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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 14

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 14) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मात्रक और मापन, तरल: उत्प्लावन, श्यानता और पृष्ठ तनाव, गति, बल और गति के नियम और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 4 Dec 2018, Shift 2मध्यम

5.5 किलोवाट घंटा = ?

  1. A.14.0 × 10⁶ J
  2. B.19.8 × 10⁶ J
  3. C.14.4 × 10⁸ J
  4. D.14.4 × 10⁵ J
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 19.8 × 10⁶ J

व्याख्या

सही उत्तर है B, 19.8 × 10⁶ J। एक किलोवाट घंटा 3.6 × 10⁶ जूल के बराबर होता है, इसलिए 5.5 किलोवाट घंटा = 5.5 × 3.6 × 10⁶ = 19.8 × 10⁶ जूल।

किलोवाट घंटा विद्युत ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक है, इसी में बिजली विभाग घरों का बिल बनाता है और इसे बिजली की एक यूनिट भी कहा जाता है। यह ऊर्जा = शक्ति × समय से निकलता है, अर्थात एक किलोवाट शक्ति एक घंटे तक ली जाए तो 1000 वाट × 3600 सेकंड = 3600000 जूल ऊर्जा खर्च होती है। जूल ऊर्जा का SI मात्रक है और एक वाट का अर्थ एक जूल प्रति सेकंड है।

विकल्प A गलत है क्योंकि 14.0 × 10⁶ जूल लगभग 3.9 किलोवाट घंटा है। विकल्प C गलत है क्योंकि 14.4 × 10⁸ जूल 400 किलोवाट घंटा होगा, जो सौ गुना अधिक है। विकल्प D गलत है क्योंकि 14.4 × 10⁵ जूल केवल 0.4 किलोवाट घंटा है।

परीक्षा टिप: 1 किलोवाट घंटा = 3.6 × 10⁶ जूल यानी बिजली की एक यूनिट।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 15 June 2022, Shift 1आसान

यह कथन कि किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला ऊपर की ओर उत्प्लावन बल उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है, किससे संबंधित है?

  1. A.आर्किमिडीज का सिद्धांत
  2. B.बर्नूली का सिद्धांत
  3. C.बीयर लैम्बर्ट नियम
  4. D.पास्कल का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आर्किमिडीज का सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है A, आर्किमिडीज का सिद्धांत। इसके अनुसार द्रव में पूरी या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल उतना ही होता है जितना उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव का भार। यही कारण है कि कुएँ के भीतर पानी से भरी बाल्टी हल्की लगती है और लोहे का बना विशाल जहाज भी तैरता रहता है, क्योंकि उसका खोखला आकार इतना पानी हटाता है कि वह उसके अपने भार को संभाल ले। इसी सिद्धांत से प्लवन का नियम निकलता है और हाइड्रोमीटर से द्रव का घनत्व तथा धातु की शुद्धता मापी जाती है। B गलत है क्योंकि बर्नूली का सिद्धांत बहते द्रव की चाल और दाब के संबंध को बताता है और वायुयान के पंख पर उठाव समझाता है। C गलत है क्योंकि बीयर-लैम्बर्ट नियम यह बताता है कि विलयन से गुजरते समय प्रकाश कितना अवशोषित होता है। D गलत है क्योंकि पास्कल का नियम कहता है कि बंद द्रव पर लगाया गया दाब हर दिशा में समान रूप से फैलता है, जिस पर हाइड्रोलिक ब्रेक और लिफ्ट काम करते हैं। परीक्षा टिप: उत्प्लावन के लिए आर्किमिडीज, हाइड्रोलिक प्रेस के लिए पास्कल, पंख के उठाव के लिए बर्नूली।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3आसान

ब्रेक किस सिद्धांत पर कार्य करते हैं?

