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GK क्विजपर्यावरण और पारिस्थितिकी

पर्यावरण और पारिस्थितिकी क्विज: जल संरक्षण और पारंपरिक वर्षा जल संचयन

  • 11 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

पर्यावरण और पारिस्थितिकी के अंतर्गत "जल संरक्षण और पारंपरिक वर्षा जल संचयन" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 1 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB JE Mechanical (Degree) held on 13आसान

राजस्थान में टांका और खड़ीन किस प्रकार के हैं?

  1. A.पारंपरिक जल संरक्षण तकनीकों के
  2. B.पारंपरिक युद्ध कौशल के
  3. C.पारंपरिक लोक नृत्यों के
  4. D.पारंपरिक कृषि पद्धति के
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पारंपरिक जल संरक्षण तकनीकों के

व्याख्या

सही उत्तर A, पारंपरिक जल संरक्षण तकनीकों के है। टांका पश्चिमी राजस्थान में आंगन के नीचे या घर के भीतर बना ढका हुआ भूमिगत टैंक है, जिसमें पक्के आंगन या छत पर गिरी वर्षा छननी से होकर जमा होती है और सूखे महीनों में पेयजल का काम देती है। खड़ीन पंद्रहवीं शताब्दी में जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा विकसित पद्धति है, जिसमें पथरीले जलग्रहण ढाल के निचले भाग में लंबा मिट्टी का बांध बनाया जाता है; बहाव का पानी उसके पीछे रुकता है, मिट्टी को भिगोता है और पानी उतरने के बाद नम भूमि पर फसल ली जाती है। इस प्रकार दोनों मरुस्थल की पारंपरिक जल संचयन संरचनाओं के परिवार में आते हैं, जिसमें कुंड, जोहड़ और बावड़ी भी शामिल हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि इन शब्दों का युद्ध से कोई संबंध नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि राजस्थान के लोक नृत्य घूमर, कालबेलिया, तेरह ताली और चरी हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि खड़ीन से खेती होती है, फिर भी संरचना स्वयं जल संचयन कार्य है और टांका का कृषि से कोई अर्थ नहीं है।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

वर्षा जल संचयन की जाबो पद्धति किस राज्य में प्रचलित है?

  1. A.मेघालय
  2. B.नागालैंड
  3. C.मिजोरम
  4. D.मणिपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नागालैंड

व्याख्या

सही उत्तर B, नागालैंड है। जाबो शब्द का अर्थ ही बहाव को रोकना है और यह पद्धति नागालैंड के फेक जिले के किक्रुमा गांव के आसपास प्रचलित है। पहाड़ी की चोटी पर सुरक्षित वन क्षेत्र में गिरी वर्षा बीच की सीढ़ी पर बने तालाबों में रोकी जाती है, वहां से पशुबाड़ों से होकर बहती है जहां उसमें गोबर के पोषक तत्व मिल जाते हैं, और अंत में नीचे के धान के खेतों तक पहुंचती है जिनमें मछली भी पाली जाती है। इस प्रकार वन, जल, पशुधन और फसल एक जुड़ी हुई व्यवस्था के रूप में संभाले जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि मेघालय की पहचान बांस टपक सिंचाई से है, जिसमें चीरे हुए बांस की नलियों से झरने का पानी खासी और जयंतिया पहाड़ियों में पान की बेल तथा काली मिर्च तक बूंद-बूंद पहुंचाया जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि मिजोरम बांस के वनों और झूम खेती के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि मणिपुर इस अध्याय में लोकटक झील और तैरते फुमदी के लिए जाना जाता है।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

बांस टपक सिंचाई, जिसमें चीरे हुए बांस की नलियों से झरने का पानी खेतों तक पहुंचाया जाता है, किस राज्य की पारंपरिक पद्धति है?

