मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने पांच भाषाओं में विज्ञान पत्रिकाएं शुरू कीं

डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीएसआईआर के स्थापना दिवस पर असमिया, बंगाली, मराठी, तमिल और तेलुगु में सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की पांच विज्ञान पत्रिकाओं का शुभारंभ किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने पांच भाषाओं में विज्ञान पत्रिकाएं शुरू कीं

चर्चा में क्यों

26 सितंबर 2026 को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के 85वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर द्वारा असमिया, बंगाली, मराठी, तमिल और तेलुगु में प्रकाशित पांच नई लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाओं का विमोचन किया।

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद ने 26 सितंबर 2026 को अपने 85वें स्थापना दिवस पर लोकप्रिय विज्ञान लेखन को पांच और भारतीय भाषाओं तक पहुंचाया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने इन नई पत्रिकाओं का विमोचन किया, जिन्हें सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान यानी सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर प्रकाशित करता है।

पांच नई पत्रिकाएं

  • असमिया में बिग्यान लहर
  • बंगाली में बिग्यान ब्रिटान्टो
  • मराठी में विद्न्यान क्षितिज
  • तमिल में अरिवियाल अरिक्कैयालर
  • तेलुगु में विज्ञान वेलुगु

हर पत्रिका अपने क्षेत्र की वैज्ञानिक उपलब्धियों, नवाचारों और शोध की खबरें देगी, ताकि पाठक को विज्ञान उसकी अपनी भाषा में मिले।

पुरानी परंपरा

यह संस्थान पहले से ही अंग्रेजी में साइंस रिपोर्टर, हिंदी में विज्ञान प्रगति और उर्दू में साइंस की दुनिया निकालता है। पांच नई पत्रिकाओं के साथ अब यह सूची तीन से बढ़कर आठ भाषाओं तक पहुंच गई है।

पत्रिकाएं कैसे तैयार होती हैं

इस पहल की खास बात तकनीक का उपयोग है। पुरानी तीनों पत्रिकाओं की चुनी हुई सामग्री का अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से किया जाता है और उसके बाद मानव विशेषज्ञ हर लेख की समीक्षा, प्रूफरीडिंग, तथ्य-जांच और संपादकीय परिष्कार करते हैं, जिससे वैज्ञानिक सटीकता और भाषा की गुणवत्ता बनी रहे। अनुवाद के अलावा हर पत्रिका में उसी भाषा में लिखे मौलिक लेख भी छपते हैं, जिससे भारतीय भाषाओं में विज्ञान लेखन को बढ़ावा मिलेगा।

कौन उपस्थित रहा

विमोचन के समय सीएसआईआर की महानिदेशक तथा डीएसआईआर की सचिव डॉ. एन. कलाइसेल्वी और सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक डॉ. गीता वाणी रायसम मौजूद थीं। प्रकाशन का समन्वय श्री मुकेश अंबादास पुंड और डॉ. मेहर वान ने किया तथा पांचों पत्रिकाओं के संपादक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

85वां स्थापना दिवस विज्ञान, प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय विकास में परिषद के 84 वर्षों के योगदान का प्रतीक है। मंत्रालय ने इसे समावेशी, बहुभाषी और वैज्ञानिक सोच वाले भारत की दिशा में एक कदम बताया।

महत्वपूर्ण तथ्य

अवसरसीएसआईआर का 85वां स्थापना दिवस, 84 वर्षों के योगदान का प्रतीक
विमोचनडॉ. जितेंद्र सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
प्रकाशकसीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान
नई भाषाएंअसमिया, बंगाली, मराठी, तमिल और तेलुगु
पत्रिकाओं के नामबिग्यान लहर, बिग्यान ब्रिटान्टो, विद्न्यान क्षितिज, अरिवियाल अरिक्कैयालर, विज्ञान वेलुगु
पुरानी पत्रिकाएंसाइंस रिपोर्टर (अंग्रेजी), विज्ञान प्रगति (हिंदी), साइंस की दुनिया (उर्दू)
महानिदेशक, सीएसआईआरडॉ. एन. कलाइसेल्वी, डीएसआईआर की सचिव भी
निदेशक, एनआईएससीपीआरडॉ. गीता वाणी रायसम
तिथि26 सितंबर 2026

परीक्षा की दृष्टि से

पांच भाषाएं और उनकी पत्रिकाओं के नाम, प्रकाशक सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर, विमोचन करने वाले मंत्री, अवसर यानी सीएसआईआर का 85वां स्थापना दिवस जो 84 वर्षों के योगदान का प्रतीक है, सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलाइसेल्वी जो डीएसआईआर की सचिव भी हैं, निदेशक डॉ. गीता वाणी रायसम तथा पुरानी तीन पत्रिकाएं साइंस रिपोर्टर, विज्ञान प्रगति और साइंस की दुनिया याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की पांच नई लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाओं का विमोचन किस अवसर पर हुआ?

