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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान क्विज: जंतु जगत: अकशेरुकी और कशेरुकी

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान के अंतर्गत "जंतु जगत: अकशेरुकी और कशेरुकी" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

जातियों की संख्या के आधार पर जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ कौन है?

  1. A.मोलस्का
  2. B.आर्थ्रोपोडा
  3. C.कॉर्डेटा
  4. D.एनेलिडा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आर्थ्रोपोडा

व्याख्या

सही उत्तर B, आर्थ्रोपोडा है। वर्णित जंतु जातियों में तीन-चौथाई से अधिक आर्थ्रोपोड हैं, अर्थात कीट, मकड़ियां, बिच्छू, कनखजूरे, केकड़े तथा झींगे। काइटिन का कठोर बाह्यकंकाल, संधियुक्त उपांग, छोटा शरीर और कीटों में उड़ने की शक्ति ने इस समूह को पृथ्वी के लगभग प्रत्येक आवास में फैला दिया।

विकल्प A, मोलस्का दूसरा सबसे बड़ा संघ है, जिसमें घोंघे, सीपियां, स्क्विड तथा ऑक्टोपस आते हैं, और यहां यही सामान्य गलत उत्तर है। विकल्प C, कॉर्डेटा में सभी कशेरुकी आते हैं और परिचित जंतु इसी के होने के कारण वह बड़ा लगता है, पर इसमें जातियां आर्थ्रोपोडा तथा मोलस्का दोनों से बहुत कम हैं। विकल्प D, एनेलिडा केंचुए, जोंक तथा समुद्री कृमियों का बहुत छोटा संघ है। क्रम याद रखें: आर्थ्रोपोडा, मोलस्का, फिर कॉर्डेटा। यह भी ध्यान रखें कि आर्थ्रोपोडा में खुला परिसंचरण तंत्र तथा संयुक्त नेत्र होते हैं, और कीट ही एकमात्र उड़ने वाले अकशेरुकी हैं।

Q2.सामान्य विज्ञानमध्यम

जंतु जगत का कौन संघ पूर्णतः समुद्री है, जिसका कोई सदस्य मीठे जल या थल पर नहीं रहता?

  1. A.एनेलिडा
  2. B.मोलस्का
  3. C.इकाइनोडर्मेटा
  4. D.प्लेटीहेल्मिंथीज
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. इकाइनोडर्मेटा

व्याख्या

सही उत्तर C, इकाइनोडर्मेटा है। तारा मछली, समुद्री अर्चिन, समुद्री खीरा, भंगुर तारा तथा समुद्री लिली केवल समुद्र में मिलते हैं, और उनका जल संवहन तंत्र, जो समुद्री जल भरकर कार्य करता है, एक कारण है कि वे मीठे जल या थल पर नहीं बस सके। टीनोफोरा संघ, अर्थात कंघी जेली भी पूर्णतः समुद्री है।

विकल्प A, एनेलिडा में थल का केंचुआ तथा मीठे जल की जोंक भी है, नेरीस जैसे समुद्री कृमियों के अतिरिक्त। विकल्प B, मोलस्का में थल का घोंघा, मीठे जल का पाइला तथा समुद्री स्क्विड और ऑक्टोपस हैं। विकल्प D, प्लेटीहेल्मिंथीज में मीठे जल का प्लेनेरिया तथा थलीय जंतुओं के भीतर रहने वाले परजीवी, जैसे फीताकृमि आते हैं। केवल इकाइनोडर्म और कंघी जेली समुद्र तक सीमित हैं। इस संघ का एक और लक्षण यह है कि उसके सदस्य वयस्क अवस्था में अरीय पर लार्वा अवस्था में द्विपार्श्व सममित होते हैं।

Q3.सामान्य विज्ञानकठिन

उत्सर्जन तथा परिसरणीय नियमन करने वाली ज्वाला कोशिकाएं किस समूह के जंतुओं में पाई जाती हैं?

