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GK क्विजपर्यावरण और पारिस्थितिकी

पर्यावरण और पारिस्थितिकी क्विज: वायु प्रदूषण और वायु गुणवत्ता

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

पर्यावरण और पारिस्थितिकी के अंतर्गत "वायु प्रदूषण और वायु गुणवत्ता" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

निम्नलिखित में से कौन द्वितीयक वायु प्रदूषक है?

  1. A.सल्फर डाइऑक्साइड
  2. B.कार्बन मोनोऑक्साइड
  3. C.परॉक्सीऐसिटिल नाइट्रेट
  4. D.कणिकीय पदार्थ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. परॉक्सीऐसिटिल नाइट्रेट

व्याख्या

सही उत्तर C, परॉक्सीऐसिटिल नाइट्रेट है। द्वितीयक प्रदूषक किसी स्रोत से कभी छोड़ा नहीं जाता; वह वायुमंडल में ही तब बनता है जब प्राथमिक प्रदूषक एक-दूसरे से या सूर्य के प्रकाश से क्रिया करते हैं। परॉक्सीऐसिटिल नाइट्रेट, जिसे सामान्यतः पैन लिखा जाता है, सूर्य के प्रकाश में नाइट्रोजन के ऑक्साइड तथा बिना जले हाइड्रोकार्बन से बनता है, और धरातलीय ओजोन के साथ यही द्वितीयक प्रदूषक का मानक उदाहरण है। विकल्प A गलत है क्योंकि सल्फर डाइऑक्साइड सीधे उन चिमनियों से निकलती है जिनमें सल्फरयुक्त कोयला और तेल जलते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड ईंधन के अपूर्ण दहन से सीधे निकलती है, मुख्यतः वाहनों के इंजनों में। विकल्प D गलत है क्योंकि कणिकीय पदार्थ दहन, निर्माण, सड़क की धूल तथा उद्योग से सीधे छोड़ा जाता है, इसलिए ये तीनों प्राथमिक प्रदूषक हैं।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

प्रकाश रासायनिक धूम कोहरे का मुख्य अंश निम्नलिखित में से कौन है?

  1. A.सल्फर डाइऑक्साइड
  2. B.ओजोन
  3. C.मेथेन
  4. D.कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ओजोन

व्याख्या

सही उत्तर B, ओजोन है। प्रकाश रासायनिक धूम कोहरा, जिसे लॉस एंजिल्स धूम कोहरा भी कहते हैं, गर्म, शुष्क और धूप वाले मौसम में तब बनता है जब वाहनों के निकास से निकले नाइट्रोजन के ऑक्साइड और बिना जले हाइड्रोकार्बन पराबैंगनी प्रकाश में क्रिया करते हैं। इसके मुख्य ऑक्सीकारक अंश धरातलीय ओजोन, परॉक्सीऐसिटिल नाइट्रेट और ऐल्डिहाइड हैं, इसीलिए इसे ऑक्सीकारक धूम कोहरा कहा जाता है और इसीलिए यह आँखों तथा गले में जलन करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि सल्फर डाइऑक्साइड परंपरागत या लंदन धूम कोहरे की पहचान है, जो अपचायक है और ठंडी, आर्द्र वायु में बनता है। विकल्प C गलत है क्योंकि मेथेन धान के खेतों, पशुओं और कचरा भराव क्षेत्रों से निकलने वाली ग्रीनहाउस गैस है, धूम कोहरे का अंश नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड वैश्विक तापन बढ़ाती है, पर धूम कोहरे का घटक नहीं है।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

कार्बन मोनोऑक्साइड मनुष्यों के लिए मुख्यतः इसलिए खतरनाक है क्योंकि वह:

  1. A.हीमोग्लोबिन से जुड़कर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है
  2. B.जल में घुलकर प्रबल अम्ल बनाती है
  3. C.समतापमंडल की ओजोन परत को नष्ट करती है
  4. D.महीन धूल के रूप में कूपिकाओं में बैठ जाती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हीमोग्लोबिन से जुड़कर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है

व्याख्या

सही उत्तर A, हीमोग्लोबिन से जुड़कर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है है। कार्बन मोनोऑक्साइड रक्त के हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन की तुलना में लगभग दो सौ गुना अधिक सरलता से जुड़ती है, और इस प्रकार बनी कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन ऑक्सीजन नहीं ले जा सकती। इससे ऊतकों को ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे सिरदर्द और चक्कर आते हैं, और बंद कमरे में जलती अंगीठी या चालू इंजन के साथ बेहोशी तथा मृत्यु हो जाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि घुलकर ऑक्सीकृत होकर वर्षा में सल्फ्यूरिक तथा नाइट्रिक अम्ल देने वाली गैसें सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि समतापमंडलीय ओजोन का क्षय क्लोरोफ्लोरो कार्बन तथा हैलोन करते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि कूपिकाओं में बैठना पीएम2.5 जैसे महीन कणिकीय पदार्थ का वर्णन है, किसी गैस का नहीं। यह भी याद रखें कि कार्बन मोनोऑक्साइड रंगहीन और गंधहीन है, इसीलिए उसकी उपस्थिति की कोई चेतावनी नहीं मिलती, और उससे बचाव का सबसे सरल उपाय हवादार कमरा है।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

नाइट्रोजन के ऑक्साइड के साथ कौन सी गैस अम्ल वर्षा के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है?

  1. A.कार्बन मोनोऑक्साइड
  2. B.मेथेन
  3. C.सल्फर डाइऑक्साइड
  4. D.आर्गन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सल्फर डाइऑक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर C, सल्फर डाइऑक्साइड है। सल्फरयुक्त कोयला और तेल जलने पर निकलने वाली सल्फर डाइऑक्साइड वायुमंडल में ऑक्सीकृत होकर सल्फर ट्राइऑक्साइड बनती है, जो जल की बूँदों में घुलकर सल्फ्यूरिक अम्ल देती है। नाइट्रोजन के ऑक्साइड इसी प्रकार नाइट्रिक अम्ल देते हैं, और दोनों मिलकर ऐसी वर्षा लाते हैं जिसका पीएच लगभग 5.6 से नीचे चला जाता है, जो घुली कार्बन डाइऑक्साइड से हल्की अम्लीय बनी सामान्य वर्षा का मान है। विकल्प A गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड हीमोग्लोबिन पर असर करने वाला विष है और वर्षा में अम्ल नहीं बनाती। विकल्प B गलत है क्योंकि मेथेन ग्रीनहाउस गैस है और अम्लीय नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि आर्गन उत्कृष्ट गैस है, रासायनिक रूप से निष्क्रिय है, और ऐसी क्रियाओं में कोई भाग ही नहीं लेती। अम्ल वर्षा झीलों तथा मिट्टी का पीएच घटाती है, मिट्टी के खनिजों से विषैला ऐलुमिनियम मुक्त करती है और चूना पत्थर तथा संगमरमर की इमारतों का क्षरण करती है, इसीलिए उसे सीमाओं के पार जाने वाली प्रदूषण समस्या माना जाता है।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

ताजमहल के संगमरमर को होने वाली वह हानि, जिसे सामान्यतः 'मार्बल कैंसर' कहा जाता है, मुख्यतः किससे होती है?

  1. A.कार्बन डाइऑक्साइड
  2. B.सल्फर डाइऑक्साइड
  3. C.क्लोरोफ्लोरो कार्बन
  4. D.धरातलीय ओजोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सल्फर डाइऑक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर B, सल्फर डाइऑक्साइड है। आगरा के आसपास उद्योग और यातायात से निकली सल्फर डाइऑक्साइड वायु में ऑक्सीकृत होकर सल्फ्यूरिक अम्ल के रूप में नीचे आती है, जो संगमरमर के कैल्सियम कार्बोनेट पर आघात करती है। पत्थर की चमक चली जाती है, वह पीला पड़ जाता है और उसकी सतह गड्ढेदार तथा परतदार हो जाती है, और इस क्षय का प्रचलित नाम मार्बल कैंसर है। इसी हानि की चिंता से ताज ट्रैपेजियम क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर प्रतिबंध लगे। विकल्प A गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड वर्षा को केवल हल्का अम्लीय बनाती है और वैश्विक तापन का कारण है, इस क्षरण का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि क्लोरोफ्लोरो कार्बन ओजोन परत का क्षय करते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि धरातलीय ओजोन फेफड़ों, फसलों और रबड़ को हानि पहुँचाती है, संगमरमर को नहीं।

Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

वायु गुणवत्ता बुलेटिनों में बताया जाने वाला प्रदूषक पीएम2.5 उन कणों को कहता है जिनका व्यास है:

  1. A.2.5 मिलीमीटर या उससे कम
  2. B.2.5 नैनोमीटर या उससे कम
  3. C.2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम
  4. D.2.5 सेंटीमीटर या उससे कम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम

व्याख्या

सही उत्तर C, 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम है। कणिकीय पदार्थ को माइक्रोमीटर में मापे गए कणों के व्यास से श्रेणीबद्ध किया जाता है, इसलिए पीएम10 का अर्थ दस माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास के कण और पीएम2.5 का अर्थ 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास के कण हैं, जो मनुष्य के बाल से लगभग तीस गुना महीन होते हैं। स्वास्थ्य के लिए यही महीन अंश सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि नाक और गला उसे छान नहीं पाते; वह फेफड़ों में गहरे जाता है, कूपिकाओं में बैठ जाता है और रक्त में भी पहुँच सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि मिलीमीटर माइक्रोमीटर से एक हजार गुना बड़ा है और इतने बड़े कण वायु में लटके नहीं रहते। विकल्प B गलत है क्योंकि नैनोमीटर एक हजार गुना छोटा है। विकल्प D गलत है क्योंकि सेंटीमीटर आकार का कण कणिकीय पदार्थ ही नहीं है।

Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

1987 में अपनाया गया मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?

