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भारत-पोलैंड व्यापार: जितिन प्रसाद की वारसा यात्रा

वाणिज्य राज्य मंत्री जितिन प्रसाद 2 और 3 नवंबर 2026 को 12 भारतीय कंपनियों के साथ पोलैंड गए, तीन मंत्रिस्तरीय बैठकें कीं और वारसा में कारोबारी मंच खोला।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भारत-पोलैंड व्यापार: जितिन प्रसाद की वारसा यात्रा

चर्चा में क्यों

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 4 नवंबर 2026 को बताया कि राज्य मंत्री जितिन प्रसाद 2 और 3 नवंबर को पोलैंड की यात्रा पर रहे, जहां उन्होंने तीन मंत्रिस्तरीय बैठकें कीं और वारसा में भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम में उद्घाटन भाषण दिया।

भारत और पोलैंड के आर्थिक रिश्तों को नई रफ्तार देने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने दो दिन पोलैंड में बिताए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 4 नवंबर 2026 को बताया कि मंत्री 2 और 3 नवंबर को इस यात्रा पर रहे और उनके साथ 12 भारतीय कंपनियों का कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी गया।

यात्रा का महत्व

यह दौरा पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की पिछले महीने हुई भारत यात्रा के तुरंत बाद हुआ, यानी दोनों राजधानियों के बीच कुछ ही हफ्तों में उच्च स्तरीय आना-जाना हुआ। दोनों पक्ष इन बैठकों को इस बात का प्रमाण मानते हैं कि भारत-पोलैंड सामरिक साझेदारी, जो 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक पोलैंड यात्रा के दौरान बनी थी, केवल कागज़ पर नहीं बल्कि ज़मीन पर काम कर रही है।

तीन मंत्रिस्तरीय बैठकें

प्रसाद ने सबसे पहले पोलैंड के उप प्रधानमंत्री तथा डिजिटल मामलों के मंत्री क्रिज़िस्तोफ गावकोव्स्की से मुलाकात की। इस बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा जैसे विषय रहे। इसके बाद उन्होंने पोलैंड के विदेश मंत्रालय में राज्य सचिव इग्नासी निएमचित्सकी से बात की, जिसमें आने वाले भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से खुलने वाले अवसर मुख्य विषय रहे; भारतीय पक्ष ने कृषि-तकनीक और खाद्य प्रसंस्करण में काम बढ़ाने तथा लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए बड़ी भूमिका की बात रखी। तीसरी बैठक आर्थिक विकास एवं प्रौद्योगिकी उप मंत्री मिखाल बारानोव्स्की के साथ हुई, जिसमें महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप साझेदारी पर चर्चा आगे बढ़ी। भारत ने मेक इन इंडिया के मंच पर साझा विकास, साझा उत्पादन तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का प्रस्ताव रखा।

वारसा में कारोबारी मंच

दूसरे दिन मंत्री ने वारसा में पोलिश नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स (केआईजी) के परिसर में हुए भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम में उद्घाटन भाषण दिया। उन्होंने दोनों देशों की कंपनियों से कहा कि वे मुक्त व्यापार समझौते का उपयोग बाज़ार पहुंच बढ़ाने और साझेदारी मजबूत करने में करें। मंत्री ने पोलैंड में बसे भारतीय कारोबारियों तथा संभावित पोलिश निवेशकों से भी बातचीत की और भारत में कारोबारी हित रखने वाली दो कंपनियों का दौरा किया - सूचना प्रौद्योगिकी एवं सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्षेत्र की ट्रांजिशन टेक्नोलॉजीज तथा रक्षा क्षेत्र की डब्ल्यूबी इलेक्ट्रॉनिक्स।

महत्वपूर्ण तथ्य

मंत्रीजितिन प्रसाद, वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री
यात्रा का देशपोलैंड
यात्रा की तिथि2 और 3 नवंबर 2026
प्रतिनिधिमंडल12 भारतीय कंपनियां
सामरिक साझेदारी2024 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान
पोलिश नेता जिनसे भेंटउप प्रधानमंत्री क्रिज़िस्तोफ गावकोव्स्की, राज्य सचिव इग्नासी निएमचित्सकी, उप मंत्री मिखाल बारानोव्स्की
बिजनेस फोरम स्थलपोलिश नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स (केआईजी), वारसा
कंपनियों का दौराट्रांजिशन टेक्नोलॉजीज (आईटी एवं सॉफ्टवेयर) और डब्ल्यूबी इलेक्ट्रॉनिक्स (रक्षा)
चर्चा में समझौताभारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें - मंत्री (जितिन प्रसाद, वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री), देश (पोलैंड), तिथियां (2 और 3 नवंबर 2026), प्रतिनिधिमंडल में कंपनियां (12), सामरिक साझेदारी का वर्ष (2024, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान), भारत आए पोलिश प्रधानमंत्री (डोनाल्ड टस्क), बिजनेस फोरम का स्थान (पोलिश नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स, वारसा) तथा तीनों पोलिश मंत्रियों के नाम।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-पोलैंड सामरिक साझेदारी किस वर्ष स्थापित हुई थी?

  1. A.2014
  2. B.2019
  3. C.2024
  4. D.2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2024

भारत-पोलैंड सामरिक साझेदारी इसी वर्ष बनी थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोलैंड की ऐतिहासिक यात्रा की थी, और नवंबर 2026 की मंत्रिस्तरीय यात्रा को इसी साझेदारी को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया गया।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

जितिन प्रसाद की पोलैंड यात्रा से कुछ समय पहले भारत आए पोलैंड के प्रधानमंत्री कौन थे?

  1. A.माटेउश मोराविएत्स्की
  2. B.डोनाल्ड टस्क
  3. C.आंद्रेज डूडा
  4. D.क्रिज़िस्तोफ गावकोव्स्की
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डोनाल्ड टस्क

दोनों यात्राएं मिलकर दिखाती हैं कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आना-जाना अब कितनी तेजी से हो रहा है।

Q3.अंतरराष्ट्रीयआसान

जितिन प्रसाद ने भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम को कहां संबोधित किया?

  1. A.वारसा में पोलिश नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स में
  2. B.क्राकोव में भारतीय दूतावास में
  3. C.ग्दान्स्क में डिजिटल मामलों के मंत्रालय में
  4. D.ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ मुख्यालय में
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वारसा में पोलिश नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स में

उन्होंने दोनों देशों की कंपनियों से कहा कि वे आने वाले भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का उपयोग बाजार पहुंच बढ़ाने तथा निवेश संबंध गहरे करने में करें।

Q4.अंतरराष्ट्रीयआसान

राज्य मंत्री के साथ पोलैंड गए प्रतिनिधिमंडल में कितनी भारतीय कंपनियां शामिल थीं?

  1. A.8
  2. B.12
  3. C.20
  4. D.35
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 12

वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के दो दिवसीय पोलैंड कार्यक्रम में इतनी भारतीय कंपनियों का कारोबारी प्रतिनिधिमंडल साथ गया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवंबर 2026 में व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग बढ़ाने के लिए कौन पोलैंड की यात्रा पर गए?

वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद। वे 2 और 3 नवंबर 2026 को 12 भारतीय कंपनियों के साथ पोलैंड में रहे।

भारत-पोलैंड सामरिक साझेदारी कब स्थापित हुई थी?

2024 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक पोलैंड यात्रा के दौरान। इस मंत्रिस्तरीय दौरे से पिछले महीने पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क भारत आए थे।

भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम कहां आयोजित हुआ?

वारसा में पोलिश नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स (केआईजी) के परिसर में, जहां जितिन प्रसाद ने 3 नवंबर 2026 को उद्घाटन भाषण दिया।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS