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डीआरआई ने कार में छिपाया 5.8 किलो विदेशी सोना जब्त किया

राजस्व आसूचना निदेशालय ने विशाखापत्तनम में कार की गुप्त जगह से 5,832.90 ग्राम विदेशी सोना जब्त किया, कीमत लगभग 8.98 करोड़ रुपये; दो गिरफ्तार।

लेखक प्रकाशित · अपडेट · 2 मिनट
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डीआरआई ने कार में छिपाया 5.8 किलो विदेशी सोना जब्त किया

चर्चा में क्यों

वित्त मंत्रालय ने 11 अक्टूबर 2026 को बताया कि डीआरआई ने विशाखापत्तनम में एक कार के भीतर खास तौर पर बनाई गई जगह से 5,832.90 ग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया, जिसकी कीमत लगभग 8.98 करोड़ रुपये है, दो लोगों को गिरफ्तार किया और सोने की तस्करी का एक नया तरीका उजागर किया।

वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाले राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने कोलकाता से हैदराबाद की ओर जा रही सोने की एक खेप पकड़ी है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगरानी रख रहे अधिकारियों ने लंबे पीछा के बाद 8 और 9 अक्टूबर 2026 के दौरान आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में इस कार को रोका और उसमें सवार दो लोगों को हिरासत में ले लिया।

सोना कहां छिपा था

पहली नजर में कार से कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। भीतर की लंबी और बारीक तलाशी के बाद ही पता चला कि आगे की सवारी सीट के पैर रखने की जगह के नीचे गाड़ी के ढांचे में एक खोखला हिस्सा विशेष रूप से बनाया गया था। उसमें से निकले तीन पैकेटों में 5,832.90 ग्राम विदेशी मूल का सोना था, जो 24 कैरेट शुद्धता का था और जिसकी कीमत लगभग 8.98 करोड़ रुपये आंकी गई। दोनों व्यक्तियों ने बताया कि यह सोना भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते देश में लाया गया था और हैदराबाद पहुंचाया जाना था। सोना सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत जब्त किया गया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

यह तरीका पहले भी सामने आया

यह मामला तीन सप्ताह पहले की एक बरामदगी से बहुत मिलता है। 18 और 19 सितंबर 2026 को डीआरआई अधिकारियों ने दिल्ली के पास पलवल टोल प्लाजा के निकट दो थार वाहन रोके थे और उनके चेसिस में बनाई गई जगहों से 15 किलोग्राम से अधिक विदेशी सोना निकाला था, जिसकी कीमत 23 करोड़ रुपये से अधिक थी। उस मामले की शुरुआती खुफिया जानकारी में सोने का स्रोत म्यांमार बताया गया था, जबकि विशाखापत्तनम वाले मामले में बांग्लादेश सामने आया।

दोनों मामले एक नजर में

मामलाबरामद सोनाकीमत
विशाखापत्तनम, 8 और 9 अक्टूबर 20265,832.90 ग्राम, 24 कैरेटलगभग 8.98 करोड़ रुपये
पलवल टोल प्लाजा, 18 और 19 सितंबर 202615 किलोग्राम से अधिक23 करोड़ रुपये से अधिक

दोनों जब्तियां मिलकर दिखाती हैं कि तस्करी करने वाले सड़क पर होने वाली जांच से बचने के लिए कितनी दूर तक जाते हैं। चेसिस या फर्श में जगह काटकर उसे इस तरह बंद और तैयार किया जाता है कि पूरी गाड़ी खोलने पर ही वह सामने आती है। एजेंसी का कहना है कि उसका ध्यान छिपाने के बदलते तरीकों को पकड़ने, उनके पीछे खड़े गिरोहों को तोड़ने और तस्करी के सोने से होने वाले राजस्व नुकसान को रोकने पर बना रहेगा।

महत्वपूर्ण तथ्य

एजेंसीराजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई)
मंत्रालयवित्त मंत्रालय
जब्त सोना5,832.90 ग्राम विदेशी मूल का 24 कैरेट सोना
कीमतलगभग 8.98 करोड़ रुपये
स्थानविशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश
अभियान की तिथि8 और 9 अक्टूबर 2026
मार्गकोलकाता से हैदराबाद, कार से
छिपाने की जगहआगे की सवारी सीट के पैर रखने की जगह के नीचे बनाई गई खोखली जगह
लागू कानूनसीमा शुल्क अधिनियम, 1962
गिरफ्तारियांकार में सवार दो लोग
पहले का समान मामलापलवल टोल प्लाजा के पास 18 और 19 सितंबर 2026 को 15 किलोग्राम से अधिक सोना, कीमत 23 करोड़ रुपये से अधिक

परीक्षा की दृष्टि से

ध्यान रखें: मात्रा 5,832.90 ग्राम (लगभग 5.8 किलोग्राम), शुद्धता 24 कैरेट, कीमत लगभग 8.98 करोड़ रुपये, एजेंसी डीआरआई (वित्त मंत्रालय के अधीन), स्थान विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश), मार्ग कोलकाता से हैदराबाद, लागू कानून सीमा शुल्क अधिनियम 1962, सीमा भारत-बांग्लादेश तथा पलवल का पुराना मामला जिसमें 15 किलोग्राम से अधिक सोना 23 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का मिला था।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

विशाखापत्तनम में कार की गुप्त जगह से 5,832.90 ग्राम विदेशी सोना किस एजेंसी ने जब्त किया?

  1. A.केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो
  2. B.राजस्व आसूचना निदेशालय
  3. C.स्वापक नियंत्रण ब्यूरो
  4. D.प्रवर्तन निदेशालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजस्व आसूचना निदेशालय

व्याख्या

सही उत्तर राजस्व आसूचना निदेशालय है। डीआरआई वित्त मंत्रालय के अधीन काम करता है और तस्करी से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाकर उस पर कार्रवाई करने वाली देश की प्रमुख एजेंसी है। इसी एजेंसी ने कोलकाता से हैदराबाद जा रही कार का पीछा करके विशाखापत्तनम में उसे रोका। बरामद सोना 5,832.90 ग्राम वजन का और 24 कैरेट शुद्धता का था, जिसकी कीमत लगभग 8.98 करोड़ रुपये आंकी गई, और जब्ती सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत हुई। विकल्प A का केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो भ्रष्टाचार और गंभीर अपराधों की जांच करता है, सीमा शुल्क से जुड़ी जब्ती उसका काम नहीं है। विकल्प C का स्वापक नियंत्रण ब्यूरो स्वापक औषधियों के मामले देखता है, सोने की तस्करी के नहीं। विकल्प D का प्रवर्तन निदेशालय विदेशी मुद्रा और धनशोधन के मामलों पर काम करता है, इसलिए यह बरामदगी उसकी नहीं थी।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

तस्करी का सोना कार में कहां छिपाया गया था?

  1. A.डिक्की में रखे अतिरिक्त पहिये के भीतर
  2. B.आगे की सवारी सीट के पैर रखने की जगह के नीचे बनी खोखली जगह में
  3. C.ईंधन टैंक के भीतर
  4. D.डैशबोर्ड के पीछे
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आगे की सवारी सीट के पैर रखने की जगह के नीचे बनी खोखली जगह में

व्याख्या

सही उत्तर आगे की सवारी सीट के पैर रखने की जगह के नीचे बनी खोखली जगह है। पहली नजर में कार से कुछ संदिग्ध नहीं मिला और भीतर की लंबी, बारीक तलाशी के बाद ही यह पता चला कि चालक के बगल वाली सीट के पैर रखने की जगह के नीचे गाड़ी के ढांचे में एक खोखला हिस्सा खास तौर पर बनाया गया था। उसी जगह से तीन पैकेट निकले, जिनमें कुल 5,832.90 ग्राम 24 कैरेट सोना था। विकल्प A गलत है, क्योंकि सोना अतिरिक्त पहिये में नहीं रखा गया था, और विकल्प C का ईंधन टैंक भी इस मामले में छिपाने की जगह नहीं था। विकल्प D में बताया गया डैशबोर्ड भी वह स्थान नहीं है जहां से पैकेट मिले। पलवल के मामले में ऐसी जगहें वाहनों के चेसिस में काटी गई थीं, जिससे साफ है कि तस्कर छिपाने की जगह बदलते रहते हैं।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

गिरफ्तार लोगों के अनुसार सोना किस सीमा के रास्ते भारत में लाया गया था?

  1. A.भारत-नेपाल सीमा
  2. B.भारत-म्यांमार सीमा
  3. C.भारत-बांग्लादेश सीमा
  4. D.भारत-भूटान सीमा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारत-बांग्लादेश सीमा

व्याख्या

सही उत्तर भारत-बांग्लादेश सीमा है। कार में सवार दोनों लोगों ने अपने बयान में माना कि सोना भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते देश में लाया गया था और उसे हैदराबाद पहुंचाया जाना था, जो यात्रा के कोलकाता से शुरू होने के तथ्य से भी मेल खाता है। विकल्प B में दी गई म्यांमार सीमा इस प्रश्न का जाल है। म्यांमार का नाम एक अलग मामले की शुरुआती खुफिया जानकारी में आया था, जिसमें 18 और 19 सितंबर 2026 को पलवल टोल प्लाजा के पास 15 किलोग्राम से अधिक सोना जब्त हुआ था और उसकी कीमत 23 करोड़ रुपये से अधिक थी। विकल्प A की भारत-नेपाल सीमा और विकल्प D की भारत-भूटान सीमा इन दोनों में से किसी मामले में सामने नहीं आईं। विशाखापत्तनम में मिला सोना सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत जब्त किया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरआई ने विशाखापत्तनम में कितना सोना जब्त किया?

8 और 9 अक्टूबर 2026 के दौरान कार की गुप्त जगह से तीन पैकेटों में 5,832.90 ग्राम विदेशी मूल का 24 कैरेट सोना मिला, जिसकी कीमत लगभग 8.98 करोड़ रुपये आंकी गई।

सोना किस कानून के तहत जब्त किया गया?

सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत। कार में सवार दोनों लोग गिरफ्तार हुए और उन्होंने माना कि सोना भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में लाया गया था।

डीआरआई ने इसकी तुलना किस पुराने मामले से की?

18 और 19 सितंबर 2026 को दिल्ली के पास पलवल टोल प्लाजा पर हुई जब्ती से, जिसमें दो थार वाहनों के चेसिस में बनी जगहों से 15 किलोग्राम से अधिक सोना मिला था, कीमत 23 करोड़ रुपये से अधिक, और स्रोत म्यांमार माना गया था।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 11 अक्टूबर 2026

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  2. डीआरआई ने पूर्वी क्षेत्र में 7.8 किलो तस्करी का सोना जब्त कियाराष्ट्रीय
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