  1. A.ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी
  2. B.अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों का संरक्षण
  3. C.वन्य वनस्पति और जीवों की संकटग्रस्त प्रजातियों का व्यापार
  4. D.ओजोन क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से हटाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ओजोन क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से हटाना

व्याख्या

सही उत्तर D, ओजोन क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से हटाना है। वियना अभिसमय के अंतर्गत 1987 में अपनाया गया मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल अपने पक्षकारों को क्लोरोफ्लोरो कार्बन, हैलोन तथा समतापमंडलीय ओजोन को नष्ट करने वाले अन्य रसायनों को चरणबद्ध रूप से हटाने के लिए बाध्य करता है, और इसी कारण उसे सबसे सफल पर्यावरण संधि माना जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन जलवायु अभिसमय के अंतर्गत क्योटो प्रोटोकॉल तथा पेरिस समझौते का विषय है। विकल्प B गलत है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियाँ 1971 के रामसर अभिसमय से संरक्षित हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि संकटग्रस्त प्रजातियों का व्यापार साइटीस, अर्थात वन्य जीव और वनस्पति की संकटग्रस्त प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर अभिसमय, से नियंत्रित होता है। परीक्षा के लिए यह भी ध्यान रखें कि 16 सितंबर विश्व ओजोन दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल अपनाए जाने का दिन है, और किगाली संशोधन ने बाद में हाइड्रोफ्लोरो कार्बन को भी इसी संधि के दायरे में लाया।

Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

201 से 300 के बीच का वायु गुणवत्ता सूचकांक मान किस श्रेणी में आता है?

  1. A.मध्यम
  2. B.खराब
  3. C.बहुत खराब
  4. D.गंभीर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. खराब

व्याख्या

सही उत्तर B, खराब है। राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक की छह पट्टियाँ हैं: 0 से 50 अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर। जिस प्रदूषक के पर्याप्त आँकड़े उपलब्ध हों, उसके लिए उप-सूचकांक निकाला जाता है, और इन उप-सूचकांकों में सबसे खराब उस दिन का एक्यूआई बनता है, तथा उसके लिए जिम्मेदार प्रदूषक को प्रमुख प्रदूषक बताया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि मध्यम श्रेणी 101 से 200 तक है। विकल्प C गलत है क्योंकि बहुत खराब श्रेणी 301 से ही आरंभ होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि गंभीर सबसे ऊपर की पट्टी है, 401 से 500 तक, जिसमें स्वस्थ व्यक्ति भी प्रभावित होते हैं और सामान्यतः आपातकालीन प्रतिबंध लगाए जाते हैं।

Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

भारत का कौन सा कानून विशेष रूप से वायु प्रदूषण के निवारण और नियंत्रण से संबंधित है?

  1. A.वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981
  2. B.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
  3. C.जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974
  4. D.वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981

व्याख्या

सही उत्तर A, वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 है। यह अधिनियम वायु प्रदूषण पर विशिष्ट कानून है। यह केंद्रीय तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को उद्योगों और वाहनों के लिए उत्सर्जन मानक तय करने, वायु प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र घोषित करने और किसी प्रदूषणकारी संयंत्र की स्थापना या संचालन से पहले सहमति लेने की अपेक्षा करने की शक्ति देता है। विकल्प B गलत है क्योंकि भोपाल गैस त्रासदी के बाद पारित पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 छत्र कानून है, जो केवल वायु नहीं, पर्यावरण के सभी माध्यमों को समेटता है। विकल्प C गलत है क्योंकि 1974 का जल अधिनियम जल प्रदूषण से संबंधित है, हालाँकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पहले उसी अधिनियम के अंतर्गत बना। विकल्प D गलत है क्योंकि 1972 का वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम प्रजातियों तथा आवासों की रक्षा करता है।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

ताप विद्युत गृह में लगाया गया स्थिर वैद्युत अवक्षेपक निर्गम गैस से कौन सा प्रदूषक हटाता है?

