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GK क्विजपर्यावरण और पारिस्थितिकी

पर्यावरण और पारिस्थितिकी क्विज: वन संरक्षण और सामाजिक वानिकी

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
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इस क्विज के बारे में

पर्यावरण और पारिस्थितिकी के अंतर्गत "वन संरक्षण और सामाजिक वानिकी" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 3 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 10th April 2022आसान

वन संरक्षण अधिनियम किस वर्ष अधिनियमित किया गया था?

  1. A.1972
  2. B.1976
  3. C.1980
  4. D.1984
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1980

व्याख्या

सही उत्तर C, सन 1980 है। वन संरक्षण अधिनियम सन 1980 में इसलिए पारित हुआ कि खनन, सड़क, बाँध और नगरों के लिए वन भूमि का लगातार होता ह्रास रुके। इसका केंद्रीय प्रावधान यह है कि कोई राज्य सरकार अथवा अन्य प्राधिकारी केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना न किसी आरक्षित वन का आरक्षण समाप्त कर सकता है और न वन भूमि को गैर वन प्रयोजन में ले सकता है, तथा सन 1988 के संशोधन ने प्राकृतिक रूप से उगे वृक्षों की कटाई को भी इसके दायरे में लाकर इसे और कसा। विकल्प A, सन 1972, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का वर्ष है, जो जीवों, शिकार और संरक्षित क्षेत्रों से संबंधित है। विकल्प B, सन 1976, वह वर्ष है जब बयालीसवें संशोधन ने संविधान में अनुच्छेद 48क तथा 51क(छ) जोड़े और वन एवं वन्य जीव को समवर्ती सूची में डाला। विकल्प D, सन 1984, भोपाल गैस त्रासदी का वर्ष है, जिसके बाद सन 1986 का पर्यावरण संरक्षण अधिनियम आया। क्रम स्मरण रखें: सन 1972 वन्य जीव, सन 1976 संवैधानिक कर्तव्य, सन 1980 वन संरक्षण और सन 1986 पर्यावरण संरक्षण।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB JE Civil Diploma 2022मध्यम

कौन सा संप्रदाय हरे वृक्षों की रक्षा के लिए जाना जाता है?

  1. A.रामस्नेही
  2. B.बिश्नोई
  3. C.लालदासी
  4. D.निरंजनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बिश्नोई

व्याख्या

सही उत्तर B, बिश्नोई है। पश्चिमी राजस्थान का बिश्नोई समुदाय पंद्रहवीं शताब्दी में गुरु जांभेश्वर द्वारा दिए उनतीस नियमों का पालन करता है, जिनमें कई हरे वृक्ष काटने और जीव वध का निषेध करते हैं, और इसी कारण मरुस्थलीय जिलों में खेजड़ी के वन और काले हिरणों के झुंड बचे हुए हैं। सन 1730 में जोधपुर के निकट खेजड़ली में अमृता देवी और बड़ी संख्या में बिश्नोई खेजड़ी वृक्षों से चिपके रहते हुए मारे गए, जिन्हें महाराजा के चूना भट्ठे के लिए काटा जा रहा था, और राष्ट्रीय अमृता देवी बिश्नोई वन्य जीव रक्षा पुरस्कार उसी बलिदान की स्मृति है। विकल्प A रामस्नेही संप्रदाय, विकल्प C लालदासी संप्रदाय और विकल्प D निरंजनी संप्रदाय, ये तीनों राजस्थान की भक्ति परंपराएँ हैं, परंतु इनमें से किसी की पहचान वृक्ष और वन्य जीव रक्षा से नहीं है। प्रश्नपत्र इस प्रश्न को गढ़वाल हिमालय के चिपको आंदोलन के साथ जोड़ते हैं, जिसने बिश्नोई उदाहरण को खुलकर अपनाया।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 19 Feb 2019, Shift 3मध्यम

किस भारतीय राज्य में वन आवरण के अंतर्गत सबसे बड़ा क्षेत्र है?

  1. A.केरल
  2. B.छत्तीसगढ़
  3. C.अरुणाचल प्रदेश
  4. D.मध्य प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मध्य प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर D, मध्य प्रदेश है। भारतीय वन सर्वेक्षण के क्रमिक आकलनों ने वन आवरण के निरपेक्ष क्षेत्र में राज्यों में मध्य प्रदेश को प्रथम रखा है, और यह स्थान उसे अपने विशाल आकार तथा सतपुड़ा, विंध्य और बघेलखंड क्षेत्रों के विस्तृत सागौन और साल वनों से मिला है। विकल्प C, अरुणाचल प्रदेश, क्षेत्र में सामान्यतः दूसरे स्थान पर रहता है और अपने भौगोलिक क्षेत्र के अनुपात में वन आवरण के मामले में कई राज्यों से आगे है, और यही अंतर प्रश्न जाँच रहा है: सबसे बड़ा क्षेत्र होना सर्वाधिक प्रतिशत होने के समान नहीं है। विकल्प B, छत्तीसगढ़, में भी घने साल वन हैं और वह अग्रणी राज्यों में है परंतु शीर्ष पर नहीं। विकल्प A, केरल, में पश्चिमी घाट के समृद्ध उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन हैं परंतु वह क्षेत्र में अग्रणी होने के लिए बहुत छोटा है। जोड़ी इस प्रकार स्मरण रखें: सबसे बड़ा वन क्षेत्र मध्य प्रदेश में और क्षेत्र के अनुपात में सर्वाधिक वन पूर्वोत्तर के छोटे पहाड़ी राज्यों में।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

