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सुजीत ने एशियाई खेलों में 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती का स्वर्ण जीता

सुजीत ने एशियाई खेलों में पुरुषों की 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती का स्वर्ण पदक अपने पहले ही प्रयास में जीता, जो भारत का इस संस्करण में कुश्ती का पहला स्वर्ण है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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सुजीत ने एशियाई खेलों में 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती का स्वर्ण जीता — GK24 title card

चर्चा में क्यों

2 अक्टूबर 2026 को सुजीत ने एशियाई खेलों में पुरुषों की 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती का स्वर्ण अपने पहले ही प्रयास में जीता और भारत को इस संस्करण का कुश्ती में पहला स्वर्ण दिलाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें बधाई दी।

2 अक्टूबर 2026 को एशियाई खेलों में भारतीय कुश्ती का स्वर्ण खाता खुला। सुजीत ने पुरुषों की 65 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में पहला स्थान हासिल किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उसी शाम पहलवान को बधाई दी और प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह संदेश एक्स पर साझा किया।

पदक कैसे मिला

सुजीत ने अपने भार वर्ग के खिताबी मुकाबले में रोमांचक जीत के बाद शीर्ष स्थान पाया। यह पदक पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती के 65 किग्रा वर्ग में आया। परिणाम-पत्र में भार वर्ग इसी रूप में दर्ज होता है और परीक्षाओं में भी यही रूप पूछा जाता है। जो पहलवान पहली ही बार एशियाई खेलों के मैट पर उतरा हो, उसके लिए पदक तालिका की निचली सीढ़ी के बजाय सबसे ऊपर पहुँचना इस प्रदर्शन का सबसे उल्लेखनीय पहलू रहा।

एक पदक, दो उपलब्धियाँ

यह जीत पहलवान से ज्यादा भारतीय दल के लिए मायने रखती है। इस मुकाबले से पहले खेलों के मौजूदा संस्करण में किसी भी भारतीय पहलवान ने स्वर्ण नहीं जीता था, इसलिए सुजीत की जीत ने देश के लिए वह खाता खोला। इसके साथ दूसरी उपलब्धि भी जुड़ी है कि पहलवान एशियाई खेलों में अपनी पहली ही उपस्थिति दर्ज करा रहा था। प्रधानमंत्री ने इस जीत को यादगार सफलता बताया और सुजीत को आगे के लिए शुभकामनाएँ दीं।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

एशियाई खेलों के पदकों पर बने प्रश्न लगभग हमेशा चार बातों पर टिकते हैं — खिलाड़ी का नाम, खेल, ठीक-ठीक भार वर्ग और पदक का रंग। यहाँ चारों तय हैं: सुजीत, फ्रीस्टाइल कुश्ती, 65 किग्रा और स्वर्ण। पाँचवीं बात याद रखना भी जरूरी है, क्योंकि प्रश्नपत्र बनाने वाले इसे छोड़ते नहीं हैं कि यह इस संस्करण में भारत का कुश्ती का पहला स्वर्ण था और खिलाड़ी के पहले ही प्रयास में आया।

एक नजर में

खिलाड़ीसुजीत
स्पर्धापुरुष 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती
पदकस्वर्ण
खेलएशियाई खेल
तिथि2 अक्टूबर 2026

महत्वपूर्ण तथ्य

खिलाड़ीसुजीत
स्पर्धापुरुष 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती, एशियाई खेल
पदकस्वर्ण
महत्वएशियाई खेलों के इस संस्करण में भारत का कुश्ती में पहला स्वर्ण
विशेषएशियाई खेलों में पहली ही उपस्थिति में जीत
बधाईप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
तिथि2 अक्टूबर 2026
एशियाई खेल 2026: भारत की पूरी पदक तालिका और सभी विजेताओं की सूची देखें

परीक्षा की दृष्टि से

खिलाड़ी (सुजीत), खेल (फ्रीस्टाइल कुश्ती), भार वर्ग (पुरुष 65 किग्रा) और पदक (स्वर्ण) याद रखें। साथ में दो उपलब्धियाँ भी याद रखें — एशियाई खेलों में उनका पहला प्रयास और इस संस्करण में भारत का कुश्ती का पहला स्वर्ण।

अभ्यास प्रश्न

Q1.खेलआसान

सुजीत ने एशियाई खेलों में फ्रीस्टाइल कुश्ती का स्वर्ण किस भार वर्ग में जीता?