  1. A.मेघालय
  2. B.केरल
  3. C.लद्दाख
  4. D.बिहार
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मेघालय

व्याख्या

सही उत्तर A, मेघालय है। खासी और जयंतिया पहाड़ियों में ढाल पर मौजूद झरने और नाले का पानी बांस की चीरी हुई नलियों, नालियों और मोड़ने वाली लकड़ियों के जाल से नीचे उतारा जाता है, और अंत में पान की बेल या काली मिर्च के पौधे की जड़ पर बूंद-बूंद छोड़ा जाता है। इस व्यवस्था में सीमेंट, पंप और बिजली की कोई आवश्यकता नहीं होती, और यह संसार की सबसे पुरानी सूक्ष्म सिंचाई विधियों में गिनी जाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि इस अध्याय में केरल की पहचान सुरंगम से है, जो लैटेराइट पहाड़ी में क्षैतिज सुरंग खोदकर रिसाव का पानी लेने की विधि है, तथा वायनाड के लकड़ी के बेलनाकार पनम केनी कुएं से है। विकल्प C गलत है क्योंकि लद्दाख जिंग से जुड़ा है, जो हिमनद के पिघले जल को रोकने वाला छोटा टैंक है। विकल्प D गलत है क्योंकि दक्षिण बिहार आहर-पईन प्रणाली का क्षेत्र है।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

दक्षिण बिहार की पारंपरिक आहर-पईन प्रणाली में पईन क्या है?

  1. A.बहाव का पानी रोकने वाला बंधा जलाशय
  2. B.नदी से पानी लाने वाली मोड़ नहर
  3. C.ढका हुआ भूमिगत पेयजल टैंक
  4. D.जलस्तर तक उतरने वाला सीढ़ीदार कुआं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नदी से पानी लाने वाली मोड़ नहर

व्याख्या

सही उत्तर B, नदी से पानी लाने वाली मोड़ नहर है। प्राचीन मगध यानी दक्षिण बिहार में भूमि का ढाल मंद है और मिट्टी पानी कम रोकती है, इसलिए किसानों ने फल्गु, सकरी और मोरहर जैसी नदियों के बहाव से लंबी नहरें, अर्थात पईन, निकालकर पानी खेतों तक पहुंचाया। विकल्प A गलत है क्योंकि पईन के सिरे पर बना तीन ओर से बंधा जलाशय आहर कहलाता है, जिसका चौथा किनारा भूमि का प्राकृतिक ढाल होता है; आहर और पईन को आपस में बदल देना इस प्रश्न का सामान्य जाल है। विकल्प C गलत है क्योंकि ढका हुआ भूमिगत पेयजल टैंक पश्चिमी राजस्थान का टांका है। विकल्प D गलत है क्योंकि जलस्तर तक उतरने वाला सीढ़ीदार कुआं राजस्थान और गुजरात की बावड़ी या वाव है, जिसमें पाटन की रानी की वाव सर्वाधिक प्रसिद्ध है। इसलिए आहर-पईन का जोड़ा जलाशय और नहर, दोनों को मिलाकर बनता है।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

हिमनद के पिघले जल को एकत्र करने के लिए बनाया जाने वाला छोटा टैंक जिंग किस क्षेत्र की पारंपरिक संरचना है?

  1. A.हिमाचल प्रदेश
  2. B.उत्तराखंड
  3. C.लद्दाख
  4. D.सिक्किम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लद्दाख

व्याख्या

सही उत्तर C, लद्दाख है। लद्दाख के शीत मरुस्थल में वर्षा बहुत कम होती है, इसलिए वहां काम का पानी हिमनद के पिघलने से मिलता है। मार्गदर्शी नालियां हिमनद के छोर से पिघला जल नीचे खेतों के पास बने जिंग तक लाती हैं, जहां वह दोपहर तक रोका जाता है, क्योंकि तब तक पिघलने की मात्रा सिंचाई के योग्य हो जाती है। गांव का जल अधिकारी, जिसे चुरपुन कहते हैं, यह पानी घरों में बांटता है। विकल्प A गलत है क्योंकि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा क्षेत्र की संरचना कुहल है, जो हिमनद और नाले का पानी सीढ़ीदार खेतों तक सीधे ले जाती है, टैंक में संचित नहीं करती; जिंग और कुहल को बदल देना यहां सबसे आम गलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि उत्तराखंड गूल नालियों और चाल-खाल तालाबों से जुड़ा है। विकल्प D गलत है क्योंकि सिक्किम में वर्षा बहुत अधिक होती है और वह ऐसे किसी पिघल जल टैंक से नहीं जाना जाता।

Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

रिसाव का पानी लेने के लिए पहाड़ी में खोदी गई क्षैतिज सुरंग, सुरंगम, मुख्यतः कहां मिलती है?

  1. A.केरल के कासरगोड के लैटेराइट क्षेत्र में
  2. B.कच्छ के बन्नी घास क्षेत्र में
  3. C.महाराष्ट्र के तापी बेसिन में
  4. D.राजस्थान के अलवर जिले में
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केरल के कासरगोड के लैटेराइट क्षेत्र में

व्याख्या

सही उत्तर A, केरल के कासरगोड के लैटेराइट क्षेत्र में है। सुरंगम लगभग दो मीटर ऊंची वह सुरंग है जो लैटेराइट पहाड़ी के किनारे से लगभग समतल खोदी जाती है और रिसाव वाली परत तक पहुंचती है; चट्टान से टपकता पानी सुरंग के फर्श पर बहकर बाहर बने गड्ढे में जमा होता है, इसलिए यह संरचना बिना किसी पंप के भूजल ले आती है। यही विचार पड़ोसी दक्षिण कन्नड़ क्षेत्र की थुरंगम में भी दिखता है। विकल्प B गलत है क्योंकि कच्छ के बन्नी घास क्षेत्र में विरदा मिलते हैं, जो मालधारी पशुपालकों द्वारा गड्ढे में खोदे गए छोटे कुएं हैं और खारे पानी के ऊपर की मीठे पानी की पतली परत तक पहुंचते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि तापी बेसिन में बंधारा पर आधारित फड़ प्रणाली है। विकल्प D गलत है क्योंकि अलवर जोहड़ों के लिए प्रसिद्ध है, जिन्हें राजेंद्र सिंह और तरुण भारत संघ ने पुनर्जीवित किया।

Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

जल शक्ति मंत्रालय का गठन 2019 में किन दो मंत्रालयों को मिलाकर किया गया?

  1. A.कृषि, तथा ग्रामीण विकास
  2. B.जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण, तथा पेयजल एवं स्वच्छता
  3. C.पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, तथा पृथ्वी विज्ञान
  4. D.आवासन और शहरी कार्य, तथा पंचायती राज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण, तथा पेयजल एवं स्वच्छता

व्याख्या

सही उत्तर B है। वर्ष 2019 में जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय को पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय में मिलाकर एक जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया, जिससे सिंचाई, नदी बेसिन, भूजल, पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता का काम एक ही मंत्रालय के अधीन आ जाए। यह दो विभागों से चलता है - जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग तथा पेयजल और स्वच्छता विभाग - और जल जीवन मिशन, जल शक्ति अभियान तथा अटल भूजल योजना इसके अंतर्गत चलते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि कृषि और ग्रामीण विकास अलग मंत्रालय बने हुए हैं, यद्यपि जलग्रहण क्षेत्र विकास का काम ग्रामीण विकास के अधीन होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि पर्यावरण और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालयों का विलय नहीं हुआ; वे वन, प्रदूषण और मौसम सेवाओं का काम देखते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि शहरी जलापूर्ति शहरी कार्य मंत्रालय से होती है, परंतु ऐसा कोई विलय नहीं हुआ।

Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

जल संकट वाले खंडों में समुदाय आधारित भूजल प्रबंधन की अटल भूजल योजना को किसकी सहायता प्राप्त है?

  1. A.एशियाई विकास बैंक
  2. B.विश्व बैंक
  3. C.नव विकास बैंक
  4. D.अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विश्व बैंक

व्याख्या

सही उत्तर B, विश्व बैंक है। जल शक्ति मंत्रालय के अधीन 2019 में आरंभ अटल भूजल योजना एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका एक भाग विश्व बैंक की सहायता से वित्तपोषित है। यह गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश, इन सात राज्यों के जल संकट वाले खंडों में चलती है, और इसकी विशेषता यह है कि ग्राम पंचायतें जल सुरक्षा योजनाएं बनाती हैं तथा धन उन्हें केवल निर्माण के लिए नहीं, बल्कि भूजल की स्थिति में मापे गए सुधार के प्रोत्साहन के रूप में मिलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि एशियाई विकास बैंक भारत की अनेक सिंचाई और शहरी जल परियोजनाओं को वित्त देता है, परंतु इस योजना को नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित और शंघाई में मुख्यालय वाला नव विकास बैंक इसका भागीदार नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष भुगतान संतुलन के लिए ऋण देता है, इस प्रकार की विकास योजनाओं के लिए नहीं।

Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

वर्ष 2022 में आरंभ मिशन अमृत सरोवर के अंतर्गत प्रत्येक जिले में कितने तालाबों के निर्माण या जीर्णोद्धार का लक्ष्य है?

  1. A.25
  2. B.50
  3. C.75
  4. D.100
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 75

व्याख्या

सही उत्तर C, 75 है। मिशन अमृत सरोवर 24 अप्रैल 2022 को, राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर, स्वतंत्रता के पचहत्तर वर्ष के उत्सव के अंग के रूप में आरंभ हुआ, और हर जिले में पचहत्तर तालाबों के लक्ष्य में आया 75 का अंक उसी वर्षगांठ से जुड़ा है। प्रत्येक अमृत सरोवर में लगभग दस हजार घन मीटर जल रोकने की योजना है, और यह काम ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम तथा ग्रामीण विकास के जलग्रहण संबंधी कार्यक्रमों में पहले से उपलब्ध धन के अभिसरण से किया जाता है। विकल्प A, विकल्प B और विकल्प D इसलिए गलत हैं कि घोषित संख्या यही नहीं है; पच्चीस, पचास और सौ ऐसे लक्ष्यों में सामान्य भ्रमजनक विकल्प होते हैं। 75 के अंक और स्वतंत्रता की वर्षगांठ के संबंध को याद रखना इस तथ्य को पकड़ने का सबसे सरल तरीका है।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

राष्ट्रीय जल मिशन निम्नलिखित में से किसके आठ मिशनों में से एक है?

  1. A.जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना
  2. B.राष्ट्रीय जल नीति, 2012
  3. C.नमामि गंगे कार्यक्रम
  4. D.राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना

व्याख्या

सही उत्तर A, जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना है। वर्ष 2008 में जारी इस योजना में आठ राष्ट्रीय मिशन बनाए गए, जिनमें राष्ट्रीय सौर मिशन, उन्नत ऊर्जा दक्षता मिशन, राष्ट्रीय जल मिशन, हिमालयी पारिस्थितिकी को बनाए रखने का मिशन, हरित भारत मिशन, सतत कृषि मिशन, सतत आवास मिशन और जलवायु परिवर्तन के सामरिक ज्ञान का मिशन शामिल हैं। जल मिशन का उद्देश्य समेकित जल संसाधन प्रबंधन तथा जल उपयोग दक्षता में बीस प्रतिशत की वृद्धि है। विकल्प B गलत है क्योंकि राष्ट्रीय जल नीति सिद्धांतों का कथन है, मिशनों की जनक नहीं, यद्यपि वह भी दक्षता पर बल देती है। विकल्प C गलत है क्योंकि नमामि गंगे गंगा बेसिन की नदी सफाई का कार्यक्रम है। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम गांवों को जल देता था और बाद में जल जीवन मिशन में समाहित हो गया।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

भवनों में छत के वर्षा जल संचयन को अनिवार्य करने वाला भारत का पहला राज्य कौन था?

  1. A.महाराष्ट्र
  2. B.तमिलनाडु
  3. C.गुजरात
  4. D.राजस्थान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तमिलनाडु

व्याख्या

सही उत्तर B, तमिलनाडु है। चेन्नई के आसपास भूजल स्तर में तीव्र गिरावट को देखते हुए राज्य ने 2003 में अपने भवन नियमों में संशोधन किया और भवनों में वर्षा जल संचयन संरचना आवश्यक कर दी; इसी कारण इसे ऐसा नियम बनाने वाला देश का पहला राज्य कहा जाता है। बाद में अन्य राज्यों तथा आदर्श भवन उपनियमों में भी इसी प्रकार के प्रावधान आए और अब अनेक नगर निगम भवन नक्शे की स्वीकृति को संचयन संरचना से जोड़ते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि महाराष्ट्र ने पानी पंचायत और जलयुक्त शिवार जैसे प्रयासों से जलग्रहण क्षेत्र के काम में आगे कदम बढ़ाया, परंतु इस भवन नियम में वह पहला नहीं था। विकल्प C गलत है क्योंकि इस अध्याय में गुजरात सरदार सरोवर की नहर व्यवस्था तथा बावड़ियों और विरदाओं के जीर्णोद्धार से जुड़ा है। विकल्प D गलत है क्योंकि राजस्थान टांका, कुंड और जोहड़ जैसी पारंपरिक मरुस्थलीय संरचनाओं का घर है, पहली कानूनी अनिवार्यता का नहीं।

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