चिपको आंदोलन सन 1973 में वर्तमान में किस राज्य के एक जिले में आरंभ हुआ था?

  1. A.उत्तराखंड
  2. B.हिमाचल प्रदेश
  3. C.कर्नाटक
  4. D.असम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उत्तराखंड

व्याख्या

सही उत्तर A, उत्तराखंड है। यह आंदोलन सन 1973 में गढ़वाल हिमालय के चमोली जिले में आरंभ हुआ, जो तब उत्तर प्रदेश का भाग था और सन 2000 से नए राज्य उत्तराखंड में है। ग्रामवासियों ने, और सबसे बढ़कर गौरा देवी के नेतृत्व में रेणी गाँव की महिलाओं ने, वृक्षों को गले लगा लिया जिससे ठेकेदार उन्हें काट न सकें, और सुंदरलाल बहुगुणा तथा चंडी प्रसाद भट्ट ने यह माँग तब तक आगे बढ़ाई जब तक एक निश्चित ऊँचाई से ऊपर हरी कटाई पर रोक नहीं लग गई। विकल्प B, हिमाचल प्रदेश, की अपनी वन रक्षा परंपराएँ हैं परंतु चिपको नहीं। विकल्प C, कर्नाटक, सन 1983 के अप्पिको आंदोलन का घर है, जो पश्चिमी घाट में पांडुरंग हेगड़े के नेतृत्व में चला और चिपको का दक्षिणी समानांतर है, इसी कारण उसे यहाँ भ्रम के लिए रखा जाता है। विकल्प D, असम, का इससे संबंध नहीं है। चिपको शब्द का अर्थ चिपकना है और अप्पिको कन्नड़ में गले लगाना है।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

सन 1950 में आरंभ हुआ राष्ट्रीय वृक्षारोपण पर्व वन महोत्सव किस माह में मनाया जाता है?

  1. A.मार्च
  2. B.जुलाई
  3. C.अक्तूबर
  4. D.दिसंबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जुलाई

व्याख्या

सही उत्तर B, जुलाई है। वन महोत्सव जुलाई के प्रथम सप्ताह में मनाया जाता है और यह समय इसलिए चुना गया है कि तब तक देश के अधिकांश भाग में मानसून आ जाता है और नया रोपा पौधा जीवित रहने की सर्वोत्तम संभावना पाता है। इसे सन 1950 में तत्कालीन केंद्रीय कृषि एवं खाद्य मंत्री के एम मुंशी की पहल पर आरंभ किया गया, जिसका उद्देश्य वृक्षारोपण को विभागीय कार्य के स्थान पर जन पर्व बनाना था। विकल्प A, मार्च, में इक्कीस तारीख को विश्व वानिकी दिवस और बाईस तारीख को विश्व जल दिवस आता है, परंतु वन महोत्सव नहीं। विकल्प C, अक्तूबर, के प्रथम सप्ताह में वन्य जीव सप्ताह आता है, जो जीवों को समर्पित पृथक आयोजन है। विकल्प D, दिसंबर, किसी राष्ट्रीय रोपण कार्यक्रम से जुड़ा नहीं है और शुष्क ऋतु में पड़ता है जब पौधों का जीवित रहना कठिन होता है। परीक्षक वन्य जीव सप्ताह और वन महोत्सव को एक ही विकल्प समूह में रखते हैं, अतः वृक्ष के लिए जुलाई और वन्य जीव के लिए अक्तूबर स्थिर कर लें।

Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

वनों की रक्षा के लिए चले अप्पिको आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?

