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दुशांबे में 25वीं एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद बैठक, भारत का पक्ष

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान के दुशांबे में 25वीं एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद बैठक में भारत का पक्ष रखा और आतंकवाद पर एकजुट कार्रवाई की मांग की।

लेखक प्रकाशित · 3 मिनट
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दुशांबे में 25वीं एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद बैठक, भारत का पक्ष

चर्चा में क्यों

20 अक्टूबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान के दुशांबे में एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां उन्होंने आतंकवाद के पूरे ढांचे को गिराने के लिए एकजुट कार्रवाई की मांग की और संगठन की 2026-2030 व्यापार तथा आर्थिक कार्य योजना का समर्थन किया।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की 25वीं बैठक 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में हुई, जिसमें भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बात रखी। शासनाध्यक्ष परिषद संगठन का वह मंच है जो सदस्य देशों के बीच आर्थिक और व्यावहारिक सहयोग की दिशा तय करता है। भारत 2017 से इस संगठन का पूर्ण सदस्य है।

आतंकवाद पर भारत की बात

रक्षा मंत्री ने सदस्य देशों से कहा कि आतंकवाद को जिंदा रखने वाले पूरे ढांचे को गिराने के लिए मिलकर काम करना होगा। उन्होंने इसे शांति और विकास के सामने खड़े सबसे भारी खतरों में गिना। उनका कहना था कि आतंकवाद के लिए कोई बहाना नहीं हो सकता, इससे निपटने में दोहरा पैमाना नहीं चल सकता, और जो इसे पैसा देते हैं, सहारा देते हैं या सुरक्षित पनाह देते हैं, उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोड़ा कि ऐसे हमले निर्दोष लोगों की जान लेते हैं, निवेश और कारोबार को डराकर पीछे हटा देते हैं, समाज को कट्टर बनाते हैं और नौजवानों से वे मौके छीन लेते हैं जिन पर उनका हक है।

व्यापार, नए केंद्र और संपर्क

भारत ने बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम की 2026-2030 की कार्य योजना को अपनाने का समर्थन किया। राजनाथ सिंह ने बिश्केक में अगस्त-सितंबर 2026 में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन के उन फैसलों का स्वागत किया, जिनके तहत ताशकंद में यूनिवर्सल सेंटर और दुशांबे में एंटी-ड्रग सेंटर संगठन के स्थायी निकाय बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इनका असर इस पर टिकेगा कि तालमेल कितना चुस्त है और काम समय पर पूरा होता है या नहीं। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि संस्थाओं की गिनती बढ़ाने से उपलब्धि अपने आप नहीं बढ़ती, और हर नया तंत्र किसी साफ पहचानी गई जरूरत पर बने तथा एक ही काम दो बार करने से बचे।

बाजारों को जोड़ने के सवाल पर मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा और चाबहार बंदरगाह का नाम लिया, जो मध्य एशिया को बड़े बाजारों से जोड़ सकते हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि संपर्क की हर पहल आपसी परामर्श और हर देश की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर खड़ी होनी चाहिए, वरना वह टिकेगी नहीं। उन्होंने सीमा शुल्क की प्रक्रिया आसान करने, कागजों की जगह डिजिटल दस्तावेज अपनाने, माल ढुलाई का ढांचा सुधारने और आपस में जुड़ सकने वाले डिजिटल समाधान लेने पर जोर दिया, ताकि इलाके में कारोबार की लागत घटे।

भारत ने मंच पर क्या रखा

  • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसने सरकारी सेवाओं की पहुंच बदली और वित्तीय समावेशन गहरा किया।
  • दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप तंत्रों में से एक, और महिला-नेतृत्व वाले विकास पर जोर।
  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा प्रतिरोधी अधोसंरचना गठबंधन।
  • टिकाऊ जीवनशैली के लिए मिशन लाइफ, और स्वच्छ ईंधन के लिए वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन।

रक्षा मंत्री ने इसी महीने मुंबई में मध्य एशिया की अधोसंरचना परियोजनाओं के वित्तपोषण पर हुई संगोष्ठी और पहले एससीओ एशियाई आर्थिक संवाद का जिक्र किया। उन्होंने सदस्य देशों को इस साल भारत में होने वाले पहले एससीओ सभ्यता संवाद मंच में आने का न्योता भी दिया। बैठक में प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने संयुक्त विज्ञप्ति अपनाई, जिसमें संगठन का 2027 का बजट, वित्तीय तथा प्रशासनिक फैसले और व्यापार कार्य योजना शामिल रही। उन्होंने कहा कि संगठन अपने पहले 25 साल की नींव पर आगे की राह बनाए, जो सहमति और गिने जा सकने वाले नतीजों पर टिकी हो।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनएससीओ शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की 25वीं बैठक
स्थानदुशांबे, ताजिकिस्तान
तारीख20 अक्टूबर 2026
भारत का प्रतिनिधित्वरक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह
समर्थित कार्य योजनाबहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम, 2026-2030
नए स्थायी निकायताशकंद में यूनिवर्सल सेंटर; दुशांबे में एंटी-ड्रग सेंटर
संपर्क परियोजनाएंअंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा और चाबहार बंदरगाह
अपनाया गया बजटसंयुक्त विज्ञप्ति में एससीओ का 2027 का बजट
एससीओ में भारत2017 से पूर्ण सदस्य
पिछला शिखर सम्मेलनबिश्केक, अगस्त-सितंबर 2026

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (25वीं), मंच (शासनाध्यक्ष परिषद), स्थान (दुशांबे, ताजिकिस्तान), तारीख (20 अक्टूबर 2026) और भारत के प्रतिनिधि (रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह) याद रखें। इसके साथ ताशकंद का यूनिवर्सल सेंटर और दुशांबे का एंटी-ड्रग सेंटर, 2026-2030 की व्यापार कार्य योजना, 2027 का एससीओ बजट, बिश्केक शिखर सम्मेलन 2026, भारत की 2017 से पूर्ण सदस्यता, तथा अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा और चाबहार बंदरगाह के नाम भी जोड़ लें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनआसान

एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक किस शहर में हुई?

  1. A.ताशकंद
  2. B.बिश्केक
  3. C.दुशांबे
  4. D.अस्ताना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दुशांबे

इसी बैठक में भारत की ओर से रक्षा मंत्री ने अपनी बात रखी।

Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

भारत ने बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम की किस अवधि की कार्य योजना का समर्थन किया?

  1. A.2024-2028
  2. B.2025-2029
  3. C.2026-2030
  4. D.2027-2031
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2026-2030

बैठक में रक्षा मंत्री ने इसी अवधि की बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम की कार्य योजना को अपनाने के लिए भारत के समर्थन को दोहराया, और आगे यह कार्य योजना उस संयुक्त विज्ञप्ति का हिस्सा बनी जिसे प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने अपनाया।

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

शंघाई सहयोग संगठन का नया एंटी-ड्रग सेंटर कहां बनाया जाएगा?

  1. A.ताशकंद
  2. B.दुशांबे
  3. C.मुंबई
  4. D.बिश्केक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दुशांबे

रक्षा मंत्री ने बिश्केक में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन के उन फैसलों का स्वागत किया जिनके तहत संगठन के दो स्थायी निकाय बनाए जाने हैं, और इनमें एंटी-ड्रग सेंटर दुशांबे में स्थापित होगा।

Q4.शिखर सम्मेलनमध्यम

राजनाथ सिंह ने मध्य एशिया को बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए किन दो पहलों का नाम लिया?

  1. A.स्वेज नहर और ग्वादर बंदरगाह
  2. B.अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा और चाबहार बंदरगाह
  3. C.बेल्ट एंड रोड पहल और कोलंबो बंदरगाह
  4. D.ट्रांस-साइबेरियन रेलवे और व्लादिवोस्तोक बंदरगाह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा और चाबहार बंदरगाह

साझा समृद्धि के लिए संपर्क की अहमियत बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत उन पहलों के साथ है जो बाजारों को जोड़ती हैं, व्यापार को आसान बनाती हैं और विकास के नए रास्ते खोलती हैं, और उन्होंने इन्हीं दोनों का नाम लेकर कहा कि ये मध्य एशिया को…

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक कहां हुई?

ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में, 20 अक्टूबर 2026 को। इस बैठक में भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भाग लिया।

भारत ने एससीओ के किन दो नए स्थायी निकायों का स्वागत किया?

ताशकंद में बनने वाले यूनिवर्सल सेंटर और दुशांबे में बनने वाले एंटी-ड्रग सेंटर का। ये दोनों फैसले बिश्केक में अगस्त-सितंबर 2026 के शिखर सम्मेलन में लिए गए थे।

भारत कब से एससीओ का पूर्ण सदस्य है?

2017 से। भारत संगठन के विभिन्न तंत्रों में सक्रिय रहता है, जिनमें आर्थिक और व्यावहारिक सहयोग देखने वाली शासनाध्यक्ष परिषद भी शामिल है।

राजनाथ सिंह ने संपर्क के लिए किन परियोजनाओं का नाम लिया?

अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा और चाबहार बंदरगाह, जो मध्य एशिया को बड़े बाजारों से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS