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GK क्विजपर्यावरण और पारिस्थितिकी

पर्यावरण और पारिस्थितिकी मिश्रित क्विज: सेट 10

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

पर्यावरण और पारिस्थितिकी मिश्रित क्विज़ (सेट 10) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: बायोस्फीयर रिज़र्व और रामसर स्थल, भारत के पर्यावरण आंदोलन और कार्यकर्ता, प्रोजेक्ट टाइगर और प्रोजेक्ट एलीफेंट और अन्य। इनमें से 14 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Services General Studies Offमध्यम

जनवरी, 2020 में उत्तर प्रदेश में कितने और ‘रामसर स्थल’ जोड़े गए?

  1. A.3
  2. B.6
  3. C.9
  4. D.12
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 6

व्याख्या

सही उत्तर है B, 6। जनवरी 2020 में उत्तर प्रदेश की छह आर्द्रभूमियों को रामसर स्थल घोषित किया गया था: नवाबगंज, पार्वती अर्गा, समन, समसपुर, सांडी और सरसई नावर। ये सभी गंगा के मैदान में स्थित पक्षी विहार हैं, यानी उथली झीलें और दलदल, जो वर्षा में भर जाते हैं और सर्दियों में बड़ी संख्या में प्रवासी जलपक्षियों को खींचते हैं। रामसर स्थल वह आर्द्रभूमि है जिसे अंतरराष्ट्रीय महत्व की मानकर रामसर अभिसमय के तहत सूचीबद्ध किया जाता है; यह संधि 1971 में ईरान के रामसर शहर में हुई थी और 1975 में लागू हुई, भारत 1982 में इसका पक्षकार बना, और 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि तीन संख्या कम है। विकल्प C और विकल्प D गलत हैं, क्योंकि उस समय एक ही राज्य में इतने स्थल अधिसूचित नहीं हुए थे। परीक्षा टिप: रामसर अभिसमय 1971, ईरान का रामसर शहर, भारत 1982 से, आर्द्रभूमि दिवस 2 फरवरी।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Forest Service Previous Year Mainsआसान

चिपको आंदोलन किस स्थान से शुरू हुआ था?

  1. A.पटना
  2. B.त्रिशूर
  3. C.गढ़वाल हिमालय
  4. D.जम्मू
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गढ़वाल हिमालय

व्याख्या

सही उत्तर है C, गढ़वाल हिमालय। चिपको आंदोलन 1973 में गढ़वाल हिमालय के चमोली ज़िले (आज का उत्तराखंड) से शुरू हुआ, जब गाँव के लोग पेड़ों से चिपककर ठेकेदारों को उन्हें काटने से रोकने लगे। इसी से इसका नाम चिपको पड़ा। पहला विरोध मंडल गाँव में चंडी प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में हुआ, 1974 में रैणी गाँव की महिलाओं का नेतृत्व गौरा देवी ने किया, और सुंदरलाल बहुगुणा ने पहाड़ों में यह संदेश फैलाया कि जंगल की असली उपज मिट्टी, पानी और शुद्ध हवा है। इस आंदोलन के कारण 1980 में उत्तर प्रदेश के हिमालयी वनों में 1,000 मीटर से ऊपर हरे पेड़ों की कटाई पर पंद्रह साल की रोक लगी। विकल्प A गलत है, क्योंकि बिहार के पटना से इसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि त्रिशूर केरल में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जम्मू इस आंदोलन का केंद्र नहीं रहा। परीक्षा टिप: चिपको 1973 गढ़वाल, अप्पिको 1983 कर्नाटक।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत बाघ और हाथी किस अनुसूची में रखे गए हैं?

  1. A.अनुसूची 1
  2. B.अनुसूची 2
  3. C.अनुसूची 3
  4. D.अनुसूची 4
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुसूची 1

व्याख्या

सही उत्तर A, अनुसूची 1 है। इस अनुसूची में वे प्रजातियाँ आती हैं जिन्हें सर्वोच्च संरक्षण प्राप्त है, जिनका शिकार पूरे भारत में वर्जित है और जिनके लिए अधिनियम का सबसे कठोर दंड रखा गया है तथा अपराध संज्ञेय और गैर जमानती होता है। बाघ और एशियाई हाथी दोनों इसी में हैं और दोनों साइटीज के परिशिष्ट 1 में भी हैं, जिससे इनका अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक लेनदेन प्रतिबंधित है।