  1. A.कंपन
  2. B.घर्षण
  3. C.चूषण
  4. D.घसीटना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. घर्षण

व्याख्या

सही उत्तर है B, घर्षण। ब्रेक घर्षण के सिद्धांत पर काम करते हैं: एक लाइनिंग घूमते ड्रम या डिस्क पर दबाई जाती है और रगड़ से पैदा हुआ बल पहिए की गति घटा देता है। घर्षण वह बल है जो संपर्क में आई दो सतहों के बीच गति का विरोध करता है। ड्रम ब्रेक में ब्रेक शू बाहर की ओर दबकर ड्रम की भीतरी सतह से रगड़ खाते हैं, जबकि डिस्क ब्रेक में पैड घूमती डिस्क को दोनों ओर से पकड़ते हैं; दोनों में वाहन की गतिज ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है, इसीलिए लंबी ढलान पर ब्रेक गर्म हो जाते हैं। इसके बाद टायर और सड़क के बीच का घर्षण वाहन को रोकता है, इसलिए चिकनी या गीली सड़क पर रुकने की दूरी बढ़ जाती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कंपन केवल पिंड को हिलाता है, नियंत्रित रूप से ऊर्जा नहीं घटाता। विकल्प C गलत है, क्योंकि चूषण दाब का अंतर है; वैक्यूम बूस्टर केवल पैडल दबाने में मदद करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि घसीटना कोई भौतिक सिद्धांत नहीं है। परीक्षा टिप: ब्रेक घर्षण से गतिज ऊर्जा को ऊष्मा में बदलते हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1आसान

मानव DNA की द्विकुंडलित संरचना में क्षार एडेनिन निम्नलिखित में से किस क्षार के साथ दो हाइड्रोजन बंध बनाकर क्षार-युग्म बनाता है?

  1. A.ग्वानिन
  2. B.साइटोसिन
  3. C.थाइमिन
  4. D.हिस्टोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. थाइमिन

व्याख्या

सही उत्तर है C, थाइमिन। DNA में एडेनिन हमेशा थाइमिन के साथ दो हाइड्रोजन बंधों से जुड़ता है, और ग्वानिन साइटोसिन के साथ तीन बंधों से। इसे पूरक क्षार-युग्मन कहते हैं, और इसी कारण DNA का एक सूत्र दूसरे की नकल बनाने में काम आता है। द्विकुंडली मॉडल 1953 में जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने रोज़ालिंड फ्रैंकलिन की एक्स-रे तस्वीरों की मदद से दिया था। एडेनिन और ग्वानिन दो वलय वाले प्यूरीन हैं, जबकि थाइमिन और साइटोसिन एक वलय वाले पिरिमिडीन हैं, इसलिए हर जोड़े की चौड़ाई बराबर रहती है और कुंडली एक-सी बनी रहती है। RNA में थाइमिन की जगह यूरेसिल होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ग्वानिन भी एडेनिन की तरह प्यूरीन है और साइटोसिन से जोड़ा बनाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि साइटोसिन तीन हाइड्रोजन बंधों से ग्वानिन के साथ जुड़ता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हिस्टोन एक प्रोटीन है, जिसके चारों ओर गुणसूत्रों में DNA लिपटा रहता है; यह क्षार है ही नहीं। परीक्षा टिप: A की जोड़ी T से दो बंधों से, G की C से तीन बंधों से; RNA में T की जगह U होता है।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 14 Aug 2018, Shift 1कठिन

यदि किसी पिंड की गतिज ऊर्जा अपने प्रारंभिक मान की 256 गुना हो जाती है, तो नया रैखिक संवेग होगा:

  1. A.प्रारंभिक मान के बराबर
  2. B.प्रारंभिक मान का 8 गुना
  3. C.प्रारंभिक मान का 16 गुना
  4. D.प्रारंभिक मान का 32 गुना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रारंभिक मान का 16 गुना

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्रारंभिक मान का 16 गुना। गतिज ऊर्जा संवेग के वर्ग पर निर्भर करती है, इसलिए संवेग ऊर्जा के वर्गमूल के अनुपात में बढ़ता है। m द्रव्यमान के पिंड के लिए गतिज ऊर्जा को p का वर्ग बटा 2m के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ p रैखिक संवेग है। यदि द्रव्यमान नहीं बदलता तो p = 2mE का वर्गमूल होता है, अर्थात p, E के वर्गमूल के समानुपाती है। जब गतिज ऊर्जा 256 गुना हो जाती है, तो संवेग 256 का वर्गमूल यानी 16 गुना हो जाता है और वेग भी 16 गुना हो जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि संवेग वही रहते हुए पिंड की ऊर्जा नहीं बढ़ सकती। विकल्प B गलत है, क्योंकि संवेग 8 गुना होने पर ऊर्जा 64 गुना होती, 256 गुना नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि संवेग 32 गुना होने पर ऊर्जा 1024 गुना हो जाती। परीक्षा टिप: E = p²/2m, अतः ऊर्जा n गुना होने पर संवेग √n गुना और संवेग n गुना होने पर ऊर्जा n² गुना होती है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

निम्नलिखित में से किस दूरदर्शी (telescope) में केवल दर्पण होते हैं?

  1. A.गैलीलियन दूरदर्शी
  2. B.केप्लेरियन दूरदर्शी
  3. C.न्यूटोनियन दूरदर्शी
  4. D.श्मिट दूरदर्शी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. न्यूटोनियन दूरदर्शी

व्याख्या

सही उत्तर है C, न्यूटोनियन दूरदर्शी। आइज़क न्यूटन ने 1668 में पहला व्यावहारिक परावर्तक दूरदर्शी बनाया। इसमें तारे का प्रकाश नली के नीचे लगे बड़े अवतल दर्पण पर पड़ता है और ऊपर 45 डिग्री पर लगा छोटा समतल दर्पण उसे बगल में लगी नेत्रिका (eyepiece) की ओर मोड़ देता है। अभिदृश्यक लेंस नहीं बल्कि दर्पण होने से इसमें वर्ण विपथन (chromatic aberration), यानी लेंस से बनने वाली रंगीन किनारी, नहीं होती, और दर्पण को लेंस से कहीं बड़ा व हल्का बनाया जा सकता है। इसीलिए बड़ी वेधशालाओं के अधिकांश दूरदर्शी परावर्तक होते हैं। A, गैलीलियन दूरदर्शी, अपवर्तक है जिसमें उत्तल अभिदृश्यक और अवतल नेत्रिका लेंस होते हैं। B, केप्लेरियन दूरदर्शी भी अपवर्तक है, दो उत्तल लेंसों वाला, और उल्टा प्रतिबिंब देता है। D, श्मिट दूरदर्शी में गोलीय दर्पण के साथ काँच की संशोधक प्लेट लगी होती है, इसलिए वह केवल दर्पणों वाला नहीं है। परीक्षा टिप: अपवर्तक = लेंस (गैलीलियो, केप्लर), परावर्तक = दर्पण (न्यूटन), श्मिट = दर्पण + संशोधक लेंस।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण का मान निम्नलिखित में से कहाँ सर्वाधिक होता है?

  1. A.विषुवत वृत्त पर
  2. B.ध्रुवों पर
  3. C.पृथ्वी के केंद्र पर
  4. D.माउंट एवरेस्ट की चोटी पर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ध्रुवों पर

व्याख्या

सही उत्तर B, ध्रुवों पर है। पृथ्वी ध्रुवों पर चपटी है, इसलिए वहाँ केंद्र से दूरी सबसे कम है, और चूँकि g उस दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है, g ध्रुवों पर सर्वाधिक होता है। पृथ्वी का घूर्णन भी g के प्रभावी मान को घटाता है, और यह कमी विषुवत वृत्त पर सर्वाधिक तथा ध्रुवों पर शून्य होती है, जिससे अंतर और बढ़ जाता है।

विकल्प A, विषुवत वृत्त, वह स्थान है जहाँ सतह पर g का मान सबसे कम होता है, ठीक इन्हीं विपरीत कारणों से। विकल्प C, पृथ्वी का केंद्र, वह स्थान है जहाँ g शून्य हो जाता है, क्योंकि वहाँ पृथ्वी का द्रव्यमान पिंड को चारों ओर से घेरता है और उसके खिंचाव आपस में निरस्त हो जाते हैं; वहाँ पिंड का भार शून्य होता है यद्यपि द्रव्यमान वही रहता है। विकल्प D, माउंट एवरेस्ट की चोटी, समुद्र तल से बहुत ऊपर है और ऊँचाई के साथ g घटता है। क्रम याद रखें: ध्रुवों पर सर्वाधिक, विषुवत वृत्त पर कम, ऊँचाई पर और कम, केंद्र पर शून्य।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

निम्नलिखित में से कौन द्वितीय वर्ग के उत्तोलक (Second Class Lever) का उदाहरण है?

  1. A.कैंची
  2. B.बोतल खोलने वाला (bottle opener)
  3. C.क्रिकेट बैट
  4. D.धनुष-बाण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बोतल खोलने वाला (bottle opener)

व्याख्या

सही उत्तर है B, बोतल खोलने वाला (bottle opener)। उत्तोलकों (levers) का वर्ग इस बात से तय होता है कि आलंब (fulcrum), भार और प्रयास कहाँ हैं। द्वितीय वर्ग के उत्तोलक में भार, आलंब और प्रयास के बीच होता है। बोतल ओपनर में सिरे पर ढक्कन का किनारा आलंब है, उठाया जा रहा ढक्कन बीच में भार है, और दूसरे सिरे पर हाथ प्रयास लगाता है, यानी भार बीच में है। ऐसे उत्तोलक हमेशा बल बढ़ाते हैं, क्योंकि प्रयास-भुजा भार-भुजा से लंबी होती है; ठेला (wheelbarrow) और सरौता इसी तरह काम करते हैं। A, कैंची, प्रथम वर्ग का उत्तोलक है, जिसमें कीलक प्रयास और भार के बीच होता है। C, क्रिकेट बैट, तृतीय वर्ग का उत्तोलक है: नीचे वाला हाथ प्रयास लगाता है, जो ऊपर वाले हाथ (आलंब) और गेंद (भार) के बीच है। D, धनुष-बाण, मुड़े हुए धनुष में स्प्रिंग की तरह ऊर्जा जमा करके काम करता है, इसमें भार आलंब और प्रयास के बीच नहीं रखा जाता। परीक्षा टिप: प्रथम वर्ग में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में, तृतीय में प्रयास बीच में।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

जल का घनत्व किस ताप पर सर्वाधिक होता है?

  1. A.0 डिग्री सेल्सियस
  2. B.4 डिग्री सेल्सियस
  3. C.100 डिग्री सेल्सियस
  4. D.माइनस 4 डिग्री सेल्सियस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 4 डिग्री सेल्सियस

व्याख्या

सही उत्तर B, 4 डिग्री सेल्सियस है। शून्य से चार डिग्री के बीच जल असामान्य व्यवहार करता है: इस परास में गर्म करने पर यह सिकुड़ता है और चार डिग्री से ऊपर फिर फैलने लगता है, इसलिए उतना ही द्रव्यमान चार डिग्री पर सबसे कम आयतन घेरता है और उसका घनत्व सबसे अधिक होता है।

विकल्प A हिमांक है, जहाँ जल बर्फ में बदलता है; बर्फ का घनत्व जल से कम होता है, इसीलिए वह तैरती है। विकल्प C सामान्य वायुमंडलीय दाब पर क्वथनांक है, जहाँ द्रव रूप में जल सबसे अधिक फैला होता है। विकल्प D हिमांक से नीचे है, जहाँ सामान्य दाब पर शुद्ध जल ठोस रहता है। यही गुण प्रकृति में महत्वपूर्ण है, क्योंकि शीत ऋतु में चार डिग्री वाला जल तल में बैठ जाता है, ठंडा जल ऊपर जमता है और बर्फ के नीचे मछलियाँ जीवित रहती हैं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु कितने कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है?

  1. A.दो
  2. B.पाँच
  3. C.तीन
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चार

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार। हीरे में हर कार्बन परमाणु चार दूसरे कार्बन परमाणुओं से मज़बूत सहसंयोजक (covalent) बंधों द्वारा जुड़ा होता है। ये बंध चतुष्फलक (tetrahedron) के कोनों की ओर होते हैं और पूरे क्रिस्टल में एक कठोर त्रिविमीय जाल बना देते हैं। इसी जाल के कारण हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है और काटने व ड्रिलिंग के औज़ारों में इस्तेमाल होता है। चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध बनाने में लग जाते हैं और कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बचता, इसलिए हीरा बिजली का चालन नहीं करता। कार्बन के दूसरे रूप ग्रेफाइट में हर परमाणु केवल तीन कार्बन से जुड़कर षट्कोणीय परतें बनाता है; बचा हुआ इलेक्ट्रॉन उसे विद्युत चालक बनाता है। A गलत है क्योंकि दो बंधों से ठोस त्रिविमीय जाल नहीं बनता। B गलत है क्योंकि कार्बन की संयोजकता चार है, वह पाँच बंध नहीं बनाता। C गलत है क्योंकि तीन बंध ग्रेफाइट की पहचान है, हीरे की नहीं। परीक्षा टिप: हीरा = 4 बंध, कठोर, कुचालक; ग्रेफाइट = 3 बंध, नरम, सुचालक।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 16 Sept 2018आसान

5V विभवांतर वाले दो बिंदुओं के बीच 2 कूलॉम आवेश ले जाने में कितना कार्य किया जाता है?

  1. A.0.4 जूल
  2. B.2.5 जूल
  3. C.10 जूल
  4. D.20 जूल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 10 जूल

व्याख्या

सही उत्तर है C, 10 जूल। विभवांतर की परिभाषा है दो बिंदुओं के बीच एकांक आवेश ले जाने में किया गया कार्य, अर्थात V = W/Q, और इसी से W = QV निकलता है। यहाँ आवेश 2 कूलॉम है और विभवांतर 5 वोल्ट, इसलिए कार्य 2 गुणा 5 अर्थात 10 जूल होगा। पूरा प्रश्न इसी परिभाषा पर टिका है: एक वोल्ट का अर्थ है प्रति कूलॉम एक जूल, इसलिए दो कूलॉम आवेश को पाँच वोल्ट के आर-पार ले जाने में दस जूल कार्य लगेगा। विकल्प A, 0.4 जूल, आवेश को वोल्टता से गुणा करने के बजाय भाग देने पर आता है। विकल्प B, 2.5 जूल, वोल्टता में आवेश का भाग देने पर आता है, जिससे वोल्ट प्रति कूलॉम मिलता है और वह ऊर्जा ही नहीं है। विकल्प D, 20 जूल, सही मान का दोगुना है और इसके लिए 4 कूलॉम आवेश या 10 वोल्ट विभवांतर चाहिए। परीक्षा टिप: W = QV, और एक वोल्ट का अर्थ प्रति कूलॉम आवेश पर एक जूल कार्य।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 20 Aug 2023मध्यम

माचिस की डिब्बी की रगड़ने वाली सतह पर निम्नलिखित में से कौन-से पदार्थ होते हैं?

  1. A.काँच का चूर्ण और लाल फॉस्फोरस
  2. B.श्वेत फॉस्फोरस और काँच का चूर्ण
  3. C.लाल फॉस्फोरस और मैग्नीशियम
  4. D.पोटैशियम और श्वेत फॉस्फोरस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. काँच का चूर्ण और लाल फॉस्फोरस

व्याख्या

सही उत्तर है A, काँच का चूर्ण और लाल फॉस्फोरस। सेफ्टी माचिस की डिब्बी की खुरदरी पट्टी पर काँच का चूर्ण और थोड़ा-सा लाल फॉस्फोरस लगा होता है, जबकि तीली के सिरे पर ऐन्टिमनी ट्राइसल्फाइड और पोटैशियम क्लोरेट होते हैं। तीली रगड़ने पर घर्षण से कुछ लाल फॉस्फोरस श्वेत फॉस्फोरस में बदल जाता है। यह तुरंत तीली के सिरे के पोटैशियम क्लोरेट से क्रिया करके इतनी ऊष्मा बनाता है कि ऐन्टिमनी ट्राइसल्फाइड जलने लगता है। फॉस्फोरस को डिब्बी पर और बाकी रसायनों को तीली पर रखना ही माचिस को सुरक्षित बनाता है। NCERT की कक्षा 8 की विज्ञान की किताब बताती है कि पहले की माचिसों में श्वेत फॉस्फोरस होता था, जो बनाने वाले मज़दूरों और इस्तेमाल करने वालों दोनों के लिए खतरनाक साबित हुआ। B गलत है क्योंकि सेफ्टी माचिस की रगड़ने वाली सतह पर श्वेत फॉस्फोरस नहीं होता। C गलत है क्योंकि मैग्नीशियम इस पट्टी का हिस्सा नहीं है। D गलत है क्योंकि पट्टी पर न पोटैशियम होता है, न श्वेत फॉस्फोरस। परीक्षा टिप: डिब्बी की पट्टी – लाल फॉस्फोरस और काँच का चूर्ण; तीली का सिरा – ऐन्टिमनी ट्राइसल्फाइड और पोटैशियम क्लोरेट।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 7 Dec 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु अपनी मूल अवस्था में पाई जाती है?

  1. A.ताँबा
  2. B.प्लैटिनम
  3. C.लोहा
  4. D.पोटैशियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्लैटिनम

व्याख्या

सही उत्तर है B, प्लैटिनम। चारों में प्लैटिनम सबसे कम क्रियाशील है, इसलिए यह प्रकृति में मुक्त या मूल अवस्था में धातु रूप में ही मिलता है।

कोई धातु मुक्त अवस्था में तभी मिलती है जब वह अपने चारों ओर की वायु, जल और अन्य पदार्थों से क्रिया न करे। क्रियाशीलता श्रेणी में सबसे नीचे की धातुएँ, अर्थात सोना, प्लैटिनम और चाँदी, उत्कृष्ट धातु कहलाती हैं और मूल अवस्था में पाई जाती हैं; इनसे ऊपर की धातुएँ ऑक्साइड, सल्फाइड या कार्बोनेट के रूप में मिलती हैं और उन्हें अयस्क से निकालना पड़ता है। इसी कारण नदी की रेत में सोने की डलियाँ मिल जाती हैं, जबकि एल्युमिनियम को बॉक्साइट से विद्युत अपघटन द्वारा प्राप्त करना पड़ता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि ताँबा मुख्यतः कॉपर पाइराइट जैसे अयस्कों से निकाला जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि लोहा सदैव हेमेटाइट या मैग्नेटाइट जैसे ऑक्साइड रूप में मिलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि पोटैशियम इतना क्रियाशील है कि जल के संपर्क में जल उठता है और मुक्त अवस्था में कभी नहीं मिलता।

परीक्षा टिप: सोना, प्लैटिनम और चाँदी मूल अवस्था में मिलते हैं; जितनी अधिक क्रियाशीलता, उतनी मजबूती से धातु अयस्क में बँधी रहती है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 3कठिन

प्लास्टिड और उसमें संग्रहित पदार्थ का निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही नहीं है?

I. एमाइलोप्लास्ट – तेल और वसा

II. एल्यूरोप्लास्ट – कार्बोहाइड्रेट

  1. A.केवल I
  2. B.I और II दोनों
  3. C.न तो I और न ही II
  4. D.केवल II
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. I और II दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है B, I और II दोनों। दोनों युग्म गलत हैं। एमाइलोप्लास्ट स्टार्च (एक कार्बोहाइड्रेट) जमा करते हैं और एल्यूरोप्लास्ट प्रोटीन; तेल और वसा इलायोप्लास्ट में जमा होते हैं। प्लास्टिड केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाने वाले कोशिकांग हैं। क्लोरोप्लास्ट में क्लोरोफिल होता है और वे प्रकाश संश्लेषण करते हैं, क्रोमोप्लास्ट में फूलों और फलों के पीले, नारंगी और लाल रंग होते हैं, और ल्यूकोप्लास्ट रंगहीन भंडारण प्लास्टिड हैं। ल्यूकोप्लास्ट के नाम उनके भंडार से बने हैं: एमाइलोप्लास्ट में स्टार्च (एमाइलम), जैसे आलू के कंद में; इलायोप्लास्ट में तेल (इलायोन यानी तेल), जैसे अरंडी के बीज में; एल्यूरोप्लास्ट में प्रोटीन (एल्यूरोन), जैसे गेहूँ के दाने की बाहरी परत में। A गलत है क्योंकि यह युग्म II को सही मानता है, जो एल्यूरोप्लास्ट को प्रोटीन की जगह कार्बोहाइड्रेट से जोड़ता है। C गलत है क्योंकि यह दोनों युग्मों को सही मानता है। D गलत है क्योंकि यह युग्म I को सही मानता है, जो एमाइलोप्लास्ट को स्टार्च की जगह वसा से जोड़ता है। परीक्षा टिप: एमाइलो = स्टार्च, इलायो = तेल, एल्यूरो = प्रोटीन; तीनों ल्यूकोप्लास्ट हैं।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 17 Aug 2018, Shift 1आसान

फूल में प्रजनन के लिए आवश्यक अंग हैं:

  1. A.बाह्यदल और पुंकेसर
  2. B.पुंकेसर और स्त्रीकेसर
  3. C.बाह्यदल और पंखुड़ी
  4. D.पंखुड़ी और स्त्रीकेसर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पुंकेसर और स्त्रीकेसर

व्याख्या

सही उत्तर है B, पुंकेसर और स्त्रीकेसर। पुंकेसर और स्त्रीकेसर ही नर और मादा युग्मक बनाते हैं, इसलिए ये फूल के आवश्यक या जननांग कहलाते हैं। पुंकेसर नर भाग है, जिसमें परागकोश परागकण बनाता है और तंतु उसे सहारा देता है। स्त्रीकेसर, जिसे अंडप भी कहते हैं, मादा भाग है और इसके तीन हिस्से होते हैं: वर्तिकाग्र, जो परागकण ग्रहण करता है, वर्तिका और अंडाशय, जिसमें बीजांड रहते हैं। परागण और निषेचन के बाद अंडाशय फल में और बीजांड बीज में बदल जाते हैं। बाह्यदल और पंखुड़ियाँ सहायक अंग कहलाते हैं, क्योंकि ये केवल कली की रक्षा करते हैं और परागण के लिए कीटों को आकर्षित करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि बाह्यदल केवल हरा पत्ती जैसा रक्षक भाग है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बाह्यदल और पंखुड़ी युग्मक बनाने में कोई भूमिका नहीं निभाते। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दी गई पंखुड़ी सहायक अंग है। परीक्षा टिप: पुंकेसर और स्त्रीकेसर आवश्यक अंग, बाह्यदल और पंखुड़ी सहायक अंग।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

