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देश में एफआरआरओ कार्यालय 20 हुए, 2027 तक हर राजधानी में

गृह मंत्रालय ने बताया कि देश में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों की संख्या 20 हो गई है और अमित शाह ने 2027 तक हर राजधानी में कार्यालय का निर्देश दिया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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देश में एफआरआरओ कार्यालय 20 हुए, 2027 तक हर राजधानी में — GK24 title card

चर्चा में क्यों

2 नवंबर 2026 को गृह मंत्रालय ने बताया कि देश में एफआरआरओ कार्यालयों की संख्या बीस हो गई है, 2025 से पाँच राजधानियों में कार्यालय खुले हैं और कोहिमा, अगरतला तथा भुवनेश्वर में तीन और अधिसूचित हुए हैं।

गृह मंत्रालय ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय यानी एफआरआरओ का जाल और फैला दिया है। ये वही कार्यालय हैं जो भारत आने वाले या यहाँ रहने वाले विदेशी नागरिकों का पंजीकरण करते हैं, उन पर नजर रखते हैं और उन्हें सेवाएँ देते हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद देश में ऐसे बीस कार्यालय हो गए हैं। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने निर्देश दिया है कि 2027 तक हर राज्य की राजधानी में एक कार्यालय खुल जाए।

नए कार्यालय कहाँ खुले

वर्ष 2025 से अब तक पाँच राजधानियों में कार्यालय शुरू हुए हैं। सबसे पहले 2025 में जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी में कार्यालय बने; इससे पहले इन इलाकों के आवेदकों को क्रमशः दिल्ली, अमृतसर और कोलकाता के कार्यालयों में जाना पड़ता था। इस वर्ष दो और कार्यालय काम करने लगे हैं, मिजोरम की राजधानी आइजोल में और आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में, जो पहले कोलकाता और हैदराबाद के अधिकार क्षेत्र में आते थे। इसके बाद तीन और कार्यालय अधिसूचित किए गए हैं, नगालैंड के कोहिमा, त्रिपुरा के अगरतला और ओडिशा के भुवनेश्वर में।

विस्तार की जरूरत क्यों पड़ी

पर्यटन, इलाज और पढ़ाई के लिए भारत आने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मंत्रालय का आकलन है कि पास में कार्यालय होने से नियमों का पालन आसान होता है और भारत एक स्वागत करने वाले गंतव्य के रूप में सामने आता है। नौ राज्यों में अभी अपना कार्यालय नहीं है, जिनमें गोवा, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा पूर्वोत्तर के मणिपुर, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं। सरकार इन राज्यों के लिए कार्यालय खोलने पर काम कर रही है।

यह कार्यालय करता क्या है

एफआरआरओ पात्र श्रेणी के विदेशियों का आगमन के बाद पंजीकरण करता है और पंजीकरण प्रमाणपत्र या आवासीय परमिट जारी करता है। यह आगे चलकर पते, पासपोर्ट के विवरण या देश के भीतर यात्रा की योजना में हुए बदलाव दर्ज करता है, संरक्षित तथा प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने की अनुमति देता है, और उन विदेशियों को निकास परमिट देता है जिनका वीजा खत्म हो चुका है या जो तय अवधि से ज्यादा रुक गए हैं। वीजा उल्लंघन के मामले भी यही कार्यालय देखता है। ई-एफआरआरओ मंच के जरिये पंजीकरण, वीजा विस्तार और वीजा रूपांतरण जैसी 35 सेवाएँ ऑनलाइन मिलती हैं।

कानूनी आधार

इमिग्रेशन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 ने इस विषय के चार पुराने कानूनों को एक ही कानून में समेट दिया है, जो विदेशी नागरिकों के प्रवेश, ठहरने, आवागमन और प्रस्थान को नियंत्रित करता है। इस अधिनियम के अनुसार इमिग्रेशन का काम मुख्य रूप से इमिग्रेशन ब्यूरो करता है और उसे केंद्र द्वारा प्राधिकृत एफआरआरओ की मदद मिलती है। इस विस्तार का मकसद स्थानीय स्तर पर संस्थागत क्षमता बढ़ाना, राज्य सरकारों के साथ तालमेल सुधारना और राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों के साथ-साथ इमिग्रेशन कानून का पालन सख्त करना है।

महत्वपूर्ण तथ्य

मंत्रालयगृह मंत्रालय
देश में कुल एफआरआरओ20
निर्देशकेन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2027 तक हर राज्य की राजधानी में एफआरआरओ खोलने को कहा
2025 से पाँच नई राजधानियाँजयपुर, चंडीगढ़, गुवाहाटी (2025); आइजोल, मिजोरम तथा अमरावती, आंध्र प्रदेश (इस वर्ष)
नए अधिसूचित कार्यालयकोहिमा (नगालैंड), अगरतला (त्रिपुरा), भुवनेश्वर (ओडिशा)
सभी 20 स्थानअहमदाबाद, अमरावती, अमृतसर, आइजोल, अगरतला, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, कालिकट, चेन्नई, कोच्चि, चंडीगढ़, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, कोहिमा, कोझिकोड, लखनऊ, मुंबई, तिरुवनंतपुरम
ई-एफआरआरओ पर ऑनलाइन सेवाएँ35
संबंधित कानूनइमिग्रेशन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 (चार पुराने कानूनों को समेटा)
नोडल एजेंसीइमिग्रेशन ब्यूरो, जिसे एफआरआरओ सहयोग देते हैं
जहाँ अभी कार्यालय नहींबिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि कुल एफआरआरओ बीस हैं, हर राजधानी में कार्यालय की समय-सीमा 2027 है, 2025 से जयपुर, चंडीगढ़, गुवाहाटी, आइजोल और अमरावती में कार्यालय खुले, तीन नए कार्यालय कोहिमा, अगरतला तथा भुवनेश्वर में अधिसूचित हुए, ई-एफआरआरओ पर 35 सेवाएँ हैं, और इमिग्रेशन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 ने चार कानूनों को मिलाकर इमिग्रेशन ब्यूरो को केंद्र में रखा।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

ताजा बढ़ोतरी के बाद देश में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों (एफआरआरओ) की कुल संख्या कितनी है?

  1. A.15
  2. B.18
  3. C.20
  4. D.24
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 20

गृह मंत्रालय ने बताया कि देश में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों की कुल संख्या अब बीस हो गई है। ये कार्यालय अहमदाबाद, अमरावती, अमृतसर, आइजोल, अगरतला, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, कालिकट, चेन्नई, कोच्चि, चंडीगढ़, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, कोहिमा, कोझिकोड, लखनऊ, मुंबई और तिरुवनंतपुरम में हैं।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

इस वर्ष किन दो राजधानियों में नए एफआरआरओ कार्यालय शुरू हुए, जो पहले कोलकाता और हैदराबाद के अधिकार क्षेत्र में थे?

  1. A.आइजोल और अमरावती
  2. B.जयपुर और चंडीगढ़
  3. C.कोहिमा और अगरतला
  4. D.गुवाहाटी और भुवनेश्वर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आइजोल और अमरावती

मिजोरम की राजधानी आइजोल पहले कोलकाता के एफआरआरओ के अधिकार क्षेत्र में थी और आंध्र प्रदेश की अमरावती हैदराबाद के अधिकार क्षेत्र में; दोनों को इस वर्ष अपना कार्यालय मिला।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

किस कानून ने इमिग्रेशन और विदेशियों से जुड़े चार पुराने कानूनों को समेटकर इमिग्रेशन ब्यूरो को मुख्य एजेंसी बनाया, जिसे एफआरआरओ सहयोग देते हैं?

  1. A.विदेशी अधिनियम, 1946
  2. B.पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920
  3. C.इमिग्रेशन एवं विदेशी अधिनियम, 2025
  4. D.नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. इमिग्रेशन एवं विदेशी अधिनियम, 2025

इस अधिनियम ने इमिग्रेशन तथा विदेशियों से संबंधित चार पुराने कानूनों को एक ही वैधानिक ढाँचे में ले आया, जो विदेशी नागरिकों के प्रवेश, ठहरने, आवागमन और प्रस्थान को नियंत्रित करता है।

Q4.राष्ट्रीयआसान

ई-एफआरआरओ मंच के जरिये कितनी सेवाएँ ऑनलाइन दी जाती हैं?

  1. A.12
  2. B.25
  3. C.35
  4. D.50
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 35

गृह मंत्रालय के अनुसार ई-एफआरआरओ मंच से पैंतीस सेवाएँ ऑनलाइन दी जाती हैं, जिनमें पंजीकरण, वीजा विस्तार, वीजा रूपांतरण तथा अन्य पात्र इमिग्रेशन संबंधी सेवाएँ शामिल हैं, जिससे विदेशियों को छोटे काम के लिए कार्यालय जाना नहीं पड़ता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देश में अब कितने एफआरआरओ कार्यालय हैं?

बीस। 2025 से पाँच राजधानियों में कार्यालय खुलने के बाद हाल में नगालैंड के कोहिमा, त्रिपुरा के अगरतला और ओडिशा के भुवनेश्वर में तीन नए कार्यालय अधिसूचित किए गए हैं।

हर राज्य की राजधानी में एफआरआरओ कब तक होगा?

वर्ष 2027 तक। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यह निर्देश दिया है, और जिन नौ राज्यों में अभी कार्यालय नहीं है, उनके लिए काम चल रहा है।

एफआरआरओ का काम किस कानून के तहत होता है?

इमिग्रेशन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत, जिसने चार पुराने कानूनों को एक में समेट दिया। यह अधिनियम इमिग्रेशन ब्यूरो को मुख्य एजेंसी बनाता है, जिसे केंद्र द्वारा प्राधिकृत एफआरआरओ सहयोग देते हैं।

ई-एफआरआरओ क्या है?

यह वह ऑनलाइन मंच है जिससे 35 इमिग्रेशन संबंधी सेवाएँ दी जाती हैं, जिनमें आगमन के बाद पंजीकरण, वीजा विस्तार और वीजा रूपांतरण शामिल हैं, ताकि पात्र विदेशियों को छोटे कामों के लिए कार्यालय न जाना पड़े।

स्रोत

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