विकल्प B, विकल्प C और विकल्प D उन अनुसूचियों के नाम हैं जिनमें कम संरक्षण और हल्के दंड वाली प्रजातियाँ रखी जाती हैं। छात्र को अनुसूची और पशु का संबंध जोड़कर याद रखना चाहिए: बाघ, हाथी, एक सींग वाला गैंडा, हिम तेंदुआ, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और सिंहपुच्छ मकाक सभी पहली अनुसूची में आते हैं, जिससे परीक्षक सबसे अधिक प्रश्न बनाते हैं।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · 16 Sept 2018मध्यम

राजस्थान में गैर-परंपरागत स्रोतों से ऊर्जा उत्पादन के लिए भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की राज्य नोडल एजेंसी कौन है?

  1. A.राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड
  2. B.राजस्थान राज्य विद्युत मंडल
  3. C.राजस्थान अक्षय ऊर्जा फाउंडेशन
  4. D.जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड

व्याख्या

सही उत्तर है A, राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड। जयपुर में कार्यालय वाला यह निगम राजस्थान में गैर-परंपरागत स्रोतों से बिजली विकसित करने के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की राज्य नोडल एजेंसी है। यह सौर, पवन, बायोमास और लघु जल परियोजनाओं को बढ़ावा देता है तथा राज्य के सोलर पार्क विकसित करता है। थार क्षेत्र में मिलने वाली तेज और लगातार धूप तथा जैसलमेर के आसपास का पवन क्षेत्र राजस्थान को देश के प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में रखते हैं। विकल्प B, राजस्थान राज्य विद्युत मंडल, पुराना एकीकृत निगम था, जिसे सन 2000 में उत्पादन, प्रसारण और वितरण की अलग कंपनियों में बांट दिया गया, इसलिए वह नोडल एजेंसी नहीं है। विकल्प C ऐसी कोई संस्था नहीं है। विकल्प D, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, राज्य की तीन डिस्कॉम में से एक है और अपने क्षेत्र में केवल बिजली वितरित करता है। परीक्षा टिप: हर राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए मंत्रालय की एक नोडल एजेंसी होती है — राजस्थान में यही निगम।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र संरचना समझौता किस सम्मेलन में अपनाया गया था?

  1. A.स्टॉकहोम सम्मेलन, 1972
  2. B.रियो दे जनेरो का पृथ्वी सम्मेलन, 1992
  3. C.जोहानसबर्ग शिखर सम्मेलन, 2002
  4. D.कोपेनहेगन सम्मेलन, 2009
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रियो दे जनेरो का पृथ्वी सम्मेलन, 1992

व्याख्या

सही उत्तर B, 1992 का रियो दे जनेरो पृथ्वी सम्मेलन है। पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन, जिसे लोकप्रिय रूप से पृथ्वी सम्मेलन कहा जाता है, ने जैव विविधता अभिसमय तथा एजेंडा 21 के साथ यह संरचना समझौता भी दिया। इस समझौते ने ग्रीनहाउस गैसों की सांद्रता सुरक्षित स्तर पर स्थिर करने का लक्ष्य रखा और यह साझी किंतु विभेदित जिम्मेदारियों के सिद्धांत पर टिका है, जो मानता है कि संचित उत्सर्जन का अधिकांश भाग औद्योगिक देशों का है।

विकल्प A 1972 का स्टॉकहोम सम्मेलन पर्यावरण पर पहला विश्व सम्मेलन था, जिससे संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम बना। विकल्प C जोहानसबर्ग शिखर सम्मेलन ने सतत विकास की प्रगति की समीक्षा की। विकल्प D कोपेनहेगन सम्मेलन इसी समझौते के पक्षकारों की बाद की बैठक थी, अर्थात कोई नया समझौता वहाँ नहीं अपनाया गया।

Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 10 Jan 2023, Shift 1मध्यम

जीवाश्म ईंधन जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने का एक तरीका पहचानिए।

  1. A.जलने के तापमान को कम करके
  2. B.दहन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ाकर
  3. C.कार्बन अणुओं की संख्या बढ़ाकर
  4. D.गुप्त ऊष्मा घटाकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दहन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ाकर

व्याख्या

सही उत्तर है B, दहन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ाकर। जब कोयला, पेट्रोल या डीजल कम ऑक्सीजन में जलते हैं तो दहन अधूरा होता है और कार्बन मोनोऑक्साइड, कालिख और बिना जले हाइड्रोकार्बन निकलते हैं, जो वाहनों और बिजलीघरों के सबसे खतरनाक प्रदूषक हैं। कुशल और पूर्ण दहन ईंधन के ज्यादा हिस्से को कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में बदल देता है और हर लीटर या किलो से ज्यादा ऊर्जा देता है, इसलिए कम ईंधन जलाना पड़ता है। वाहनों के कैटेलिटिक कन्वर्टर, जो कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड को कम हानिकारक गैसों में बदलते हैं, और CNG जैसे स्वच्छ ईंधन इसी सिद्धांत पर काम करते हैं। A गलत है क्योंकि जलने का तापमान घटाने से दहन अधूरा होता है और धुआं व कार्बन मोनोऑक्साइड बढ़ते हैं। C गलत है क्योंकि ज्यादा कार्बन का मतलब है ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड और ज्यादा कालिख। D गलत है क्योंकि गुप्त ऊष्मा किसी पदार्थ की अवस्था बदलने, जैसे बर्फ से पानी बनने, में लगने वाली ऊष्मा है और इसका जलने से होने वाले प्रदूषण से कोई संबंध नहीं। परीक्षा टिप: पूर्ण दहन से CO2 और पानी, अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड और कालिख।

Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 5 June 2022कठिन

निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'पोलर कोड' का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  1. A.यह ध्रुवीय जल में चलने वाले जहाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संहिता है।
  2. B.यह उत्तरी ध्रुव के आसपास के देशों का ध्रुवीय क्षेत्र में अपने क्षेत्रों के सीमांकन संबंधी समझौता है।
  3. C.यह उन देशों के लिए मानकों का समूह है जिनके वैज्ञानिक उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर शोध करते हैं।
  4. D.यह आर्कटिक परिषद के सदस्य देशों का व्यापार और सुरक्षा समझौता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. यह ध्रुवीय जल में चलने वाले जहाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संहिता है।

व्याख्या

सही उत्तर A है। पोलर कोड का पूरा नाम ध्रुवीय जल में चलने वाले जहाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय संहिता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने अपनाया और जो 2017 के आरंभ से लागू है। यह समुद्र में जीवन की सुरक्षा तथा जहाजों से प्रदूषण रोकने संबंधी अभिसमयों के अंतर्गत अनिवार्य है और इसमें जहाज की बनावट, उपकरण, चालक दल के प्रशिक्षण तथा बर्फीले जल में संचालन के साथ-साथ आर्कटिक और अंटार्कटिक में तेल, मलजल और कूड़े के निस्सरण पर भी नियम हैं।

विकल्प B गलत है क्योंकि आर्कटिक में क्षेत्रीय दावे समुद्री विधि और महाद्वीपीय मग्नतट की प्रक्रिया से तय होते हैं, इस संहिता से नहीं। विकल्प C उस काम का वर्णन करता है जो अंटार्कटिक संधि प्रणाली और उसका पर्यावरण प्रोटोकॉल वैज्ञानिक गतिविधि के लिए करते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि आर्कटिक परिषद पर्यावरण और सतत विकास पर सहयोग का मंच है और व्यापार या सुरक्षा समझौते नहीं करती।

Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

नीला कार्बन (ब्लू कार्बन) क्या है?

  1. A.महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन
  2. B.वन जैवभार और कृषि मृदाओं में संचित कार्बन
  3. C.पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में निहित कार्बन
  4. D.वायुमंडल में उपस्थित कार्बन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन

व्याख्या

सही उत्तर है A, महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन। नीला कार्बन वह कार्बन है जो समुद्री और तटीय पारिस्थितिक तंत्र, खासकर मैंग्रोव, लवणीय दलदल और समुद्री घास के मैदान, जमा करते हैं। ये पौधे कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं, और पानी से भरी मिट्टी में ऑक्सीजन कम होने से मृत पदार्थ धीरे सड़ता है, इसलिए कार्बन सैकड़ों या हजारों साल तक तलछट में बंद रहता है। समान क्षेत्रफल में ये उष्णकटिबंधीय वनों से कई गुना अधिक कार्बन जमा कर सकते हैं, इसीलिए सुंदरबन और भारत की समुद्री घास की रक्षा जलवायु कार्रवाई मानी जाती है। इन आवासों के नष्ट होने पर जमा कार्बन फिर हवा में चला जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वन जैवभार और खेतों की मिट्टी का कार्बन हरा कार्बन कहलाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पेट्रोलियम और गैस का कार्बन जीवाश्म कार्बन है, जो जलने पर कार्बन डाइऑक्साइड बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड केवल वायुमंडलीय कार्बन है, संचित नहीं। परीक्षा टिप: नीला कार्बन यानी तट और महासागर, हरा कार्बन यानी वन और मिट्टी।

Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC MTS · 13-Oct-2017, Shift 3आसान

नर्मदा बचाओ आंदोलन निम्नलिखित में से किस परियोजना से संबंधित है?

  1. A.सरदार सरोवर
  2. B.भाखड़ा नांगल
  3. C.रिहंद
  4. D.टिहरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सरदार सरोवर

व्याख्या

सही उत्तर है A, सरदार सरोवर। नर्मदा बचाओ आंदोलन नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बाँध के विरोध में खड़ा हुआ था।

यह आंदोलन 1985 में मेधा पाटकर के नेतृत्व में शुरू हुआ और बाद में बाबा आम्टे जैसे लोग भी जुड़े। आंदोलन का कहना था कि बाँध की ऊँचाई बढ़ाने से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के गाँव और जंगल डूब जाएँगे और विस्थापित लोगों का ठीक से पुनर्वास नहीं हो रहा। इसमें अनशन, रैलियाँ और अदालती लड़ाई शामिल रही और 1993 में विश्व बैंक ने इस परियोजना से हाथ खींच लिया। सर्वोच्च न्यायालय ने 2000 में पुनर्वास की शर्तों के साथ निर्माण जारी रखने की अनुमति दी।

विकल्प B भाखड़ा नांगल सतलुज नदी पर हिमाचल प्रदेश और पंजाब में है। विकल्प C रिहंद उत्तर प्रदेश में सोन की सहायक नदी पर है। विकल्प D टिहरी उत्तराखंड में भागीरथी पर है, जिसका विरोध सुंदरलाल बहुगुणा ने किया था।

परीक्षा टिप: नर्मदा बचाओ - मेधा पाटकर, सरदार सरोवर; चिपको और टिहरी - सुंदरलाल बहुगुणा।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 18 Nov 2021, Shift 1कठिन

निम्नलिखित में से किस स्थान पर गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र स्थित है?

  1. A.पुष्कर
  2. B.पिंजौर
  3. C.रामपुर
  4. D.आगरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पिंजौर

व्याख्या

सही उत्तर है B, पिंजौर। भारत का पहला गिद्ध प्रजनन केंद्र, जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र, 2001 में हरियाणा के पंचकूला जिले के पिंजौर में स्थापित किया गया। इसकी आवश्यकता तब पड़ी जब 1990 के दशक में सफेद पीठ वाले, लंबी चोंच वाले और पतली चोंच वाले गिद्धों की संख्या नब्बे प्रतिशत से अधिक घट गई। इसका कारण डाइक्लोफेनाक था, जो मवेशियों को दी जाने वाली दर्द निवारक दवा है और शवों को खाने वाले गिद्धों में गुर्दे की विफलता कर देती थी; भारत में 2006 में इसके पशु चिकित्सा उपयोग पर प्रतिबंध लगा। यह केंद्र इन तीनों गंभीर संकटग्रस्त प्रजातियों का बंदी प्रजनन कराकर उन्हें जंगल में छोड़ता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि राजस्थान का पुष्कर अपनी झील और ब्रह्मा मंदिर के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के रामपुर में ऐसा कोई केंद्र नहीं है, हालाँकि असम के रानी में एक गिद्ध केंद्र है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आगरा ताजमहल और भालू बचाव केंद्र के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: गिद्धों के लिए हरियाणा का पिंजौर, और उनकी गिरावट का कारण डाइक्लोफेनाक।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CHSL · 12 April 2021, Shift 1मध्यम

महाराष्ट्र की निम्नलिखित में से कौन-सी झील नवंबर 2020 में रामसर स्थलों की सूची में शामिल की गई?

  1. A.विहार
  2. B.वेण्णा
  3. C.रंकाला
  4. D.लोनार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. लोनार

व्याख्या

सही उत्तर है D, लोनार। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की लोनार झील नवंबर 2020 में उत्तर प्रदेश के सूर सरोवर के साथ रामसर स्थलों की सूची में जोड़ी गई। यह झील उस गड्ढे में भरी है जो लगभग पचास हजार वर्ष पहले उल्कापिंड के दक्कन की बेसाल्ट चट्टान से टकराने पर बना था, इसलिए यह भारत में बेसाल्ट में बना एकमात्र ऐसा क्रेटर है; इसका पानी एक साथ खारा और क्षारीय होने के कारण असामान्य है और इसमें दुर्लभ सूक्ष्मजीव पलते हैं। आर्द्रभूमि पर रामसर अभिसमय 1971 में ईरान के रामसर शहर में हुआ था और भारत 1982 में इसका पक्षकार बना। विकल्प A गलत है, क्योंकि विहार मुंबई को पानी देने वाला जलाशय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वेण्णा महाबलेश्वर की मानव-निर्मित झील है। विकल्प C गलत है, क्योंकि रंकाला कोल्हापुर शहर के भीतर की झील है, और इनमें से किसी को रामसर दर्जा नहीं मिला है। परीक्षा टिप: नांदुर मध्मेश्वर महाराष्ट्र का पहला रामसर स्थल था, उसके बाद लोनार और ठाणे क्रीक आए।

Q12.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CTET · Paper II SST, 14 Dec 2024, Shift 1आसान

विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष निम्नलिखित में से किस दिन मनाया जाता है?

  1. A.5 मई
  2. B.5 जून
  3. C.5 जुलाई
  4. D.5 अगस्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 5 जून

व्याख्या

सही उत्तर है B, 5 जून। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1972 में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस घोषित किया, और 1974 से यह हर साल मनाया जा रहा है। यह तारीख 5 से 16 जून 1972 तक स्टॉकहोम में हुए संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन के पहले दिन की याद दिलाती है, जो पर्यावरण पर दुनिया की पहली बड़ी बैठक थी। इसी सम्मेलन से संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम, यानी UNEP, बना, जो हर साल इस दिन के आयोजन की अगुवाई करता है। हर वर्ष इस दिन की नई थीम और नया मेज़बान देश होता है; भारत ने 2018 में 'प्लास्टिक प्रदूषण को हराएँ' थीम के साथ इसकी मेज़बानी की थी। A गलत है क्योंकि मई की मुख्य पर्यावरण तारीख 22 मई, अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस है। C गलत है क्योंकि जुलाई में 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस आता है, पर्यावरण दिवस नहीं। D गलत है क्योंकि 5 अगस्त का इस दिवस से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: 22 अप्रैल – पृथ्वी दिवस; 22 मई – जैव विविधता दिवस; 5 जून – विश्व पर्यावरण दिवस; 16 सितंबर – विश्व ओज़ोन दिवस।

Q13.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

बाध्यकारी उत्सर्जन लक्ष्य तय करने वाला क्योटो प्रोटोकॉल किस वर्ष अपनाया गया था?

  1. A.1987
  2. B.1992
  3. C.1997
  4. D.2005
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1997

व्याख्या

सही उत्तर C, 1997 है। क्योटो प्रोटोकॉल जापान के क्योटो शहर में हुए पक्षकारों के तीसरे सम्मेलन में 1997 में अपनाया गया और पर्याप्त देशों के अनुसमर्थन के बाद 2005 में प्रभावी हुआ। यह उत्सर्जन पर कानूनी रूप से बाध्यकारी सीमा तय करने वाला पहला समझौता था, पर यह सीमा केवल समझौते के संलग्नक एक में सूचीबद्ध विकसित देशों पर थी, और इसने तीन बाजार तंत्र बनाए: उत्सर्जन व्यापार, संयुक्त क्रियान्वयन तथा स्वच्छ विकास तंत्र, जिसके अंतर्गत किसी विकासशील देश की परियोजना क्रेडिट अर्जित कर सकती थी।

विकल्प A 1987 ओजोन क्षयकारी पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का वर्ष है। विकल्प B 1992 रियो पृथ्वी सम्मेलन और संरचना समझौते का वर्ष है। विकल्प D 2005 वह वर्ष है जब प्रोटोकॉल प्रभावी हुआ, अपनाया नहीं गया, और यही इस प्रश्न का सबसे आम जाल है।

Q14.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा जैव-निम्नीकरणीय (biodegradable) कचरा नहीं है?