निःश्वसन के दौरान फेफड़ों से वायु तब निकलेगी, जब फेफड़ों के भीतर का दबाव

  1. A.वायुमंडलीय दबाव के बराबर हो
  2. B.वायुमंडलीय दबाव से कम हो
  3. C.वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो
  4. D.डायाफ्राम का संकुचन हो
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो

व्याख्या

सही उत्तर है C, वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो। हवा हमेशा अधिक दबाव वाली जगह से कम दबाव वाली जगह की ओर बहती है, इसलिए वह फेफड़ों से तभी बाहर निकलती है, जब भीतर का दबाव बाहर की हवा के दबाव से अधिक हो जाए। निःश्वसन के समय डायाफ्राम शिथिल होकर ऊपर की ओर गुंबद जैसा हो जाता है, और पसलियों की पेशियाँ ढीली पड़ने से पसलियाँ नीचे व अंदर आती हैं। इससे वक्ष गुहा का आयतन घटता है, फेफड़ों में दबाव बढ़ता है और हवा बाहर धकेल दी जाती है। अंतःश्वसन में इसका उल्टा होता है: डायाफ्राम सिकुड़कर चपटा होता है, वक्ष गुहा बड़ी होती है, फेफड़ों का दबाव वायुमंडलीय दबाव से कम हो जाता है और हवा अंदर आती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दबाव बराबर होने पर हवा नहीं चलती; ऐसा दो साँसों के बीच पल भर के लिए होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि फेफड़ों में कम दबाव होने पर हवा अंदर आती है, जो अंतःश्वसन है। विकल्प D गलत है, क्योंकि डायाफ्राम के संकुचन से अंतःश्वसन होता है, निःश्वसन नहीं। परीक्षा टिप: अंतःश्वसन में डायाफ्राम सिकुड़ता है और दबाव घटता है; निःश्वसन में डायाफ्राम शिथिल होता है और दबाव बढ़ता है।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 2आसान

12°C पर जल की भौतिक अवस्था क्या होती है?

  1. A.द्रव
  2. B.आयनिक
  3. C.गैस
  4. D.ठोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. द्रव

व्याख्या

सही उत्तर है A, द्रव। सामान्य वायुमंडलीय दाब पर जल 0 °C से 100 °C के बीच द्रव अवस्था में रहता है और 12 °C इसी परास में आता है। एक वायुमंडलीय दाब पर जल 0 °C पर जमकर बर्फ़ बनता है, जो इसका गलनांक है, और 100 °C पर उबलकर भाप बनता है, जो इसका क्वथनांक है। इन दोनों स्थिर बिंदुओं के बीच अणुओं में इतनी ऊर्जा होती है कि वे एक-दूसरे पर फिसल सकें, पर इतनी नहीं कि अलग होकर उड़ जाएँ; इसीलिए जल बहता है और बर्तन का आकार ले लेता है, जबकि उसका आयतन निश्चित रहता है। 12 °C पर खुली सतह से जल धीरे-धीरे वाष्पित होता है, पर यह केवल ऊपरी परत से होता है और नीचे के जल की अवस्था नहीं बदलती। विकल्प B गलत है, क्योंकि आयनिक पदार्थ की कोई अवस्था नहीं, बल्कि बंध का प्रकार है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जल 100 °C से ऊपर ही गैस बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जल 0 °C या उससे नीचे ही ठोस बनता है। परीक्षा टिप: जल के दो स्थिर बिंदु 0 °C और 100 °C याद रखें।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

यदि कोई सिलिकॉन डायोड 12 V आपूर्ति और 240 Ω प्रतिरोधक वाले परिपथ में अग्र अभिनति (फॉरवर्ड बायस) में कार्य कर रहा है, तो डायोड के सिरों पर वोल्टता पात कितना होगा?

  1. A.1.5 V
  2. B.6 V
  3. C.12 V
  4. D.0.7 V
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 0.7 V

व्याख्या

सही उत्तर है D, 0.7 V। अग्र अभिनति में सिलिकॉन डायोड के सिरों पर लगभग 0.7 वोल्ट का पात होता है, चाहे आपूर्ति वोल्टता कितनी भी हो। यह मान सिलिकॉन p-n संधि की अवरोध या नी वोल्टता कहलाता है। लगाई गई वोल्टता जब तक लगभग 0.7 वोल्ट पार नहीं करती, तब तक धारा नहीं बहती, और उसके बाद डायोड पर पात लगभग 0.7 वोल्ट ही बना रहता है, जबकि शेष वोल्टता प्रतिरोधक पर आ जाती है। यहाँ 12 वोल्ट में से 0.7 वोल्ट घटाने पर बचे 11.3 वोल्ट 240 ओम के प्रतिरोधक पर पड़ते हैं और परिपथ की धारा तय करते हैं। जर्मेनियम डायोड की नी वोल्टता लगभग 0.3 वोल्ट होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1.5 वोल्ट शुष्क सेल की वोल्टता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि आधी आपूर्ति डायोड पर तभी आती जब वह उतने ही मान के प्रतिरोधक जैसा व्यवहार करता। विकल्प C गलत है, क्योंकि पूरी 12 वोल्ट तब दिखती है जब डायोड उत्क्रम अभिनति में हो या परिपथ खुला हो। परीक्षा टिप: सिलिकॉन 0.7 वोल्ट, जर्मेनियम 0.3 वोल्ट।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किनके संयोग से सोल्डर बनता है?

  1. A.सीसा और ताँबा
  2. B.टिन और लोहा
  3. C.सीसा और लोहा
  4. D.सीसा और टिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सीसा और टिन

व्याख्या

सही उत्तर है D, सीसा और टिन। सोल्डर सीसा और टिन का मिश्रधातु है, जिसमें दोनों की मात्रा लगभग बराबर होती है।

मिश्रधातु किसी धातु के साथ एक या अधिक तत्वों का मिश्रण है, जिसे ऐसा गुण पाने के लिए बनाया जाता है जो शुद्ध धातु में नहीं होता। सोल्डर का महत्व इसलिए है कि यह मिश्रण सीसा या टिन दोनों से बहुत कम ताप पर पिघल जाता है, इसलिए यह सरलता से बहकर तारों और विद्युत जोड़ों को जोड़ने में काम आता है। परीक्षा में पूछी जाने वाली अन्य मिश्रधातुएँ हैं पीतल, जो ताँबा और जस्ता से बनता है, काँसा जो ताँबा और टिन से, स्टेनलेस स्टील जो लोहा, क्रोमियम और निकल से तथा जर्मन सिल्वर जो ताँबा, जस्ता और निकल से बनता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि सीसा और ताँबा का मिश्रण सोल्डर नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि टिन और लोहे से टिन की परत चढ़ाई जाती है, जिससे डिब्बे बनते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सीसा और लोहा सोल्डर के रूप में प्रयुक्त नहीं होते।

परीक्षा टिप: सोल्डर = सीसा और टिन, कम गलनांक; पीतल = ताँबा और जस्ता, काँसा = ताँबा और टिन।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस पादप वर्ग के पौधों को शैवाल (एल्गी) कहा जाता है?

  1. A.आवृतबीजी
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.ब्रायोफाइटा
  4. D.थैलोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है D, थैलोफाइटा। शैवाल थैलोफाइटा वर्ग में आते हैं, जो पादप जगत का सबसे सरल समूह है। इनका शरीर थैलस कहलाता है, अर्थात वह जड़, तना और पत्ती में विभाजित नहीं होता, और इनमें संवहन ऊतक भी नहीं होते। अधिकांश शैवाल जल में रहते हैं, प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन बनाते हैं और बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं; स्पाइरोगायरा, यूलोथ्रिक्स, कारा और वॉल्वॉक्स इसके सामान्य उदाहरण हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आवृतबीजी पुष्पीय पौधे हैं, जिनके बीज फल के भीतर बंद रहते हैं और जो सबसे विकसित समूह हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा, जैसे फर्न, पहले ऐसे पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक होते हैं, यद्यपि इनमें बीज नहीं बनते। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रायोफाइटा, जैसे मॉस और मार्केंशिया, पादप जगत के उभयचर कहलाते हैं और थैलोफाइटा से एक पायदान ऊपर हैं। परीक्षा टिप: क्रम है - थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, अनावृतबीजी और आवृतबीजी।

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