  1. A.पांडुरंग हेगड़े
  2. B.मेधा पाटकर
  3. C.बाबा आमटे
  4. D.सुंदरलाल बहुगुणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पांडुरंग हेगड़े

व्याख्या

सही उत्तर A, पांडुरंग हेगड़े है। अप्पिको आंदोलन सन 1983 में कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में पश्चिमी घाट में आरंभ हुआ, जहाँ ग्रामवासी वन में जाकर ठेकेदारों द्वारा कटाई के लिए चिह्नित वृक्षों से लिपट गए; पांडुरंग हेगड़े ने हिमालय के चिपको आंदोलन का अध्ययन करने के बाद इसे संगठित किया। विकल्प B, मेधा पाटकर, की पहचान नर्मदा पर बड़े बाँधों से होने वाले डूब क्षेत्र के विरुद्ध नर्मदा बचाओ आंदोलन से है। विकल्प C, बाबा आमटे, ने कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के लिए कार्य किया और नर्मदा संघर्ष में भी सम्मिलित हुए, परंतु उन्होंने अप्पिको का नेतृत्व नहीं किया। विकल्प D, सुंदरलाल बहुगुणा, उत्तराखंड के चिपको आंदोलन तथा टिहरी बाँध विरोध का सर्वाधिक परिचित चेहरा हैं, और उन्हें यहाँ इसी कारण रखा जाता है कि अभ्यर्थी दोनों आंदोलनों में भ्रमित होते हैं। परीक्षा कक्ष में ले जाने योग्य सरल मिलान यह है: हिमालय में चिपको के साथ बहुगुणा और भट्ट, तथा पश्चिमी घाट में अप्पिको के साथ हेगड़े।

Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार भारत के भौगोलिक क्षेत्र का कितना भाग वन अथवा वृक्ष आवरण के अंतर्गत होना चाहिए?

  1. A.एक पंचमांश
  2. B.एक चौथाई
  3. C.एक तिहाई
  4. D.आधा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एक तिहाई

व्याख्या

सही उत्तर C, एक तिहाई है। राष्ट्रीय वन नीति, सन 1952, ने यह निर्धारित किया कि देश के भौगोलिक क्षेत्र का लगभग तैंतीस प्रतिशत वन अथवा वृक्ष आवरण के अंतर्गत होना चाहिए, और उसने इस राष्ट्रीय आँकड़े को पहाड़ी तथा पर्वतीय प्रदेशों के लिए लगभग साठ प्रतिशत, जहाँ ढालों को अपरदन और भूस्खलन से बचाना है, तथा मैदानों के लिए लगभग बीस प्रतिशत में बाँटा। राष्ट्रीय वन नीति, सन 1988, ने यही लक्ष्य बनाए रखा और वन प्रबंधन का उद्देश्य राजस्व से पारिस्थितिक संतुलन की ओर मोड़ दिया। विकल्प A, एक पंचमांश, केवल मैदानों के लिए निर्धारित आँकड़ा है, इसी कारण उसे यहाँ रखा जाता है। विकल्प B, एक चौथाई, और विकल्प D, आधा, किसी भी नीति में नहीं आते। स्मरण रखने योग्य बात यह है कि यह नीति लक्ष्य है, उपलब्धि नहीं, और भारतीय वन सर्वेक्षण प्रत्येक दो वर्ष में प्रकाशित भारत वन स्थिति रिपोर्ट में मापता है कि देश वास्तव में उससे कितनी दूर है।

Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

अराबारी का वह प्रयोग, जिससे संयुक्त वन प्रबंधन की राष्ट्रीय नीति निकली, किस राज्य में किया गया था?

  1. A.पश्चिम बंगाल
  2. B.ओडिशा
  3. C.गुजरात
  4. D.महाराष्ट्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पश्चिम बंगाल

व्याख्या

सही उत्तर A, पश्चिम बंगाल है। सन 1970 के दशक के आरंभ में पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले की अराबारी रेंज में वन अधिकारियों ने ग्रामवासियों को अतिक्रमणकारी मानना छोड़कर उन्हें एक क्षरित साल वन की रक्षा और उसकी उपज में हिस्सा दिया; वन उल्लेखनीय रूप से पुनर्जीवित हुआ और वह प्रयोग संयुक्त वन प्रबंधन का आदर्श बन गया, जिसे सन 1990 के भारत सरकार के परिपत्र द्वारा राष्ट्रीय नीति के रूप में अपनाया गया। विकल्प B, ओडिशा, में स्वयं पहल से चलने वाली सामुदायिक वन रक्षा की प्रबल परंपरा और हजारों ग्राम समितियाँ हैं, परंतु अराबारी ओडिशा में नहीं है। विकल्प C, गुजरात, और विकल्प D, महाराष्ट्र, दोनों बड़े संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम चलाते हैं परंतु इस विचार का उद्गम नहीं हैं। संयुक्त वन प्रबंधन में ग्राम समिति उपभोग में हिस्सा पाती है, अर्थात घास, जलावन, गौण वन उपज तथा अंतिम कटाई का एक अंश, और यही विवरण सर्वाधिक पूछा जाता है।

Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

भारतीय वन सर्वेक्षण का मुख्यालय किस स्थान पर है?