  1. A.सब्ज़ियों के छिलके
  2. B.मृत पत्तियाँ
  3. C.पॉलीथीन की थैली
  4. D.सड़ता हुआ फल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पॉलीथीन की थैली

व्याख्या

सही उत्तर है C, पॉलीथीन की थैली। पॉलीथीन एक कृत्रिम प्लास्टिक है, जिसे जीवाणु और कवक तोड़ नहीं पाते, इसलिए यह जैव-अनिम्नीकरणीय (non-biodegradable) है। प्लास्टिक की थैली मिट्टी या पानी में सैकड़ों वर्षों तक बनी रह सकती है। जैव-निम्नीकरणीय कचरा वह है जिसे अपघटक सरल और हानिरहित पदार्थों में तोड़ दें; यह प्रायः पौधों या जंतुओं से आता है। प्लास्टिक की थैलियाँ नालियाँ जाम करके जलभराव करती हैं, गाय और समुद्री जीव इन्हें निगल लेते हैं, और जलाने पर ये ज़हरीली गैसें छोड़ती हैं; इसलिए इनका उपयोग घटाना, दोबारा इस्तेमाल करना और पुनर्चक्रण करना ज़रूरी है। कचरे को दो डिब्बों में अलग रखना सबसे अच्छा है: गीला (जैव-निम्नीकरणीय) और सूखा (अनिम्नीकरणीय)। A गलत है क्योंकि सब्ज़ियों के छिलके कुछ ही दिनों में सड़कर अच्छी खाद बन जाते हैं। B गलत है क्योंकि मृत पत्तियाँ सड़कर ह्यूमस बनाती हैं, जो मिट्टी को उपजाऊ बनाता है। D गलत है क्योंकि सड़ते फल को तो सूक्ष्मजीव पहले से ही तोड़ रहे हैं। परीक्षा टिप: जिसे सूक्ष्मजीव खा सकें वह जैव-निम्नीकरणीय है; प्लास्टिक, काँच, धातु के डिब्बे और DDT नहीं।

Q15.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 15 Feb 2019, Shift 2आसान

ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 1992 के यूएनसीईडी में कौन सी घोषणा पर हस्ताक्षर हुए?

  1. A.एजेंडा 39
  2. B.एजेंडा 19
  3. C.एजेंडा 22
  4. D.एजेंडा 21
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. एजेंडा 21

व्याख्या

सही उत्तर D, एजेंडा 21 है। पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन, जिसे लोकप्रिय रूप से पृथ्वी सम्मेलन कहा जाता है, 1992 में रियो डी जेनेरियो में हुआ और उसने एजेंडा 21 अपनाया, जो सतत विकास के लिए विस्तृत पर बाध्यकारी न होने वाली कार्ययोजना है। संख्या इक्कीसवीं सदी की ओर संकेत करती है, जिसके लिए यह कार्यक्रम बनाया गया था, और इसके अध्याय गरीबी, उपभोग के तरीकों, स्वास्थ्य, मानव बस्तियों, वायुमंडल, महासागरों, अपशिष्ट तथा प्रमुख समूहों की भूमिका को समेटते हैं।

विकल्प A, B और C, अर्थात एजेंडा 39, एजेंडा 19 और एजेंडा 22, किसी दस्तावेज का नाम ही नहीं हैं और केवल यह जाँचने के लिए दिए गए हैं कि संख्या याद है या नहीं। इसे सही रखने का तरीका है इक्कीस को उस सदी से जोड़ना जो आरंभ होने वाली थी, और यह याद रखना कि इसी सम्मेलन से रियो घोषणा, वन सिद्धांत तथा जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर दो अभिसमय भी निकले।

Q16.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: दिल्ली · DSSSB PRT, 7 Mar 2022, Shift 1आसान

हर घर में छत पर वर्षा जल संचयन ढाँचा बनाना अनिवार्य करने वाला भारत का पहला राज्य कौन-सा है?

  1. A.केरल
  2. B.गुजरात
  3. C.राजस्थान
  4. D.तमिलनाडु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तमिलनाडु

व्याख्या

सही उत्तर है D, तमिलनाडु। तमिलनाडु भारत का पहला राज्य है जिसने पूरे राज्य में सभी घरों और इमारतों के लिए छत पर वर्षा जल संचयन ढाँचा अनिवार्य किया; इसके लिए 2003 में कानून लाया गया। यह राज्य उत्तर-पूर्वी मानसून और भूजल पर बहुत निर्भर है, और चेन्नई को पानी की भारी कमी झेलनी पड़ी, इसलिए छत के पानी को इकट्ठा करके ज़मीन में उतारना प्राथमिकता बन गया। इसमें छतों से बारिश का पानी टंकियों में जमा किया जाता है या कुओं और जलभृतों को रिचार्ज करने में लगाया जाता है, जिससे भूजल स्तर ऊपर आता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि केरल में भारी वर्षा होती है और वहाँ संचयन को बढ़ावा दिया गया, पर हर घर के लिए इसे अनिवार्य करने वाला वह पहला राज्य नहीं था। विकल्प B गलत है, क्योंकि गुजरात चेक डैम और दूसरे जल कार्यों के लिए जाना जाता है, इस पहले कानून के लिए नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि राजस्थान बीकानेर और फलोदी के टांकों जैसे पारंपरिक संचयन के लिए प्रसिद्ध है, इस पहले कानून के लिए नहीं। परीक्षा टिप: तमिलनाडु छत पर वर्षा जल संचयन अनिवार्य करने वाला पहला राज्य है (2003); टांका राजस्थान के पारंपरिक भूमिगत टैंक हैं।

Q17.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CHSL · 4 Aug 2021, Shift 1मध्यम

कबरताल आर्द्रभूमि को 2020 में रामसर स्थल घोषित किया गया था। यह निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?

  1. A.बिहार
  2. B.हिमाचल प्रदेश
  3. C.पंजाब
  4. D.हरियाणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बिहार

व्याख्या

सही उत्तर है A, बिहार। कबरताल आर्द्रभूमि, जिसे स्थानीय रूप से कँवर झील कहा जाता है, बिहार के बेगूसराय जिले में है और इसे 2020 में रामसर स्थल घोषित किया गया, जिससे यह राज्य का पहला रामसर स्थल बना। यह सिंधु-गंगा के मैदान में बूढ़ी गंडक की बदलती धारा से छूटी गोखुर झील है, लगभग 2,600 हेक्टेयर में फैली है और क्षेत्र के लिए प्राकृतिक बाढ़ अवरोधक की तरह काम करती है। यह मध्य एशियाई उड़ान मार्ग का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहाँ ग्रेलैग हंस और संकटग्रस्त सोशिएबल लैपविंग जैसे प्रवासी पक्षी दर्ज किए गए हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश के रामसर स्थल रेणुका, पोंग बाँध झील और चंद्रताल हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि पंजाब में हरिके, कांजली, रोपड़, नंगल, ब्यास संरक्षण क्षेत्र और केशोपुर-मियानी आते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि हरियाणा के सुल्तानपुर और भिंडावास दोनों 2021 में नामित हुए। परीक्षा टिप: बेगूसराय की कँवर झील यानी कबरताल बिहार का पहला रामसर स्थल है, जो बूढ़ी गंडक की गोखुर झील है।

Q18.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

2015 के पेरिस समझौते के अंतर्गत देशों ने वैश्विक औसत तापमान की वृद्धि को किस सीमा में रखने पर सहमति दी?

  1. A.पूर्व-औद्योगिक स्तर से 2 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे, डेढ़ डिग्री की दिशा में प्रयास सहित
  2. B.वर्तमान स्तर से ठीक 3 डिग्री सेल्सियस
  3. C.वर्ष 2100 तक 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे
  4. D.कोई संख्यात्मक सीमा नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पूर्व-औद्योगिक स्तर से 2 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे, डेढ़ डिग्री की दिशा में प्रयास सहित

व्याख्या

सही उत्तर A है। पेरिस समझौता, जो 2015 में पक्षकारों के इक्कीसवें सम्मेलन में अपनाया गया और नवंबर 2016 से प्रभावी है, अपने पक्षकारों को इस बात के लिए प्रतिबद्ध करता है कि वैश्विक औसत तापमान की वृद्धि पूर्व-औद्योगिक स्तर से दो डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे रखी जाए और उसे डेढ़ डिग्री तक सीमित करने के प्रयास किए जाएँ। क्योटो प्रोटोकॉल के विपरीत यह सभी देशों पर लागू है, और हर देश अपना राष्ट्रीय निर्धारित योगदान स्वयं तय करता है, जिसकी रिपोर्ट देकर उसे समय के साथ बढ़ाना होता है।

विकल्प B एक गढ़ा हुआ आँकड़ा है और उसे पूर्व-औद्योगिक के बजाय वर्तमान स्तर से मापता है। विकल्प C ऐसी सीमा देता है जो समझौते की कल्पना से कहीं ऊपर है। विकल्प D गलत है क्योंकि संख्यात्मक लक्ष्य ही इस समझौते की सबसे प्रसिद्ध बात है।

Q19.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

1987 में अपनाया गया मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल किससे संबंधित है?

  1. A.ओजोन परत का क्षरण करने वाले पदार्थ
  2. B.खतरनाक अपशिष्ट का सीमापार आवागमन
  3. C.प्रवासी प्रजातियों का संरक्षण
  4. D.लुप्तप्राय प्रजातियों का व्यापार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ओजोन परत का क्षरण करने वाले पदार्थ

व्याख्या

सही उत्तर A, ओजोन परत का क्षरण करने वाले पदार्थ है। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल 1985 के वियना अभिसमय के अंतर्गत 1987 में अपनाया गया और 1989 में लागू हुआ। इसने क्लोरोफ्लोरोकार्बन, हैलोन, कार्बन टेट्राक्लोराइड तथा अन्य ओजोन क्षयकारी रसायनों को चरणबद्ध रूप से हटाने की समय सारणी तय की, जिसमें विकासशील देशों के लिए बाद की तिथियाँ रखी गईं। सार्वभौमिक भागीदारी और लगातार कड़ी होती समय सारणी ने इसे सभी पर्यावरण संधियों में सबसे प्रभावी बना दिया।

विकल्प B, सीमा पार जाता खतरनाक अपशिष्ट, 1989 के बेसल अभिसमय का विषय है। विकल्प C, प्रवासी प्रजातियाँ, 1979 के प्रवासी प्रजाति अभिसमय से जुड़ी हैं, जिसे बॉन अभिसमय भी कहते हैं। विकल्प D, लुप्तप्राय प्रजातियों का व्यापार, साइट्स से नियंत्रित होता है, जो 1973 में वाशिंगटन में तय हुआ। इनमें से हर एक अलग संधि है, जिसका अपना सचिवालय और अपना पक्षकार सम्मेलन है।

Q20.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

निम्नलिखित में से किस गैस की ग्लोबल वार्मिंग क्षमता सबसे अधिक है?

  1. A.कार्बन डाइऑक्साइड
  2. B.मीथेन
  3. C.नाइट्रस ऑक्साइड
  4. D.सल्फर हेक्साफ्लोराइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सल्फर हेक्साफ्लोराइड

व्याख्या

सही उत्तर D, सल्फर हेक्साफ्लोराइड है। ग्लोबल वार्मिंग क्षमता मापती है कि किसी गैस की दी गई मात्रा चुनी गई अवधि में उतनी ही मात्रा की कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में कितनी ऊष्मा रोकती है, और कार्बन डाइऑक्साइड को मान एक दिया जाता है। उच्च वोल्टेज के विद्युत स्विचगियर में विद्युतरोधी गैस के रूप में प्रयुक्त सल्फर हेक्साफ्लोराइड की क्षमता क्योटो सूची की गैसों में कहीं अधिक है, क्योंकि यह अवरक्त विकिरण को प्रबलता से सोखती है और वायुमंडल में हजारों वर्ष टिकी रहती है।

विकल्प A कार्बन डाइऑक्साइड संदर्भ गैस है, जिसकी क्षमता एक है; वह अपनी विशाल मात्रा के कारण सबसे बड़ी समस्या है, प्रबलता के कारण नहीं। विकल्प B मीथेन सौ वर्ष में कहीं अधिक ऊष्मा रोकती है पर लगभग एक दशक में टूट जाती है। विकल्प C नाइट्रस ऑक्साइड और भी प्रबल है तथा ओजोन पर भी प्रहार करती है, पर दोनों सल्फर हेक्साफ्लोराइड के आसपास नहीं ठहरतीं।

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