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नई दिल्ली में तीसरा दिल्ली डिफेंस डायलॉग 2026 शुरू हुआ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एमपी-आईडीएसए में तीसरे दिल्ली डिफेंस डायलॉग को संबोधित किया, जिसका विषय रक्षा सुधार, आत्मनिर्भरता, सहयोग और निर्यात है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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नई दिल्ली में तीसरा दिल्ली डिफेंस डायलॉग 2026 शुरू हुआ

चर्चा में क्यों

3 नवंबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली के एमपी-आईडीएसए में तीसरे दिल्ली डिफेंस डायलॉग को संबोधित किया और रक्षा उत्पादन तथा निर्यात के नवीनतम आंकड़े देते हुए संवाद के विषय के चार स्तंभ बताए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान (एमपी-आईडीएसए) में दिल्ली डिफेंस डायलॉग के तीसरे संस्करण को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस सदी में सैन्य तैयारी देश की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता से जुड़ी हुई है, इसलिए महत्वपूर्ण उपकरण देश में ही बनाने और उन्हें बाहरी सहारे के बिना चलाते रहने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है। उनके अनुसार सच्ची आत्मनिर्भरता का अर्थ है किसी मंच के डिजाइन का ज्ञान, उसे बनाने की तकनीक, उसे बेहतर करने की बौद्धिक संपदा और पूरे जीवनकाल तक उसे संभालने की क्षमता रखना।

विषय और उसके चार आधार

इस वर्ष के संवाद का विषय रक्षा सुधार, आत्मनिर्भरता, सहयोग और निर्यात है। रक्षा मंत्री ने इन्हें 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के चार परस्पर जुड़े स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि सुधार संस्थागत वातावरण बनाते हैं, आत्मनिर्भरता स्वदेशी तकनीकी क्षमता मजबूत करती है, सहयोग उन्नत तकनीक और सह-विकास तक पहुंच तेज करता है तथा निर्यात उद्योग को पैमाना और प्रतिस्पर्धा देते हैं। सुधार, साझेदारी और निर्यात के बिना केवल आत्मनिर्भरता देश के तकनीकी दायरे को सीमित कर देगी।

बताए गए आंकड़े

  • वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा उत्पादन लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।
  • रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये हो गया और भारतीय उत्पाद 80 से अधिक देशों तक पहुंच रहे हैं।
  • 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन और 50,000 करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य है।
  • रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2025 को सुधारों का वर्ष घोषित किया था, जिसमें संयुक्तता, एकीकरण और उभरती तकनीकों पर जोर रहा।

उद्योग और शोध

उन्होंने रक्षा औद्योगिक गलियारों की स्थापना तथा पूर्ववर्ती आयुध निर्माणी बोर्ड को सात रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में बदलने का उल्लेख किया और उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान, प्रणोदन प्रणाली, एटैग्स, तोप गोला-बारूद तथा जहाज निर्माण जैसे कार्यक्रमों में निजी कंपनियों, एमएसएमई, स्टार्टअप और शिक्षा जगत को भागीदारी का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि सेनाएं शोध की प्राथमिकताएं तय करने में भागीदार रहें, लेकिन शोध को स्थापित मान्यताओं पर प्रश्न उठाने की स्वतंत्रता भी मिले और सफल विचार प्रयोगशाला से निकलकर उत्पादन तक पहुंचें। अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता दुनिया से पीछे हटना नहीं है और आगे के रिश्ते सह-विकास, सह-उत्पादन तथा साझा नवाचार पर आधारित होने चाहिए, जिसमें डिजाइन में भारत की वास्तविक भागीदारी हो।

संवाद के बारे में

एमपी-आईडीएसए यह दो दिवसीय संवाद 3 और 4 नवंबर 2026 को आयोजित कर रहा है, जिसमें नीति निर्माता, सशस्त्र बल, उद्योग, शिक्षा जगत तथा भारत और विदेश के रणनीतिक विशेषज्ञ शामिल हैं। संस्थान के महानिदेशक राजदूत सुजान आर चिनॉय ने बताया कि इससे पहले प्रणोदन प्रणाली और रक्षा निर्यात पर दो तैयारी बैठकें तथा पहला आसियान-भारत रक्षा थिंक टैंक फोरम भी आयोजित किया गया था। इस अवसर पर चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल तेजिंदर सिंह और अतिरिक्त सचिव दीप्ति मोहिल चावला उपस्थित रहीं।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनतीसरा दिल्ली डिफेंस डायलॉग 2026
आयोजकमनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान (एमपी-आईडीएसए)
स्थान और तिथिनई दिल्ली, 3 और 4 नवंबर 2026
विषयरक्षा सुधार, आत्मनिर्भरता, सहयोग और निर्यात
संबोधनरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा उत्पादनवित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये, रिकॉर्ड स्तर
रक्षा निर्यात38,424 करोड़ रुपये, 80 से अधिक देशों तक
2029 के लक्ष्य3 लाख करोड़ रुपये उत्पादन और 50,000 करोड़ रुपये निर्यात
सुधारों का वर्ष2025, रक्षा मंत्रालय में
रक्षा उपक्रमआयुध निर्माणी बोर्ड से बने सात डीपीएसयू
एमपी-आईडीएसए महानिदेशकराजदूत सुजान आर चिनॉय
अन्य आयोजनपहला आसियान-भारत रक्षा थिंक टैंक फोरम

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (तीसरा), आयोजक (एमपी-आईडीएसए, नई दिल्ली), तिथियां (3 और 4 नवंबर 2026) तथा विषय - रक्षा सुधार, आत्मनिर्भरता, सहयोग और निर्यात - याद रखें। आंकड़े महत्वपूर्ण हैं: वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन, 38,424 करोड़ रुपये का निर्यात, 80 से अधिक देशों तक पहुंच तथा 2029 के लक्ष्य 3 लाख करोड़ और 50,000 करोड़ रुपये। वर्ष 2025 सुधारों का वर्ष, आयुध निर्माणी बोर्ड से बने सात उपक्रम और पहला आसियान-भारत रक्षा थिंक टैंक फोरम भी पूछे जा सकते हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षामध्यम

नवंबर 2026 में तीसरे दिल्ली डिफेंस डायलॉग का आयोजन किस संस्थान ने किया?

  1. A.पुणे स्थित रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान
  2. B.मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान
  3. C.राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय
  4. D.सेंटर फॉर ज्वाइंट वारफेयर स्टडीज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान

इसी संस्थान ने नई दिल्ली में दो दिवसीय तीसरे दिल्ली डिफेंस डायलॉग का आयोजन किया, जहां रक्षा मंत्री ने मुख्य संबोधन दिया और संस्थान के महानिदेशक राजदूत सुजान आर चिनॉय ने स्वागत भाषण दिया।

Q2.रक्षामध्यम

संवाद में बताए अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन किस स्तर पर पहुंचा?

  1. A.लगभग 1.27 लाख करोड़ रुपये
  2. B.लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये
  3. C.लगभग 2.45 लाख करोड़ रुपये
  4. D.लगभग 95,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये

रक्षा मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा उत्पादन इस रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जिसका श्रेय उन्होंने नीतियों, संस्थागत ढांचे, तकनीक विकास, खरीद प्रक्रिया और कारोबार सुगमता में किए गए सुधारों को दिया।

Q3.रक्षाकठिन

2029 तक रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात के लक्ष्य क्या रखे गए हैं?

  1. A.2 लाख करोड़ उत्पादन और 35,000 करोड़ निर्यात
  2. B.3 लाख करोड़ उत्पादन और 50,000 करोड़ निर्यात
  3. C.5 लाख करोड़ उत्पादन और 1 लाख करोड़ निर्यात
  4. D.1.78 लाख करोड़ उत्पादन और 38,424 करोड़ निर्यात
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 3 लाख करोड़ उत्पादन और 50,000 करोड़ निर्यात

रक्षा मंत्री ने 2029 तक इन दोनों लक्ष्यों को प्राप्त करने का संकल्प दोहराया और घरेलू उद्योग से विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारने तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत करने का आग्रह किया।

Q4.रक्षाआसान

पूर्ववर्ती आयुध निर्माणी बोर्ड को कितने रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में बदला गया था?

  1. A.पांच
  2. B.छह
  3. C.सात
  4. D.नौ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सात

घरेलू रक्षा औद्योगिक आधार मजबूत करने के लिए बीते दशक में उठाए कदम बताते हुए रक्षा मंत्री ने रक्षा औद्योगिक गलियारों की स्थापना और पूर्ववर्ती आयुध निर्माणी बोर्ड को सात रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में बदलने का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य उन्हें अधिक स्वायत्तता, कार्यकुशलता और प्रतिस्पर्धा देना था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली डिफेंस डायलॉग 2026 का विषय क्या है?

रक्षा सुधार, आत्मनिर्भरता, सहयोग और निर्यात। राजनाथ सिंह ने इन चारों को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के परस्पर जुड़े स्तंभ बताया, जो एक-दूसरे को मजबूत करते हैं।

दिल्ली डिफेंस डायलॉग कौन आयोजित करता है?

नई दिल्ली स्थित मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान (एमपी-आईडीएसए)। इसके महानिदेशक राजदूत सुजान आर चिनॉय हैं और तीसरा संस्करण 3 व 4 नवंबर 2026 को दो दिन चला।

भारत के रक्षा उत्पादन और निर्यात के आंकड़े क्या हैं?

वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पादन लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा और निर्यात 38,424 करोड़ रुपये हो गया, जबकि भारतीय रक्षा उत्पाद 80 से अधिक देशों तक जा रहे हैं।

2029 तक सरकार ने कौन से रक्षा लक्ष्य रखे हैं?

2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन और 50,000 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात। रक्षा मंत्री ने उद्योग से क्षमता बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत करने को कहा।

स्रोत

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