मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

जामसाहेब स्मृति युवा आदान-प्रदान का दूसरा संस्करण संपन्न

पोलैंड के 19 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडल ने 7 से 14 अक्टूबर 2026 तक गुजरात, महाराष्ट्र और नई दिल्ली की यात्रा कर यह युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम पूरा किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
जामसाहेब स्मृति युवा आदान-प्रदान का दूसरा संस्करण संपन्न

चर्चा में क्यों

जामसाहेब स्मृति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का दूसरा संस्करण 7 से 14 अक्टूबर 2026 तक चला, जिसमें पोलैंड के 19 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडल ने भारत-पोलैंड पंचवर्षीय कार्य योजना के तहत गुजरात, महाराष्ट्र और नई दिल्ली की यात्रा पूरी की।

पोलैंड के कुछ युवा एक सप्ताह तक उस ऋण की राह पर चले, जिसे उनका देश आज भी याद करता है। जामसाहेब स्मृति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का दूसरा संस्करण 7 से 14 अक्टूबर 2026 तक चला। इसमें पोलैंड के 19 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडल ने गुजरात, महाराष्ट्र और नई दिल्ली की यात्रा की।

कार्यक्रम की शुरुआत

इस आदान-प्रदान की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अगस्त 2024 में अपनी पोलैंड यात्रा के दौरान की थी। यह भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी के लिए बनी पंचवर्षीय कार्य योजना (2024-2028) का हिस्सा है। इसके तहत हर साल पोलैंड के युवा भारत आते हैं और यहां का इतिहास, संस्कृति, संस्थान तथा आज का विकास देखते हैं।

अच्छा महाराजा

यात्रा का सबसे अहम पड़ाव गुजरात के जामनगर स्थित बालाचडी पोलिश बाल शिविर स्मारक रहा। यह स्मारक महाराजा जाम साहेब दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जाडेजा के उस काम की याद दिलाता है, जब उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध में उजड़े पोलिश बच्चों को आश्रय, शिक्षा और इलाज दिया था। पोलैंड उन्हें आज भी डोब्री महाराजा यानी अच्छा महाराजा कहकर याद करता है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र के कोल्हापुर में वालिवडे पोलिश शरणार्थी शिविर स्मारक पहुंचा, जो युद्ध के दौरान और उसके बाद हजारों पोलिश शरणार्थियों को दिए गए आश्रय की याद दिलाता है।

भारत भ्रमण

दोनों स्मारकों के अलावा समूह ने गांधीनगर का दांडी कुटीर और महात्मा गांधी की जन्मस्थली पोरबंदर का कीर्ति मंदिर भी देखा। यात्रा में ऐसे संस्थान भी शामिल रहे जो भारत की वैज्ञानिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति दिखाते हैं। नई दिल्ली में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने प्रतिनिधिमंडल को रात्रिभोज पर आमंत्रित किया और युवाओं के विकास तथा भागीदारी को लेकर भारत के दृष्टिकोण पर बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से भी भेंट की और भारत-पोलैंड संबंधों पर चर्चा की।

यह क्यों मायने रखता है

युवा कूटनीति किसी व्यापार समझौते से धीमी होती है और इसका असर नापना कठिन है, लेकिन यह उस पीढ़ी पर काम करती है जो आगे चलकर रिश्ते संभालेगी। बालाचडी और वालिवडे को एक नए कार्यक्रम से जोड़कर यह पहल मानवीय सहयोग के उस अध्याय को जीवित रखती है और भारत-पोलैंड साझेदारी को ऐसी कहानी देती है जिसे युवा आगे ले जा सकें। प्रतिनिधियों ने इस सप्ताह को समृद्ध करने वाला अनुभव बताया और मेजबानों के स्वागत के लिए आभार जताया।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्यक्रमजामसाहेब स्मृति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम, दूसरा संस्करण
अवधि7 से 14 अक्टूबर 2026
प्रतिनिधिमंडलपोलैंड के 19 सदस्यीय युवा
यात्रागुजरात, महाराष्ट्र और नई दिल्ली
घोषणाप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगस्त 2024 की पोलैंड यात्रा में
ढांचाभारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी की पंचवर्षीय कार्य योजना 2024-2028
स्मारकबालाचडी पोलिश बाल शिविर स्मारक, जामनगर और वालिवडे पोलिश शरणार्थी शिविर स्मारक, कोल्हापुर
डोब्री महाराजामहाराजा जाम साहेब दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जाडेजा
मेजबानकेंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया
भेंटविदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें, देश पोलैंड है, कार्यक्रम जामसाहेब स्मृति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का दूसरा संस्करण है जो 7 से 14 अक्टूबर 2026 तक चला, प्रतिनिधिमंडल में 19 सदस्य थे, घोषणा प्रधानमंत्री ने अगस्त 2024 की पोलैंड यात्रा में की थी, यह भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी की पंचवर्षीय कार्य योजना 2024-2028 का हिस्सा है, दो स्मारक जामनगर का बालाचडी और कोल्हापुर का वालिवडे हैं, तथा जाम साहेब दिग्विजयसिंहजी जाडेजा को डोब्री महाराजा कहा जाता है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अंतरराष्ट्रीयआसान

जामसाहेब स्मृति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम भारत और किस देश के बीच होता है?

  1. A.पोलैंड
  2. B.हंगरी
  3. C.चेक गणराज्य
  4. D.लिथुआनिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पोलैंड

इस कार्यक्रम के तहत हर साल पोलैंड का युवा प्रतिनिधिमंडल भारत आता है। दूसरा संस्करण 7 से 14 अक्टूबर 2026 तक चला, जिसमें 19 सदस्यों ने गुजरात, महाराष्ट्र और नई दिल्ली की यात्रा की।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

बालाचडी पोलिश बाल शिविर स्मारक कहां स्थित है?

  1. A.जामनगर, गुजरात
  2. B.कोल्हापुर, महाराष्ट्र
  3. C.पोरबंदर, गुजरात
  4. D.नासिक, महाराष्ट्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जामनगर, गुजरात

बालाचडी स्मारक महाराजा जाम साहेब दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जाडेजा के उस योगदान की याद दिलाता है, जब उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध में उजड़े पोलिश बच्चों को आश्रय, शिक्षा और चिकित्सा सुविधा दी थी।

Q3.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

नई दिल्ली में पोलिश युवा प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी किस केंद्रीय मंत्री ने की?

  1. A.विदेश मंत्री
  2. B.युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री
  3. C.संस्कृति मंत्री
  4. D.शिक्षा मंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री

सही उत्तर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री हैं, यानी डॉ. मनसुख मांडविया, जिन्होंने नई दिल्ली में पोलिश प्रतिनिधिमंडल को रात्रिभोज पर आमंत्रित किया और युवाओं के विकास तथा भागीदारी पर भारत के दृष्टिकोण की जानकारी दी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जामसाहेब स्मृति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम क्या है?

यह एक वार्षिक आदान-प्रदान है जिसके तहत पोलैंड के युवा भारत आते हैं। इसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगस्त 2024 की पोलैंड यात्रा में की थी और यह भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी की पंचवर्षीय कार्य योजना 2024-2028 का हिस्सा है।

जाम साहेब दिग्विजयसिंहजी को पोलैंड में अच्छा महाराजा क्यों कहा जाता है?

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने गुजरात में जामनगर के पास बालाचडी में युद्ध से उजड़े पोलिश बच्चों को आश्रय, शिक्षा और इलाज दिया था। पोलैंड उन्हें डोब्री महाराजा यानी अच्छा महाराजा कहकर याद करता है।

प्रतिनिधिमंडल ने कौन से स्मारक देखे?

गुजरात के जामनगर में बालाचडी पोलिश बाल शिविर स्मारक और महाराष्ट्र के कोल्हापुर में वालिवडे पोलिश शरणार्थी शिविर स्मारक, जो युद्ध के दौरान और बाद में हजारों पोलिश शरणार्थियों को दिए गए आश्रय की याद दिलाता है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CHSLUPSC सिविल सेवा