइड और 90 से 103 तक ऐक्टिनाइड आते हैं; ये दोनों श्रेणियाँ मुख्य सारणी के नीचे अलग छापी जाती हैं और इन्हें आंतरिक संक्रमण तत्व कहा जाता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि s-ब्लॉक में समूह 1 और 2, अर्थात क्षार और क्षारीय मृदा धातुएँ आती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि p-ब्लॉक समूह 13 से 18 तक है। विकल्प D गलत है क्योंकि d-ब्लॉक समूह 3 से 12 तक की संक्रमण धातुएँ हैं, जिनमें अंतिम इलेक्ट्रॉन d उपकोश में जाता है।

परीक्षा सुझाव: 58 से 71 लैंथेनाइड और 90 से 103 ऐक्टिनाइड, दोनों f-ब्लॉक में।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · RRB ALP CBT I Official Mock Test 2024आसान

पिसीकल्चर शब्द किससे संबंधित है?

  1. A.मधुमक्खी पालन
  2. B.रेशम कीट पालन
  3. C.मछली पालन
  4. D.पक्षी पालन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मछली पालन

व्याख्या

सही उत्तर है C, मछली पालन। पिसीकल्चर का अर्थ तालाबों, जलकुंडों तथा अन्य प्रबंधित जलाशयों में मछली पालना है; लैटिन शब्द पिसिस का अर्थ ही मछली है। यह जलकृषि की एक शाखा है और भारत विश्व के सबसे बड़े मछली उत्पादकों में एक है। मछली उत्पादन की योजनाबद्ध वृद्धि को नीली क्रांति कहा जाता है, और रोहू, कतला तथा मृगल भारतीय तालाबों में पाली जाने वाली प्रमुख कार्प मछलियाँ हैं। A गलत है क्योंकि मधुमक्खी पालन एपीकल्चर कहलाता है, जिससे शहद और मोम मिलता है। B गलत है क्योंकि रेशम कीट पालन सेरीकल्चर है, जिसमें शहतूत खाने वाला बॉम्बिक्स मोराई कीट संसार का अधिकांश रेशम देता है। D गलत है क्योंकि पक्षी पालन एवीकल्चर कहलाता है और अंडे तथा मांस के लिए मुर्गी पालना कुक्कुट पालन है। परीक्षा टिप: सभी शब्द साथ याद रखें - पिसीकल्चर मछली, एपीकल्चर मधुमक्खी, सेरीकल्चर रेशम कीट, एवीकल्चर पक्षी, हॉर्टीकल्चर फल-सब्जी, फ्लोरीकल्चर फूल।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 25 May 2019, Shift 2आसान

पृथ्वी की भूपर्पटी में सर्वाधिक मात्रा में पाई जाने वाली धातु है

  1. A.सोडियम
  2. B.एल्यूमिनियम
  3. C.कैल्शियम
  4. D.लोहा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एल्यूमिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है B, एल्यूमिनियम। एल्यूमिनियम पृथ्वी की भूपर्पटी में सर्वाधिक मात्रा में पाई जाने वाली धातु है और भार के अनुसार यह उसका लगभग आठ प्रतिशत है।

भूपर्पटी के सभी तत्वों में ऑक्सीजन पहले और सिलिकॉन दूसरे स्थान पर है, तथा एल्यूमिनियम तीसरे स्थान पर, जिससे वह धातुओं में पहले स्थान पर आ जाता है। अत्यधिक क्रियाशील होने के कारण यह प्रकृति में मुक्त अवस्था में नहीं मिलता; इसका मुख्य अयस्क बॉक्साइट है, जिससे हॉल हेरॉल्ट विधि में पिघले एल्यूमिना के विद्युत अपघटन द्वारा धातु निकाली जाती है। एल्यूमिनियम हल्का होता है, ऑक्साइड की पतली परत के कारण संक्षारण से बचा रहता है, और वायुयान, तार, बर्तन तथा पन्नी बनाने में काम आता है।

विकल्प A, सोडियम, बहुत कम मात्रा में है और साधारण नमक तथा फेल्सपार में मिलता है। विकल्प C, कैल्शियम, एल्यूमिनियम और लोहे के बाद आता है तथा चूना पत्थर और जिप्सम में मिलता है। विकल्प D, लोहा, भूपर्पटी में दूसरी सर्वाधिक धातु है, हालाँकि क्रोड सहित पूरी पृथ्वी में यह सर्वाधिक तत्व है।

परीक्षा सुझाव: भूपर्पटी में ऑक्सीजन, सिलिकॉन, एल्यूमिनियम, लोहा; अतः पहली धातु एल्यूमिनियम, दूसरी लोहा।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 17 Aug 2021, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किसने पहली बार यह निष्कर्ष निकाला कि निर्वात में सभी वस्तुएँ समान त्वरण g से गिरती हैं और एक ही समय में जमीन पर पहुँचती हैं?

  1. A.अल्बर्ट आइंस्टीन
  2. B.गैलीलियो गैलिली
  3. C.थॉमस अल्वा एडिसन
  4. D.आइजैक न्यूटन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गैलीलियो गैलिली

व्याख्या

सही उत्तर है B, गैलीलियो गैलिली। गैलीलियो ने पहली बार यह तर्क दिया कि वायु प्रतिरोध हटा देने पर हर वस्तु अपने द्रव्यमान से निरपेक्ष, समान त्वरण से गिरती है। उसने नत तलों पर गेंदें लुढ़काकर और समय मापकर यह निष्कर्ष निकाला, और लोकप्रिय विवरणों में यह विचार पीसा की झुकी मीनार के उसके प्रयोग से जुड़ा है। इससे अरस्तू की पुरानी मान्यता गलत सिद्ध हुई कि भारी वस्तुएँ तेज गिरती हैं। उसने जिस त्वरण की बात की वही g है, जो पृथ्वी के निकट लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग है। A गलत है क्योंकि आइंस्टीन ने बहुत बाद में व्यापक सापेक्षता के तुल्यता सिद्धांत में इसी पर आगे काम किया। C गलत है क्योंकि एडिसन विद्युत बल्ब और फोनोग्राफ के आविष्कारक थे, गिरती वस्तुओं पर उनका कोई कार्य नहीं है। D गलत है क्योंकि न्यूटन, जिनका जन्म गैलीलियो की मृत्यु के वर्ष हुआ, ने बाद में गुरुत्वाकर्षण नियम से इसका कारण समझाया। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - गैलीलियो ने बताया कि सब वस्तुएँ एक साथ गिरती हैं, न्यूटन ने कारण बताया।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 02 May 2023, Shift 1आसान

नाभिकीय झिल्ली सहित सुसंगठित केंद्रक रखने वाली कोशिकाओं को _______ कहा जाता है।

  1. A.गाल की कोशिकाएँ
  2. B.ऑटोकैरियोटिक कोशिकाएँ
  3. C.यूकैरियोटिक कोशिकाएँ
  4. D.प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. यूकैरियोटिक कोशिकाएँ

व्याख्या

सही उत्तर है C, यूकैरियोटिक कोशिकाएँ। जिस कोशिका का केंद्रक सुसंगठित होता है और नाभिकीय झिल्ली से घिरा रहता है, उसे यूकैरियोटिक कोशिका कहा जाता है।

यह शब्द ग्रीक भाषा के यू अर्थात सच्चा और कैरियॉन अर्थात केंद्रक से बना है। सच्चे केंद्रक के अतिरिक्त यूकैरियोटिक कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रिया, अंतर्द्रव्यी जालिका और गॉल्जी उपकरण जैसे झिल्लीयुक्त कोशिकांग होते हैं, तथा इनका डीएनए कई रेखीय गुणसूत्रों में संगठित रहता है। सभी जंतु, पादप, कवक और प्रोटिस्ट इन्हीं कोशिकाओं से बने होते हैं।

विकल्प A, गाल की कोशिकाएँ, मानव की एक विशेष उपकला कोशिका का नाम है, जो यूकैरियोटिक कोशिका का उदाहरण है, पूरा वर्ग नहीं। विकल्प B, ऑटोकैरियोटिक कोशिकाएँ, जीव विज्ञान का कोई शब्द नहीं है। विकल्प D, प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ, इसके विपरीत हैं: जीवाणु और आर्किया में नाभिकीय झिल्ली नहीं होती, इसलिए उनकी आनुवंशिक सामग्री कोशिकाद्रव्य में न्यूक्लिऑइड नामक भाग में खुली रहती है।

परीक्षा सुझाव: यूकैरियोट अर्थात झिल्लीयुक्त सच्चा केंद्रक; प्रोकैरियोट अर्थात नाभिकीय झिल्ली नहीं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 1 Sept 2019, Shift 1 (Electrical)मध्यम

विद्युत लेपन शुरू करने से पहले कौन-सी क्रिया अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए?

