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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 3

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 3) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मात्रक और मापन, कार्बन और उसके यौगिक, प्रकाश: परावर्तन और अपवर्तन और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन एसआई पद्धति का मूल मात्रक नहीं है?

  1. A.केल्विन
  2. B.मोल
  3. C.न्यूटन
  4. D.कैंडेला
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. न्यूटन

व्याख्या

सही उत्तर C, न्यूटन है। न्यूटन व्युत्पन्न मात्रक है: यह किलोग्राम, मीटर और सेकंड से बना है, क्योंकि बल बराबर द्रव्यमान गुणा त्वरण होता है, और इसे एक किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड वर्ग के रूप में लिखा जा सकता है। व्युत्पन्न मात्रक सदैव मूल मात्रकों के रूप में व्यक्त किए जा सकते हैं।

विकल्प A, केल्विन ऊष्मागतिक ताप का मूल मात्रक है। विकल्प B, मोल पदार्थ की मात्रा का मूल मात्रक है और इसमें उतनी ही इकाइयां होती हैं जितने परमाणु पुरानी परिभाषा के अनुसार कार्बन-12 की एक निश्चित मात्रा में होते हैं। विकल्प D, कैंडेला ज्योति तीव्रता का मूल मात्रक है और सूची में सबसे अधिक भुलाया जाने वाला नाम यही है। ऐसे प्रश्नों में अलग पड़ने वाला मात्रक प्रायः वही होता है जो किसी वैज्ञानिक के नाम पर हो, जैसे न्यूटन, जूल, वाट, पास्कल या हर्ट्ज।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु कितने कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है?

  1. A.दो
  2. B.पाँच
  3. C.तीन
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चार

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार। हीरे में हर कार्बन परमाणु चार दूसरे कार्बन परमाणुओं से मज़बूत सहसंयोजक (covalent) बंधों द्वारा जुड़ा होता है। ये बंध चतुष्फलक (tetrahedron) के कोनों की ओर होते हैं और पूरे क्रिस्टल में एक कठोर त्रिविमीय जाल बना देते हैं। इसी जाल के कारण हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है और काटने व ड्रिलिंग के औज़ारों में इस्तेमाल होता है। चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध बनाने में लग जाते हैं और कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बचता, इसलिए हीरा बिजली का चालन नहीं करता। कार्बन के दूसरे रूप ग्रेफाइट में हर परमाणु केवल तीन कार्बन से जुड़कर षट्कोणीय परतें बनाता है; बचा हुआ इलेक्ट्रॉन उसे विद्युत चालक बनाता है। A गलत है क्योंकि दो बंधों से ठोस त्रिविमीय जाल नहीं बनता। B गलत है क्योंकि कार्बन की संयोजकता चार है, वह पाँच बंध नहीं बनाता। C गलत है क्योंकि तीन बंध ग्रेफाइट की पहचान है, हीरे की नहीं। परीक्षा टिप: हीरा = 4 बंध, कठोर, कुचालक; ग्रेफाइट = 3 बंध, नरम, सुचालक।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 30 Sep 2022, Shift 1आसान

लेंस के प्रकाशिक केंद्र से निकलने वाली निर्गत किरण ________ होगी।

  1. A.अविचलित
  2. B.विचलित
  3. C.मुड़ी हुई
  4. D.परावर्तित
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अविचलित

व्याख्या

सही उत्तर है A, अविचलित। पतले लेंस के प्रकाशिक केंद्र से गुजरने वाली किरण बिना मुड़े उसी दिशा में बाहर निकल जाती है। प्रकाशिक केंद्र लेंस के मुख्य अक्ष पर उसका केंद्रीय बिंदु है। इसके पास लेंस की दोनों सतहें लगभग समांतर होती हैं, एक पतली काँच की पट्टी की तरह, इसलिए किरण बहुत थोड़ा सा ही बगल में खिसकती है और अपनी दिशा बनाए रखती है। किरण आरेख बनाने की तीन मानक किरणों में यह एक है: मुख्य अक्ष के समांतर किरण उत्तल लेंस में अपवर्तन के बाद फोकस से गुजरती है, फोकस से आने वाली किरण अक्ष के समांतर निकलती है, और प्रकाशिक केंद्र से गुजरने वाली किरण सीधी निकल जाती है। B गलत है क्योंकि केवल केंद्र से दूर लेंस पर पड़ने वाली किरणें ही विचलित होती हैं। C गलत है क्योंकि मुड़ना और विचलित होना एक ही बात है, जो केंद्र पर नहीं होती। D गलत है क्योंकि लेंस प्रकाश का अपवर्तन करता है; परावर्तन दर्पण का काम है। परीक्षा टिप: प्रकाशिक केंद्र से = सीधी; समांतर किरण = फोकस से होकर; फोकस से आने वाली किरण = समांतर निकलती है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

निःश्वसन के दौरान फेफड़ों से वायु तब निकलेगी, जब फेफड़ों के भीतर का दबाव

  1. A.वायुमंडलीय दबाव के बराबर हो
  2. B.वायुमंडलीय दबाव से कम हो
  3. C.वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो
  4. D.डायाफ्राम का संकुचन हो
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो

व्याख्या

सही उत्तर है C, वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो। हवा हमेशा अधिक दबाव वाली जगह से कम दबाव वाली जगह की ओर बहती है, इसलिए वह फेफड़ों से तभी बाहर निकलती है, जब भीतर का दबाव बाहर की हवा के दबाव से अधिक हो जाए। निःश्वसन के समय डायाफ्राम शिथिल होकर ऊपर की ओर गुंबद जैसा हो जाता है, और पसलियों की पेशियाँ ढीली पड़ने से पसलियाँ नीचे व अंदर आती हैं। इससे वक्ष गुहा का आयतन घटता है, फेफड़ों में दबाव बढ़ता है और हवा बाहर धकेल दी जाती है। अंतःश्वसन में इसका उल्टा होता है: डायाफ्राम सिकुड़कर चपटा होता है, वक्ष गुहा बड़ी होती है, फेफड़ों का दबाव वायुमंडलीय दबाव से कम हो जाता है और हवा अंदर आती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दबाव बराबर होने पर हवा नहीं चलती; ऐसा दो साँसों के बीच पल भर के लिए होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि फेफड़ों में कम दबाव होने पर हवा अंदर आती है, जो अंतःश्वसन है। विकल्प D गलत है, क्योंकि डायाफ्राम के संकुचन से अंतःश्वसन होता है, निःश्वसन नहीं। परीक्षा टिप: अंतःश्वसन में डायाफ्राम सिकुड़ता है और दबाव घटता है; निःश्वसन में डायाफ्राम शिथिल होता है और दबाव बढ़ता है।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 1आसान

विद्युत मोटर में धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित में से किस नियम का उपयोग किया जाता है?

  1. A.एम्पियर का नियम
  2. B.दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम
  3. C.फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम
  4. D.फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम

व्याख्या

सही उत्तर है D, फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम। यह नियम चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाले बल, यानी उसकी गति की दिशा बताता है, और मोटर की कुंडली इसी बल से घूमती है। बाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को इस तरह फैलाइए कि तीनों एक-दूसरे के लंबवत रहें। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में और मध्यमा धारा की दिशा में हो, तो अंगूठा बल की दिशा बताता है। जब धारा चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत हो, तब बल सबसे अधिक होता है। A गलत है क्योंकि एम्पियर का नियम किसी बंद लूप के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र को उससे गुज़रने वाली धारा से जोड़ता है। B गलत है क्योंकि दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम सीधे धारावाही तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा बताता है। C गलत है क्योंकि फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम जनित्र (जनरेटर) में प्रेरित धारा की दिशा बताता है। परीक्षा टिप: मोटर के लिए बायाँ हाथ, जनरेटर के लिए दायाँ हाथ; तर्जनी = क्षेत्र, मध्यमा = धारा, अंगूठा = गति।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 29 Dec 2020, Shift 2 (CBT 1)आसान

बेरीबेरी रोग किसकी कमी से होता है?

  1. A.विटामिन B1
  2. B.विटामिन A
  3. C.विटामिन C
  4. D.विटामिन D
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विटामिन B1

व्याख्या

सही उत्तर है A, विटामिन B1। बेरीबेरी थायमिन यानी विटामिन B1 की कमी से होता है। थायमिन शरीर को कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा बनाने में मदद करता है और नसों व हृदय को चलाए रखता है, इसलिए इसकी कमी से मांसपेशियाँ और नसें कमजोर होती हैं (शुष्क बेरीबेरी) या सूजन और हृदय की विफलता होती है (आर्द्र बेरीबेरी)। यह रोग एशिया में उन लोगों में आम था जो मुख्यतः पॉलिश किए सफेद चावल पर रहते थे, क्योंकि मिलिंग में दाने की थायमिन-युक्त बाहरी परत हट जाती है; साबुत अनाज, दालें, मेवे और अंडे इसे देते हैं। विटामिन B1 जल में घुलनशील है, इसलिए शरीर इसे कम जमा करता है और रोज़ लेना पड़ता है। B गलत है क्योंकि विटामिन A की कमी से रतौंधी और ज़ीरोफ्थैल्मिया होता है। C गलत है क्योंकि विटामिन C की कमी से स्कर्वी होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आता है। D गलत है क्योंकि विटामिन D की कमी से बच्चों में रिकेट्स और बड़ों में ऑस्टियोमलेशिया होता है। परीक्षा टिप: B1 बेरीबेरी, B3 पेलाग्रा, B12 घातक रक्ताल्पता, C स्कर्वी, D रिकेट्स।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 14 Jul 2023, Shift 2मध्यम

आवर्त 2 और समूह 17 में रखे गए तत्व X की परमाणु संख्या क्या होगी?

  1. A.8
  2. B.7
  3. C.10
  4. D.9
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 9

व्याख्या

सही उत्तर है D, 9। आवर्त 2 में लिथियम (3) से नियॉन (10) तक आठ तत्व हैं, और समूह 17 हैलोजन का स्तंभ है, जिसके सदस्यों की बाहरी कक्षा में सात इलेक्ट्रॉन होते हैं। जो तत्व आवर्त 2 और समूह 17 दोनों में है, वह फ्लोरीन है, जिसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 7 और परमाणु संख्या 9 है। इसे रटे बिना भी निकाला जा सकता है: आवर्त 2 का मतलब दो कक्षाएँ, समूह 17 का मतलब सात संयोजी इलेक्ट्रॉन, यानी कुल इलेक्ट्रॉन 2 + 7 = 9, और उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या ही परमाणु संख्या होती है। फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत-ऋणात्मक तत्व और सबसे क्रियाशील अधातु है। A, 8, ऑक्सीजन है, जो आवर्त 2 में तो है पर समूह 16 में, छह संयोजी इलेक्ट्रॉनों के साथ। B, 7, नाइट्रोजन है, आवर्त 2, समूह 15। C, 10, नियॉन है, आवर्त 2, समूह 18, एक उत्कृष्ट गैस जिसकी कक्षा पूरी भरी है। परीक्षा टिप: आवर्त 2 और 3 के लिए परमाणु संख्या = भीतरी कक्षाओं के इलेक्ट्रॉन + समूह का अंतिम अंक; 2 + 7 से फ्लोरीन, 10 + 7 से क्लोरीन (17)।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 21 Jan 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा/से पादप रोग जीवाणु से होता/होते है/हैं? (a) गेहूँ का किट्ट (रस्ट) (b) नींबू का कैंकर (c) भिंडी का पीत शिरा मोज़ेक

  1. A.केवल (c)
  2. B.(a) और (b)
  3. C.केवल (b)
  4. D.(b) और (c)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल (b)

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल (b)। इन तीनों में से केवल नींबू का कैंकर जीवाणु से होता है; गेहूँ का किट्ट कवक से और भिंडी का पीत शिरा मोज़ेक विषाणु से होता है। नींबू के कैंकर में नींबू, संतरा और दूसरे खट्टे फलों वाले पौधों की पत्तियों, टहनियों और फलों पर उभरे हुए, खुरदरे भूरे धब्बे बन जाते हैं, और यह रोग हवा से फैलता है। गेहूँ के किट्ट में पत्तियों और तनों पर जंग जैसे लाल-भूरे चूर्णी धब्बे बनते हैं, इसीलिए इसका यह नाम पड़ा। पीत शिरा मोज़ेक में भिंडी की पत्तियों की शिराएँ पीली पड़ जाती हैं, और कीट इस विषाणु को एक पौधे से दूसरे तक ले जाते हैं। NCERT की कक्षा 8 की विज्ञान की किताब जीवाणु, कवक और विषाणु से होने वाले पादप रोगों के उदाहरण के रूप में ठीक यही तीन रोग देती है। A गलत है क्योंकि पीत शिरा मोज़ेक विषाणु जनित रोग है। B गलत है क्योंकि इसमें गेहूँ का किट्ट जुड़ा है, जो कवक से होता है। D गलत है क्योंकि इसमें विषाणु से होने वाला पीत शिरा मोज़ेक जुड़ा है। परीक्षा टिप: नींबू का कैंकर – जीवाणु; गेहूँ का किट्ट – कवक; भिंडी का पीत शिरा मोज़ेक – विषाणु।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

जल किसी भी अन्य द्रव की तुलना में अधिक पदार्थों को घोल सकता है, क्योंकि

  1. A.यह प्रकृति में द्विध्रुवीय है
  2. B.यह ऊष्मा का सुचालक है
  3. C.इसकी विशिष्ट ऊष्मा का मान उच्च है
  4. D.यह हाइड्रोजन का ऑक्साइड है
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. यह प्रकृति में द्विध्रुवीय है

व्याख्या

सही उत्तर है A, यह प्रकृति में द्विध्रुवीय है। पानी को सार्वत्रिक विलायक इसलिए कहते हैं क्योंकि इसका अणु ध्रुवीय है: ऑक्सीजन वाले सिरे पर आंशिक ऋण आवेश और दोनों हाइड्रोजन सिरों पर आंशिक धन आवेश होता है। अणु लगभग 104.5° के कोण पर मुड़ा होता है, इसलिए ये आवेश एक-दूसरे को खत्म नहीं करते। जब सोडियम क्लोराइड जैसा लवण पानी में डाला जाता है, तो ऑक्सीजन के ऋण सिरे सोडियम आयनों को और हाइड्रोजन के धन सिरे क्लोराइड आयनों को घेर लेते हैं और क्रिस्टल को तोड़ देते हैं; इसे जलयोजन कहते हैं। पानी चीनी और अल्कोहल जैसे ध्रुवीय पदार्थों से हाइड्रोजन बंध भी बनाता है, इसलिए वे आसानी से घुलते हैं, जबकि अध्रुवीय तेल नहीं घुलता। विकल्प B गलत है, क्योंकि पानी असल में ऊष्मा का कुचालक है, और ऊष्मा चालन का घुलने से कोई संबंध नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऊँची विशिष्ट ऊष्मा बताती है कि पानी धीरे गर्म क्यों होता है, यह नहीं कि वह घोलता क्यों है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केवल हाइड्रोजन का ऑक्साइड होना किसी द्रव को अच्छा विलायक नहीं बनाता। परीक्षा टिप: ध्रुवीय पानी ध्रुवीय और आयनिक पदार्थ घोलता है, यानी समान समान को घोलता है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (II) 2024, 1 Sep 2024आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा हॉर्मोन पौधों में वृद्धि क्रिया को रोकता है?

  1. A.ऑक्सिन
  2. B.साइटोकाइनिन
  3. C.एब्सिसिक अम्ल
  4. D.जिबरेलिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एब्सिसिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है C, एब्सिसिक अम्ल। यह पादप हॉर्मोनों में मुख्य वृद्धि रोधक है और वृद्धि बढ़ाने वाले हॉर्मोनों के उलट काम करता है। एब्सिसिक अम्ल (ABA) को तनाव हॉर्मोन कहते हैं, क्योंकि यह सूखे, ठंड और लवणता में पौधे को बचाता है: पानी बचाने के लिए रंध्र बंद कराता है, बीजों और कलियों को सुप्त रखता है ताकि वे खराब मौसम में न फूटें, और पत्तियों व फलों को पुराना होकर गिरने में मदद करता है। इसलिए जब पूछा जाए कि कौन-सा हॉर्मोन वृद्धि धीमी या बंद करता है, तो उत्तर ABA है; बुढ़ापे और फल पकने से जुड़ा दूसरा हॉर्मोन एथिलीन है। A गलत है, ऑक्सिन कोशिकाओं को लंबा करके वृद्धि बढ़ाते हैं और तने को प्रकाश की ओर मोड़ते हैं। B गलत है, साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन बढ़ाते हैं और पत्तियों के बुढ़ापे को टालते हैं। D गलत है, जिबरेलिन तने की लंबाई बढ़ाते हैं, बीज की सुप्तावस्था तोड़ते हैं और अंगूर का आकार बढ़ाने के लिए छिड़के जाते हैं। परीक्षा टिप: वृद्धि बढ़ाने वाले ऑक्सिन, जिबरेलिन और साइटोकाइनिन; रोकने वाला एब्सिसिक अम्ल, यानी तनाव हॉर्मोन।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 18 Sep 2022, Shift 1मध्यम

सुमेलित कीजिए: (i) लाल पत्तागोभी की पत्तियाँ, (ii) मेथिल ऑरेंज, (iii) प्याज, लौंग; और (a) घ्राण सूचक, (b) अम्ल-क्षार सूचक, (c) प्राकृतिक अम्ल-क्षार सूचक।

  1. A.(i) - (c), (ii) - (a), (iii) - (b)
  2. B.(i) - (a), (ii) - (c), (iii) - (b)
  3. C.(i) - (a), (ii) - (b), (iii) - (c)
  4. D.(i) - (c), (ii) - (b), (iii) - (a)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. (i) - (c), (ii) - (b), (iii) - (a)

व्याख्या

सही उत्तर है D, (i) - (c), (ii) - (b), (iii) - (a)। लाल पत्तागोभी प्राकृतिक अम्ल-क्षार सूचक है, मेथिल ऑरेंज प्रयोगशाला में बना संश्लेषित अम्ल-क्षार सूचक है, और प्याज तथा लौंग घ्राण (olfactory) सूचक हैं। सूचक बताता है कि विलयन अम्लीय है या क्षारीय। प्राकृतिक सूचक पौधों से मिलते हैं: लाइकेन से लिटमस, हल्दी, लाल पत्तागोभी की पत्तियाँ और हाइड्रेंजिया, पेटुनिया जैसे रंगीन फूल। संश्लेषित सूचकों में मेथिल ऑरेंज अम्ल में लाल और क्षार में पीला होता है, जबकि फीनॉल्फ्थेलीन अम्ल में रंगहीन और क्षार में गुलाबी। घ्राण सूचक रंग नहीं, गंध बदलते हैं; प्याज, वैनिला और लौंग क्षारीय विलयन में अपनी गंध खो देते हैं। A गलत है क्योंकि इसमें मेथिल ऑरेंज को घ्राण सूचक बताया गया है। B गलत है क्योंकि इसमें लाल पत्तागोभी को घ्राण सूचक कहा गया है। C गलत है क्योंकि इसमें प्याज और लौंग को प्राकृतिक रंग-सूचक में रखा गया है। परीक्षा टिप: गंध बदले = घ्राण सूचक (प्याज, लौंग, वैनिला); रंग बदले = लिटमस, हल्दी, लाल पत्तागोभी; प्रयोगशाला में बने = मेथिल ऑरेंज, फीनॉल्फ्थेलीन।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

निम्नलिखित रोगों के समूह में से किसमें जिनेटिक रोग समाविष्ट हैं?

  1. A.सिकल सेल अनीमिया, AIDS, डाउन सिन्ड्रोम
  2. B.AIDS, हेपैटाइटिस B, कैन्सर
  3. C.हीमोफिलिया, हेपैटाइटिस B, कलर ब्लाइंडनेस
  4. D.सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम

व्याख्या

सही उत्तर है D, सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम। ये तीनों आनुवंशिक रोग हैं, जो जीन या गुणसूत्रों में बदलाव से होते हैं और जन्म से मिलते हैं, किसी रोगाणु से नहीं। सिकल सेल अनीमिया एक अलिंगसूत्री अप्रभावी रोग है, जिसमें हीमोग्लोबिन के जीन में एक छोटे से बदलाव से लाल रक्त कोशिकाएँ हँसिए जैसी हो जाती हैं। हीमोफिलिया X गुणसूत्र से जुड़ा लिंग-सहलग्न अप्रभावी रोग है, जिसमें खून ठीक से नहीं जमता; यह ज़्यादातर पुरुषों को होता है, और महारानी विक्टोरिया के वंशजों में फैलने के कारण इसे शाही रोग कहा जाता है। डाउन सिन्ड्रोम गुणसूत्र 21 की एक अतिरिक्त प्रति से होने वाला गुणसूत्रीय विकार है, जिसे ट्राइसोमी 21 भी कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि AIDS एचआईवी विषाणु से होता है और जीन से विरासत में नहीं मिलता। विकल्प B गलत है, क्योंकि AIDS और हेपैटाइटिस B विषाणु संक्रमण हैं, और अधिकतर कैंसर जीवन के दौरान हुए उत्परिवर्तन से होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि हेपैटाइटिस B विषाणु संक्रमण है, भले ही हीमोफिलिया और वर्णांधता आनुवंशिक हैं। परीक्षा टिप: आनुवंशिक रोगों में सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, वर्णांधता, थैलेसीमिया और डाउन सिन्ड्रोम आते हैं।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

कुछ धातु ऑक्साइड अम्ल और क्षार, दोनों से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं। इन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहते हैं। उभयधर्मी ऑक्साइड के उदाहरण हैं

  1. A.CuO और ZnO
  2. B.Al₂O₃ और ZnO
  3. C.Al₂O₃ और CuO
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. Al₂O₃ और ZnO

व्याख्या

सही उत्तर है B, Al₂O₃ और ZnO। एल्युमिनियम ऑक्साइड और ज़िंक ऑक्साइड अम्ल के साथ क्षार जैसा और क्षार के साथ अम्ल जैसा व्यवहार करते हैं, इसलिए दोनों उभयधर्मी हैं। हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ एल्युमिनियम ऑक्साइड एल्युमिनियम क्लोराइड और पानी बनाता है। सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ ज़िंक ऑक्साइड सोडियम ज़िंकेट और पानी बनाता है। 'उभय' का अर्थ ही है दोनों, और यही इसे याद रखने का सबसे आसान तरीका है। ज़्यादातर धातु ऑक्साइड क्षारीय होते हैं, जबकि कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे अधातु ऑक्साइड अम्लीय होते हैं। सीसे और टिन के ऑक्साइड भी उभयधर्मी होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि कॉपर (II) ऑक्साइड क्षारीय ऑक्साइड है; यह अम्ल से तो अभिक्रिया करता है, क्षार से नहीं। विकल्प C भी इसी कारण गलत है, क्योंकि उसमें भी एल्युमिनियम ऑक्साइड के साथ क्षारीय कॉपर ऑक्साइड जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केवल एक जोड़ी, B, में दोनों ऑक्साइड उभयधर्मी हैं। परीक्षा टिप: उभयधर्मी चार याद रखें, Al, Zn, Pb और Sn, यानी एल्युमिनियम, ज़िंक, सीसा और टिन।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper I, 7 Jul 2024मध्यम

पर्वतारोहियों की नाक से ऊँचाई पर खून बहने लगता है, क्योंकि:

  1. A.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।
  2. B.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से कम हो जाता है।
  3. C.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब के बराबर हो जाता है।
  4. D.अधिक ऊँचाई पर रक्त गाढ़ा हो जाता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है। बहुत ऊँचाई पर हवा विरल होती है, इसलिए शरीर पर पड़ने वाला वायुमंडलीय दाब समुद्र तल की तुलना में काफी कम हो जाता है। पर रक्त वाहिकाओं के अंदर खून का दाब लगभग पहले जितना ही रहता है। नाक की रक्त वाहिकाएँ बहुत महीन होती हैं और सतह के पास रहती हैं, इसलिए जब उनके अंदर का दाब बाहर के दाब से अधिक हो जाता है, तो उनमें से कुछ फट जाती हैं और नाक से खून आने लगता है। पहाड़ों की ठंडी और सूखी हवा से नाक की भीतरी परत भी आसानी से फटती है। वायु दाब कम होने से ही पहाड़ों पर पानी 100 °C से कम पर उबलता है और खाना देर से पकता है। B गलत है क्योंकि वाहिकाओं के अंदर का दाब बाहर से कम नहीं, अधिक हो जाता है। C गलत है क्योंकि दाब बराबर होने पर वाहिकाओं को फाड़ने वाला कोई धक्का नहीं बनता। D गलत है क्योंकि ऊँचाई पर खून इतना गाढ़ा नहीं होता कि नाक से खून बहे। परीक्षा टिप: अधिक ऊँचाई – कम वायु दाब – रक्त वाहिकाओं का दाब अपेक्षाकृत अधिक – नाक से खून।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 04 Feb 2025, Shift 2आसान

कपड़ा उद्योग में कपड़े को सफेद करने (या रंग हटाने) के लिए किस रसायन का उपयोग किया जाता है?

  1. A.सोडियम कार्बोनेट
  2. B.सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट
  3. C.कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड
  4. D.कैल्शियम क्लोराइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड

व्याख्या

सही उत्तर है C, कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड। कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl2) ही ब्लीचिंग पाउडर है, और इससे निकलने वाली क्लोरीन कपड़ा उद्योग में सूती और लिनन कपड़ों का रंग हटाती है। इसे सूखे बुझे चूने, यानी Ca(OH)2, पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करके बनाया जाता है। पानी या तनु अम्ल के साथ क्रिया करने पर यह क्लोरीन छोड़ता है, और यह क्लोरीन रंग वाले पदार्थों का ऑक्सीकरण करके उन्हें रंगहीन बना देती है। ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग कागज मिलों में लकड़ी की लुगदी को सफेद करने और पीने के पानी को कीटाणुरहित करने में भी होता है, इसलिए इसमें क्लोरीन की गंध आती है। A गलत है क्योंकि सोडियम कार्बोनेट धोने का सोडा है, जो पानी की स्थायी कठोरता दूर करने और कांच बनाने में काम आता है। B गलत है क्योंकि सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट खाने का सोडा है, जो खाना पकाने और एंटासिड में काम आता है। D गलत है क्योंकि कैल्शियम क्लोराइड नमी सोखने वाला शुष्कन कारक है, विरंजक नहीं। परीक्षा टिप: ब्लीचिंग पाउडर CaOCl2, धोने का सोडा Na2CO3·10H2O, खाने का सोडा NaHCO3।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 18 Feb 2018आसान

मनुष्य की श्रव्यता की सीमा क्या है?