  1. A.पुरुष 57 किग्रा
  2. B.पुरुष 65 किग्रा
  3. C.पुरुष 74 किग्रा
  4. D.पुरुष 86 किग्रा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पुरुष 65 किग्रा

व्याख्या

सही उत्तर पुरुष 65 किग्रा है। सुजीत ने एशियाई खेलों में पुरुषों की 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा का स्वर्ण पदक रोमांचक खिताबी मुकाबले के बाद जीता था, और भार वर्ग ही वह बिंदु है जिसे प्रश्नपत्र में सबसे अधिक पूछा जाता है। विकल्प A यानी पुरुष 57 किग्रा गलत है, क्योंकि इस परिणाम में उस वर्ग के किसी स्वर्ण का उल्लेख नहीं है; दर्ज पदक 65 किग्रा वर्ग का है। विकल्प C यानी पुरुष 74 किग्रा भी इसी कारण गलत है और यहाँ अंक को केवल ऊपर खिसकाकर भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई है। विकल्प D यानी पुरुष 86 किग्रा भी गलत है, क्योंकि सुजीत ने उस भार वर्ग में स्वर्ण के लिए मुकाबला नहीं किया। उनके नाम के साथ केवल 65 किग्रा फ्रीस्टाइल का खिताब जुड़ा है और यह उनकी पहली ही एशियाई खेलों की उपस्थिति में आया।

Q2.खेलमध्यम

सुजीत का यह स्वर्ण एशियाई खेलों के इस संस्करण में भारत का किस खेल में पहला स्वर्ण था?

  1. A.तीरंदाजी
  2. B.कुश्ती
  3. C.नौकायन
  4. D.निशानेबाजी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कुश्ती

व्याख्या

सही उत्तर कुश्ती है। सुजीत फ्रीस्टाइल कुश्ती की स्पर्धा में उतरे थे और उनकी जीत ने एशियाई खेलों के इस संस्करण में भारत को कुश्ती का पहला स्वर्ण दिलाया। इसी कारण इस पदक को अलग से रेखांकित किया गया, क्योंकि इसने इन खेलों में भारतीय पहलवानों का स्वर्ण खाता खोला। विकल्प A यानी तीरंदाजी गलत है, क्योंकि सुजीत पहलवान हैं और उन्होंने तीरंदाजी में भाग नहीं लिया। विकल्प C यानी नौकायन भी इसी कारण गलत है, क्योंकि उनकी स्पर्धा कुश्ती का मुकाबला थी, नौकायन की दौड़ नहीं। विकल्प D यानी निशानेबाजी गलत है, क्योंकि इस पदक से निशानेबाजी की कोई स्पर्धा नहीं जुड़ी है। अभ्यर्थियों को तीन बातें एक साथ जोड़कर याद रखनी चाहिए — खिलाड़ी सुजीत, खेल फ्रीस्टाइल कुश्ती, और पदक की हैसियत कि यह मौजूदा संस्करण में भारत का कुश्ती का पहला स्वर्ण था।

Q3.खेलमध्यम

सुजीत के एशियाई खेलों के कुश्ती स्वर्ण के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.उन्होंने यह अपनी पहली एशियाई खेल उपस्थिति में जीता
  2. B.उन्होंने यह अपनी चौथी एशियाई खेल उपस्थिति में जीता
  3. C.उन्होंने इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता
  4. D.उन्होंने यह ग्रीको-रोमन शैली में जीता
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उन्होंने यह अपनी पहली एशियाई खेल उपस्थिति में जीता

व्याख्या

सही उत्तर यह है कि उन्होंने यह अपनी पहली एशियाई खेल उपस्थिति में जीता। पहलवान पहली ही बार एशियाई खेलों में उतरे थे और उन्होंने उस पहली उपस्थिति को स्वर्ण पदक में बदल दिया, इसीलिए प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को यादगार सफलता कहा। विकल्प B गलत है, क्योंकि यह उनकी पहली उपस्थिति थी, चौथी नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि उन्होंने रजत नहीं बल्कि स्वर्ण पदक जीता और खिताबी मुकाबला जीतकर अपने भार वर्ग में सबसे ऊपर जगह बनाई। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह खिताब फ्रीस्टाइल कुश्ती में आया था, ग्रीको-रोमन शैली में नहीं। इस तथ्य को जोड़ी के रूप में याद रखना सबसे सुरक्षित है — पहली उपस्थिति, और एशियाई खेलों के इस संस्करण में भारत का कुश्ती का पहला स्वर्ण।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियाई खेलों में पुरुषों की 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती का स्वर्ण किसने जीता?

सुजीत ने। उन्होंने 2 अक्टूबर 2026 को रोमांचक खिताबी मुकाबले के बाद यह स्वर्ण जीता और यह एशियाई खेलों में उनकी पहली उपस्थिति थी।

सुजीत का यह स्वर्ण क्यों खास माना जा रहा है?

यह एशियाई खेलों के इस संस्करण में भारत का कुश्ती में पहला स्वर्ण है और पहलवान ने इसे अपने पहले ही एशियाई खेलों में जीता।

सुजीत को किसने बधाई दी?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने, जिन्होंने इसे यादगार सफलता कहा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह संदेश एक्स पर साझा किया।

स्रोत

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