  1. A.चपटे कृमि
  2. B.गोल कृमि
  3. C.केंचुए
  4. D.कीट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चपटे कृमि

व्याख्या

सही उत्तर A, चपटे कृमि, अर्थात संघ प्लेटीहेल्मिंथीज है। ज्वाला कोशिकाएं, जिन्हें सोलेनोसाइट भी कहते हैं, वे विशिष्ट कोशिकाएं हैं जिनमें स्पंदनशील पक्ष्माभों का गुच्छ होता है, जो अपशिष्ट द्रव को नलिकाओं के तंत्र में धकेलता है, और वे प्लेनेरिया, टीनिया तथा फैसिओला जैसे जंतुओं में नाइट्रोजनी अपशिष्ट निकालने और जल संतुलन, दोनों का कार्य करती हैं।

विकल्प B, एस्कहेल्मिंथीज के गोल कृमि साधारण उत्सर्जी छिद्र तथा रेनेट कोशिकाओं से उत्सर्जन करते हैं, ज्वाला कोशिकाओं से नहीं। विकल्प C, केंचुए तथा अन्य एनेलिड लगभग प्रत्येक खंड में बनी वृक्कक नलिकाओं से उत्सर्जन करते हैं। विकल्प D, कीट आहार नाल में खुलने वाली मैलपीगी नलिकाओं से उत्सर्जन करते हैं, जिससे उनका जल बहुत कम नष्ट होता है। उत्सर्जी रचना को संघ से मिलाना मानक प्रश्न है।

Q4.सामान्य विज्ञानमध्यम

किस संघ में शरीर का संगठन कोशिकीय स्तर का होता है और ऊतक नहीं बनते?

  1. A.सीलेंटरेटा
  2. B.पोरिफेरा
  3. C.टीनोफोरा
  4. D.प्लेटीहेल्मिंथीज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पोरिफेरा

व्याख्या

सही उत्तर B, पोरिफेरा है। स्पंजों में कोशिकाएं ढीले ढंग से व्यवस्थित होती हैं और बहुत कुछ स्वतंत्र रूप से कार्य करती हैं, जहां कॉलर कोशिकाएं नाल तंत्र से जल बहाती हैं और अन्य कोशिकाएं भोजन कणों का पाचन करती हैं, इसलिए शरीर कभी वास्तविक ऊतक के स्तर तक नहीं पहुंचता। कंकाल कंटिकाओं अथवा स्पंजिन तंतुओं का होता है।

विकल्प A, सीलेंटरेटा ऊतक स्तर तक पहुंच चुका है, जहां दंश कोशिकाएं तथा संकुचनशील कोशिकाएं मिलकर कार्य करती हैं। विकल्प C, टीनोफोरा में भी ऊतक स्तर है, जिसकी कंघी पट्टियों की आठ पंक्तियां क्रम से स्पंदन करती हैं। विकल्प D, प्लेटीहेल्मिंथीज और आगे बढ़कर अंग स्तर पर है, जिसमें निश्चित जनन तथा उत्सर्जी अंग होते हैं। सीढ़ी याद रखें: कोशिकीय, ऊतक, अंग और अंग-तंत्र, इसी क्रम में संघ आते हैं, और इन चारों में स्पंज ही ऐसा है जिसका शरीर सामान्यतः असममित होता है।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

रक्षा तथा शिकार पकड़ने के लिए प्रयुक्त दंश कोशिकाएं, अर्थात निडोब्लास्ट किस संघ का लक्षण हैं?

  1. A.सीलेंटरेटा
  2. B.इकाइनोडर्मेटा
  3. C.मोलस्का
  4. D.पोरिफेरा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सीलेंटरेटा

व्याख्या

सही उत्तर A, सीलेंटरेटा है, जिसे निडारिया भी कहते हैं, और संघ का नाम इन्हीं कोशिकाओं से बना है। प्रत्येक निडोब्लास्ट में निमेटोसिस्ट नाम का कैप्सूल होता है, जिसमें लिपटा धागा स्पर्श होने पर बाहर निकलकर विष छोड़ता है, और यह हाइड्रा, समुद्री एनीमोन, जेलीफिश तथा प्रवालों में मिलता है।

विकल्प B, इकाइनोडर्मेटा कांटों तथा चिमटी जैसी रचनाओं से रक्षा करता है, दंश कोशिकाओं से नहीं। विकल्प C, मोलस्का में कवच और रेतने वाली रेडुला होती है, तथा शंकु घोंघों में विषैला दंश, पर निडोब्लास्ट नहीं। विकल्प D, पोरिफेरा में कंटिकाएं होती हैं, जो शरीर को खुरदरा और खाने में अप्रिय बनाती हैं। निडोब्लास्ट की उपस्थिति, अरीय सममिति तथा द्विकोरकी शरीर सीलेंटरेट के तीन लक्षण हैं, और इस संघ में दो शरीर रूप भी मिलते हैं, स्थिर पॉलिप तथा मुक्त तैरता मेड्यूसा।

Q6.सामान्य विज्ञानमध्यम

किस जंतु को सामान्यतः शैतान मछली कहा जाता है, जबकि वह मछली ही नहीं है?

  1. A.तारा मछली
  2. B.ऑक्टोपस
  3. C.समुद्री घोड़ा
  4. D.उड़न मछली
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ऑक्टोपस

व्याख्या

सही उत्तर B, ऑक्टोपस है। वह संघ मोलस्का तथा वर्ग सेफैलोपोडा का है, इसलिए वह किसी मछली का नहीं, बल्कि स्क्विड और कटलफिश का संबंधी है, और शैतान मछली नाम उसकी आकृति तथा चूषकों वाली आठ भुजाओं से पड़ा।

विकल्प A, तारा मछली इकाइनोडर्म है, वह भी मछली नहीं, पर उसे शैतान मछली के स्थान पर समुद्री तारा कहा जाता है। विकल्प C, समुद्री घोड़ा अर्थात हिप्पोकैंपस वर्ग ऑस्टिक्थीज की वास्तविक अस्थिल मछली है, जो इसलिए उल्लेखनीय है कि उसका नर अंडों को थैली में रखता है। विकल्प D, उड़न मछली अर्थात एक्सोसीटस भी सच्ची अस्थिल मछली है, जो बड़े अंस पखों पर जल के ऊपर सरकती है। ऐसे प्रश्न यह जांचते हैं कि परीक्षार्थी प्रचलित नामों को वास्तविक वर्गीकरण से अलग रख पाता है या नहीं।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

कीटों में उत्सर्जन किन रचनाओं द्वारा होता है?

  1. A.वृक्कक
  2. B.मैलपीगी नलिकाएं
  3. C.ज्वाला कोशिकाएं
  4. D.हरित ग्रंथियां
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मैलपीगी नलिकाएं

व्याख्या

सही उत्तर B, मैलपीगी नलिकाएं है। ये पतली बंद नलिकाएं कीट के देह द्रव में तैरती हैं और आहार नाल में खुलती हैं, जहां वे नाइट्रोजनी अपशिष्ट लेकर उसे लगभग शुष्क यूरिक अम्ल के रूप में बाहर कर देती हैं, जिससे जल बहुत कम नष्ट होता है। इसी कारण कीट शुष्क आवासों में भी जीवित रहते हैं।

विकल्प A, वृक्कक केंचुए जैसे एनेलिड के उत्सर्जी अंग हैं। विकल्प C, ज्वाला कोशिकाएं चपटे कृमियों की हैं। विकल्प D, हरित ग्रंथियां, जिन्हें एंटेनरी ग्रंथियां भी कहते हैं, झींगे जैसे क्रस्टेशियनों के उत्सर्जी अंग हैं, अर्थात वे कीटों के ही संघ की पर भिन्न वर्ग की हैं, इसी कारण वही सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। इस प्रकार आर्थ्रोपोडा एक से अधिक उत्सर्जी योजनाओं वाला संघ है, इसलिए प्रश्न में वर्ग देखकर ही उत्तर चुनना चाहिए, केवल संघ देखकर नहीं।