  1. A.बफिंग
  2. B.सोल्डरिंग
  3. C.सफाई
  4. D.पॉलिशिंग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सफाई

व्याख्या

सही उत्तर है C, सफाई। विद्युत लेपन में जिस वस्तु पर परत चढ़ानी होती है उसे कैथोड बनाया जाता है, लेपन की धातु एनोड का काम करती है, और दोनों को उसी धातु के लवण वाले विद्युत-अपघट्य में डुबोया जाता है। धारा बहने पर धातु के आयन कैथोड की ओर जाकर उस पर जम जाते हैं। यह परत तभी मजबूती से चिपकती है जब सतह रासायनिक रूप से साफ हो, इसलिए पहले चिकनाई, तेल, जंग और ऑक्साइड को डीग्रीसिंग तथा अम्ल में पिकलिंग द्वारा हटाया जाता है; यदि कोई पतली परत रह जाए तो लेपन उखड़ जाता है, फूल जाता है या जगह-जगह से अधूरा रह जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बफिंग से पहले से साफ सतह पर केवल चमक आती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सोल्डरिंग भराव मिश्रधातु से दो धातुओं को जोड़ने की क्रिया है, लेपन की तैयारी से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पॉलिशिंग सतह को यांत्रिक रूप से चिकना करती है, पर चिपकने में बाधा डालने वाली तेल और ऑक्साइड की परत नहीं हटाती। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें, पहले सफाई फिर लेपन, और वस्तु सदैव कैथोड होती है।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 24 May 2019, Shift 3आसान

आर्किमिडीज ने आर्किमिडीज सिद्धांत की खोज के बाद किसका निर्धारण किया था?

  1. A.दूध की शुद्धता
  2. B.राजा के मुकुट में सोने की शुद्धता
  3. C.जलयान की डिजाइन अवधारणा
  4. D.पनडुब्बी की डिजाइन अवधारणा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजा के मुकुट में सोने की शुद्धता

व्याख्या

सही उत्तर है B, राजा के मुकुट में सोने की शुद्धता। आर्किमिडीज ने अपने सिद्धांत से यह जाँचा था कि सिराक्यूज के राजा हीरो द्वितीय का मुकुट शुद्ध सोने का है या नहीं।

इस सिद्धांत के अनुसार द्रव में डूबी वस्तु पर ऊपर की ओर उतना बल लगता है जितना उसके द्वारा हटाए गए द्रव का भार होता है। चूँकि सोना चाँदी से भारी होता है, समान भार वाला वह मुकुट जिसमें चाँदी मिली हो, आकार में बड़ा होगा और अधिक जल हटाएगा। मुकुट द्वारा हटाए गए जल की तुलना उतने ही भार के शुद्ध सोने द्वारा हटाए गए जल से करके आर्किमिडीज ने दिखा दिया कि मुकुट में मिलावट थी। स्नान करते समय यूरेका कहकर दौड़ पड़ने की कथा इसी प्रसंग से जुड़ी है।

विकल्प A गलत है क्योंकि दूध की शुद्धता लैक्टोमीटर से जाँची जाती है, जो बाद का उपकरण है और घनत्व पर काम करता है। विकल्प C और D गलत हैं क्योंकि जलयान और पनडुब्बी प्लवन के नियम पर चलते हैं, पर आर्किमिडीज से इनकी जाँच नहीं कहा गया था।

परीक्षा सुझाव: आर्किमिडीज सिद्धांत, उत्प्लावन बल बराबर हटाए गए द्रव का भार, सोने के मुकुट पर प्रयोग।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 16th March 2019, Shift 3मध्यम

बॉस म्यूटस किसका वैज्ञानिक नाम है?

