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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 34

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 34) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 18 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: ध्वनि और तरंगें, पौधों और जंतुओं के वैज्ञानिक नाम, धातु और अधातु और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 27 Sep 2018, Shift 1मध्यम

एक व्यक्ति ने किसी चट्टान के पास ताली बजाई और 6 s बाद प्रतिध्वनि सुनी। व्यक्ति से चट्टान की दूरी है: [v = 346 ms-1 लीजिए]

  1. A.1038 m
  2. B.1083 m
  3. C.2076 m
  4. D.2706 m
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1038 m

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1038 m। प्रतिध्वनि वह ध्वनि है जो किसी दूर की बाधा से परावर्तित होकर लौट आती है, इसलिए मापे गए समय में ध्वनि चट्टान तक जाती है और उतनी ही दूरी वापस भी तय करती है। कुल मार्ग दूरी का दोगुना हुआ, और दोगुनी दूरी बराबर होती है v गुणा t के, अर्थात 346 गुणा 6 = 2076 मीटर। इसे दो से भाग देने पर दूरी 1038 मीटर मिलती है। प्रतिध्वनि अलग ध्वनि के रूप में तभी सुनाई देती है जब परावर्तक सतह इतनी दूर हो कि लौटने में कम से कम 0.1 सेकंड लगे, जिसके लिए वायु में लगभग 17 मीटर की दूरी चाहिए। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1083 केवल सही संख्या के अंकों का उलट-फेर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2076 m आने-जाने का पूरा मार्ग है, चट्टान तक की दूरी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2706 गणना के किसी भी चरण से नहीं निकलता। परीक्षा टिप: परावर्तक की दूरी बराबर होती है v गुणा t भाग 2 के, और वायु में स्पष्ट प्रतिध्वनि के लिए न्यूनतम दूरी लगभग 17 m है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021मध्यम

बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)
  2. B.बॉस इंडिकस (Bos Indicus)
  3. C.सस स्क्रोफा (Sus Scrofa)
  4. D.ओविस एरीज़ (Ovis Aries)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैप्रा एगेग्रस हिरकस। पालतू बकरी को जंगली बकरी की उपजाति माना जाता है, इसलिए उसके नाम में तीन भाग आते हैं — वंश Capra, जाति aegagrus और उपजाति hircus। संक्षेप में इसे Capra hircus भी लिखा जाता है। द्विनाम पद्धति कार्ल लीनियस ने दी थी, जिसमें वंश का नाम बड़े अक्षर से शुरू होता है, जाति का नाम छोटे अक्षर से, और पूरा नाम इटैलिक में छापा या हाथ से लिखते समय रेखांकित किया जाता है। बकरी उन पहले पशुओं में है जिन्हें मनुष्य ने पालतू बनाया — पश्चिमी एशिया में लगभग दस हज़ार वर्ष पहले, और आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बकरी आबादी में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि Bos indicus कूबड़ वाला भारतीय गोवंश यानी ज़ेबू है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Sus scrofa जंगली सूअर है, जो पालतू सूअर का पूर्वज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि Ovis aries पालतू भेड़ है, जिसे ऐसे प्रश्नों में बकरी के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है। परीक्षा टिप: बकरी Capra hircus, भेड़ Ovis aries, गाय Bos indicus, भैंस Bubalus bubalis।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · 16 March 2022, shift 3आसान

निम्नलिखित में से सबसे अधिक तन्य धातु कौन-सी है?

  1. A.सोना
  2. B.ताँबा
  3. C.चाँदी
  4. D.लोहा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सोना

व्याख्या

सही उत्तर A, सोना है। तन्यता का अर्थ है तार के रूप में खींचे जाने का गुण, और सोना ज्ञात धातुओं में सबसे अधिक तन्य है; वह सबसे अधिक आघातवर्ध्य भी है, इसलिए बहुत कम मात्रा से अत्यंत पतली चादर पीटी जा सकती है अथवा बहुत लंबा तार खींचा जा सकता है। विकल्प C, चाँदी तन्यता में इसके बाद आती है और ताप तथा विद्युत दोनों की सर्वोत्तम चालक है, इसीलिए दोनों विशेषताओं में भ्रम होता है; याद रखें कि चालन में चाँदी आगे है और तन्यता तथा आघातवर्ध्यता में सोना। विकल्प B, ताँबा घरेलू वायरिंग के तार बनाने योग्य तन्य है, परंतु सोने से बहुत कम। विकल्प D, लोहा गर्म अवस्था में तन्य होता है, परंतु तुलनात्मक रूप से कठोर है और उसका महत्व मजबूती के कारण है, खींचे जाने के कारण नहीं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 2मध्यम

जिन यौगिकों में ठीक दो कार्बन-कार्बन द्विबंध होते हैं, उन्हें क्या कहा जाता है?

  1. A.टरपीन
  2. B.डाइईन
  3. C.ट्राइऐल्काइन
  4. D.डाइऐल्काइन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डाइईन

व्याख्या

सही उत्तर B, डाइईन है। उपसर्ग डाइ का अर्थ दो है और अंत में आने वाला ईन कार्बन-कार्बन द्विबंध बताता है, इसलिए डाइईन वह हाइड्रोकार्बन है जिसमें ठीक दो द्विबंध हों; कृत्रिम रबर का कच्चा माल ब्यूटा-1,3-डाइईन इसका मानक उदाहरण है। विकल्प A गलत है क्योंकि टरपीन प्राकृतिक यौगिकों का वह वर्ग है जो आइसोप्रीन इकाइयों से बनता है और पौधों के तेलों में मिलता है; उनमें कई द्विबंध हो सकते हैं पर नाम से संख्या तय नहीं होती। विकल्प C गलत है क्योंकि आइन अंत त्रिबंध बताता है, इसलिए ऐसा नाम तीन त्रिबंध का संकेत देगा, द्विबंध का नहीं। विकल्प D भी इसी कारण गलत है, क्योंकि उसका अर्थ दो त्रिबंध होगा। उपसर्ग से संख्या और अंत से बंध का प्रकार पढ़ लेना इस पूरे वर्ग के प्रश्न हल कर देता है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग नाभिकीय रिएक्टर का नहीं होता?

  1. A.टरबाइन
  2. B.ऊष्मा विनिमयक
  3. C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
  4. D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · General Studies 2019मध्यम

परागकणों का पुंकेसर से उसी पौधे के किसी दूसरे फूल के वर्तिकाग्र पर स्थानांतरण क्या कहलाता है?

  1. A.स्वयुग्मन (ऑटोगैमी)
  2. B.सजातपुष्पी परागण (गेटिनोगैमी)
  3. C.परनिषेचन (जीनोगैमी)
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सजातपुष्पी परागण (गेटिनोगैमी)

व्याख्या

सही उत्तर है B, सजातपुष्पी परागण (गेटिनोगैमी)। गेटिनोगैमी उसी पौधे पर लगे दो अलग-अलग फूलों के बीच होने वाला परागण है। यह बीच की स्थिति है: परागकण को एक फूल से दूसरे फूल तक जाना पड़ता है, इसलिए कीट या हवा जैसे किसी वाहक की जरूरत होती है और काम करने के ढंग से यह पर-परागण जैसा लगता है; पर परागकण उसी पौधे से आते हैं, इसलिए आनुवंशिक रूप से यह स्व-परागण ही है और इससे नई विविधता नहीं मिलती। A गलत है क्योंकि ऑटोगैमी उसी फूल के भीतर होने वाला परागण है, जिसमें पराग उसी फूल के वर्तिकाग्र पर गिरता है, जैसे मटर और गेहूँ में। C गलत है क्योंकि जीनोगैमी में पराग किसी दूसरे पौधे के फूल के वर्तिकाग्र पर पहुँचता है और तीनों में केवल यही आनुवंशिक रूप से भिन्न पराग लाकर विविधता पैदा करता है। D गलत है क्योंकि विकल्प B इस प्रक्रिया का सही नाम बता चुका है। परीक्षा टिप: ऑटोगैमी – वही फूल; गेटिनोगैमी – वही पौधा, दूसरा फूल; जीनोगैमी – दूसरा पौधा।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB Lab Assistant 2016 Official Paperमध्यम

मान लीजिए किसी नेत्रिका की फोकस दूरी 2.5 सेमी है। 100 आवर्धन वाली दूरदर्शी के लिए अभिदृश्यक लेंस की फोकस दूरी कितनी होनी चाहिए?

  1. A.250 सेमी
  2. B.40 सेमी
  3. C.2.5 × 10⁻² सेमी
  4. D.100 सेमी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 250 सेमी

व्याख्या

सही उत्तर है A, 250 सेमी। सामान्य समायोजन में रखी खगोलीय दूरदर्शी का आवर्धन अभिदृश्यक लेंस की फोकस दूरी को नेत्रिका की फोकस दूरी से भाग देने पर मिलता है। यहाँ आवर्धन 100 है और नेत्रिका की फोकस दूरी 2.5 सेमी है, इसलिए अभिदृश्यक की फोकस दूरी 100 गुणा 2.5 यानी 250 सेमी होनी चाहिए। इसी कारण खगोलीय दूरदर्शी लंबी नली वाली होती हैं, क्योंकि बड़ी फोकस दूरी वाला अभिदृश्यक और छोटी फोकस दूरी वाली नेत्रिका मिलकर ऊँचा आवर्धन देते हैं, और सामान्य समायोजन में नली की लंबाई लगभग दोनों फोकस दूरियों के योग के बराबर होती है। B गलत है क्योंकि 40 सेमी का अभिदृश्यक केवल 16 का आवर्धन देगा। C गलत है क्योंकि नेत्रिका से भी छोटी फोकस दूरी प्रतिबिंब को बड़ा करने के बजाय छोटा कर देगी। D गलत है क्योंकि 100 सेमी से आवर्धन केवल 40 मिलेगा। परीक्षा टिप: दूरदर्शी में आवर्धन अभिदृश्यक बँटा नेत्रिका होता है, इसलिए अभिदृश्यक ही लंबा लेंस होता है।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB Lab Assistant 2016मध्यम

किसी द्रव का तापमान बढ़ाने पर:

  1. A.पृष्ठ तनाव बढ़ता है और श्यानता घटती है
  2. B.पृष्ठ तनाव और श्यानता दोनों घटते हैं
  3. C.पृष्ठ तनाव और श्यानता दोनों बढ़ते हैं
  4. D.पृष्ठ तनाव घटता है और श्यानता बढ़ती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पृष्ठ तनाव और श्यानता दोनों घटते हैं

व्याख्या

सही उत्तर है B, पृष्ठ तनाव और श्यानता दोनों घटते हैं। द्रव को गर्म करने पर उसके अणु तेज़ चलने लगते हैं और आपस में कुछ दूर हट जाते हैं, जिससे उनके बीच का आकर्षण कमज़ोर पड़ जाता है। ये दोनों ही गुण इसी आकर्षण पर टिके होते हैं। पृष्ठ तनाव इसलिए बनता है कि सतह के अणुओं को नीचे और अगल-बगल के अणु भीतर की ओर खींचते हैं, और तापमान बढ़ने पर यह भीतरी खिंचाव घटता जाता है तथा क्रांतिक ताप पर शून्य हो जाता है। द्रव की श्यानता परतों के खिसकते समय अणुओं की आपसी पकड़ से आती है, इसलिए वही कमज़ोरी द्रव को पतला और आसानी से बहने वाला बना देती है। यही कारण है कि गर्म तेल ठंडे तेल से कहीं तेज़ बहता है। A गलत है क्योंकि गर्म करने पर पृष्ठ तनाव बढ़ता नहीं, घटता है। C गलत है क्योंकि दोनों में से कोई भी नहीं बढ़ता। D गलत है क्योंकि द्रव की श्यानता घटती है। परीक्षा टिप: द्रव गर्म होकर पतले होते हैं, पर गैस गर्म होने पर अधिक श्यान हो जाती है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 14 March 2020, Shift 1आसान

क्लास A अग्निशामक की भूमिका क्या है?

  1. A.लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग
  2. B.ज्वलनशील द्रवों की आग पर प्रयोग
  3. C.विद्युत प्रवाहित आग पर प्रयोग
  4. D.अदहनशील धातुओं पर प्रयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग

व्याख्या

सही उत्तर है A, लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग। आग को इस आधार पर वर्गों में बाँटा जाता है कि जल क्या रहा है, और क्लास A में साधारण ठोस ईंधन आते हैं — लकड़ी, कागज़, कपड़ा, पुआल, रबर और कई प्लास्टिक। ऐसी आग में दहकते अंगारे बचे रहते हैं, इसलिए उसे मुख्य रूप से ठंडा करके बुझाया जाता है और साधारण पानी या जल आधारित अग्निशामक इसके लिए सबसे सस्ता तथा सबसे प्रभावी उपाय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि पेट्रोल, केरोसिन, तेल, पेंट और विलायक जैसे जलते द्रव क्लास B में आते हैं, जहाँ पानी आग फैला देगा और फोम या सूखा चूर्ण प्रयोग किया जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विद्युत प्रवाहित उपकरणों की आग अलग वर्ग है — अमेरिकी पद्धति में क्लास C और भारतीय तथा यूरोपीय पद्धति में क्लास E — और उसमें कार्बन डाइऑक्साइड जैसा अचालक पदार्थ चाहिए, पानी कभी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मैग्नीशियम, सोडियम और पोटैशियम जैसी जलती धातुएँ क्लास D बनाती हैं और उनके लिए विशेष सूखा चूर्ण चाहिए, क्योंकि पानी उनसे तीव्र क्रिया करता है। परीक्षा टिप: A — ठोस, B — द्रव, C — गैस, D — धातु, F या K — खाना पकाने का तेल।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC Assistant 2014 Official Paperआसान

सूर्यास्त के समय सूर्य लाल दिखाई देता है, क्योंकि

  1. A.सूर्य में केवल लाल रंग होता है
  2. B.लाल रंग का प्रकीर्णन अन्य रंगों की तुलना में अधिक होता है
  3. C.लाल रंग का प्रकीर्णन अन्य रंगों की तुलना में कम होता है
  4. D.हमारी आंखें लाल रंग के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाल रंग का प्रकीर्णन अन्य रंगों की तुलना में कम होता है

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाल रंग का प्रकीर्णन अन्य रंगों की तुलना में कम होता है। सूर्यास्त के समय सूर्य क्षितिज के पास होता है, इसलिए उसका प्रकाश हम तक पहुंचने से पहले वायुमंडल की कहीं अधिक मोटी परत से होकर गुजरता है। वायु के अणु छोटी तरंगदैर्घ्य वाले नीले और बैंगनी प्रकाश का प्रकीर्णन लंबी तरंगदैर्घ्य वाले लाल प्रकाश की तुलना में बहुत अधिक करते हैं; इसे रैले प्रकीर्णन कहते हैं, जिसमें प्रकीर्णन तरंगदैर्घ्य की चौथी घात के व्युत्क्रमानुपाती होता है। इस लंबे तिरछे मार्ग पर लगभग सारा नीला प्रकाश बिखर कर किरणपुंज से बाहर निकल जाता है और मुख्यतः लाल तथा नारंगी प्रकाश ही आंख तक पहुंचता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सूर्य का प्रकाश श्वेत होता है और उसमें सातों रंग रहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सबसे अधिक प्रकीर्णन नीले रंग का होता है, इसीलिए दोपहर का आकाश नीला दिखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह प्रभाव वायुमंडल का है, आंख की संवेदनशीलता का नहीं। परीक्षा टिप: रैले प्रकीर्णन से दोपहर में आकाश नीला और सूर्योदय तथा सूर्यास्त पर सूर्य लाल दिखता है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1आसान

दो हड्डियां एक-दूसरे से जिस अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जुड़ी होती हैं, उसे ___________ कहते हैं।

  1. A.कंडरा
  2. B.उपास्थि
  3. C.आधात्री
  4. D.स्नायु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्नायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्नायु। स्नायु यानी लिगामेंट वह संयोजी ऊतक है जो संधि पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है। यह बहुत लचीला और मजबूत होता है तथा हड्डियों को अपनी जगह बनाए रखता है, जिससे संधि हिल-डुल सके और हड्डियां खिसक न जाएं। स्नायु में आधात्री बहुत कम होती है और संधि मुड़ने पर यह खिंच जाता है, इसी खिंचाव को मोच कहते हैं। A गलत है क्योंकि कंडरा यानी टेंडन मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है, यह रेशेदार और मजबूत होता है पर कम खिंचता है, ताकि मांसपेशी का खिंचाव सीधे हड्डी तक पहुंचे। B गलत है क्योंकि उपास्थि चिकना और लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों पर गद्दी बनाता है तथा नाक और कान को आकार देता है। C गलत है क्योंकि आधात्री वह पदार्थ है जिसमें संयोजी ऊतक की कोशिकाएं धंसी रहती हैं, यह स्वयं कोई रचना नहीं। परीक्षा टिप: स्नायु हड्डी से हड्डी, कंडरा मांसपेशी से हड्डी।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 2कठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ प्रकाश उत्सर्जक डायोड (एलईडी) की संरचना बनाने के लिए उपयुक्त नहीं है?

  1. A.गैलियम फॉस्फाइड
  2. B.इंडियम गैलियम नाइट्राइड
  3. C.जर्मेनियम
  4. D.गैलियम आर्सेनाइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जर्मेनियम

व्याख्या

सही उत्तर है C, जर्मेनियम। जर्मेनियम से प्रकाश उत्सर्जक डायोड नहीं बनाए जाते, क्योंकि यह अप्रत्यक्ष ऊर्जा अंतराल वाला अर्धचालक है, इसलिए अंतराल पार करके लौटता इलेक्ट्रॉन अपनी ऊर्जा का बड़ा हिस्सा प्रकाश के रूप में नहीं, बल्कि क्रिस्टल में ऊष्मा के रूप में छोड़ता है। इसका ऊर्जा अंतराल भी बहुत छोटा, लगभग 0.66 इलेक्ट्रॉन वोल्ट है, जो दृश्य प्रकाश पैदा करने के लिए बहुत कम है। इसी कारण एलईडी प्रत्यक्ष ऊर्जा अंतराल वाले यौगिकों से बनाए जाते हैं, जिनका अंतराल मनचाहे रंग के अनुसार बदला जा सकता है। A गलत है क्योंकि गैलियम फॉस्फाइड हरे और पीले डायोड में काम आता है। B गलत है क्योंकि इंडियम गैलियम नाइट्राइड से नीले और सफेद डायोड बनते हैं, जिन्होंने आधुनिक प्रकाश व्यवस्था संभव बनाई और जिसके लिए 2014 का भौतिकी नोबेल पुरस्कार दिया गया। D गलत है क्योंकि गैलियम आर्सेनाइड लाल और अवरक्त डायोड का मानक पदार्थ है, जिसमें टीवी के रिमोट वाले डायोड भी शामिल हैं। परीक्षा टिप: एलईडी के लिए प्रत्यक्ष अंतराल वाले पदार्थ – गैलियम आर्सेनाइड, गैलियम फॉस्फाइड, इंडियम गैलियम नाइट्राइड; सिलिकॉन और जर्मेनियम अप्रत्यक्ष हैं।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC Lecturer Tech Edu Previous Year Papमध्यम

हाई-स्पीड स्टील (18-4-1) में होता है -

  1. A.1% क्रोमियम
  2. B.18% निकेल
  3. C.18% टंगस्टन
  4. D.4% वैनेडियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 18% टंगस्टन

व्याख्या

सही उत्तर है C, 18% टंगस्टन। हाई-स्पीड स्टील को '18-4-1' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें उसी क्रम में तीन धातुएँ मिलाई जाती हैं – 18 प्रतिशत टंगस्टन, 4 प्रतिशत क्रोमियम और 1 प्रतिशत वैनेडियम; शेष भाग लोहा तथा थोड़ा कार्बन होता है। टंगस्टन इस मिश्रधातु की जान है, क्योंकि यह स्टील को तब भी कठोर बनाए रखता है जब काटने वाली धार गर्म होकर लाल चमकने लगे। इसी गुण के कारण इससे बने ड्रिल, मिलिंग कटर और लेथ के औजार तेज गति से कटाई करने पर भी अपनी धार नहीं खोते। क्रोमियम कठोरता और जंग-रोधकता बढ़ाता है, जबकि वैनेडियम कणों को सूक्ष्म बनाकर घिसावट सहने की क्षमता देता है। A गलत है क्योंकि इस ग्रेड में क्रोमियम 4 प्रतिशत है, 1 प्रतिशत नहीं। B गलत है क्योंकि 18-4-1 में निकेल नहीं होता; निकेल स्टेनलेस स्टील और इन्वार में मिलाया जाता है। D गलत है क्योंकि वैनेडियम नाम का '1' वाला हिस्सा है। परीक्षा टिप: 18-4-1 का अर्थ – टंगस्टन 18, क्रोमियम 4, वैनेडियम 1।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 12th Jan 2022आसान

निम्नलिखित में से कौन एककोशिकीय जीवों का समूह है?

  1. A.यीस्ट, हाइड्रा, अमीबा।
  2. B.समुद्री एनीमोन, पैरामीशियम, बैक्टीरिया।
  3. C.यीस्ट, अमीबा, बैक्टीरिया।
  4. D.हाइड्रा, समुद्री एनीमोन, पैरामीशियम।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. यीस्ट, अमीबा, बैक्टीरिया।

व्याख्या

सही उत्तर है C, यीस्ट, अमीबा, बैक्टीरिया। ये तीनों एककोशिकीय हैं, अर्थात् जीवन के सभी काम एक ही कोशिका करती है। एककोशिकीय जीव में वही एक कोशिका पोषण, श्वसन, गति और प्रजनन सब सँभालती है, जबकि बहुकोशिकीय शरीर में यह काम ऊतकों और अंगों में बँटा होता है। यीस्ट एककोशिकीय कवक है, जो पावरोटी बनाने और किण्वन में काम आता है; अमीबा एककोशिकीय प्रोटोजोआ है, जो कूटपादों से चलता और भोजन लेता है; और बैक्टीरिया एककोशिकीय जीव हैं, जिनकी कोशिका में वास्तविक केंद्रक नहीं होता। A गलत है क्योंकि हाइड्रा सरल जंतु होने पर भी बहुकोशिकीय है, उसकी देह-भित्ति और स्पर्शक अनेक कोशिकाओं से बने हैं। B इसी कारण गलत है, क्योंकि समुद्री एनीमोन सीलेंटरेटा (निडेरिया) संघ का बहुकोशिकीय जंतु है, चाहे पैरामीशियम और बैक्टीरिया एककोशिकीय हों। D गलत है क्योंकि उस समूह में केवल पैरामीशियम एककोशिकीय है। परीक्षा टिप: एककोशिकीय – बैक्टीरिया, अमीबा, पैरामीशियम, यीस्ट, क्लैमिडोमोनास; बहुकोशिकीय – हाइड्रा, समुद्री एनीमोन, स्पाइरोगायरा।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 9 March 2019, Shift 3आसान

लाल शैवाल सामान्यतः कहाँ पाए जाते हैं?

  1. A.पहाड़ों में
  2. B.शहरों में
  3. C.जलाशयों में
  4. D.रेगिस्तानों में
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जलाशयों में

व्याख्या

सही उत्तर है C, जलाशयों में। लाल शैवाल यानी रोडोफाइटा वर्ग के शैवाल जल में रहते हैं, अधिकतर गर्म और उथले समुद्री जल में, और कुछ प्रजातियाँ मीठे जल में भी मिलती हैं। इनका रंग फाइकोएरिथ्रिन वर्णक से आता है, जो क्लोरोफिल के हरे रंग को ढक देता है और इन्हें उस नीले प्रकाश का उपयोग करने देता है जो अधिक गहराई तक पहुँचता है, इसलिए कुछ लाल शैवाल अन्य शैवालों से अधिक गहराई में उगते हैं। पोरफाइरा, ग्रेसिलेरिया और पॉलीसाइफोनिया इसके सामान्य उदाहरण हैं, और प्रयोगशाला में काम आने वाला अगार तथा खाद्य पदार्थों में प्रयुक्त कैरेजिनन इसी वर्ग से मिलते हैं। कोरलाइन लाल शैवाल कैल्शियम कार्बोनेट जमा करके मूँगा भित्तियाँ बनाने में सहायक होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि नंगी पहाड़ी ढलानों पर ठहरा हुआ जल नहीं होता। विकल्प B गलत है, क्योंकि शहर एक बस्ती है, कोई जलाशय नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि रेगिस्तान शुष्क होते हैं और जल के बिना शैवाल अपना जीवन चक्र पूरा नहीं कर सकते। परीक्षा टिप: रोडोफाइटा लाल (फाइकोएरिथ्रिन), क्लोरोफाइटा हरे (क्लोरोफिल), फियोफाइटा भूरे (फ्यूकोजैंथिन)।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

कान में कंपन मध्य कर्ण की तीन हड्डियों, अर्थात _________ द्वारा प्रवर्धित होते हैं।

  1. A.हथौड़ी, निहाई और रकाब
  2. B.हथौड़ी, कॉक्लिया और रकाब
  3. C.हथौड़ी, निहाई और कर्णपाली
  4. D.श्रवण अस्थि, निहाई और रकाब
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हथौड़ी, निहाई और रकाब

व्याख्या

सही उत्तर है A, हथौड़ी, निहाई और रकाब। मध्य कर्ण में तीन अत्यंत छोटी हड्डियां होती हैं, जो मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थियां हैं और जिन्हें मैलियस, इन्कस तथा स्टेपीज कहते हैं, हिंदी में हथौड़ी, निहाई और रकाब। कर्णपाली द्वारा एकत्र की गई ध्वनि तरंगें कर्ण नलिका से होकर कर्णपटह को कंपित करती हैं। ये तीनों अस्थियां उस कंपन को एक श्रृंखला में आगे बढ़ाती हैं और लगभग बीस गुना प्रवर्धित करके कॉक्लिया की अंडाकार खिड़की तक पहुंचाती हैं, जहां भीतर भरा तरल उसे तंत्रिका संकेतों में बदल देता है। स्टेपीज शरीर की सबसे छोटी हड्डी है, लगभग 3 mm लंबी। विकल्प B गलत है, क्योंकि कॉक्लिया अंतःकर्ण का तरल भरा सर्पिल भाग है, मध्य कर्ण की हड्डी नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कर्णपाली कान का बाहरी भाग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि श्रवण अस्थि नाम की कोई अलग हड्डी नहीं होती। परीक्षा टिप: मैलियस, इन्कस और स्टेपीज ही हथौड़ी, निहाई तथा रकाब हैं, और स्टेपीज मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थि है।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा पुष्प एकलिंगी है?

  1. A.पपीता
  2. B.सूरजमुखी
  3. C.गुड़हल
  4. D.सरसों
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पपीता

व्याख्या

सही उत्तर है A, पपीता। एकलिंगी पुष्प में केवल एक ही प्रकार के जननांग होते हैं, या तो पुंकेसर या स्त्रीकेसर, जबकि द्विलिंगी पुष्प में दोनों होते हैं। पपीता द्विप्रजायी पौधा है: नर और मादा पुष्प अलग-अलग पौधों पर लगते हैं, इसलिए फल बनने के लिए पराग को नर पेड़ से मादा पेड़ तक पहुंचना पड़ता है। यही कारण है कि पपीते के बाग में कुछ नर पेड़ जानबूझकर रखे जाते हैं। मक्का, खीरा, तरबूज और नारियल भी एकलिंगी पुष्पों के उदाहरण हैं, जिनमें दोनों प्रकार के पुष्प एक ही पौधे पर होते हैं और ऐसे पौधे को उभयलिंगाश्रयी कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सूरजमुखी के पुष्पक्रम के चक्रिका पुष्पक द्विलिंगी होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुड़हल का पुष्प सामान्य द्विलिंगी पुष्प है, जिसमें पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों रहते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों के पुष्प भी द्विलिंगी होते हैं। परीक्षा टिप: एकलिंगी में पपीता, मक्का, खीरा और तरबूज आते हैं; गुड़हल, सरसों, गुलाब तथा मटर द्विलिंगी हैं।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Dec 2018 Paper 2आसान

जूतों के तलवों पर खाँचे (ट्रेड) क्यों बनाए जाते हैं?

  1. A.जूतों को अधिक सुरक्षा देने के लिए
  2. B.घर्षण घटाने के लिए
  3. C.घर्षण बढ़ाने के लिए
  4. D.जूतों की आयु बढ़ाने के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. घर्षण बढ़ाने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है C, घर्षण बढ़ाने के लिए। तलवे पर बने खाँचे जमीन को पकड़ते हैं, जिससे चलते या दौड़ते समय पैर फिसलता नहीं है। घर्षण वह बल है जो संपर्क में आई दो सतहों के बीच लगता है और उनकी गति का विरोध करता है। सतह जितनी खुरदरी होती है, घर्षण उतना ही बढ़ता है; इसी कारण जूते का तलवा, टायर की सतह और साइकिल के हैंडल की पकड़ जान-बूझकर खुरदरी बनाई जाती है। गीले फर्श पर चिकने तलवे का घर्षण बहुत कम होता है, इसीलिए वहाँ लोग फिसल जाते हैं। यही रगड़ धीरे-धीरे खाँचों को घिसा देती है, इसलिए पुराना जूता या टायर पकड़ खो देता है और बदलना पड़ता है। A गलत है क्योंकि तलवा अपनी मोटाई और सामग्री से पैर की रक्षा करता है, अपने खाँचों से नहीं। B गलत है क्योंकि घर्षण कम होने पर चलना खतरनाक हो जाएगा; घर्षण घटाने के लिए तेल और बॉल बेयरिंग काम आते हैं। D गलत है क्योंकि खाँचे जूते की आयु नहीं बढ़ाते। परीक्षा टिप: खुरदरी सतह – अधिक घर्षण; खाँचे, ग्रूव और स्टड सभी पकड़ बनाने के लिए होते हैं।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 3 July 2022आसान

पीतल किसकी मिश्रधातु है?

  1. A.ताँबा और टिन
  2. B.ताँबा और निकल
  3. C.ताँबा और लोहा
  4. D.ताँबा और जिंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ताँबा और जिंक

व्याख्या

सही उत्तर D, ताँबा और जिंक है। पीतल में ताँबे की सुघड़ता और जिंक की कठोरता दोनों आ जाती हैं, वह संक्षारण रोकता है और ढालने में सरल है, इसीलिए वह बर्तन, ताले, नल, फिटिंग और वायु वाद्ययंत्रों में प्रयुक्त होता है। विकल्प A, ताँबा और टिन काँसा है, और पीतल तथा काँसे की जोड़ी इस अध्याय में सर्वाधिक भ्रम पैदा करती है, इसलिए जिंक को पीतल के साथ और टिन को काँसे के साथ बाँध लें। विकल्प B, ताँबा और निकल क्यूप्रोनिकल है, जो सिक्कों और संघनित्र नलिकाओं में प्रयुक्त होता है। विकल्प C, ताँबा और लोहा इस प्रकार की मानक मिश्रधातु नहीं है, यद्यपि कॉपर पाइराइट अयस्क में लोहा और ताँबा साथ मिलते हैं। इनके साथ ये भी याद रखें: जर्मन सिल्वर ताँबा, जिंक और निकल; गन मेटल ताँबा, टिन और जिंक; तथा घंटा धातु में ताँबे के साथ टिन का अधिक अनुपात।

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