  1. A.सल्फर डाइऑक्साइड
  2. B.नाइट्रोजन के ऑक्साइड
  3. C.कणिकीय पदार्थ
  4. D.कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कणिकीय पदार्थ

व्याख्या

सही उत्तर C, कणिकीय पदार्थ है। स्थिर वैद्युत अवक्षेपक निर्गम गैस में मौजूद धूल तथा राख के कणों को इलेक्ट्रोड के पास से निकलते समय विद्युत आवेश देता है और फिर उन्हें विपरीत आवेश वाली प्लेटों पर इकट्ठा कर लेता है; प्लेटों को हिलाया जाता है जिससे जमा राख नीचे कुंड में गिर जाए। कोयले से चलने वाले विद्युत गृह की चिमनी गैसों को साफ करने का यह मानक उपकरण है और यह कणों का बड़ा भाग हटा देता है। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि गैसों को इस प्रकार आवेशित करके एकत्र नहीं किया जाता; सल्फर डाइऑक्साइड तथा नाइट्रोजन के ऑक्साइड स्क्रबर से हटाए जाते हैं, जिसमें गैस को जल या चूने के घोल से धोया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि सामान्य व्यवहार में कार्बन डाइऑक्साइड इन दोनों उपकरणों से नहीं हटाई जाती।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

उत्प्रेरक परिवर्तक लगे वाहन में सीसारहित पेट्रोल का प्रयोग आवश्यक है, क्योंकि सीसा:

  1. A.निकास गैसों का तापमान बढ़ा देता है
  2. B.परिवर्तक में लगे उत्प्रेरक को निष्क्रिय कर देता है
  3. C.कार्बन मोनोऑक्साइड से क्रिया करके ठोस बनाता है
  4. D.ईंधन की ऑक्टेन संख्या घटा देता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. परिवर्तक में लगे उत्प्रेरक को निष्क्रिय कर देता है

व्याख्या

सही उत्तर B, परिवर्तक में लगे उत्प्रेरक को निष्क्रिय कर देता है है। उत्प्रेरक परिवर्तक में मधुकोश जैसे आधार पर प्लैटिनम, पैलेडियम और रोडियम लगे होते हैं, जो कार्बन मोनोऑक्साइड तथा बिना जले हाइड्रोकार्बन को कार्बन डाइऑक्साइड और जल में ऑक्सीकृत करते हैं और नाइट्रोजन के ऑक्साइड को नाइट्रोजन में अपचयित करते हैं। सीसायुक्त पेट्रोल से आने वाले सीसा यौगिक इन धातुओं की सतह पर परत बना देते हैं और उनकी उत्प्रेरक क्रिया नष्ट कर देते हैं, जिसे उत्प्रेरक विषन कहा जाता है, और उसके बाद परिवर्तक निकास गैस साफ नहीं करता। विकल्प A गलत है क्योंकि समस्या रासायनिक विषन की है, तापमान बढ़ने की नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि निकास में सीसा कार्बन मोनोऑक्साइड से कोई ठोस नहीं बनाता। विकल्प D गलत है क्योंकि टेट्राएथिल लेड पेट्रोल में उसकी ऑक्टेन संख्या बढ़ाने के लिए ही मिलाया जाता था, घटाने के लिए नहीं।

Q12.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

वायु में सल्फर डाइऑक्साइड प्रदूषण के जैव सूचक के रूप में निम्नलिखित में से किन जीवों का प्रयोग होता है?

  1. A.लाइकेन
  2. B.केंचुए
  3. C.मधुमक्खियाँ
  4. D.जलकुंभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लाइकेन

व्याख्या

सही उत्तर A, लाइकेन है। लाइकेन शैवाल और कवक का सहजीवन है और वह अपना जल तथा पोषक तत्व सीधे वायु से लेता है, क्योंकि उसमें न रक्षक उपचर्म होती है और न जड़ें। इसलिए वह नमी के साथ घुली सल्फर डाइऑक्साइड भी सोख लेता है और ऐसी सांद्रता पर भी मर जाता है जो अधिकांश पौधों को हानि पहुँचाने के लिए बहुत कम हो, और इसी कारण किसी नगर में पेड़ों के तनों से लाइकेन का लुप्त होना सल्फर डाइऑक्साइड प्रदूषण का संकेत माना जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि केंचुए मिट्टी के स्वास्थ्य और नमी के सूचक हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि मधुमक्खियों को कीटनाशकों के प्रयोग तथा पुष्पी पौधों की स्थिति के सूचक के रूप में देखा जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि जलकुंभी, जिसे बंगाल का आतंक कहा जाता है, पोषक तत्वों से भरे प्रदूषित जल की सूचक है, प्रदूषित वायु की नहीं।

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