दृढ़ पिंडों के निकाय का रैखिक संवेग किस स्थिति में संरक्षित रहेगा?
- A.निकाय गुरुत्वीय क्षेत्र में हो
- B.निकाय पर कोई बाह्य बल न लगे
- C.गतिज ऊर्जा संरक्षित हो
- D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. निकाय पर कोई बाह्य बल न लगे
व्याख्या
सही उत्तर है B, निकाय पर कोई बाह्य बल न लगे। रैखिक संवेग संरक्षण का नियम सीधे न्यूटन के दूसरे नियम से निकलता है, क्योंकि किसी निकाय के संवेग के परिवर्तन की दर उस पर लगने वाले कुल बाह्य बल के बराबर होती है; जब यह बल शून्य हो, तब कुल संवेग परिमाण और दिशा दोनों में अपरिवर्तित रहता है। पिंड आपस में जो बल लगाते हैं वे आंतरिक होते हैं, क्रिया और प्रतिक्रिया के जोड़ों में आते हैं और एक-दूसरे को काट देते हैं। इसी कारण बंदूक और गोली, या टकराती हुई दो कैरम गोटियाँ, अपना कुल संवेग वही बनाए रखती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि गुरुत्व स्वयं एक बाह्य बल है और वह गिरते हुए पिंड का संवेग हर क्षण बदलता रहता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अप्रत्यास्थ टक्कर में गतिज ऊर्जा घट जाती है फिर भी संवेग संरक्षित रहता है, इसलिए ये दोनों अलग नियम हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि विकल्प B शर्त ठीक बताता है। परीक्षा टिप: संवेग हर टक्कर में संरक्षित, गतिज ऊर्जा केवल पूर्ण प्रत्यास्थ टक्कर में।