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बिहार क्विज: बिहार के किसान और जनजातीय आंदोलन

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

बिहार के अंतर्गत "बिहार के किसान और जनजातीय आंदोलन" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बिहारआसान

महात्मा गांधी को चंपारण आने के लिए किसने राजी किया और गांधीजी किस वर्ष पहुँचे?

  1. A.राजेंद्र प्रसाद ने, 1915 में
  2. B.राजकुमार शुक्ल ने, 1917 में
  3. C.अनुग्रह नारायण सिन्हा ने, 1920 में
  4. D.स्वामी सहजानंद सरस्वती ने, 1929 में
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सही उत्तर: B. राजकुमार शुक्ल ने, 1917 में

शुक्ल चंपारण के किसान थे, जो 1916 के कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन से गांधीजी के पीछे लगे रहे जब तक उन्होंने नील के जिले स्वयं देखने की सहमति नहीं दी।

Q2.बिहारमध्यम

चंपारण की तीनकठिया प्रथा में किसान को क्या करना पड़ता था?

  1. A.उपज का तीन-चौथाई लगान के रूप में देना
  2. B.प्रत्येक बीस कट्ठा में से तीन कट्ठा पर नील बोना
  3. C.बागान मालिक के लिए महीने में तीन दिन बिना मजदूरी काम करना
  4. D.जमींदार को तीन बीघा भूमि सौंपना
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सही उत्तर: B. प्रत्येक बीस कट्ठा में से तीन कट्ठा पर नील बोना

बीस कट्ठा एक बीघा होता था, इसलिए किसान को अपनी जोत का लगभग सातवाँ भाग यूरोपीय बागान मालिक के लिए नील के अधीन रखना पड़ता था, और शर्तें मालिक तय करता था तथा ऊपर से कई अवैध अबवाब भी वसूले जाते थे।

Q3.बिहारआसान

1855-56 के संथाल हूल का नेतृत्व किन भाइयों ने किया?

  1. A.सिदो और कान्हू
  2. B.बुद्धू और जोआ भगत
  3. C.बिरसा और गया मुंडा
  4. D.जतरा और तुरिया उरांव
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सही उत्तर: A. सिदो और कान्हू

दामिन-ए-कोह के संथाल, महाजनों, लगान ठेकेदारों और रेल ठेकेदारों के दबाव में, भाइयों सिदो और कान्हू के नेतृत्व में उठे, जिनके साथ चाँद तथा भैरव भी थे, और 1855 में उन्होंने अपने क्षेत्र में कंपनी शासन समाप्त घोषित कर दिया।

Q4.बिहारआसान

जनजातीय भूमि छिनने के विरुद्ध बिरसा मुंडा का आंदोलन किस नाम से जाना जाता है?

  1. A.हूल
  2. B.उलगुलान
  3. C.बकाश्त
  4. D.ताना
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सही उत्तर: B. उलगुलान

मुंडारी में इस शब्द का अर्थ महान हलचल या उपद्रव है, और यही नाम बिरसा मुंडा के 1899-1900 के विद्रोह को दिया गया, जो जमींदारों, ठेकेदारों और मिशनरियों के विरुद्ध तथा सबसे अधिक उस खूँटकट्टी व्यवस्था के विनाश के विरुद्ध था जिसमें मुंडा परिवार सामूहिक रूप से भूमि रखते थे।

Q5.बिहारमध्यम

1929 में बिहार प्रांतीय किसान सभा की स्थापना किसने की?

  1. A.कार्यानंद शर्मा
  2. B.स्वामी सहजानंद सरस्वती
  3. C.यदुनंदन शर्मा
  4. D.राहुल सांकृत्यायन
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सही उत्तर: B. स्वामी सहजानंद सरस्वती

संन्यासी से संगठनकर्ता बने सहजानंद ने 1929 में जमींदारों के विरुद्ध काश्तकारों के दावे उठाने के लिए बिहार प्रांतीय किसान सभा खड़ी की, और यही संस्था अप्रैल 1936 में लखनऊ में बने अखिल भारतीय किसान सभा का आदर्श बनी, जिसके वे प्रथम अध्यक्ष थे और एन. जी. रंगा महासचिव।

Q6.बिहारमध्यम

अप्रैल 1936 में लखनऊ में स्थापित अखिल भारतीय किसान सभा के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.एन. जी. रंगा
  2. B.स्वामी सहजानंद सरस्वती
  3. C.जवाहरलाल नेहरू
  4. D.राजेंद्र प्रसाद
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सही उत्तर: B. स्वामी सहजानंद सरस्वती

प्रांतों के किसान संगठन अप्रैल 1936 में लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा के रूप में एक हुए, और बिहार के नेता सहजानंद सरस्वती इसके प्रथम अध्यक्ष चुने गए, जबकि आंध्र के एन. जी. रंगा महासचिव बने।

Q7.बिहारकठिन

1930 के दशक के अंत में मुंगेर जिले के बकाश्त भूमि आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?

  1. A.कार्यानंद शर्मा
  2. B.बिरसा मुंडा
  3. C.जतरा उरांव
  4. D.ब्रजकिशोर प्रसाद
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सही उत्तर: A. कार्यानंद शर्मा

बकाश्त वह भूमि थी जिसे जमींदारों ने मंदी के समय दखलकार काश्तकारों को बेदखल कर अपनी जोत में ले लिया था, और किसान सभा ने उसे काश्तकारों को वापस दिलाने के लिए संघर्ष किया।

Q8.बिहारकठिन

1914 में आरंभ ताना भगत आंदोलन किसने शुरू किया?

  1. A.सिदो संथाल
  2. B.जतरा उरांव
  3. C.बुद्धू भगत
  4. D.गंगा नारायण सिंह
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सही उत्तर: B. जतरा उरांव

जतरा उरांव, जिन्हें जतरा भगत भी कहा जाता है, गुमला और राँची क्षेत्र के उरांवों में यह उपदेश देते थे कि वे शराब, पशुबलि और जमींदारों की बेगारी छोड़ दें तथा बाहरी लोगों को लगान देना बंद करें।

Q9.बिहारमध्यम

बिरसा मुंडा के उलगुलान के बाद सरकार ने कौन-सा कानून बनाया?

  1. A.चंपारण कृषि अधिनियम, 1918
  2. B.छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908
  3. C.बंगाल काश्तकारी अधिनियम, 1885
  4. D.संथाल परगना अधिनियम, 1855
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908

1899-1900 के विद्रोह ने प्रशासन को जनजातीय भूमि के छिनने पर ध्यान देने के लिए विवश किया, और 1908 के अधिनियम ने उस खूँटकट्टी अधिकार को मान्यता दी जिसके अंतर्गत मुंडा परिवार सामूहिक रूप से भूमि रखते थे, बाहरी लोगों को उसके हस्तांतरण पर रोक लगाई और बेठ बेगारी नामक…

Q10.बिहारकठिन

छोटानागपुर में 1831-32 के कोल विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?

  1. A.बुद्धू भगत
  2. B.कान्हू संथाल
  3. C.बिरसा मुंडा
  4. D.कार्यानंद शर्मा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बुद्धू भगत

छोटानागपुर के कोल तब उठे जब उनकी भूमि बाहरी लोगों, जिन्हें दिकू कहा जाता था, को खेती और पट्टे पर सौंप दी गई, और बुद्धू भगत के नेतृत्व में यह विद्रोह राँची, हजारीबाग, पलामू तथा सिंहभूम तक फैला, जिसे सेना ने दबाया।

Q11.बिहारमध्यम

चंपारण में तीनकठिया प्रथा किस कानून से समाप्त हुई?

  1. A.छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908
  2. B.चंपारण कृषि अधिनियम, 1918
  3. C.रौलट अधिनियम, 1919
  4. D.भारत शासन अधिनियम, 1919
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सही उत्तर: B. चंपारण कृषि अधिनियम, 1918

गांधीजी ने हजारों किसानों के बयान दर्ज कराने और सरकारी जाँच समिति के सदस्य बनने के बाद सरकार को यह स्वीकार करना पड़ा कि नील की बाध्यता और अवैध अबवाब समाप्त होने चाहिए, और 1918 के अधिनियम ने तीनकठिया समाप्त की तथा किसानों से वसूली गई राशि का एक भाग…

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