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65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 20 ललित कला अकादमी पुरस्कार

ललित कला अकादमी ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 20 पुरस्कार घोषित किए, जो 2,495 कलाकारों की भेजी गई 6,175 कलाकृतियों में से चुने गए हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 20 ललित कला अकादमी पुरस्कार — GK24 title card

चर्चा में क्यों

27 सितंबर 2026 को ललित कला अकादमी ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के 20 पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की, जिन्हें 2,495 कलाकारों की 6,175 प्रविष्टियों में से चुना गया।

संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय कला अकादमी के रूप में काम करने वाली ललित कला अकादमी ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 20 ललित कला अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की है। यह वार्षिक प्रदर्शनी देश में समकालीन दृश्य कला के सबसे प्रतिष्ठित मंचों में गिनी जाती है।

कितनी प्रविष्टियां आईं

अकादमी को 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 2,495 कलाकारों से 6,175 कलाकृतियां प्राप्त हुईं। चयन दो चरणों में हुआ। प्रथम-स्तरीय जूरी ने प्रदर्शनी में दिखाने के लिए 270 कलाकृतियां चुनीं। इसके बाद केवल पुरस्कार तय करने के लिए बनाई गई द्वितीय-स्तरीय जूरी ने 20 कलाकारों की 20 कलाकृतियों को पुरस्कार के लिए चुना।

चुनी गई कृतियों का दायरा

चयनित कृतियों में चित्रकला, मूर्तिकला, प्रिंटमेकिंग, ड्राइंग और मिक्स्ड मीडियम शामिल हैं। कलाकारों ने टेराकोटा, सिरेमिक, सागौन की लकड़ी, सफेद संगमरमर, ऑक्सीकृत तांबा, कैनवस पर तेल और ऐक्रेलिक, वॉटर कलर वॉश तथा नक्काशी जैसी सामग्रियों और तकनीकों का उपयोग किया। अकादमी के अनुसार यह विविधता बताती है कि भारतीय कलाकार नई सामग्री, नए विचार और नए रूपों की तलाश लगातार जारी रखे हुए हैं।

कुछ पुरस्कृत कृतियां

कलाकारकलाकृतिमाध्यम
चंद्र शेखर सैनमाई एंटायर वर्ल्ड - Iटेराकोटा, प्रतिमा
पूजा राजपूतप्रकृति शोषणसफेद संगमरमर, प्रतिमा
राजेंद्र प्रसादसुजाता विद बुद्धवॉटर कलर वॉश, पेंटिंग
प्रीतम मधुकर देउसकरऑफ टाइम एंड द सिटीनक्काशी, प्रिंटमेकिंग
विजेंद्र शर्मालाइफ 2025कैनवस पर तैल चित्र
उषारंजन मंडलव्हील ऑफ ए क्राउडेड सिटीमिक्स्ड मीडियम, कोई अन्य माध्यम

प्रदर्शनी का महत्व

अकादमी इस प्रदर्शनी को केवल पहचान का मंच नहीं, बल्कि देश की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला आयोजन भी मानती है। कलाकारों, दर्शकों, संग्राहकों और संस्थानों को एक जगह लाने से कलाकारों को अधिक पहचान और पेशेवर अवसर मिलते हैं। प्रदर्शित कृतियों की बिक्री भी होती है, जिससे कलाकारों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचता है और दृश्य कला में करियर अधिक टिकाऊ बनता है। अकादमी का कहना है कि यह आयोजन स्थापित और उभरते, दोनों तरह के कलाकारों को प्रोत्साहित करता है और नए प्रयोगों को बढ़ावा देता है। 27 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के कलाकारों की भागीदारी प्रदर्शनी के राष्ट्रीय स्वरूप को मजबूत करती है। घोषणा के साथ अकादमी ने दोनों जूरी के सदस्यों के योगदान के लिए आभार भी जताया।

महत्वपूर्ण तथ्य

पुरस्कारललित कला अकादमी पुरस्कार, संख्या 20
अवसर65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी (एनईए)
संस्थाललित कला अकादमी (राष्ट्रीय कला अकादमी)
मंत्रालयसंस्कृति मंत्रालय
प्राप्त प्रविष्टियां2,495 कलाकारों की 6,175 कलाकृतियां
राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश27
प्रदर्शनी के लिए चयनप्रथम-स्तरीय जूरी ने 270 कलाकृतियां चुनीं
पुरस्कार चयनद्वितीय-स्तरीय जूरी ने 20 कलाकारों की 20 कृतियां चुनीं

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें — संस्करण (65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी), पुरस्कार देने वाली संस्था (ललित कला अकादमी, राष्ट्रीय कला अकादमी, संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत), पुरस्कारों की संख्या (20), प्राप्त प्रविष्टियां (27 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के 2,495 कलाकारों की 6,175 कृतियां) और प्रदर्शनी के लिए चुनी गई कृतियां (270)।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पुरस्कार और सम्मानआसान

65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में कितने ललित कला अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की गई?

  1. A.10
  2. B.15
  3. C.20
  4. D.25
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 20

व्याख्या

सही उत्तर 20 है। केवल पुरस्कार तय करने के लिए बनाई गई द्वितीय-स्तरीय जूरी ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में बीस कलाकारों की बीस कलाकृतियों को ललित कला अकादमी पुरस्कार के लिए चुना। विकल्प A, B और D अकादमी द्वारा घोषित संख्या से मेल नहीं खाते। इसके साथ एक अलग आंकड़ा याद रखना जरूरी है — प्रदर्शनी में दिखाने के लिए प्रथम-स्तरीय जूरी ने दो सौ सत्तर कृतियां चुनी थीं, जो पुरस्कारों की संख्या से अलग है। पुरस्कृत कृतियां कई माध्यमों से आई हैं, जिनमें टेराकोटा और सिरेमिक की मूर्तिकला, तैल तथा ऐक्रेलिक चित्रकला, नक्काशी वाली प्रिंटमेकिंग, पैनल वर्क वाली ड्राइंग और मिक्स्ड मीडियम शामिल हैं, इसलिए सूची कलाकार के साथ श्रेणी भी बताती है। घोषणा के साथ अकादमी ने दोनों जूरी के सदस्यों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया और सभी पुरस्कार विजेताओं तथा प्रतिभागी कलाकारों को बधाई दी।

Q2.पुरस्कार और सम्मानमध्यम

65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के लिए ललित कला अकादमी को कितनी कलाकृतियां प्राप्त हुईं?

  1. A.2,495 कलाकृतियां
  2. B.6,175 कलाकृतियां
  3. C.270 कलाकृतियां
  4. D.1,650 कलाकृतियां
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 6,175 कलाकृतियां

व्याख्या

सही उत्तर 6,175 कलाकृतियां है। ये कृतियां सत्ताईस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दो हजार चार सौ पंचानबे कलाकारों से प्राप्त हुईं, इसलिए विकल्प A भ्रम पैदा करने वाला है — वह संख्या कलाकारों की है, कृतियों की नहीं। विकल्प C उन कृतियों की संख्या है जिन्हें प्रथम-स्तरीय जूरी ने प्रदर्शनी में दिखाने के लिए चुना, यानी कुल प्रविष्टियों में से एक छोटा हिस्सा। विकल्प D घोषणा में कहीं नहीं आया। इन आंकड़ों को क्रम से याद रखना उपयोगी है — प्राप्त प्रविष्टियां, फिर प्रदर्शनी के लिए चुनी गई कृतियां, फिर पुरस्कृत कृतियां। सत्ताईस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी को अकादमी प्रदर्शनी के राष्ट्रीय स्वरूप का प्रमाण मानती है। अकादमी इस प्रदर्शनी को रचनात्मक अर्थव्यवस्था से भी जोड़ती है, क्योंकि प्रदर्शित कृतियों की बिक्री से कलाकारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलता है।

Q3.पुरस्कार और सम्मानमध्यम

प्रथम-स्तरीय जूरी ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में प्रदर्शन के लिए कितनी कलाकृतियां चुनीं?

  1. A.120
  2. B.180
  3. C.270
  4. D.365
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 270

व्याख्या

सही उत्तर 270 है। इस प्रदर्शनी में चयन दो चरणों में होता है। प्रथम-स्तरीय जूरी ने सभी प्रविष्टियों को देखकर दो सौ सत्तर कलाकृतियां प्रदर्शनी में दिखाने के लिए चुनीं। इसके बाद पुरस्कार तय करने के लिए अलग द्वितीय-स्तरीय जूरी बनाई गई, जिसने बीस कलाकारों की बीस कृतियों का चयन किया। विकल्प A, B और D घोषणा में दिए गए आंकड़े नहीं हैं। यह भी याद रखें कि चुनी गई कृतियों में चित्रकला, मूर्तिकला, प्रिंटमेकिंग, ड्राइंग और मिक्स्ड मीडियम शामिल हैं तथा कलाकारों ने टेराकोटा, सिरेमिक, सागौन की लकड़ी, सफेद संगमरमर, ऑक्सीकृत तांबा, कैनवस पर तेल और ऐक्रेलिक जैसी सामग्रियों का उपयोग किया, जिसे अकादमी भारतीय दृश्य कला में जारी प्रयोगशीलता का संकेत मानती है। दो चरणों वाली यह प्रक्रिया स्वयं एक अच्छा प्रश्न है — प्रदर्शन के लिए प्रथम-स्तरीय जूरी और पुरस्कार के लिए द्वितीय-स्तरीय जूरी।

Q4.पुरस्कार और सम्मानमध्यम

राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आयोजन करने वाली ललित कला अकादमी किस क्षेत्र की राष्ट्रीय अकादमी है?

  1. A.संगीत, नृत्य और नाटक
  2. B.साहित्य
  3. C.कला
  4. D.शिल्प और हथकरघा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कला

व्याख्या

सही उत्तर कला है। ललित कला अकादमी राष्ट्रीय कला अकादमी है और संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है। यही संस्था हर वर्ष राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी तथा ललित कला अकादमी पुरस्कारों का आयोजन करती है। विकल्प A प्रदर्शनकारी कलाओं की राष्ट्रीय अकादमी का क्षेत्र बताता है, जो एक अलग संस्था है। विकल्प B साहित्य से जुड़ी अकादमी की ओर इशारा करता है। विकल्प D शिल्प और हथकरघा से जुड़े संगठनों का क्षेत्र है, जो फिर अलग हैं। परीक्षा के लिए अकादमी को तीन बातों से जोड़कर याद रखें — दृश्य कला का क्षेत्र, 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी और इस बार घोषित बीस पुरस्कार। यह प्रदर्शनी हर वर्ष होती है और देश में समकालीन दृश्य कला की सबसे प्रतिष्ठित वार्षिक प्रदर्शनियों में गिनी जाती है, जिसमें स्थापित और उभरते दोनों कलाकार शामिल होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में कितने ललित कला अकादमी पुरस्कार घोषित हुए?

कुल 20 पुरस्कार घोषित किए गए, जो 20 कलाकारों की 20 कलाकृतियों को दिए गए। इनका चयन इसी काम के लिए बनाई गई द्वितीय-स्तरीय जूरी ने किया।

प्रदर्शनी के लिए कितनी प्रविष्टियां मिलीं?

ललित कला अकादमी को 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 2,495 कलाकारों से 6,175 कलाकृतियां मिलीं, जिनमें से 270 कृतियां प्रदर्शनी के लिए चुनी गईं।

राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आयोजन कौन करता है?

संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली ललित कला अकादमी, जो राष्ट्रीय कला अकादमी है, हर वर्ष समकालीन दृश्य कला की यह प्रदर्शनी आयोजित करती है।

स्रोत

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