  1. A.20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज
  2. B.80 हर्ट्ज – 100 हर्ट्ज
  3. C.2 लाख हर्ट्ज – 4 लाख हर्ट्ज
  4. D.0 हर्ट्ज – 20 हर्ट्ज
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज

व्याख्या

सही उत्तर है A, 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज। स्वस्थ मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज (20 किलोहर्ट्ज) आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगें सुन सकता है; इसे श्रव्य परास कहते हैं। 20 हर्ट्ज से कम आवृत्ति की ध्वनि अवश्रव्य (इन्फ्रासोनिक) कहलाती है, जिसका उपयोग हाथी और व्हेल दूर तक संदेश भेजने में करते हैं। 20 किलोहर्ट्ज से अधिक की ध्वनि पराश्रव्य (अल्ट्रासोनिक) कहलाती है; चमगादड़, कुत्ते और डॉल्फ़िन इसे सुन सकते हैं, और अल्ट्रासाउंड का उपयोग मेडिकल जाँच, नाज़ुक पुर्ज़ों की सफ़ाई और सोनार में होता है। पाँच साल से छोटे बच्चे और कुछ जानवर लगभग 25 किलोहर्ट्ज तक सुन लेते हैं, और उम्र बढ़ने के साथ ऊपरी सीमा घटती जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 80 से 100 हर्ट्ज श्रव्य परास का बहुत छोटा हिस्सा भर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2 लाख से 4 लाख हर्ट्ज, यानी 200 से 400 किलोहर्ट्ज, पूरी तरह पराश्रव्य क्षेत्र में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 0 से 20 हर्ट्ज अवश्रव्य क्षेत्र है, जिसे मनुष्य नहीं सुन सकता। परीक्षा टिप: 20 हर्ट्ज से नीचे अवश्रव्य, 20 हर्ट्ज से 20 किलोहर्ट्ज तक श्रव्य, 20 किलोहर्ट्ज से ऊपर पराश्रव्य।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 29 Aug 2018, Shift 2आसान

कोशिका के किस अंगक को "कोशिका का मास्टर" कहा जाता है?

  1. A.माइटोकॉन्ड्रिया
  2. B.अंतर्द्रव्यी जालिका (एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम)
  3. C.केंद्रिका (न्यूक्लियोलस)
  4. D.केंद्रक (न्यूक्लियस)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. केंद्रक (न्यूक्लियस)

व्याख्या

सही उत्तर है D, केंद्रक (न्यूक्लियस)। केंद्रक कोशिका की सभी गतिविधियों को निर्देशित करता है, इसलिए इसे कोशिका का मास्टर या नियंत्रण केंद्र कहा जाता है। इसमें गुणसूत्र (क्रोमोसोम) होते हैं जिनमें DNA रहता है; यही DNA प्रोटीन बनाने और माता-पिता के गुण संतान तक पहुँचाने के निर्देश रखता है। केंद्रक दोहरी झिल्ली से घिरा होता है, जिसे केंद्रक आवरण कहते हैं और जिसके छिद्रों से संदेश अंदर-बाहर आते-जाते हैं। रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में केंद्रक की खोज की थी। स्तनधारियों की परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं में केंद्रक नहीं होता। A गलत है क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया ATP के रूप में ऊर्जा देता है और उसे कोशिका का पावरहाउस कहा जाता है। B गलत है क्योंकि अंतर्द्रव्यी जालिका झिल्लियों का जाल है जो प्रोटीन और वसा बनाती व पहुँचाती है। C गलत है क्योंकि केंद्रिका केंद्रक के भीतर की छोटी संरचना है जो राइबोसोम बनाती है, वह नियंत्रण केंद्र का केवल एक हिस्सा है। परीक्षा टिप: केंद्रक = नियंत्रण केंद्र, माइटोकॉन्ड्रिया = पावरहाउस, राइबोसोम = प्रोटीन फैक्ट्री, लाइसोसोम = आत्मघाती थैली, गॉल्जी काय = पैकेजिंग इकाई।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Aug 2022, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से रक्त का कौन-सा घटक थक्का (क्लॉट) बनाने में सहायता करता है?

  1. A.प्लेटलेट्स
  2. B.प्लाज्मा प्रोटीन
  3. C.श्वेत रक्त कणिकाएँ
  4. D.लाल रक्त कणिकाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्लेटलेट्स

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्लेटलेट्स। प्लेटलेट्स रक्त के वे छोटे कण हैं जो चोट लगते ही घाव पर जमा होकर थक्का बनाना शुरू करते हैं। इन्हें थ्रोम्बोसाइट भी कहते हैं और ये अस्थि मज्जा में मेगाकैरियोसाइट नामक बड़ी कोशिकाओं से बनते हैं। स्वस्थ व्यक्ति के रक्त में प्रति घन मिलीमीटर लगभग 1.5 से 4 लाख प्लेटलेट्स होते हैं और इनकी आयु केवल 8 से 10 दिन होती है। घाव पर ये आपस में चिपककर एक प्लग बनाते हैं और ऐसे रसायन छोड़ते हैं जो घुलनशील प्रोटीन फाइब्रिनोजन को फाइब्रिन के धागों में बदल देते हैं; इन धागों में रक्त कोशिकाएँ फँसकर रिसाव बंद कर देती हैं। B गलत है क्योंकि फाइब्रिनोजन जैसे प्लाज्मा प्रोटीन थक्के में भाग तो लेते हैं, पर पेपर में थक्का बनाने वाला घटक प्लेटलेट्स ही माना गया है। C गलत है क्योंकि श्वेत रक्त कणिकाएँ संक्रमण से लड़ती हैं, रक्तस्राव नहीं रोकतीं। D गलत है क्योंकि लाल रक्त कणिकाएँ हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन ढोती हैं। परीक्षा टिप: RBC = ऑक्सीजन, WBC = रोग प्रतिरोध, प्लेटलेट्स = थक्का; डेंगू में प्लेटलेट्स ही गिरते हैं।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 20 Aug 2023मध्यम

A और B अपने हार्मोन तब स्रावित करती हैं जब उन्हें ग्रंथि C से आदेश मिलता है। A, B और C क्रमशः क्या हो सकती हैं?

  1. A.अग्न्याशय, अधिवृक्क ग्रंथियाँ, थायरॉइड
  2. B.थायरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथियाँ, पीयूष ग्रंथि
  3. C.वृषण, अंडाशय, थायरॉइड
  4. D.पीयूष ग्रंथि, अग्न्याशय, थायरॉइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. थायरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथियाँ, पीयूष ग्रंथि

व्याख्या

सही उत्तर है B, थायरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथियाँ, पीयूष ग्रंथि। पीयूष ग्रंथि ऐसे हार्मोन छोड़ती है जो थायरॉइड और अधिवृक्क ग्रंथियों को अपने हार्मोन छोड़ने का आदेश देते हैं। पीयूष ग्रंथि मटर के दाने जितनी होती है और मस्तिष्क के निचले हिस्से से जुड़ी रहती है; कई दूसरी अंतःस्रावी ग्रंथियों को नियंत्रित करने के कारण इसे मास्टर ग्रंथि कहते हैं। उदाहरण के लिए, यह थायरॉइड-उत्तेजक हार्मोन छोड़ती है जिससे थायरॉइड थायरॉक्सिन बनाती है, और एक दूसरा हार्मोन छोड़ती है जिससे अधिवृक्क ग्रंथियाँ अपने हार्मोन छोड़ती हैं। NCERT की कक्षा 8 की विज्ञान की किताब बताती है कि थायरॉइड और अधिवृक्क जैसी ग्रंथियाँ पीयूष ग्रंथि का संदेश मिलने पर हार्मोन स्रावित करती हैं। A गलत है क्योंकि अग्न्याशय रक्त में शर्करा के अनुसार इंसुलिन छोड़ता है, और थायरॉइड बाकी दोनों को आदेश नहीं देती। C गलत है क्योंकि वृषण और अंडाशय भी पीयूष ग्रंथि से आदेश लेते हैं, थायरॉइड से नहीं। D गलत है क्योंकि पीयूष ग्रंथि आदेश देती है, थायरॉइड से आदेश नहीं लेती। परीक्षा टिप: पीयूष – मास्टर ग्रंथि; थायरॉइड – थायरॉक्सिन; अधिवृक्क – एड्रेनालिन; अग्न्याशय – इंसुलिन।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 16 Aug 2021, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा जल में घुलनशील विटामिन है?

  1. A.विटामिन K
  2. B.विटामिन C
  3. C.विटामिन A
  4. D.विटामिन D
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विटामिन C

व्याख्या

सही उत्तर है B, विटामिन C। विटामिन दो समूहों में बँटे हैं: जल में घुलनशील, यानी विटामिन C और पूरा B-कॉम्प्लेक्स, और वसा में घुलनशील, यानी A, D, E और K। विटामिन C एस्कॉर्बिक अम्ल है, जो खट्टे फलों, आँवला, अमरूद और टमाटर में मिलता है; इसकी कमी से स्कर्वी होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आता है और घाव धीरे भरते हैं। जल में घुलनशील विटामिन शरीर में जमा नहीं होते और अतिरिक्त मात्रा मूत्र से बाहर निकल जाती है, इसलिए इन्हें रोज़ लेना पड़ता है, जबकि वसा में घुलनशील विटामिन यकृत और वसा ऊतकों में जमा रहते हैं। A, विटामिन K, वसा में घुलनशील है और खून के थक्के बनने के लिए ज़रूरी है। C, विटामिन A यानी रेटिनॉल, वसा में घुलनशील है और इसकी कमी से रतौंधी होती है। D, विटामिन D यानी कैल्सिफेरॉल, वसा में घुलनशील है, धूप में त्वचा में बनता है और इसकी कमी से रिकेट्स होता है। परीक्षा टिप: याद रखें "ADEK वसा में घुलनशील"; बाकी सब, B-कॉम्प्लेक्स और C, पानी में घुलते हैं।

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