  1. A.नई दिल्ली
  2. B.देहरादून
  3. C.भोपाल
  4. D.कोयंबटूर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. देहरादून

व्याख्या

सही उत्तर B, देहरादून है। सन 1981 में स्थापित भारतीय वन सर्वेक्षण का मुख्यालय उत्तराखंड के देहरादून में है, और यही नगर वन अनुसंधान संस्थान तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी का भी घर है, जिससे देहरादून देश के वानिकी कार्य का केंद्र बन जाता है। यह संस्था उपग्रह चित्रों से वन और वृक्ष आवरण का मानचित्रण करती है और प्रत्येक दो वर्ष में भारत वन स्थिति रिपोर्ट प्रकाशित करती है, जिसमें छत्र घनत्व के अनुसार अति घने, मध्यम घने, खुले वन और झाड़ी की श्रेणियाँ दी जाती हैं। विकल्प A, नई दिल्ली, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का स्थान है, जो मूल मंत्रालय है परंतु स्वयं सर्वेक्षण संस्था नहीं। विकल्प C, भोपाल, में भारतीय वन प्रबंध संस्थान है, जो वन प्रबंधकों को प्रशिक्षित करने वाली पृथक संस्था है। विकल्प D, कोयंबटूर, में वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान है। वानिकी संस्थाओं और उनके स्थानों पर प्रश्न सामान्य हैं, अतः इन चारों को अलग अलग स्मरण रखें।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

भारतीय वन सर्वेक्षण के वर्गीकरण में सत्तर प्रतिशत से अधिक छत्र घनत्व वाले वन को क्या कहा जाता है?

  1. A.खुला वन
  2. B.झाड़ी
  3. C.मध्यम घना वन
  4. D.अति घना वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अति घना वन

व्याख्या

सही उत्तर D, अति घना वन है। भारतीय वन सर्वेक्षण वन आवरण को उस अनुपात के अनुसार बाँटता है जिस भूमि पर वृक्षों का छत्र छाया करता है। सत्तर प्रतिशत से ऊपर वह खंड अति घना वन है; चालीस से सत्तर प्रतिशत तक मध्यम घना वन; दस से चालीस प्रतिशत तक खुला वन; और दस प्रतिशत से नीचे झाड़ी, जिसकी गणना पृथक होती है और जिसे वन आवरण में नहीं गिना जाता। अतः विकल्प A, खुला वन, दस से चालीस प्रतिशत की पट्टी का है और भारत में अभिलिखित आवरण का बड़ा भाग उसी का है। विकल्प B, झाड़ी, दस प्रतिशत से नीचे की क्षरित श्रेणी है। विकल्प C, मध्यम घना वन, चालीस से सत्तर प्रतिशत की पट्टी है। सीखने योग्य संबंधित परिभाषा यह है कि एक हेक्टेयर या अधिक का कोई भी खंड जिसका छत्र घनत्व दस प्रतिशत से अधिक हो, उसकी विधिक स्थिति चाहे जो हो, वन आवरण में गिना जाता है, इसी कारण बाग और रोपण भी इस आँकड़े में आ जाते हैं।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

वन में रहने वाली अनुसूचित जनजातियों और अन्य परंपरागत वन निवासियों के भूमि तथा वन उपज पर अधिकार किस कानून ने मान्य किए?

  1. A.भारतीय वन अधिनियम, 1927
  2. B.वन अधिकार अधिनियम, 2006
  3. C.वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972
  4. D.पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वन अधिकार अधिनियम, 2006

व्याख्या

सही उत्तर B, वन अधिकार अधिनियम, सन 2006 है। इसका पूरा नाम अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी वन अधिकार मान्यता अधिनियम है, और यह उस भूमि पर व्यक्तिगत अधिकार मान्य करता है जिस पर ऐसे परिवार खेती कर रहे थे, चरागाहों तथा जल स्रोतों पर सामुदायिक अधिकार मान्य करता है और गौण वन उपज पर अधिकार देता है, तथा दावों के सत्यापन का अधिकारी ग्राम सभा को बनाता है। विकल्प A, भारतीय वन अधिनियम, सन 1927, वह औपनिवेशिक मूल कानून है जो वनों को आरक्षित, रक्षित और ग्राम वन में बाँटता है और स्थानीय उपयोग को अधिकार के स्थान पर सुविधा मानता है। विकल्प C, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, सन 1972, प्रजातियों की रक्षा, राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों से संबंधित है। विकल्प D, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, सन 1986, भोपाल त्रासदी के बाद पारित छत्र कानून है और सामान्यतः प्रदूषण तथा पर्यावरणीय अनुमति से संबंधित है। सन 2006 के अधिनियम को प्रायः सन 1996 के पेसा अधिनियम के साथ पूछा जाता है।

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