  1. A.जंगली याक
  2. B.घोड़ा
  3. C.बैल
  4. D.भैंस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जंगली याक

व्याख्या

सही उत्तर है A, जंगली याक। बॉस म्यूटस जंगली याक का वैज्ञानिक नाम है। यह लंबे बालों वाला गोवंशीय पशु लद्दाख, तिब्बत और काराकोरम के ऊँचे ठंडे पठारों पर रहता है, चार हज़ार मीटर से ऊपर चरता है और आईयूसीएन लाल सूची में संकटासन्न श्रेणी में रखा गया है। पालतू याक को बॉस ग्रनिएंस कहते हैं, जिसका अर्थ है घुरघुराने वाला बैल, जबकि म्यूटस का अर्थ है मौन, क्योंकि जंगली याक कहीं अधिक शांत रहता है। पहले वंश और फिर जाति लिखने की यह द्विनाम पद्धति कार्ल लिनियस ने दी थी। B गलत है क्योंकि घोड़े का नाम इक्वस कैबेलस है। C गलत है क्योंकि पालतू गोवंश को बॉस टॉरस और भारतीय कुबड़ वाली नस्लों को बॉस इंडिकस कहते हैं। D गलत है क्योंकि भैंस का नाम बुबालस बुबालिस है। परीक्षा टिप: बॉस वंश में गाय और याक दोनों आते हैं।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 08 Aug 2023, Shift 1आसान

किस रेडियोधर्मी समस्थानिक की अर्धायु 5770 वर्ष है, जिसका प्रयोग सामान्यतः कागज और चर्मपत्र जैसे जैविक पदार्थों की आयु आँकने में किया जाता है?

  1. A.कार्बन-9
  2. B.कार्बन-12
  3. C.कार्बन-14
  4. D.कार्बन-17
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कार्बन-14

व्याख्या

सही उत्तर C, कार्बन-14 है। कार्बन-14 कार्बन का वह रेडियोधर्मी समस्थानिक है जो रेडियोकार्बन डेटिंग में प्रयुक्त होता है, और उसकी अर्धायु लगभग 5,700 वर्ष है, जो प्रश्न में दी गई संख्या के अनुरूप है। जीवित पौधा या प्राणी साधारण कार्बन के साथ कार्बन-14 भी लेता है; मृत्यु के बाद यह ग्रहण रुक जाता है और कार्बन-14 बीटा उत्सर्जन से क्षय होता है, इसलिए काष्ठ, अस्थि, वस्त्र अथवा चर्मपत्र में शेष अनुपात से नमूने की आयु निकलती है। विकल्प A गलत है क्योंकि कार्बन-9 अत्यंत अल्पजीवी समस्थानिक है, जो आयु निर्धारण में किसी काम का नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि कार्बन-12 कार्बन का साधारण स्थायी समस्थानिक है और परमाणु द्रव्यमान का मानक है, इसलिए वह क्षय ही नहीं होता। विकल्प D गलत है क्योंकि कार्बन-17 अत्यंत अस्थिर है और सेकंड के अंश तक ही टिकता है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1आसान

दो हड्डियां एक-दूसरे से जिस अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जुड़ी होती हैं, उसे ___________ कहते हैं।

  1. A.कंडरा
  2. B.उपास्थि
  3. C.आधात्री
  4. D.स्नायु
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. स्नायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्नायु। स्नायु यानी लिगामेंट वह संयोजी ऊतक है जो संधि पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है। यह बहुत लचीला और मजबूत होता है तथा हड्डियों को अपनी जगह बनाए रखता है, जिससे संधि हिल-डुल सके और हड्डियां खिसक न जाएं। स्नायु में आधात्री बहुत कम होती है और संधि मुड़ने पर यह खिंच जाता है, इसी खिंचाव को मोच कहते हैं। A गलत है क्योंकि कंडरा यानी टेंडन मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है, यह रेशेदार और मजबूत होता है पर कम खिंचता है, ताकि मांसपेशी का खिंचाव सीधे हड्डी तक पहुंचे। B गलत है क्योंकि उपास्थि चिकना और लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों पर गद्दी बनाता है तथा नाक और कान को आकार देता है। C गलत है क्योंकि आधात्री वह पदार्थ है जिसमें संयोजी ऊतक की कोशिकाएं धंसी रहती हैं, यह स्वयं कोई रचना नहीं। परीक्षा टिप: स्नायु हड्डी से हड्डी, कंडरा मांसपेशी से हड्डी।

Q13.सामान्य विज्ञानआसान

ताप बढ़ने पर अर्धचालक का विद्युत् प्रतिरोध:

  1. A.बढ़ता है
  2. B.घटता है
  3. C.अपरिवर्तित रहता है
  4. D.पहले बढ़ता है फिर शून्य हो जाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. घटता है

व्याख्या

सही उत्तर B, घटता है है। अर्धचालक का वर्जित ऊर्जा अंतराल छोटा होता है, इसलिए गर्म करने से मिली ताप ऊर्जा अधिक इलेक्ट्रॉनों को संयोजी बैंड से चालन बैंड में धकेलती है और अधिक इलेक्ट्रॉन-कोटर युग्म बनाती है। अधिक आवेश वाहक का अर्थ है अधिक चालकता और इसलिए कम प्रतिरोध, इसी कारण कहा जाता है कि अर्धचालक का प्रतिरोध ताप गुणांक ऋणात्मक होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि धातुओं में ताप बढ़ने पर प्रतिरोध बढ़ता है, जहाँ वाहक पहले से मुक्त हैं और बढ़ा हुआ जालक कंपन केवल उन्हें बाधित करता है; विद्यार्थी धातु का नियम यहाँ भूल से लगा देते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अर्धचालक में प्रतिरोध का परिवर्तन वास्तव में बड़ा होता है और थर्मिस्टर में उसका उपयोग किया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रतिरोध कभी शून्य नहीं होता; वह लगातार घटता है, परंतु अर्धचालक गर्म करने पर अतिचालक नहीं बन जाता।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 6 Dec 2018, Shift 2आसान

मानव शरीर में निषेचन की प्रक्रिया कहाँ होती है?

  1. A.गर्भाशय
  2. B.फैलोपियन ट्यूब
  3. C.अंडाशय
  4. D.योनि
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. फैलोपियन ट्यूब

व्याख्या

सही उत्तर है B, फैलोपियन ट्यूब। मनुष्य में शुक्राणु और अंडाणु का मिलन फैलोपियन ट्यूब यानी अंडवाहिनी के भीतर होता है।

अंडाशय महीने में एक अंडाणु छोड़ता है और फैलोपियन ट्यूब का कीप जैसा मुँह उसे ग्रहण कर लेता है। शुक्राणु योनि से गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाशय से गुजरकर इसी नली तक तैरते हैं, और निषेचन प्रायः नली के चौड़े ऊपरी भाग में होता है। निषेचित अंडाणु अब युग्मनज कहलाता है और नली की भित्ति उसे आगे बढ़ाती है, इस बीच वह विभाजित होता रहता है। कुछ दिनों में यह कोशिकाओं के गोले के रूप में गर्भाशय पहुँचता है, उसकी मोटी भित्ति में धँस जाता है और प्लेसेंटा की सहायता से वहीं विकसित होता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि गर्भाशय में निषेचन के बाद भ्रूण रोपित होकर विकसित होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अंडाशय केवल अंडाणु बनाता और छोड़ता है। विकल्प D गलत है क्योंकि योनि वह मार्ग है जिससे शुक्राणु प्रवेश करते हैं।

परीक्षा टिप: अंडाणु अंडाशय में बनता है, निषेचन फैलोपियन ट्यूब में होता है, विकास गर्भाशय में होता है।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 04 Oct 2017, Shift 2आसान

सीमेंट, रोड़ी, मोटी बालू और पानी के मिश्रण को _______ कहा जाता है।

  1. A.मोर्टार
  2. B.कंक्रीट
  3. C.स्लरी
  4. D.मॉडरेटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कंक्रीट

व्याख्या

सही उत्तर है B, कंक्रीट। कंक्रीट वह निर्माण सामग्री है जो सीमेंट के साथ रोड़ी जैसे मोटे गिट्टी पदार्थ, बालू जैसे महीन पदार्थ और पानी मिलाकर बनाई जाती है।

सीमेंट और पानी के बीच जलयोजन नामक अभिक्रिया होती है, जिससे मिश्रण जमकर कठोर हो जाता है और गिट्टी को बाँध लेता है। साधारण काम के लिए एक भाग सीमेंट, दो भाग बालू और चार भाग रोड़ी का अनुपात आम है, जिसे 1:2:4 लिखा जाता है। कंक्रीट संपीडन में मजबूत पर तनाव में कमजोर होती है, इसलिए इसमें लोहे की छड़ें डालकर प्रबलित सीमेंट कंक्रीट बनाई जाती है, जिससे आज की इमारतें, पुल और बाँध बनते हैं।

विकल्प A, मोर्टार, में केवल सीमेंट या चूना, बालू और पानी होता है, रोड़ी नहीं, और इससे ईंटें जोड़ी जाती हैं। विकल्प C, स्लरी, किसी ठोस का पतला बहने वाला मिश्रण है। विकल्प D, मॉडरेटर, नाभिकीय रिएक्टर में न्यूट्रॉन की गति धीमी करने वाला पदार्थ है।

परीक्षा सुझाव: मोर्टार में रोड़ी नहीं, कंक्रीट में रोड़ी, और लोहे की छड़ मिलाने पर आरसीसी।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 16 Sept 2018मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा पहला पुनर्योगज (रीकॉम्बिनेंट) टीका है?

  1. A.पोलियो
  2. B.एड्स
  3. C.हेपेटाइटिस बी
  4. D.चेचक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. हेपेटाइटिस बी

व्याख्या

सही उत्तर है C, हेपेटाइटिस बी। हेपेटाइटिस बी का टीका पुनर्योगज डीएनए तकनीक से बनने वाला पहला टीका था। वैज्ञानिकों ने हेपेटाइटिस बी विषाणु के सतही प्रोटीन का जीन काटकर यीस्ट कोशिकाओं में डाल दिया; यीस्ट ने वह प्रोटीन बड़ी मात्रा में बनाया और शुद्ध किए गए इसी प्रोटीन को टीके के रूप में लगाया जाता है। चूँकि इसमें पूरा विषाणु नहीं, केवल एक प्रोटीन होता है, इसलिए टीके से रोग होने का खतरा नहीं रहता – यही पुनर्योगज टीकों की सबसे बड़ी खूबी है। यह टीका 1980 के दशक के मध्य में स्वीकृत हुआ और भारत में शिशुओं को लगने वाले पेंटावेलेंट टीके का हिस्सा है। A गलत है क्योंकि पोलियो का टीका या तो साल्क का मृत विषाणु टीका है या सेबिन का जीवित दुर्बलीकृत टीका। B गलत है क्योंकि एड्स का कोई टीका अब तक स्वीकृत नहीं हुआ है। D गलत है क्योंकि चेचक के टीके में जीवित वैक्सीनिया विषाणु प्रयुक्त होता था और 1980 में इस रोग के उन्मूलन की घोषणा हो चुकी है। परीक्षा टिप: हेपेटाइटिस बी – पहला पुनर्योगज टीका, यीस्ट में तैयार।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 3, 2019मध्यम

हाइड्रोजन बम में अत्यंत विनाशकारी विस्फोट किस कारण होता है?

  1. A.नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन
  2. B.नाभिकीय विखंडन
  3. C.क्रायोजेनिक हाइड्रोजन का उपयोग
  4. D.अति संपीडित हाइड्रोजन का उपयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन

व्याख्या

सही उत्तर A, नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन है। हाइड्रोजन बम, जिसे तापनाभिकीय बम भी कहा जाता है, दो चरणों में काम करता है। यूरेनियम अथवा प्लूटोनियम का विखंडन विस्फोट लाखों डिग्री का वह ताप पैदा करता है जो हल्के नाभिकों को जोड़ने के लिए आवश्यक है, और फिर उन नाभिकों का संलयन विखंडन चरण से कहीं अधिक ऊर्जा देता है। इस प्रकार विस्फोट में दोनों प्रक्रियाओं का योग होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि केवल विखंडन पहले प्रकार के परमाणु बम का वर्णन करता है, जो कम शक्तिशाली होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि क्रायोजेनिक हाइड्रोजन, अर्थात अत्यंत निम्न ताप पर द्रवित हाइड्रोजन, रॉकेट ईंधन है और बम की ऊर्जा से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि हाइड्रोजन को केवल संपीडित करने से नाभिकीय ऊर्जा नहीं निकलती, नाभिकों का संलयन कराना पड़ता है।

Q18.सामान्य विज्ञानआसान

शुद्ध सिलिकॉन में निम्नलिखित में से कौन अपद्रव्य मिलाने पर n-प्रकार अर्धचालक बनता है?

  1. A.बोरॉन
  2. B.इंडियम
  3. C.आर्सेनिक
  4. D.गैलियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आर्सेनिक

व्याख्या

सही उत्तर C, आर्सेनिक है। n-प्रकार अर्धचालक पंचसंयोजी तत्व, अर्थात् पाँच संयोजी इलेक्ट्रॉन वाले तत्व, से मादन करके बनाया जाता है, जैसे फॉस्फोरस, आर्सेनिक, एंटिमनी या बिस्मथ। पाँच इलेक्ट्रॉनों में से चार पड़ोसी सिलिकॉन परमाणुओं के साथ सहसंयोजी बंध बनाते हैं और पाँचवाँ लगभग मुक्त रह जाता है, इसलिए अपद्रव्य दाता का कार्य करता है और इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक बन जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि बोरॉन त्रिसंयोजी है और p-प्रकार पदार्थ देता है। विकल्प B गलत है क्योंकि इंडियम भी त्रिसंयोजी है और प्रतिष्ठित ग्राही अपद्रव्य है। विकल्प D उसी कारण गलत है, क्योंकि गैलियम के तीन संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं। स्मरण सूत्र यह है कि पंचसंयोजी का अर्थ दाता तथा n-प्रकार है और त्रिसंयोजी का अर्थ ग्राही तथा p-प्रकार, और दोनों दशाओं में मादित क्रिस्टल विद्युत् दृष्टि से उदासीन रहता है।

Q19.सामान्य विज्ञानआसान

रेडियोधर्मिता की खोज किस वैज्ञानिक ने की थी?

  1. A.हेनरी बेकरल
  2. B.मेरी क्यूरी
  3. C.अर्नेस्ट रदरफोर्ड
  4. D.विल्हेम रॉन्टजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हेनरी बेकरल

व्याख्या

सही उत्तर A, हेनरी बेकरल है। 1896 में बेकरल ने पाया कि अंधेरे में रखा यूरेनियम लवण लपेटी हुई फोटोग्राफिक प्लेट को धुँधला कर देता है, जिससे सिद्ध हुआ कि वह लवण प्रकाश के संपर्क में आए बिना अपना भेदक विकिरण उत्सर्जित करता है। विकल्प B गलत है, यद्यपि मेरी क्यूरी ने अपने पति पियरे के साथ 1898 में पोलोनियम तथा रेडियम खोजे, रेडियोधर्मिता शब्द दिया और बेकरल के साथ नोबेल पुरस्कार साझा किया; परंतु इस प्रभाव की खोज बेकरल की है। विकल्प C गलत है क्योंकि रदरफोर्ड बाद में आए और उन्होंने उत्सर्जन को अल्फा, बीटा तथा गामा में बाँटा, परमाणु का नाभिकीय मॉडल दिया तथा पहला कृत्रिम रूपांतरण किया। विकल्प D गलत है क्योंकि रॉन्टजन ने 1895 में एक्स किरणें खोजीं, जो नाभिक के बाहर बनती हैं और रेडियोधर्मिता नहीं हैं।

Q20.सामान्य विज्ञानआसान

p-प्रकार अर्धचालक में बहुसंख्यक आवेश वाहक कौन होते हैं?

  1. A.इलेक्ट्रॉन
  2. B.कोटर
  3. C.प्रोटॉन
  4. D.धन आयन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कोटर

व्याख्या

सही उत्तर B, कोटर है। p-प्रकार अर्धचालक बोरॉन, ऐलुमिनियम, गैलियम या इंडियम जैसे त्रिसंयोजी अपद्रव्य को मिलाकर बनाया जाता है। चूँकि अपद्रव्य परमाणु के केवल तीन संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं, एक सहसंयोजी बंध अपूर्ण रह जाता है और एक रिक्ति बनती है जिसे कोटर कहते हैं; अतः अपद्रव्य ग्राही का कार्य करता है और कोटर बहुसंख्यक वाहक होते हैं, जबकि ताप से उत्पन्न थोड़े इलेक्ट्रॉन अल्पसंख्यक वाहक होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉन n-प्रकार पदार्थ में बहुसंख्यक वाहक होते हैं, p-प्रकार में नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रोटॉन नाभिक में बद्ध रहते हैं और ठोस में कभी आवेश वाहक नहीं बनते। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्राही आयन क्रिस्टल जालक में स्थिर रहते हैं और चल नहीं सकते, इसलिए ऋणावेशित होते हुए भी वे कोई धारा नहीं ले जाते।

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