सूर्यास्त विधि किस भू-राजस्व व्यवस्था की विशेषता थी?
- A.रैयतवाड़ी व्यवस्था
- B.महालवाड़ी व्यवस्था
- C.स्थायी बंदोबस्त
- D.वॉरेन हेस्टिंग्स की ठेका व्यवस्था
उत्तर देखें
इसके नियमों के अनुसार राजस्व की किस्त नियत दिन के सूर्यास्त से पहले कोष में पहुँचनी चाहिए थी; ऐसा न होने पर जागीर सार्वजनिक नीलामी में बेची जा सकती थी, और पहले दो दशकों में अनेक पुराने परिवारों की ज़मींदारियाँ कलकत्ता के व्यापारियों के हाथ चली गईं।
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