मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण नई दिल्ली में संपन्न

नौसेना कमांडरों के सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक नई दिल्ली में हुआ, जिसमें भारतीय नौसेना की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण नई दिल्ली में संपन्न — GK24 title card

चर्चा में क्यों

नौसेना कमांडरों के सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित हुआ और भारतीय नौसेना की परिचालन तथा साजो-सामान संबंधी तैयारियों की समीक्षा के साथ संपन्न हुआ।

नौसेना कमांडरों के सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक तीन दिन चलने के बाद नई दिल्ली में संपन्न हुआ। यह सम्मेलन वर्ष में दो बार आयोजित होता है और इस उच्चस्तरीय आयोजन में सैन्य-रणनीतिक स्तर पर भारतीय नौसेना की परिचालन तथा साजो-सामान संबंधी तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई।

कमांडरों से संवाद करने वाले

रक्षा मंत्रीराजनाथ सिंह
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्रीजितिन प्रसाद
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफजनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम
थल सेनाध्यक्षजनरल धीरज सेठ

किन विषयों पर चर्चा हुई

कमांडरों ने परिचालन तैयारियों, रसद तथा रखरखाव से जुड़ी उपलब्धियों और प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन प्रबंधन में किए गए सुधारों पर विचार किया। इन विषयों को बदलती वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों तथा प्रौद्योगिकी की तेज रफ्तार के संदर्भ में देखा गया, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनाना तथा स्वायत्त और मानवरहित प्रणालियों की बढ़ती भूमिका भी शामिल रही।

  • जितिन प्रसाद ने प्रौद्योगिकी को तेजी से अपनाने तथा सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम प्रौद्योगिकी में घरेलू क्षमता मजबूत करने पर जोर दिया और देश की ऊर्जा सुरक्षा में नौसेना की भूमिका की सराहना की।
  • चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा में नौसेना को रणनीतिक क्षमता बढ़ाने वाली शक्ति बताया, प्रौद्योगिकी अपनाने तथा स्वदेशीकरण के प्रयासों की तारीफ की और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई।
  • थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की सेना की तैयारियों की रूपरेखा रखी और तीनों सेनाओं के आपसी समन्वय पर बात की।

लक्ष्य क्या रखा गया

चर्चाओं के अंत में संयुक्त कार्यप्रणाली, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, संसाधनों के बेहतर उपयोग और रणनीतिक तालमेल पर जोर दिया गया। इन सबका मकसद एक ऐसा बल खड़ा करना है जो युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो। यही चार-हिस्सों वाला वाक्यांश परीक्षा के लिहाज से सबसे काम का है।

परीक्षा की दृष्टि से

तीन बातें सबसे अहम हैं, संस्करण यानी 2026 का दूसरा, स्थान यानी नई दिल्ली और आयोजन की आवृत्ति यानी वर्ष में दो बार। इनके साथ कमांडरों से संवाद करने वाले चारों पदाधिकारियों के नाम भी याद रखें, क्योंकि इस खबर पर प्रश्न आम तौर पर एक नाम को दूसरे पद के सामने रखकर बनाए जाते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजननौसेना कमांडरों का सम्मेलन 2026, दूसरा संस्करण
तिथियां29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 (तीन दिन)
स्थाननई दिल्ली
आवृत्तिवर्ष में दो बार
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफजनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम
थल सेनाध्यक्षजनरल धीरज सेठ
रक्षा मंत्रीराजनाथ सिंह
लक्ष्ययुद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य में सक्षम बल

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (2026 का दूसरा), स्थान (नई दिल्ली), तिथियां (29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026) और आवृत्ति (वर्ष में दो बार) याद रखें। कमांडरों से संवाद करने वाले चारों पदाधिकारियों के नाम तथा युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य में सक्षम वाला वाक्यांश भी याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

नौसेना कमांडरों के सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण किस शहर में आयोजित हुआ?

  1. A.मुंबई
  2. B.विशाखापत्तनम
  3. C.नई दिल्ली
  4. D.कोच्चि
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर नई दिल्ली है। नौसेना कमांडरों के सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक तीन दिन नई दिल्ली में चला और इसी उच्चस्तरीय आयोजन में नौसेना की परिचालन तथा साजो-सामान संबंधी तैयारियों की समीक्षा की गई। विकल्प A मुंबई गलत है, वह पश्चिमी नौसेना कमान का मुख्यालय है, लेकिन यह सम्मेलन वहां नहीं हुआ। विकल्प B विशाखापत्तनम भी इसी कारण गलत है, वह पूर्वी नौसेना कमान का केंद्र है, इस सम्मेलन का स्थान नहीं। विकल्प D कोच्चि भी गलत है और बाकी दोनों की तरह यह भी ऐसा विकल्प है जिसे प्रश्नपत्र बनाने वाला इसलिए रखता है कि इन तीनों शहरों में नौसेना के बड़े प्रतिष्ठान हैं। याद रखें कि यह सम्मेलन वर्ष में दो बार होता है, खबर में 2026 का दूसरा संस्करण है और स्थान राष्ट्रीय राजधानी रही, क्योंकि स्थान और संस्करण ये दोनों विवरण प्रायः साथ पूछे जाते हैं।

Q2.रक्षामध्यम

नौसेना कमांडरों के सम्मेलन 2026 में भारतीय नौसेना को रणनीतिक क्षमता बढ़ाने वाली शक्ति किसने बताया?

  1. A.थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ
  2. B.चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम
  3. C.राज्य मंत्री जितिन प्रसाद
  4. D.रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम

व्याख्या

सही उत्तर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम है। उन्होंने राष्ट्रीय हितों की रक्षा में नौसेना की रणनीतिक क्षमता बढ़ाने वाली भूमिका पर जोर दिया, ऊर्जा सुरक्षा के प्रति नौसेना की परिचालन प्रतिबद्धता तथा प्रौद्योगिकी अपनाने और स्वदेशीकरण के प्रयासों की सराहना की और प्रौद्योगिकी आधारित बदलाव, सुदृढ़ता तथा तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। विकल्प A गलत है, क्योंकि थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की सेना की तैयारियों और तीनों सेनाओं के समन्वय पर बात की। विकल्प C गलत है, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने प्रौद्योगिकी को तेजी से अपनाने तथा सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम प्रौद्योगिकी में घरेलू क्षमता पर जोर दिया। विकल्प D गलत है, क्योंकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कमांडरों से संवाद करने वालों में शामिल थे, मगर यह विवरण सीडीएस का है। चारों पदाधिकारियों को उनके विषय के साथ जोड़कर याद रखना ऐसे प्रश्नों का सबसे पक्का उत्तर देता है।

Q3.रक्षाकठिन

नौसेना कमांडरों के सम्मेलन 2026 की चर्चाओं का लक्ष्य किस तरह का बल बनाना बताया गया?

  1. A.युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की चुनौतियों में सक्षम
  2. B.फुर्तीला, घातक, नेटवर्क से जुड़ा और आत्मनिर्भर
  3. C.आधुनिक, गतिशील, एकीकृत और डिजिटल
  4. D.सशक्त, सुरक्षित, टिकाऊ और स्मार्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की चुनौतियों में सक्षम

व्याख्या

सही उत्तर युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की चुनौतियों में सक्षम है। यही चार हिस्सों वाला विवरण उस लक्ष्य को बताता है जिसकी दिशा में सम्मेलन की प्रमुख चर्चाएं निर्देशित रहीं और जिसे संयुक्त कार्यप्रणाली, एजेंसियों के बीच समन्वय, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा रणनीतिक तालमेल के जरिए हासिल किया जाना है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ये शब्द इस आयोजन का वाक्यांश नहीं हैं, भले आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण की बात चर्चाओं में आई हो। विकल्प C भी इसी तरह गलत है, तीनों सेनाओं के एकीकरण का विषय सीडीएस ने उठाया था, मगर सम्मेलन से जुड़ा चार शब्दों वाला वाक्यांश इससे अलग है। विकल्प D सुनने में ठीक लगने वाले शब्दों का समूह है, पर इस सम्मेलन से उसका कोई संबंध नहीं है। इस तरह के सरकारी चार-शब्दीय वाक्यांश प्रश्नपत्र बनाने वालों को खूब पसंद आते हैं, इसलिए इसका भाव नहीं, क्रम सहित शब्द याद करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नौसेना कमांडरों के सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण कब और कहां हुआ?

29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में। यह तीन दिन का उच्चस्तरीय सम्मेलन था और यह आयोजन वर्ष में दो बार होता है।

सम्मेलन में नौसेना को रणनीतिक क्षमता बढ़ाने वाली शक्ति किसने बताया?

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम ने। उन्होंने नौसेना के प्रौद्योगिकी अपनाने, स्वदेशीकरण और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े प्रयासों की भी सराहना की।

सम्मेलन की चर्चाओं का लक्ष्य क्या था?

एक ऐसा बल बनाना जो युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो, जिसके लिए संयुक्त कार्यप्रणाली, एजेंसियों के बीच समन्वय और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर रहा।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC सिविल सेवा