मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

एनएफएससी फैलोशिप: सोलापुर के शोधार्थी ने पीएचडी पूरी की

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने बताया कि सोलापुर के शोधार्थी ने एनएफएससी योजना से मिली 9.90 लाख रुपये की सहायता से अपनी पीएचडी पूरी कर ली।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
एनएफएससी फैलोशिप: सोलापुर के शोधार्थी ने पीएचडी पूरी की

चर्चा में क्यों

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 19 अक्तूबर 2026 को महाराष्ट्र के सोलापुर के डॉ. श्रीकांत दिलीप खंडारे का उदाहरण सामने रखा, जिन्होंने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति से मिली 9.90 लाख रुपये की सहायता से पीएचडी पूरी की।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने महाराष्ट्र के सोलापुर के डॉ. श्रीकांत दिलीप खंडारे का उदाहरण सामने रखा है, जिन्होंने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति (एनएफएससी) की मदद से अपनी डॉक्टरेट पूरी की। उन्हें छात्रवृत्ति और मकान किराया भत्ता मिलाकर कुल 9.90 लाख रुपये की सहायता मिली।

योजना क्या करती है

एनएफएससी योजना पात्र अनुसूचित जाति के छात्रों को वित्तीय सहायता देती है, ताकि वे उच्च शिक्षा और उन्नत अनुसंधान कर सकें। इस सहायता में छात्रवृत्ति के साथ मकान किराया भत्ता भी शामिल रहता है, और दोनों मिलकर शोधार्थी को साल दर साल रहने तथा पढ़ाई का खर्च जुटाने की चिंता से मुक्त करते हैं। मंत्रालय इस योजना को वह महत्वपूर्ण माध्यम बताता है जिससे अनुसूचित जाति के छात्र उच्च शिक्षा और अनुसंधान तक पहुंचते हैं, क्योंकि स्नातकोत्तर के बाद वर्षों तक पढ़ाई जारी रखने का खर्च ही अक्सर तय करता है कि छात्र आगे बढ़ेगा या नहीं।

शोधार्थी और उनका शोध

डॉ. खंडारे ने जून 2018 में सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण की और पर्यावरणीय समस्याओं के टिकाऊ समाधान पर काम शुरू किया। उनका शोध प्लास्टिक कचरे और प्रदूषण पर केन्द्रित है। वे ऐसे परिवार से आते हैं जिसकी आर्थिक स्थिति अस्थिर रही, और वित्तीय अनिश्चितता के कारण उनका डॉक्टरेट कार्यक्रम बीच में छूटने का खतरा बन गया था। उन्होंने स्वयं कहा है कि वित्तीय सहायता न मिलती तो यह कार्यक्रम अधूरा छोड़ना पड़ सकता था। योजना के तहत सहायता उन्हें अक्टूबर 2019 से मिलने लगी, जिसके बाद वे पैसे के इंतजाम की जगह शोध पर ध्यान दे सके और पीएचडी पूरी कर ली।

यह उदाहरण क्यों

मंत्रालय इस उदाहरण से लक्षित सहायता की बड़ी बात कहता है: समय पर मिली रकम और शोधार्थी की लगन मिलकर वंचित पृष्ठभूमि के छात्र को उस आर्थिक दीवार के पार पहुंचा देती है, जो स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट के बीच खड़ी रहती है। विज्ञप्ति इस काम को व्यापक सार्वजनिक हित से भी जोड़ती है, क्योंकि प्लास्टिक कचरे और प्रदूषण पर शोध पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान देता है। अभ्यर्थियों के लिए याद रखने की बात यह है कि एनएफएससी अनुसूचित जाति के छात्रों के नाम पर चलने वाली केन्द्रीय फैलोशिप है, जिसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय चलाता है, और इसमें छात्रवृत्ति के अलावा मकान किराया भत्ता भी मिलता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

योजनाअनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति (एनएफएससी)
मंत्रालयसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
शोधार्थीडॉ. श्रीकांत दिलीप खंडारे, सोलापुर, महाराष्ट्र
प्राप्त सहायता9.90 लाख रुपये, छात्रवृत्ति और मकान किराया भत्ता सहित
सहायता शुरूअक्टूबर 2019
उत्तीर्ण परीक्षासीएसआईआर-यूजीसी नेट, जून 2018
शोध विषयप्लास्टिक कचरे और प्रदूषण के टिकाऊ समाधान

परीक्षा की दृष्टि से

योजना का नाम और पूरा रूप (अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति, एनएफएससी), इसे चलाने वाला मंत्रालय (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता), सहायता में छात्रवृत्ति के साथ मकान किराया भत्ता शामिल होना, इस मामले में कुल सहायता (9.90 लाख रुपये), सहायता शुरू होने का समय (अक्टूबर 2019) और उत्तीर्ण परीक्षा (सीएसआईआर-यूजीसी नेट, जून 2018) याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

सोलापुर के शोधार्थी की डॉक्टरेट में मददगार रही एनएफएससी फैलोशिप किस मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है?

  1. A.शिक्षा मंत्रालय
  2. B.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
  3. C.जनजातीय कार्य मंत्रालय
  4. D.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति यानी एनएफएससी इसी मंत्रालय की योजना है और यह पात्र अनुसूचित जाति के छात्रों को उच्च शिक्षा तथा उन्नत अनुसंधान के लिए वित्तीय सहायता देती है।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

एनएफएससी योजना के तहत शोधार्थी को मकान किराया भत्ते सहित कुल कितनी सहायता मिली?

  1. A.4.50 लाख रुपये
  2. B.6.60 लाख रुपये
  3. C.9.90 लाख रुपये
  4. D.12.50 लाख रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 9.90 लाख रुपये

अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के तहत डॉ. श्रीकांत दिलीप खंडारे को यही कुल सहायता मिली, जिसमें छात्रवृत्ति के साथ मकान किराया भत्ता शामिल था और जिसका भुगतान अक्टूबर 2019 से शुरू हुआ।

Q3.सरकारी योजनाएंआसान

डॉ. श्रीकांत दिलीप खंडारे ने जून 2018 में कौन सी परीक्षा उत्तीर्ण की थी?

  1. A.गेट
  2. B.सीएसआईआर-यूजीसी नेट
  3. C.आईसीएआर नेट
  4. D.कैट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सीएसआईआर-यूजीसी नेट

उनका शोध पर्यावरणीय समस्याओं के टिकाऊ समाधान पर है, जिसके केन्द्र में प्लास्टिक कचरा और प्रदूषण हैं, और मंत्रालय ने उनके मामले को इस बात का उदाहरण बताया कि समय पर मिली वित्तीय सहायता वंचित पृष्ठभूमि के शोधार्थी को अनुसंधान में बनाए रखती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनएफएससी योजना क्या है?

यह अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति है, जिसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय चलाता है। यह पात्र अनुसूचित जाति के छात्रों को उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए वित्तीय सहायता देती है, जिसमें मकान किराया भत्ता भी शामिल है।

डॉ. श्रीकांत दिलीप खंडारे को योजना से कितनी सहायता मिली?

कुल 9.90 लाख रुपये, जिसमें छात्रवृत्ति और मकान किराया भत्ता शामिल था। यह सहायता अक्टूबर 2019 से मिलने लगी और ऐसे समय में उनकी डॉक्टरेट पूरी कराने में मददगार रही जब आर्थिक अनिश्चितता से उनका शोध खतरे में था।

शोधार्थी ने डॉक्टरेट से पहले कौन सी परीक्षा उत्तीर्ण की थी?

उन्होंने जून 2018 में सीएसआईआर-यूजीसी नेट उत्तीर्ण की थी। उनका शोध पर्यावरणीय समस्याओं, विशेष रूप से प्लास्टिक कचरे और प्रदूषण के टिकाऊ समाधान पर केन्द्रित है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 19 अक्टूबर 2026

  1. पंप्ड स्टोरेज: भारत में 345.38 गीगावाट क्षमता चिह्नितपर्यावरण
  2. 61वीं सीआईएमएल बैठक की मेजबानी पहली बार भारत करेगाशिखर सम्मेलन
  3. एसीएसआईआर समझौता: भू-विज्ञान के दस संस्थानों में पीएचडीविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  4. मानवाधिकार क्विज-2026 के दस विजेता घोषित, एनएचआरसी ने दी जानकारीराष्ट्रीय
  5. मोना अग्रवाल को स्वर्ण और नया रिकॉर्ड, अवनी लेखारा को रजतखेल
  6. एग्री वेलफेयर पोर्टल का शुभारंभ, किसानों को मोबाइल पर सेवाएंसरकारी योजनाएं
  7. शीतजल मत्स्य पालन: पिथौरागढ़ क्लस्टर की समीक्षा, पीएमएमएसवाईसरकारी योजनाएं
  8. स्वच्छता ही सेवा 2026: पेट्रोलियम मंत्रालय ने बदलीं 9,845 इकाइयांराष्ट्रीय
आज का क्विज25 प्रश्नपूरा संस्करण पढ़ें →
इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL