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GK24

भाषिणी और आईआईएससी ने सौराष्ट्र भाषा के टीटीएस मॉडल बनाए

भाषिणी और आईआईएससी बेंगलुरु ने कम संसाधन वाली सौराष्ट्र भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल बनाए हैं, जिसे तमिलनाडु में करीब 2.48 लाख लोग बोलते हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भाषिणी और आईआईएससी ने सौराष्ट्र भाषा के टीटीएस मॉडल बनाए — GK24 title card

चर्चा में क्यों

16 अक्टूबर 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग और आईआईएससी बेंगलुरु ने सौराष्ट्र भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल तैयार किए हैं, जिससे कम संसाधन वाली एक भारतीय भाषा डिजिटल वाणी तंत्र में शामिल हुई है।

भारत की भाषा तकनीक की मुहिम एक और छोटी भाषा तक पहुंच गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के अधीन काम करने वाले डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग ने भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु के साथ मिलकर सौराष्ट्र भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच (टीटीएस) मॉडल तैयार किए हैं।

यह भाषा कौन बोलता है

सौराष्ट्र एक अल्पसंख्यक भारतीय-आर्य भाषा है, जिसे मुख्य रूप से तमिलनाडु का सौराष्ट्र समुदाय बोलता है। 2011 की जनगणना के अनुसार इसके बोलने वालों की संख्या लगभग 2.48 लाख है। अब तक डिजिटल दुनिया में इसकी उपस्थिति बहुत कम थी और वाणी तकनीक के संसाधन भी न के बराबर थे, इसी कारण इसे इस क्षेत्र में कम संसाधन वाली भाषा कहा जाता है।

क्या तैयार हुआ

कुल चार मॉडल जारी किए गए हैं। ये वीआईटीएस ढांचे पर आधारित हैं, जिसका पूरा नाम वैरिएशनल इन्फरेंस विद एडवर्सेरियल लर्निंग फॉर एंड-टू-एंड टेक्स्ट-टू-स्पीच है, और ये लिखे हुए पाठ को सीधे बोली जाने वाली सौराष्ट्र वाणी में बदल देते हैं। इनमें दो आवाजें हैं, एक पुरुष और एक महिला, और प्रत्येक आवाज के दो रूप हैं, एक तमिल लिपि में लिखे पाठ के लिए और दूसरा सौराष्ट्र लिपि के लिए, जिससे उपयोगकर्ता किसी भी लिपि में काम कर सकता है।

प्रशिक्षण कैसे हुआ

विवरणब्यौरा
वाणी संग्रह28 घंटे से अधिक, स्त्री-पुरुष संतुलन के साथ
कहां तैयार हुआस्पायर लैब, आईआईएससी बेंगलुरु
आवाज देने वाले कलाकारएक पुरुष और एक महिला
पुरुष आवाज मॉडलकरीब 10,000 उच्चारण
महिला आवाज मॉडलकरीब 11,400 उच्चारण
ध्वनि उत्पादन22,050 हर्ट्ज

रिकॉर्डिंग में गढ़े गए वाक्यों के साथ साहित्य से लिए गए वाक्य भी शामिल हैं और इनके लिप्यंतरण सौराष्ट्र तथा तमिल, दोनों लिपियों में मौजूद हैं। ये मॉडल पाठ को अक्षर के स्तर पर पढ़ते हैं, इसलिए वाणी बनाने से पहले वर्तनी को ध्वनियों में बदलने के लिए अलग से किसी फोनेमाइजर की जरूरत नहीं पड़ती।

आंकड़े कहां उपलब्ध हैं

यह संग्रह एआईकोश पर रखा गया है, जो भाषिणी का वह मंच है जहां भारतीय भाषा तकनीक बनाने के लिए भाषा संबंधी आंकड़े और संसाधन रहते हैं। वहां इसे स्पाइकोर टीटीएस 3.0 सौराष्ट्र कॉर्पस के नाम से सूचीबद्ध किया गया है, जिससे अन्य शोधकर्ता और डेवलपर इन्हीं आंकड़ों से आगे के उपकरण बना सकेंगे।

इसका महत्व क्या है

यह काम भाषा के संरक्षण से आगे जाता है। वाणी आधारित उपकरण सौराष्ट्र का पाठ पढ़कर सुना सकते हैं, भाषा सीखने वाले विद्यार्थियों की मदद कर सकते हैं और उन लोगों के लिए डिजिटल सामग्री उपयोगी बना सकते हैं जो लिखे के बजाय बोले गए शब्दों पर निर्भर हैं। शोधकर्ताओं के लिए यह कम संसाधन वाली भाषाओं में वाणी संश्लेषण पर आगे काम करने का आधार है।

भाषिणी का बड़ा दायरा

भाषिणी कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से बहुभाषी डिजिटल समावेशन का राष्ट्रीय तंत्र खड़ा कर रहा है। यह 36 भारतीय पाठ भाषाओं, 23 भारतीय वाणी भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का समर्थन करता है तथा अनुवाद, वाणी पहचान, वाणी संश्लेषण और लिप्यंतरण जैसी सेवाएं देता है, जिन्हें सरकारी और सार्वजनिक डिजिटल मंच अपने साथ जोड़ सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

क्यासौराष्ट्र भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच (टीटीएस) मॉडल
किसने बनायाडिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग, डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, आईआईएससी बेंगलुरु के साथ
भाषा परिवारभारतीय-आर्य; मुख्य रूप से तमिलनाडु में बोली जाने वाली अल्पसंख्यक भाषा
बोलने वाले2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 2.48 लाख
ढांचावीआईटीएस (वैरिएशनल इन्फरेंस विद एडवर्सेरियल लर्निंग फॉर एंड-टू-एंड टेक्स्ट-टू-स्पीच)
जारी मॉडलचार, यानी एक पुरुष और एक महिला आवाज, प्रत्येक तमिल लिपि और सौराष्ट्र लिपि के रूप में
प्रशिक्षण आंकड़ेपुरुष आवाज के लिए करीब 10,000 और महिला आवाज के लिए करीब 11,400 उच्चारण
वाणी संग्रहआईआईएससी बेंगलुरु की स्पायर लैब की 28 घंटे से अधिक संतुलित रिकॉर्डिंग
ध्वनि उत्पादन22,050 हर्ट्ज, अक्षर स्तर के पाठ से सीधे, अलग फोनेमाइजर के बिना
आंकड़ा मंचएआईकोश, जहां इसे स्पाइकोर टीटीएस 3.0 सौराष्ट्र कॉर्पस कहा गया है
भाषिणी का दायरा36 भारतीय पाठ भाषाएं, 23 भारतीय वाणी भाषाएं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि भाषिणी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के अधीन है, साझेदार संस्थान आईआईएससी बेंगलुरु है और संग्रह उसकी स्पायर लैब में बना, सौराष्ट्र तमिलनाडु की भारतीय-आर्य भाषा है जिसके 2011 की जनगणना में करीब 2.48 लाख बोलने वाले थे, मॉडल वीआईटीएस ढांचे पर हैं और ध्वनि 22,050 हर्ट्ज पर बनती है, तथा आंकड़े एआईकोश पर स्पाइकोर टीटीएस 3.0 सौराष्ट्र कॉर्पस के नाम से हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भाषिणी ने सौराष्ट्र भाषा के टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल किस संस्थान के सहयोग से विकसित किए हैं?

  1. A.आईआईटी मद्रास
  2. B.भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
  3. C.आईआईआईटी हैदराबाद
  4. D.अन्ना विश्वविद्यालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के अधीन काम करने वाले डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग ने ये मॉडल आईआईएससी बेंगलुरु के साथ मिलकर बनाए हैं, और प्रशिक्षण में इस्तेमाल हुआ वाणी संग्रह उसी संस्थान की स्पायर लैब में तैयार हुआ।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

जिस सौराष्ट्र भाषा के लिए नए टीटीएस मॉडल बने, वह किस भाषा परिवार की है और मुख्य रूप से किस राज्य में बोली जाती है?

  1. A.द्रविड़, तमिलनाडु
  2. B.भारतीय-आर्य, तमिलनाडु
  3. C.भारतीय-आर्य, गुजरात
  4. D.द्रविड़, कर्नाटक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय-आर्य, तमिलनाडु

विज्ञप्ति में सौराष्ट्र को एक अल्पसंख्यक भारतीय-आर्य भाषा बताया गया है, जिसे मुख्य रूप से तमिलनाडु का सौराष्ट्र समुदाय बोलता है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

नए सौराष्ट्र टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल किस ढांचे पर आधारित हैं?

  1. A.वीआईटीएस
  2. B.टैकोट्रॉन
  3. C.वेवनेट
  4. D.ट्रांसफॉर्मर-एक्सएल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वीआईटीएस

भाषिणी और आईआईएससी बेंगलुरु के बनाए मॉडल इसी ढांचे पर हैं और लिखे हुए पाठ से सीधे सौराष्ट्र वाणी तैयार करते हैं।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

सौराष्ट्र वाणी संग्रह किस मंच पर उपलब्ध कराया गया है?

  1. A.दीक्षा
  2. B.एआईकोश
  3. C.उमंग
  4. D.एपीआई सेतु
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एआईकोश

वहां इस संग्रह को स्पाइकोर टीटीएस 3.0 सौराष्ट्र कॉर्पस के नाम से सूचीबद्ध किया गया है और इसमें आईआईएससी बेंगलुरु में तैयार 28 घंटे से अधिक की संतुलित सौराष्ट्र वाणी सामग्री है, जिसकी सामग्री सौराष्ट्र तथा तमिल, दोनों लिपियों में है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौराष्ट्र के टीटीएस मॉडल बनाने में भाषिणी का साझेदार कौन संस्थान था?

भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु। इन मॉडलों के पीछे का वाणी संग्रह उसकी स्पायर लैब में तैयार हुआ।

सौराष्ट्र भाषा कितने लोग बोलते हैं?

2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 2.48 लाख। यह एक अल्पसंख्यक भारतीय-आर्य भाषा है, जिसे मुख्य रूप से तमिलनाडु का सौराष्ट्र समुदाय बोलता है।

एआईकोश क्या है?

यह भाषिणी का वह मंच है जहां भारतीय भाषा तकनीक बनाने के लिए भाषा संबंधी आंकड़े और संसाधन रखे जाते हैं। 28 घंटे से अधिक संतुलित वाणी वाला स्पाइकोर टीटीएस 3.0 सौराष्ट्र कॉर्पस अब वहां उपलब्ध है।

भाषिणी कितनी भाषाओं का समर्थन करता है?

यह 36 भारतीय पाठ भाषाओं, 23 भारतीय वाणी भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का समर्थन करता है, जिनके लिए अनुवाद, वाणी पहचान, वाणी संश्लेषण और लिप्यंतरण की सेवाएं हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS