मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 56

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करें

इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 56) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: रोग और उनके कारण, प्रत्यास्थता: प्रतिबल, विकृति और हुक का नियम, आनुवंशिकी और विकास और अन्य। इनमें से 13 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन वंशानुगत रोग है?

  1. A.हैजा
  2. B.हीमोफीलिया
  3. C.रिकेट्स
  4. D.ट्रैकोमा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हीमोफीलिया

व्याख्या

सही उत्तर B, हीमोफीलिया है। हीमोफीलिया वंशानुगत विकार है, जिसमें थक्का बनाने वाला एक कारक अनुपस्थित रहता है, इसलिए चोट के बाद रक्तस्राव लंबे समय तक चलता है। इसका जीन एक्स गुणसूत्र पर होता है, इसी कारण यह रोग अधिकतर पुरुषों में प्रकट होता है, जबकि स्त्रियां सामान्यतः वाहक रहती हैं, और वर्णांधता के साथ यह लिंग सहलग्न वंशागति का मानक उदाहरण है। विकल्प A गलत है, क्योंकि हैजा विब्रियो कॉलेरी से होने वाला संक्रामक रोग है, जो जल से फैलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि रिकेट्स विटामिन डी की कमी तथा कैल्शियम के अल्प अवशोषण से होने वाला कमी रोग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ट्रैकोमा क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस से होने वाला आंख का संक्रमण है और रोकी जा सकने वाली अंधता का बड़ा कारण है। अन्य वंशानुगत विकार सिकल सेल रक्ताल्पता, थैलेसीमिया और वर्णांधता हैं।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 5 (Civil Engineering) 2012मध्यम

निम्नलिखित में से सही कथन चुनें: 1. हुक का नियम समानुपातिकता सीमा तक मान्य है। 2. हुक का नियम प्रत्यास्थता सीमा तक मान्य है। 3. समानुपातिकता सीमा सदैव प्रत्यास्थता सीमा से कम होती है। 4. समानुपातिकता सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है। सही उत्तर है

  1. A.1 और 4
  2. B.2 और 4
  3. C.1 और 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1 और 4। हुक का नियम केवल समानुपातिकता सीमा तक लागू होता है, और यह सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है, इसलिए कथन 1 और 4 ही सही जोड़ी बनाते हैं। हुक के नियम के अनुसार प्रतिबल विकृति के समानुपाती होता है, और यही प्रतिबल-विकृति ग्राफ का सीधा भाग है; जहाँ वक्र सीधी रेखा छोड़ देता है, वही बिंदु समानुपातिकता सीमा है। उससे कुछ आगे तक भी पदार्थ बल हटाने पर अपने मूल रूप में लौट आता है, और जहाँ तक ऐसा होता है वह अंतिम बिंदु प्रत्यास्थता सीमा कहलाता है। अधिकांश धातुओं में ये दोनों बिंदु बहुत पास होते हैं और आदर्श पदार्थ में एक ही हो जाते हैं। B गलत है क्योंकि कथन 2 नियम को ग्राफ के सीधे भाग से आगे तक खींच देता है, जहाँ समानुपात नहीं रहता। C और D गलत हैं क्योंकि कथन 3 सदैव कम कहता है, जबकि दोनों सीमाएँ बराबर भी हो सकती हैं। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - समानुपातिकता सीमा, प्रत्यास्थता सीमा, पराभव बिंदु, परम प्रतिबल।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

ग्रेगर मेंडल ने वंशागति पर अपने प्रसिद्ध प्रयोग किस पौधे पर किए?

  1. A.मक्का
  2. B.बगीचे का मटर
  3. C.स्नैपड्रैगन
  4. D.संध्या प्रिमरोज
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बगीचे का मटर

व्याख्या

सही उत्तर B, बगीचे का मटर, पाइसम सैटाइवम है। मेंडल ने उसे इसलिए चुना कि वह शुद्ध वंशक्रम देता है, हाथ से संकरण करना सरल है, एक ही ऋतु में एक पीढ़ी पूरी कर लेता है और उसमें सात जोड़ी तीखे विपरीत लक्षण मिलते हैं, जैसे लंबा और बौना तना तथा गोल और झुर्रीदार बीज। विकल्प A, मक्का, बाद के आनुवंशिकीविदों की महत्वपूर्ण सामग्री बना, विशेष रूप से बारबरा मैक्लिंटॉक के स्थानांतरणीय तत्वों के कार्य के लिए, परंतु मेंडल के लिए नहीं। विकल्प C, स्नैपड्रैगन या एंटीराइनम, वही पौधा है जिससे सामान्यतः अपूर्ण प्रभाविता समझाई जाती है, जहां लाल और सफेद जनक से गुलाबी संतान बनती है, इसलिए वह इसी अध्याय में परंतु भिन्न स्थान पर आता है। विकल्प D, संध्या प्रिमरोज या ईनोथेरा, वह पौधा था जिस पर ह्यूगो डी व्रीज ने अपना उत्परिवर्तन सिद्धांत आधारित किया। चारों जोड़ियां अलग-अलग याद रखें, क्योंकि प्रश्न अक्सर सभी को विकल्प बना देता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · RRB ALP CBT I Official Mock Test 2024आसान

पिसीकल्चर शब्द किससे संबंधित है?

  1. A.मधुमक्खी पालन
  2. B.रेशम कीट पालन
  3. C.मछली पालन
  4. D.पक्षी पालन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मछली पालन

व्याख्या

सही उत्तर है C, मछली पालन। पिसीकल्चर का अर्थ तालाबों, जलकुंडों तथा अन्य प्रबंधित जलाशयों में मछली पालना है; लैटिन शब्द पिसिस का अर्थ ही मछली है। यह जलकृषि की एक शाखा है और भारत विश्व के सबसे बड़े मछली उत्पादकों में एक है। मछली उत्पादन की योजनाबद्ध वृद्धि को नीली क्रांति कहा जाता है, और रोहू, कतला तथा मृगल भारतीय तालाबों में पाली जाने वाली प्रमुख कार्प मछलियाँ हैं। A गलत है क्योंकि मधुमक्खी पालन एपीकल्चर कहलाता है, जिससे शहद और मोम मिलता है। B गलत है क्योंकि रेशम कीट पालन सेरीकल्चर है, जिसमें शहतूत खाने वाला बॉम्बिक्स मोराई कीट संसार का अधिकांश रेशम देता है। D गलत है क्योंकि पक्षी पालन एवीकल्चर कहलाता है और अंडे तथा मांस के लिए मुर्गी पालना कुक्कुट पालन है। परीक्षा टिप: सभी शब्द साथ याद रखें - पिसीकल्चर मछली, एपीकल्चर मधुमक्खी, सेरीकल्चर रेशम कीट, एवीकल्चर पक्षी, हॉर्टीकल्चर फल-सब्जी, फ्लोरीकल्चर फूल।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · 1 Sept. 2018, Shift 1आसान

परमाणु में इलेक्ट्रॉन की उपस्थिति की खोज किसने की?

  1. A.चैडविक
  2. B.नील्स बोर
  3. C.रदरफोर्ड
  4. D.जे जे थॉमसन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. जे जे थॉमसन

व्याख्या

सही उत्तर D, जे जे थॉमसन है। सन 1897 में थॉमसन ने अत्यंत निम्न दाब पर गैस में विद्युत विसर्जन प्रवाहित किया और दिखाया कि उत्पन्न कैथोड किरणें एक समान ऋण आवेशित कणों की धारा हैं, जो किसी भी परमाणु से कहीं हल्के हैं और गैस अथवा इलेक्ट्रोड बदलने पर भी वही रहते हैं। उन्होंने इन्हें कणिका कहा; बाद में इन्हें इलेक्ट्रॉन नाम मिला और उन्होंने इनका आवेश द्रव्यमान अनुपात मापा। विकल्प A, चैडविक, ने सन 1932 में न्यूट्रॉन की खोज की, इलेक्ट्रॉन की नहीं। विकल्प B, नील्स बोर, ने कोई कण नहीं खोजा; उन्होंने वह मॉडल दिया जिसमें इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा कोशों में परिक्रमा करते हैं और उन्होंने हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की व्याख्या की। विकल्प C, रदरफोर्ड, ने स्वर्ण पत्र पर अल्फा कणों के प्रकीर्णन से छोटे, घने और धन आवेशित नाभिक की स्थापना की तथा प्रोटॉन को नाम दिया। स्मरण रखने योग्य क्रम है: सन 1897 में थॉमसन द्वारा इलेक्ट्रॉन, रदरफोर्ड द्वारा नाभिक और प्रोटॉन तथा सन 1932 में चैडविक द्वारा न्यूट्रॉन।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 17 Aug 2021, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किसने पहली बार यह निष्कर्ष निकाला कि निर्वात में सभी वस्तुएँ समान त्वरण g से गिरती हैं और एक ही समय में जमीन पर पहुँचती हैं?

  1. A.अल्बर्ट आइंस्टीन
  2. B.गैलीलियो गैलिली
  3. C.थॉमस अल्वा एडिसन
  4. D.आइजैक न्यूटन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गैलीलियो गैलिली

व्याख्या

सही उत्तर है B, गैलीलियो गैलिली। गैलीलियो ने पहली बार यह तर्क दिया कि वायु प्रतिरोध हटा देने पर हर वस्तु अपने द्रव्यमान से निरपेक्ष, समान त्वरण से गिरती है। उसने नत तलों पर गेंदें लुढ़काकर और समय मापकर यह निष्कर्ष निकाला, और लोकप्रिय विवरणों में यह विचार पीसा की झुकी मीनार के उसके प्रयोग से जुड़ा है। इससे अरस्तू की पुरानी मान्यता गलत सिद्ध हुई कि भारी वस्तुएँ तेज गिरती हैं। उसने जिस त्वरण की बात की वही g है, जो पृथ्वी के निकट लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग है। A गलत है क्योंकि आइंस्टीन ने बहुत बाद में व्यापक सापेक्षता के तुल्यता सिद्धांत में इसी पर आगे काम किया। C गलत है क्योंकि एडिसन विद्युत बल्ब और फोनोग्राफ के आविष्कारक थे, गिरती वस्तुओं पर उनका कोई कार्य नहीं है। D गलत है क्योंकि न्यूटन, जिनका जन्म गैलीलियो की मृत्यु के वर्ष हुआ, ने बाद में गुरुत्वाकर्षण नियम से इसका कारण समझाया। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - गैलीलियो ने बताया कि सब वस्तुएँ एक साथ गिरती हैं, न्यूटन ने कारण बताया।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 18 Sep 2021मध्यम

कुक्कुट का कौन-सा रोग न्यू कैसल रोग के नाम से भी जाना जाता है?

  1. A.रानीखेत
  2. B.आईबीडी
  3. C.कॉक्सीडियोसिस
  4. D.फाउल पॉक्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रानीखेत

व्याख्या

सही उत्तर है A, रानीखेत। न्यूकैसल रोग को भारत में रानीखेत रोग कहा जाता है क्योंकि देश में इसका पहला बड़ा प्रकोप कुमाऊँ की पहाड़ियों में रानीखेत से दर्ज हुआ था, जबकि न्यूकैसल नाम इंग्लैंड के न्यूकैसल अपॉन टाइन से आया, जहाँ 1926 में इसकी पहचान हुई थी। यह रोग पैरामिक्सोवायरस से होता है, बीट और छींट के माध्यम से झुंड में तेजी से फैलता है, और इसमें हाँफना, हरापन लिए दस्त, गर्दन का मुड़ जाना तथा अंडा उत्पादन में तेज गिरावट दिखती है, इसलिए हानि भारी हो सकती है। इसका कोई इलाज नहीं है और कुक्कुट पालक एफ तथा आर2बी टीकों के साथ कड़ी स्वच्छता पर निर्भर रहते हैं। B गलत है क्योंकि आईबीडी अर्थात संक्रामक बर्सल रोग या गंबोरो बर्सा और चूजे की प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालता है। C गलत है क्योंकि कॉक्सीडियोसिस आइमेरिया नामक प्रोटोजोआ से होता है और इसमें खून मिली बीट आती है। D गलत है क्योंकि फाउल पॉक्स अलग विषाणु रोग है, जिसमें कलगी और गलतुंडी पर मस्से जैसी पपड़ी बनती है। परीक्षा टिप: रानीखेत यानी न्यूकैसल रोग, विषाणु रोग जिसका उपाय टीकाकरण है।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 1 Sept 2019, Shift 1 (Electrical)मध्यम

विद्युत लेपन शुरू करने से पहले कौन-सी क्रिया अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए?

  1. A.बफिंग
  2. B.सोल्डरिंग
  3. C.सफाई
  4. D.पॉलिशिंग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सफाई

व्याख्या

सही उत्तर है C, सफाई। विद्युत लेपन में जिस वस्तु पर परत चढ़ानी होती है उसे कैथोड बनाया जाता है, लेपन की धातु एनोड का काम करती है, और दोनों को उसी धातु के लवण वाले विद्युत-अपघट्य में डुबोया जाता है। धारा बहने पर धातु के आयन कैथोड की ओर जाकर उस पर जम जाते हैं। यह परत तभी मजबूती से चिपकती है जब सतह रासायनिक रूप से साफ हो, इसलिए पहले चिकनाई, तेल, जंग और ऑक्साइड को डीग्रीसिंग तथा अम्ल में पिकलिंग द्वारा हटाया जाता है; यदि कोई पतली परत रह जाए तो लेपन उखड़ जाता है, फूल जाता है या जगह-जगह से अधूरा रह जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बफिंग से पहले से साफ सतह पर केवल चमक आती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सोल्डरिंग भराव मिश्रधातु से दो धातुओं को जोड़ने की क्रिया है, लेपन की तैयारी से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पॉलिशिंग सतह को यांत्रिक रूप से चिकना करती है, पर चिपकने में बाधा डालने वाली तेल और ऑक्साइड की परत नहीं हटाती। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें, पहले सफाई फिर लेपन, और वस्तु सदैव कैथोड होती है।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

एकसंकर संकरण में द्वितीय पीढ़ी का लक्षणप्रारूपी अनुपात क्या होता है?

  1. A.1 : 2 : 1
  2. B.3 : 1
  3. C.9 : 3 : 3 : 1
  4. D.1 : 1
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 3 : 1

व्याख्या

सही उत्तर B, 3 : 1 है। जब प्रथम पीढ़ी के दो विषमयुग्मजी पौधों का संकरण किया जाता है तो तीन चौथाई संतानें प्रभावी लक्षण और एक चौथाई अप्रभावी लक्षण दिखाती हैं, क्योंकि अप्रभावी लक्षण तभी प्रकट होता है जब जोड़े के दोनों कारक अप्रभावी हों। विकल्प A, 1 : 2 : 1, उसी संकरण का जीनप्रारूपी अनुपात है, जिसमें एक समयुग्मजी प्रभावी, दो विषमयुग्मजी और एक समयुग्मजी अप्रभावी गिने जाते हैं, और यही सबसे आम गलत उत्तर है क्योंकि प्रश्न अक्सर जल्दी में पढ़ा जाता है। विकल्प C, 9 : 3 : 3 : 1, द्विसंकर संकरण का लक्षणप्रारूपी अनुपात है, जहां दो जोड़ी लक्षण एक साथ देखे जाते हैं। विकल्प D, 1 : 1, परीक्षण संकरण में मिलने वाला अनुपात है, जहां प्रभावी लक्षण दिखाने वाले पौधे का समयुग्मजी अप्रभावी से संकरण कराकर यह जाना जाता है कि वह शुद्ध है या संकर।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

लिटमस विलयन एक बैंगनी रंजक है, जो लाइकेन से प्राप्त होता है; यह पौधा ________ संघ (डिवीजन) का सदस्य है।

  1. A.जिम्नोस्पर्म
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.थैलोफाइटा
  4. D.ब्रायोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है C, थैलोफाइटा। लिटमस एक बैंगनी रंजक है जो लाइकेन से निकाला जाता है, और विद्यालयी विज्ञान में प्रयुक्त वर्गीकरण में लाइकेन को थैलोफाइटा में रखा जाता है। थैलोफाइटा उन साधारण पौधों का समूह है जिनका शरीर अविभेदित थैलस होता है, यानी उनमें असली जड़, तना और पत्ती नहीं होती। शैवाल और कवक भी इसी समूह में आते हैं, और लाइकेन असल में एक शैवाल और एक कवक के सहजीवन से बनता है। लिटमस एक प्राकृतिक सूचक है: उदासीन विलयन में यह बैंगनी रहता है, अम्ल में लाल और क्षार में नीला हो जाता है; इसका उपयोग विलयन और लिटमस पत्र दोनों रूपों में होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि जिम्नोस्पर्म विकसित पौधे हैं जिनके बीज नग्न होते हैं, जैसे चीड़ और साइकस। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा यानी फर्न संवहन ऊतक वाले पहले पौधे हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मॉस और मार्केंशिया जैसे ब्रायोफाइट को पादप जगत का जलस्थलचर कहा जाता है। परीक्षा टिप: लिटमस अम्ल में लाल, क्षार में नीला और उदासीन में बैंगनी।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 15 July 2018आसान

परमाणु के नाभिक के घटक कणों में से एक न्यूट्रॉन की खोज किसने की?

  1. A.मैडम क्यूरी
  2. B.रदरफोर्ड
  3. C.जेम्स चैडविक
  4. D.मैक्स प्लांक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जेम्स चैडविक

व्याख्या

सही उत्तर C, जेम्स चैडविक है। सन 1932 में चैडविक ने बेरिलियम पर अल्फा कणों की बौछार की और दिखाया कि निकलने वाला अत्यधिक भेदक विकिरण उदासीन कणों से बना है जिनका द्रव्यमान प्रोटॉन के लगभग बराबर है। न्यूट्रॉन ने यह स्पष्ट किया कि परमाणु का द्रव्यमान उसके प्रोटॉनों के द्रव्यमान से अधिक क्यों होता है और उसने समभारिकों की भी व्याख्या की, इसी कारण चैडविक को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। विकल्प A, मैरी क्यूरी, ने अपने पति पियरे के साथ रेडियोसक्रियता पर कार्य किया और पोलोनियम तथा रेडियम पृथक किए; उन्होंने कोई नाभिकीय कण नहीं खोजा। विकल्प B, रदरफोर्ड, ने स्वर्ण पत्र प्रयोग से नाभिक की खोज की और यह भविष्यवाणी की कि कोई उदासीन कण होना चाहिए, परंतु उसे उनके शिष्य चैडविक ने खोजा। विकल्प D, मैक्स प्लांक, ने यह प्रस्ताव देकर क्वांटम सिद्धांत की नींव रखी कि ऊर्जा क्वांटा नामक पुड़ियों में विकिरित होती है। तीन पंक्ति का सार है: इलेक्ट्रॉन थॉमसन, नाभिक रदरफोर्ड और न्यूट्रॉन चैडविक।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 8 Nov 2020मध्यम

पराबैंगनी प्रकाश के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.यह एक विद्युत चुंबकीय तरंग है।
  2. B.यह निर्वात से होकर चल सकती है।
  3. C.यह एक अनुदैर्ध्य तरंग है।
  4. D.इसकी तरंगदैर्ध्य दृश्य प्रकाश से छोटी होती है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. यह एक अनुदैर्ध्य तरंग है।

व्याख्या

सही उत्तर है C। पराबैंगनी प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है, अनुदैर्ध्य नहीं, इसलिए यही कथन गलत है। विद्युत चुंबकीय तरंग में विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के तथा तरंग की चाल की दिशा के समकोण पर कंपन करते हैं, और यही अनुप्रस्थ तरंग की परिभाषा है। अनुदैर्ध्य तरंगों को दबने और फैलने के लिए कोई माध्यम चाहिए, जिसका सबसे जाना-पहचाना उदाहरण ध्वनि है। विकल्प A सही है, क्योंकि पराबैंगनी प्रकाश विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम में दृश्य प्रकाश और एक्स-किरणों के बीच आता है। विकल्प B सही है, क्योंकि विद्युत चुंबकीय तरंगों को माध्यम की जरूरत नहीं होती और वे खाली अंतरिक्ष पार कर लेती हैं, इसीलिए सूर्य की पराबैंगनी किरणें पृथ्वी तक पहुँचती हैं। विकल्प D सही है, क्योंकि पराबैंगनी तरंगदैर्ध्य लगभग 400 नैनोमीटर से घटकर 10 नैनोमीटर तक जाती है, जो बैंगनी प्रकाश से छोटी है; इसी अधिक ऊर्जा से त्वचा जलती है और इसे ओजोन परत सोख लेती है। परीक्षा टिप: सभी विद्युत चुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं; ध्वनि जैसी यांत्रिक तरंगें ही अनुदैर्ध्य हो सकती हैं।

Q13.सामान्य विज्ञानमध्यम

द्विसंकर संकरण की द्वितीय पीढ़ी में मिलने वाला 9 : 3 : 3 : 1 अनुपात मेंडल के किस नियम को दर्शाता है?

  1. A.प्रभाविता का नियम
  2. B.पृथक्करण का नियम
  3. C.स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम
  4. D.उपयोग और अनुपयोग का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम

व्याख्या

सही उत्तर C, स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम है। द्विसंकर संकरण में दो जोड़ी लक्षण साथ देखे जाते हैं, उदाहरण के लिए बीज का आकार और बीज का रंग, और चारों संयोजन नौ, तीन, तीन और एक के अनुपात में प्रकट होना यह दिखाता है कि एक जोड़े की वंशागति दूसरे जोड़े की वंशागति पर निर्भर नहीं है। विकल्प A, प्रभाविता का नियम, प्रथम पीढ़ी से दिखता है, जहां विपरीत लक्षणों के जोड़े में से केवल एक प्रकट होता है। विकल्प B, पृथक्करण या युग्मकों की शुद्धता का नियम, एकसंकर संकरण की द्वितीय पीढ़ी में अप्रभावी लक्षण के दोबारा प्रकट होने से दिखता है, जो सिद्ध करता है कि दोनों कारक युग्मक निर्माण के समय स्वच्छ रूप से अलग हुए थे। विकल्प D मेंडल का नहीं है; उपयोग और अनुपयोग लैमार्क के विकास सिद्धांत का भाग है और यहां भ्रम के लिए रखा गया है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम

1 मीटर लंबे दोलक (पेंडुलम) का आवर्तकाल लगभग कितना होता है?

  1. A.6 s
  2. B.4 s
  3. C.2 s
  4. D.1 s
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2 s

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 s। लगभग एक मीटर लंबा सरल दोलक एक पूरा दोलन करीब दो सेकंड में पूरा करता है, और इतनी लंबाई वाले दोलक को सेकंड दोलक कहा जाता है। सरल दोलक का आवर्तकाल T = 2 पाई गुणा L बटा g का वर्गमूल होता है, जहाँ L धागे की लंबाई है और g गुरुत्वीय त्वरण, जो लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग होता है। L = 1 मीटर रखने पर T = 2 x 3.14 x एक बटा 9.8 का वर्गमूल आता है, जो लगभग 2.01 सेकंड है। आवर्तकाल केवल लंबाई और g पर निर्भर करता है, गोलक के द्रव्यमान या उसे कितना किनारे खींचा गया है इस पर नहीं, बशर्ते दोलन छोटा हो। A गलत है क्योंकि 6 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 9 मीटर लंबा चाहिए। B गलत है क्योंकि 4 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 4 मीटर लंबा चाहिए। D गलत है क्योंकि 1 सेकंड का आवर्तकाल केवल लगभग 25 सेंटीमीटर के धागे का होता है। परीक्षा टिप: लंबाई चार गुनी होने पर ही आवर्तकाल दोगुना होता है।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 24 November 2020, Shift 2मध्यम

विद्युत चुंबकीय प्रेरण की खोज और समझ किसके द्वारा किए गए प्रयोगों की लंबी श्रृंखला पर आधारित है?

  1. A.रदरफोर्ड
  2. B.आइंस्टाइन
  3. C.फैराडे और हेनरी
  4. D.प्लांक और फर्मी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. फैराडे और हेनरी

व्याख्या

सही उत्तर C, फैराडे और हेनरी है। सन 1830 के दशक में स्वतंत्र रूप से कार्य करते हुए इंग्लैंड में माइकल फैराडे और संयुक्त राज्य अमेरिका में जोसेफ हेनरी ने दिखाया कि किसी परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन से उसमें विद्युत वाहक बल उत्पन्न होता है और यह प्रभाव फ्लक्स के मान पर नहीं, उसके परिवर्तन की दर पर निर्भर करता है। यही एक परिणाम डायनेमो, प्रत्यावर्ती धारा जनित्र, ट्रांसफार्मर और प्रेरण मोटर का आधार है, तथा प्रेरकत्व का मात्रक हेनरी उनके नाम पर है। विकल्प A, रदरफोर्ड, नाभिकीय भौतिकी से संबंधित हैं, विद्युत चुंबकत्व से नहीं। विकल्प B, आइंस्टाइन, प्रकाश विद्युत प्रभाव, सापेक्षिकता और द्रव्यमान ऊर्जा संबंध के लिए स्मरण किए जाते हैं। विकल्प D क्वांटम सिद्धांत के संस्थापक प्लांक को फर्मी के साथ जोड़ता है, जिन्होंने प्रथम नाभिकीय रिएक्टर बनाया; इनमें से किसी ने प्रेरण पर कार्य नहीं किया। स्मरण रखें कि फैराडे ने विद्युत अपघटन के नियम भी दिए, अतः उनका नाम रसायन के प्रश्नों में भी आता है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB Lab Assistant 2016 Official Paperमध्यम

मान लीजिए किसी नेत्रिका की फोकस दूरी 2.5 सेमी है। 100 आवर्धन वाली दूरदर्शी के लिए अभिदृश्यक लेंस की फोकस दूरी कितनी होनी चाहिए?

  1. A.250 सेमी
  2. B.40 सेमी
  3. C.2.5 × 10⁻² सेमी
  4. D.100 सेमी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 250 सेमी

व्याख्या

सही उत्तर है A, 250 सेमी। सामान्य समायोजन में रखी खगोलीय दूरदर्शी का आवर्धन अभिदृश्यक लेंस की फोकस दूरी को नेत्रिका की फोकस दूरी से भाग देने पर मिलता है। यहाँ आवर्धन 100 है और नेत्रिका की फोकस दूरी 2.5 सेमी है, इसलिए अभिदृश्यक की फोकस दूरी 100 गुणा 2.5 यानी 250 सेमी होनी चाहिए। इसी कारण खगोलीय दूरदर्शी लंबी नली वाली होती हैं, क्योंकि बड़ी फोकस दूरी वाला अभिदृश्यक और छोटी फोकस दूरी वाली नेत्रिका मिलकर ऊँचा आवर्धन देते हैं, और सामान्य समायोजन में नली की लंबाई लगभग दोनों फोकस दूरियों के योग के बराबर होती है। B गलत है क्योंकि 40 सेमी का अभिदृश्यक केवल 16 का आवर्धन देगा। C गलत है क्योंकि नेत्रिका से भी छोटी फोकस दूरी प्रतिबिंब को बड़ा करने के बजाय छोटा कर देगी। D गलत है क्योंकि 100 सेमी से आवर्धन केवल 40 मिलेगा। परीक्षा टिप: दूरदर्शी में आवर्धन अभिदृश्यक बँटा नेत्रिका होता है, इसलिए अभिदृश्यक ही लंबा लेंस होता है।

Q17.सामान्य विज्ञानकठिन

जीन शब्द के साथ-साथ जीनप्रारूप और लक्षणप्रारूप शब्द किसने दिए?

  1. A.विलियम बेटसन
  2. B.विल्हेम योहानसन
  3. C.वाल्टर सटन
  4. D.थॉमस हंट मॉर्गन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विल्हेम योहानसन

व्याख्या

सही उत्तर B, विल्हेम योहानसन है, वे डेनिश वनस्पतिशास्त्री जिन्होंने जीन, जीनप्रारूप और लक्षणप्रारूप शब्द दिए, और इस प्रकार किसी जीव की आनुवंशिक संरचना को उसकी दृश्य अभिव्यक्ति से अलग किया। विकल्प A, विलियम बेटसन, ने वंशागति के इस नए विज्ञान के लिए आनुवंशिकी शब्द स्वयं गढ़ा और अंग्रेजी भाषी जगत में मेंडल के पुनर्खोजे कार्य का प्रचार किया, इसलिए यहां भ्रम सबसे स्वाभाविक रूप से उनसे होता है। विकल्प C, वाल्टर सटन, ने थियोडोर बोवेरी के साथ 1902 में वंशागति का गुणसूत्रीय सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसने मेंडल के कारकों को गुणसूत्रों पर रखा। विकल्प D, थॉमस हंट मॉर्गन, ने फल मक्खी ड्रोसोफिला पर काम किया और सहलग्नता तथा गुणसूत्र पर जीनों के मानचित्रण की स्थापना की, जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला। याद रखने योग्य समूह है आनुवंशिकी के लिए बेटसन, जीन के लिए योहानसन, गुणसूत्रों के लिए सटन और बोवेरी तथा सहलग्नता के लिए मॉर्गन।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 24 November 2020, Shift 1मध्यम

यूनानी मूल के शब्द इलेक्ट्रॉन का अर्थ क्या है?

  1. A.एबोनाइट
  2. B.अंबर
  3. C.आवेश
  4. D.ऋणात्मक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अंबर

व्याख्या

सही उत्तर B, अंबर है। इलेक्ट्रॉन अंबर अर्थात तृणमणि का यूनानी नाम है, जो वृक्षों का जीवाश्मीकृत राल है और जिसे प्राचीन यूनानियों ने फर से रगड़ने पर तिनके, पंख और धूल के कण आकर्षित करते देखा था। क्योंकि यह आकर्षण पहली बार अंबर में देखा गया, इसलिए उससे विकसित हुए संपूर्ण विज्ञान का नाम विद्युत पड़ा और थॉमसन द्वारा सन 1897 में खोजे गए कण का नाम इलेक्ट्रॉन रखा गया। विकल्प A, एबोनाइट, कठोर वल्कनीकृत रबड़ है जिसका प्रयोग स्थिर विद्युत के विद्यालयी प्रयोगों में होता है; यह आधुनिक पदार्थ है और शब्द का स्रोत नहीं। विकल्प C, आवेश, वह भौतिक राशि है जो इस परिघटना में निहित है, परंतु यूनानी शब्द का अर्थ वह नहीं है। विकल्प D, ऋणात्मक, इलेक्ट्रॉन के आवेश का चिह्न बताता है, जो यूनानी शब्द गढ़े जाने के बहुत बाद परंपरा से तय हुआ। वैज्ञानिक शब्दों की व्युत्पत्ति पर प्रश्न प्रायः आते हैं, अतः इलेक्ट्रॉन के लिए अंबर और परमाणु के लिए अविभाज्य अर्थ वाला एटोमॉस स्मरण रखें।

Q19.सामान्य विज्ञानआसान

डीएनए का द्वि-कुंडलिनी मॉडल 1953 में किस जोड़ी वैज्ञानिकों ने प्रस्तुत किया?

  1. A.वॉटसन और क्रिक
  2. B.हर्षे और चेज
  3. C.एवरी और मैक्लॉयड
  4. D.मिलर और यूरे
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वॉटसन और क्रिक

व्याख्या

सही उत्तर A, वॉटसन और क्रिक है। जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने 1953 में द्वि-कुंडलिनी मॉडल प्रकाशित किया, जिसमें दो लड़ियां विपरीत दिशाओं में चलती हैं और क्षार भीतर की ओर जोड़े में होते हैं, और उसमें रोजालिंड फ्रैंकलिन तथा मॉरिस विल्किंस के एक्स-किरण विवर्तन चित्रों का सहारा लिया गया; वॉटसन, क्रिक और विल्किंस को 1962 में नोबेल पुरस्कार साझा मिला। विकल्प B, हर्षे और चेज, ने 1952 में जीवाणुभोजी को चिह्नित करके दिखाया कि जीवाणु में प्रवेश करके उसे निर्देश देने वाला पदार्थ डीएनए है, प्रोटीन नहीं। विकल्प C, एवरी और मैक्लॉयड, ने कॉलिन मैक्कार्टी के साथ 1940 के दशक में डीएनए को रूपांतरणकारी तत्व के रूप में पहचाना, और यह ग्रिफिथ के 1928 के प्रयोग पर आधारित था। विकल्प D, मिलर और यूरे, ने 1953 का वह प्रयोग किया जिसमें गैसों के मिश्रण और विद्युत विसर्जन से अमीनो अम्ल बने, जो जीवन की उत्पत्ति से जुड़ा है, डीएनए की संरचना से नहीं।

Q20.सामान्य विज्ञानआसान

वायुमंडलीय दाब मापने के लिए किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है?

  1. A.हाइग्रोमीटर
  2. B.बैरोमीटर
  3. C.एनिमोमीटर
  4. D.लैक्टोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बैरोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर B, बैरोमीटर है। बैरोमीटर वायुमंडल का दाब मापता है और एवांजेलिस्टा टॉरिसेली द्वारा सन 1643 में बनाया गया पारद बैरोमीटर यह कार्य वायु के भार को लगभग छिहत्तर सेंटीमीटर ऊँचे पारे के स्तंभ से संतुलित करके करता है, जो समुद्र तल का मान है। पाठ्यांक का अचानक गिरना तूफान के आने का संकेत है, जबकि स्थिर उच्च पाठ्यांक स्वच्छ मौसम बताता है, अतः यह उपकरण मौसम पूर्वानुमान का आधार है। विकल्प A, हाइग्रोमीटर, वायु की आर्द्रता अर्थात उसमें उपस्थित जलवाष्प की मात्रा मापता है। विकल्प C, एनिमोमीटर, पवन की गति मापता है और सामान्यतः इसमें तीन या चार प्याले ऊर्ध्व अक्ष पर घूमते हैं। विकल्प D, लैक्टोमीटर, दूध का आपेक्षिक घनत्व मापता है और इस प्रकार बताता है कि उसमें जल मिलाया गया है या नहीं। सावधानी मैनोमीटर से रखनी है, जो दाब ही मापता है परंतु बंद गैस का दाब, खुले वायुमंडल का नहीं।

सभी क्विज देखें