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GK क्विजकला और संस्कृति

कला और संस्कृति क्विज: विदेशों में भारतीय संस्कृति का प्रसार: दक्षिण-पूर्व और मध्य एशिया

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
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इस क्विज के बारे में

कला और संस्कृति के अंतर्गत "विदेशों में भारतीय संस्कृति का प्रसार: दक्षिण-पूर्व और मध्य एशिया" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.कला और संस्कृतिमध्यम

अंगकोरवाट मंदिर किस शासक ने बनवाया और वह मूल रूप से किस देवता को समर्पित था?

  1. A.जयवर्मन सप्तम, बुद्ध को समर्पित
  2. B.सूर्यवर्मन द्वितीय, विष्णु को समर्पित
  3. C.राजेंद्र चोल प्रथम, शिव को समर्पित
  4. D.कौंडिन्य, ब्रह्मा को समर्पित
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सूर्यवर्मन द्वितीय, विष्णु को समर्पित

व्याख्या

सही उत्तर B, सूर्यवर्मन द्वितीय, विष्णु को समर्पित है। खमेर राजा सूर्यवर्मन द्वितीय ने बारहवीं शताब्दी में आज के कंबोडिया में अंगकोरवाट को विष्णु मंदिर के रूप में बनवाया, और उसके विस्तार के कारण वह संसार का सबसे बड़ा विष्णु मंदिर कहलाता है; बाद में उसका उपयोग बौद्ध स्थल के रूप में भी हुआ और आज वह कंबोडिया के राष्ट्रीय ध्वज पर अंकित है। विकल्प A गलत है क्योंकि जयवर्मन सप्तम, जो बाद में शासन करता था, ने अंगकोर थोम बनवाया जिसके केंद्र में बायोन है, और वह महायान बौद्ध था, इसी कारण बायोन के मुख बौद्ध हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि राजेंद्र चोल प्रथम भारतीय शासक था, जिसकी नौसेना ने श्रीविजय पर आक्रमण किया; उसने तमिल क्षेत्र में गंगैकोंड चोलपुरम मंदिर बनवाया, कंबोडिया में नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि कौंडिन्य पहले के फुनान राज्य की स्थापना कथा से जुड़े हैं और उन्होंने ऐसा कोई निर्माण नहीं कराया।

Q2.कला और संस्कृतिमध्यम

मध्य जावा का विशाल सीढ़ीदार स्मारक बोरोबुदुर किस वंश में बना और किस धर्म से संबंधित है?

  1. A.शैलेंद्र वंश; बौद्ध धर्म
  2. B.माजापहित वंश; इस्लाम
  3. C.शैलेंद्र वंश; जैन धर्म
  4. D.पाल वंश; हिंदू धर्म
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. शैलेंद्र वंश; बौद्ध धर्म

व्याख्या

सही उत्तर A, शैलेंद्र वंश और बौद्ध धर्म है। बोरोबुदुर आठवीं और नौवीं शताब्दी में जावा के शैलेंद्र शासकों ने बौद्ध स्मारक के रूप में बनवाया, जिसका रूप सीढ़ीदार पिरामिड का है और जिसकी वीथियों में बुद्ध के जीवन तथा उपदेश के उत्कीर्ण फलक हैं, और ऊपरी चबूतरों के खुले स्तूपों में बैठी बुद्ध प्रतिमाएं हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि माजापहित जावा का बाद का हिंदू-बौद्ध साम्राज्य था और इस्लाम द्वीपों में बोरोबुदुर बनने के कई शताब्दी बाद पहुंचा। विकल्प C में वंश सही है, परंतु धर्म गलत है, क्योंकि जैन धर्म इस प्रकार दक्षिण-पूर्व एशिया नहीं गया। विकल्प D गलत है क्योंकि पाल बंगाल और बिहार में शासन करते थे और नालंदा तथा विक्रमशिला के संरक्षक थे; जावा का हिंदू स्मारक प्रम्बानन है, जो मुख्यतः शिव के लिए बना।

Q3.कला और संस्कृतिआसान

रामकियेन, जो अपने देश का राष्ट्रीय महाकाव्य है, रामायण का स्थानीय रूप किस देश में है?

  1. A.इंडोनेशिया
  2. B.थाईलैंड
  3. C.कंबोडिया
  4. D.म्यांमार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. थाईलैंड

व्याख्या

सही उत्तर B, थाईलैंड है। रामकियेन रामायण का थाई रूप है, जो बैंकॉक के एमराल्ड बुद्ध मंदिर की वीथियों में चित्रित है और मुखौटा नृत्य में प्रस्तुत होता है; वर्तमान थाई राजवंश के राजा उसी से राम उपाधि लेते हैं और पुरानी राजधानी अयुत्थया का नाम अयोध्या से बना है। विकल्प A गलत है क्योंकि जावा का रूप ककविन रामायण कहलाता है, जो वायांग कुलित छाया नाट्य में प्रस्तुत होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि कंबोडिया का रूप रीमकेर कहलाता है, जो खमेर मंदिरों में उत्कीर्ण और चित्रित है। विकल्प D गलत है क्योंकि म्यांमार का रूप यमा जातदौ के नाम से जाना जाता है। इन चारों देशों की अपनी रामायण है, और इसी कारण ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए नामों का मिलान ध्यान से करना चाहिए, अनुमान से नहीं।

Q4.कला और संस्कृतिआसान

सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए श्रीलंका किसे भेजा?

  1. A.बोधिधर्म और बोधिसेन
  2. B.महेंद्र अर्थात महिंद, और बाद में संघमित्रा
  3. C.शांतरक्षित और पद्मसंभव
  4. D.फाह्यान और ह्वेनसांग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. महेंद्र अर्थात महिंद, और बाद में संघमित्रा

व्याख्या

सही उत्तर B है। अशोक ने अपने पुत्र महेंद्र को, जिन्हें पालि इतिवृत्तों में महिंद कहा गया है, श्रीलंका भेजा, जहां द्वीप के राजा ने उपदेश स्वीकार किया, और उसके बाद भिक्षुणी संघमित्रा बोधि वृक्ष की शाखा लेकर पहुंचीं, जो अनुराधापुर में रोपी गई। यह कथा पालि इतिवृत्त दीपवंश और महावंश में मिलती है। विकल्प A गलत है क्योंकि बोधिधर्म चीन से जुड़े हैं, जहां उनका संप्रदाय चान और जापान में जेन बना, तथा बोधिसेन जापान के नारा स्थित तोदाईजी मंदिर से। विकल्प C गलत है क्योंकि शांतरक्षित और पद्मसंभव ने आठवीं शताब्दी में तिब्बत में बौद्ध धर्म स्थापित किया, अर्थात अशोक के एक हजार वर्ष बाद। विकल्प D गलत है क्योंकि फाह्यान और ह्वेनसांग चीनी यात्री थे, जो अध्ययन के लिए भारत आए थे, विदेश भेजे गए भारतीय धर्मदूत नहीं।

Q5.कला और संस्कृतिआसान

वर्ष 2001 में नष्ट की गई चट्टान में तराशी विशाल बुद्ध प्रतिमाएं किस देश में थीं?

  1. A.पाकिस्तान
  2. B.अफगानिस्तान
  3. C.उज्बेकिस्तान
  4. D.ईरान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अफगानिस्तान

व्याख्या

सही उत्तर B, अफगानिस्तान है। ये दो विशाल बुद्ध प्रतिमाएं बामियान घाटी की चट्टान में तराशी गई थीं, जो रेशम मार्ग की उस शाखा पर है जिससे बौद्ध धर्म गांधार से मध्य एशिया पहुंचा, और वे 2001 में नष्ट कर दी गईं; घाटी अपनी शेष गुफाओं तथा चित्रों के कारण आज भी विश्व धरोहर सूची में है। विकल्प A गलत है और यही सामान्य जाल भी है, क्योंकि पाकिस्तान में तक्षशिला तथा तख्त-ए-बाही जैसे गांधार स्थल और उस शैली की संग्रहालय प्रतिमाएं हैं, परंतु बामियान की प्रतिमाएं वहां नहीं थीं। विकल्प C गलत है क्योंकि उज्बेकिस्तान में तेरमेज के बौद्ध अवशेष तथा समरकंद और बुखारा के इस्लामी स्मारक हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि ईरान इस मार्ग पर था, परंतु वह पारसी और बाद की इस्लामी परंपरा से जुड़ा है, इस प्रकार की प्रतिमाओं से नहीं।

Q6.कला और संस्कृतिमध्यम

चंपा राज्य द्वारा बनाया गया मी सोन का शैव मंदिर समूह आज किस देश में है?