Q8.सामान्य विज्ञानमध्यम

शार्क जैसी उपास्थिल मछलियों को लगातार तैरते रहना पड़ता है, क्योंकि उनमें नहीं होता

  1. A.क्लोम
  2. B.वायु कोष
  3. C.कशेरुक दंड
  4. D.द्विकक्षीय हृदय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वायु कोष

व्याख्या

सही उत्तर B, वायु कोष है। वर्ग ऑस्टिक्थीज की अस्थिल मछलियां गैस भरे वायु कोष को भरकर या खाली करके बिना प्रयास किसी भी गहराई पर टिकी रहती हैं। वर्ग कॉन्ड्रिक्थीज की शार्क में ऐसा कोई कोष नहीं होता, और उसका शरीर समुद्री जल से घना होने के कारण रुकने पर डूबने लगता है, इसलिए वह चलती रहती है तथा कड़े अंस पखों से मिलने वाले उत्थापन और बड़े तैलीय यकृत की उत्प्लावकता का सहारा लेती है।

विकल्प A गलत है, क्योंकि शार्क में क्लोम होते हैं, जो पांच से सात जोड़ी क्लोम छिद्रों के रूप में बिना ढक्कन के खुलते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि शार्क में उपास्थि की कशेरुक दंड होती है और वह वास्तविक कशेरुकी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उपास्थिल तथा अस्थिल, सभी मछलियों में एक आलिंद और एक निलय वाला द्विकक्षीय हृदय होता है, जो सामान्य है, कोई कमी नहीं।

Q9.सामान्य विज्ञानमध्यम

किस सरीसृप का हृदय चार कक्षों वाला होता है?

  1. A.कछुआ
  2. B.मगर
  3. C.नाग
  4. D.गिरगिट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मगर

व्याख्या

सही उत्तर B, मगर है। सरीसृपों में सामान्यतः त्रिकक्षीय हृदय होता है, जिसमें दो आलिंद और आंशिक रूप से बंटा एक निलय होता है, जिससे ऑक्सीजनित तथा विऑक्सीजनित रक्त कुछ मात्रा में मिल जाते हैं। मगर तथा एलिगेटर में निलय पूर्णतः बंटा होता है, जिससे पक्षियों और स्तनधारियों जैसा चतुष्कक्षीय हृदय बनता है, और यह उस जंतु के अनुकूल है जो जल में डूबे रहकर श्वास रोकता है।

विकल्प A, कछुआ, विकल्प C, नाग तथा विकल्प D, गिरगिट, सभी में सरीसृपों का सामान्य त्रिकक्षीय हृदय होता है। मगर का अपवाद इस अध्याय के सर्वाधिक पूछे जाने वाले तथ्यों में है, और कथन आधारित प्रश्नों में उसे अन्य अपवादों के साथ रखा जाता है, अर्थात प्लैटिपस स्तनधारी होकर भी अंडे देता है और व्हेल समुद्र में रहकर भी स्तनधारी है।

Q10.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से कौन अंडे देने वाला स्तनधारी है?

  1. A.कंगारू
  2. B.प्लैटिपस
  3. C.चमगादड़
  4. D.व्हेल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्लैटिपस

व्याख्या

सही उत्तर B, प्लैटिपस, अर्थात ऑस्ट्रेलिया का ऑर्निथोरिंकस है। वह मोनोट्रीम समूह का है, जो एकमात्र अंडे देने वाले स्तनधारी हैं, और दूसरा सदस्य कंटीली चींटीखोर एकिडना है। शिशु अंडों से निकलते हैं और फिर माता की दुग्ध ग्रंथियों का दूध पीते हैं, इसी कारण यह जंतु फिर भी स्तनधारी है।

विकल्प A, कंगारू अर्थात मैक्रोपस शिशुधानी वाला जंतु है: उसका शिशु बहुत छोटा जन्म लेता है और थैली में वृद्धि पूरी करता है, पर वह जन्म लेता है, अंडे से नहीं निकलता। विकल्प C, टेरोपस आदि चमगादड़ सजीवप्रजक हैं और वही एकमात्र स्तनधारी हैं जो वास्तव में उड़ सकते हैं। विकल्प D, व्हेल भी सजीवप्रजक है और जल के भीतर अपने बच्चे को दूध पिलाती है; वह स्तनधारी है, मछली नहीं। केवल मोनोट्रीम ही शिशु जनने के नियम को तोड़ते हैं।

Q11.सामान्य विज्ञानकठिन

कॉर्डेटा के किस उपसंघ में नोटोकॉर्ड जीवन भर पूरे शरीर की लंबाई में बना रहता है?

  1. A.यूरोकॉर्डेटा
  2. B.सेफैलोकॉर्डेटा
  3. C.वर्टिब्रेटा
  4. D.हेमीकॉर्डेटा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सेफैलोकॉर्डेटा

व्याख्या

सही उत्तर B, सेफैलोकॉर्डेटा है। ब्रैंकिओस्टोमा जैसे जंतुओं में, जिन्हें एंफीऑक्सस अथवा लैंसलेट भी कहा जाता है, नोटोकॉर्ड सिर से पूंछ तक फैला रहता है और जीवन भर बना रहता है, इसी कारण इस समूह को कॉर्डेट की मूल योजना का सबसे स्पष्ट जीवित चित्र माना जाता है।

विकल्प A, यूरोकॉर्डेटा में एसिडिया, साल्पा तथा डोलिओलम आते हैं, जिनमें नोटोकॉर्ड केवल मुक्त तैरते लार्वा की पूंछ में होता है और स्थिर होने पर लुप्त हो जाता है, जिसे प्रतिगामी कायांतरण कहते हैं। विकल्प C, वर्टिब्रेटा में परिवर्धन के समय नोटोकॉर्ड का स्थान उपास्थि या अस्थि की कशेरुक दंड ले लेती है। विकल्प D, हेमीकॉर्डेटा अब अकॉर्डेट का अलग संघ माना जाता है, जिसमें कॉलर क्षेत्र में केवल छोटी रचना होती है, वास्तविक नोटोकॉर्ड नहीं, और उसका उदाहरण बैलेनोग्लॉसस है।

Q12.सामान्य विज्ञानमध्यम

रक्त का थक्का बनने से रोकने वाला पदार्थ हिरुडिन किस जंतु से प्राप्त होता है?

  1. A.जोंक
  2. B.केंचुआ
  3. C.फीताकृमि
  4. D.गोल कृमि
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जोंक

व्याख्या

सही उत्तर A, जोंक, अर्थात हिरुडिनेरिया है, जो दूसरे जंतुओं का रक्त पीने वाला एनेलिड है। उसकी लार ग्रंथियां हिरुडिन स्रावित करती हैं, जो प्रतिस्कंदक है और जोंक के भोजन करते समय परपोषी का रक्त बहता रखता है, और इसी गुण ने जोंक को पुरानी चिकित्सा पद्धति का अंग तथा रक्त पतला करने वाली आधुनिक खोज का विषय बनाया।

विकल्प B, केंचुआ अर्थात फेरेटिमा मिट्टी के सड़े कार्बनिक पदार्थ खाता है और ऐसा कोई पदार्थ नहीं स्रावित करता; उसकी सेवा मिट्टी की उपजाऊ शक्ति है, इसी कारण डार्विन ने केंचुओं को किसान का मित्र कहा। विकल्प C, फीताकृमि अर्थात टीनिया चपटा कृमि है, जो परपोषी की आंत में पचे भोजन को देह भित्ति से सोखता है। विकल्प D, गोल कृमि अर्थात एस्केरिस भी आंत का परजीवी है। केवल जोंक रक्त पीने वाला और प्रतिस्कंदक वाला जंतु है।

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