  1. A.वियतनाम
  2. B.लाओस
  3. C.मलेशिया
  4. D.फिलीपींस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वियतनाम

व्याख्या

सही उत्तर A, वियतनाम है। चंपा राज्य ने कई शताब्दियों तक आज के वियतनाम के मध्य तट पर शासन किया, अपने अभिलेखों में संस्कृत का प्रयोग किया और शिव के ईंट निर्मित मंदिर बनाए, जिनमें मी सोन का समूह सबसे बड़ा है और विश्व धरोहर स्थल है। विकल्प B गलत है क्योंकि लाओस थेरवाद बौद्ध धर्म, लुआंग प्राबांग नगर तथा लाओ रामायण फ्रा लक फ्रा राम से जुड़ा है। विकल्प C गलत है क्योंकि मलेशिया के आरंभिक भारतीय अवशेष केडाह और बुजांग घाटी में हैं, जो मंदिर नगर के स्थान पर छोटे देवालय हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि फिलीपींस में भारतीय प्रभाव मुख्यतः शब्दों के रूप में दिखता है, जैसे दसवीं शताब्दी के लगुना ताम्रपत्र अभिलेख में, और वहां ऐसा कोई मंदिर समूह नहीं है। वियतनाम के साथ चंपा और चाम लोग, यही नाम याद रखने योग्य हैं।

Q7.कला और संस्कृतिकठिन

परंपरा के अनुसार कौन भारतीय भिक्षु बौद्ध धर्म का ध्यान संप्रदाय चीन ले गए, जो वहां चान और जापान में जेन बना?

  1. A.अतीश
  2. B.बोधिधर्म
  3. C.कुमारजीव
  4. D.शीलभद्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बोधिधर्म

व्याख्या

सही उत्तर B, बोधिधर्म है, जिन्हें परंपरा में दक्षिण भारत के पल्लव देश का राजकुमार माना जाता है और जो चीन जाकर ऐसे मार्ग का उपदेश दिया जो ग्रंथ के स्थान पर ध्यान पर टिका था; उनका संप्रदाय चीनी में चान और जापानी में जेन कहलाता है, तथा कथा उन्हें शाओलिन मठ से भी जोड़ती है। विकल्प A गलत है क्योंकि अतीश ग्यारहवीं शताब्दी में विक्रमशिला से तिब्बत गए और वहां मठीय शिक्षा में सुधार किया। विकल्प C गलत है क्योंकि मध्य एशिया के कूचा से आए कुमारजीव बौद्ध ग्रंथों के चीनी में महान अनुवादक थे, परंतु ध्यान संप्रदाय के संस्थापक नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि शीलभद्र नालंदा के वे आचार्य थे जिनसे चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अध्ययन किया, और वे भारत में ही रहे। चीन के साथ बोधिधर्म और जापान के साथ बोधिसेन, यही जोड़ा याद रखना चाहिए।

Q8.कला और संस्कृतिमध्यम

चतुर्थ बौद्ध संगीति, जिसके बाद महायान बौद्ध धर्म रेशम मार्ग से मध्य एशिया में फैला, किसने बुलाई थी?

  1. A.अशोक
  2. B.कालाशोक
  3. C.कनिष्क
  4. D.अजातशत्रु
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कनिष्क

व्याख्या

सही उत्तर C, कनिष्क है, जिस कुषाण शासक ने कश्मीर में चतुर्थ बौद्ध संगीति बुलाई और जिसका साम्राज्य गंगा के मैदान से मध्य एशिया तक फैला था, जिसके कारण महायान बौद्ध धर्म तथा गांधार और मथुरा की मूर्तिकला शैलियां व्यापार मार्गों से खोतान, कूचा और दुनहुआंग तक पहुंचीं। विकल्प A गलत है क्योंकि अशोक ने पाटलिपुत्र में तृतीय संगीति बुलाई थी और विदेश धर्मदूत भेजे थे। विकल्प B गलत है क्योंकि शिशुनाग वंश के कालाशोक ने वैशाली में द्वितीय संगीति बुलाई थी। विकल्प D गलत है क्योंकि मगध का अजातशत्रु उस समय का शासक था जब बुद्ध के महापरिनिर्वाण के कुछ ही समय बाद राजगृह में प्रथम संगीति हुई। संगीतियों का क्रम, उनके शासक और स्थान, एक तालिका के रूप में याद कर लेना चाहिए, क्योंकि यह बार-बार पूछा जाता है।

Q9.कला और संस्कृतिमध्यम

वह संस्कृत ग्रंथ, जो पश्चिम की ओर गया और अरबी में कलीला व दिमना के नाम से जाना गया, कौन है?

  1. A.पंचतंत्र
  2. B.अर्थशास्त्र
  3. C.नाट्यशास्त्र
  4. D.अष्टाध्यायी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पंचतंत्र

व्याख्या

सही उत्तर A, पंचतंत्र है, जो राजकुमारों को राजनीति सिखाने के लिए रची गई पशु कथाओं का संग्रह है। उसका अनुवाद फारसी साम्राज्य में पहलवी में हुआ और उसी से अरबी में कलीला व दिमना बना, जिसके दोनों नाम कथाओं के गीदड़ों के हैं, और अरबी से वह फारसी, सीरियाई, हिब्रू, यूनानी तथा लैटिन में और फिर यूरोप की भाषाओं में पहुंचा। विकल्प B गलत है क्योंकि कौटिल्य को समर्पित राजनीति ग्रंथ अर्थशास्त्र इस प्रकार पश्चिम नहीं गया और भारत में भी उसकी पुनः प्राप्ति बीसवीं शताब्दी में हुई। विकल्प C गलत है क्योंकि भरत का नाट्यशास्त्र नाट्य, नृत्य और संगीत का ग्रंथ है और वह भारतीय परंपरा के भीतर ही रहा। विकल्प D गलत है क्योंकि पाणिनि की अष्टाध्यायी संस्कृत का व्याकरण है, एक तकनीकी ग्रंथ, जिसकी विदेश में ऐसी यात्रा नहीं हुई।

Q10.कला और संस्कृतिमध्यम

थाईलैंड की कौन सी पुरानी राजधानी का नाम अयोध्या से बना है?

  1. A.सुखोथाई
  2. B.अयुत्थया
  3. C.चियांग माई
  4. D.नखोन पथोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अयुत्थया

व्याख्या

सही उत्तर B, अयुत्थया है, जो लगभग चार शताब्दी तक थाई राज्य की राजधानी रही और आज खंडहर मंदिरों तथा बुद्ध प्रतिमाओं वाला विश्व धरोहर स्थल है। यह नाम रामायण में राम के नगर अयोध्या का थाई रूप है, और वह ऐसे दरबार के अनुरूप भी है जिसका महाकाव्य रामकियेन था और जिसके राजा राम उपाधि धारण करते थे। विकल्प A गलत है क्योंकि सुखोथाई पहले की थाई राजधानी थी, जो चलती हुई बुद्ध प्रतिमा और पहली थाई लिपि के लिए प्रसिद्ध है, परंतु उसका नाम संस्कृत में सुख के उदय का अर्थ देता है, अयोध्या का रूप नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि चियांग माई उत्तर के लान्ना राज्य की राजधानी थी। विकल्प D गलत है क्योंकि नखोन पथोम प्राचीन बौद्ध केंद्र है जहां विशाल स्तूप है, और उसके नाम का अर्थ प्रथम नगर है, अयोध्या नहीं।

Q11.कला और संस्कृतिमध्यम

हर्षवर्धन के शासनकाल में नालंदा में आचार्य शीलभद्र से अध्ययन करने वाला चीनी यात्री कौन था?

  1. A.फाह्यान
  2. B.ह्वेनसांग
  3. C.इत्सिंग
  4. D.सुंग युन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ह्वेनसांग

व्याख्या

सही उत्तर B, ह्वेनसांग है, जो सातवीं शताब्दी में मध्य एशिया के भूमि मार्ग से आया, हर्षवर्धन के शासनकाल में वर्षों भारत में रहा, नालंदा महाविहार में शीलभद्र से अध्ययन किया और हस्तलिखित ग्रंथ चीन लौटाकर उनका अनुवाद किया, तथा अपने समय के भारत का सबसे विस्तृत विदेशी विवरण छोड़ा। विकल्प A गलत है क्योंकि फाह्यान दो शताब्दी पहले गुप्त शासक चंद्रगुप्त द्वितीय के समय आया था और उसका विवरण मठों तथा नगरों का है, नालंदा में अध्ययन का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि इत्सिंग उसके बाद आया और उसने मुख्यतः मठीय अनुशासन तथा समुद्री मार्ग पर लिखा। विकल्प D गलत है क्योंकि सुंग युन हूण काल में दूत के रूप में आया और उसने केवल संक्षिप्त उल्लेख छोड़ा। प्रत्येक यात्री को उसके समय के भारतीय शासक के साथ जोड़कर याद रखना ऐसे प्रश्नों का सबसे तेज उत्तर है।

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