  1. A.सीएसआईआर के 75वें स्थापना दिवस पर
  2. B.सीएसआईआर के 80वें स्थापना दिवस पर
  3. C.सीएसआईआर के 85वें स्थापना दिवस पर
  4. D.सीएसआईआर के 90वें स्थापना दिवस पर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सीएसआईआर के 85वें स्थापना दिवस पर

व्याख्या

सही उत्तर सीएसआईआर के 85वें स्थापना दिवस पर है। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद ने अपना 85वां स्थापना दिवस मनाया और इसी अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर द्वारा प्रकाशित पांच लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाओं का विमोचन किया। यह दिवस परिषद के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय विकास में 84 वर्षों के योगदान का प्रतीक भी है। विकल्प A, B और D में दिए गए वर्ष इस आयोजन से मेल नहीं खाते, इसलिए वे गलत हैं। परीक्षार्थियों को इस अवसर के साथ पांच भाषाओं, पत्रिकाओं के नाम और प्रकाशित करने वाले संस्थान को भी जोड़कर याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न अक्सर अवसर पर ही केंद्रित होता है। पत्रिकाओं का विमोचन नई दिल्ली में हुआ और पांचों शीर्षकों के संपादक भी वहां उपस्थित रहे, इसलिए यह आयोजन केवल वर्षगांठ का नहीं बल्कि विज्ञान संचार के विस्तार का भी अवसर था। इसी कारण यह समाचार परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की नई पत्रिका विज्ञान वेलुगु किस भाषा में प्रकाशित होती है?

  1. A.तमिल
  2. B.तेलुगु
  3. C.मराठी
  4. D.असमिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तेलुगु

व्याख्या

सही उत्तर तेलुगु है। विमोचित पांच पत्रिकाओं में विज्ञान वेलुगु तेलुगु भाषा की पत्रिका है। विकल्प A गलत है, क्योंकि तमिल पत्रिका का नाम अरिवियाल अरिक्कैयालर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मराठी पत्रिका विद्न्यान क्षितिज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि असमिया पत्रिका बिग्यान लहर है, जबकि बंगाली पत्रिका का नाम बिग्यान ब्रिटान्टो है। ये सभी पत्रिकाएं सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान प्रकाशित करता है और इनमें अनुवादित सामग्री के साथ अपने क्षेत्र के मौलिक लेख भी रहते हैं। हर पत्रिका को उसकी भाषा के साथ मिलाकर याद रखना सबसे उपयोगी है, क्योंकि परीक्षा में यही जोड़ी पूछी जाती है। यह भी ध्यान रखें कि इन पांच नई पत्रिकाओं के जुड़ने से संस्थान का लोकप्रिय विज्ञान प्रकाशन तीन भाषाओं से बढ़कर आठ भाषाओं तक पहुंच गया है, और यही विस्तार इस समाचार का सबसे बड़ा तथ्य है, जिस पर सीधा प्रश्न बन सकता है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सीएसआईआर की महानिदेशक और डीएसआईआर की सचिव कौन हैं?

  1. A.डॉ. गीता वाणी रायसम
  2. B.डॉ. एन. कलाइसेल्वी
  3. C.डॉ. मेहर वान
  4. D.डॉ. जितेंद्र सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डॉ. एन. कलाइसेल्वी

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. एन. कलाइसेल्वी हैं, जो वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की महानिदेशक होने के साथ वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग की सचिव भी हैं और पत्रिकाओं के विमोचन में उपस्थित रहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि डॉ. गीता वाणी रायसम सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक हैं, जो इन पत्रिकाओं का प्रकाशन करता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि डॉ. मेहर वान उन दो अधिकारियों में से एक हैं जिन्होंने श्री मुकेश अंबादास पुंड के साथ प्रकाशन का समन्वय किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि डॉ. जितेंद्र सिंह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री हैं, जिन्होंने पत्रिकाओं का विमोचन किया, परिषद का नेतृत्व नहीं करते। पद और व्यक्ति का मेल याद रखना जरूरी है। इसके अलावा यह भी याद रखें कि विमोचन का अवसर परिषद का 85वां स्थापना दिवस था और पत्रिकाएं पांच भारतीय भाषाओं में प्रकाशित हुई हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने किन पांच भाषाओं में पत्रिकाएं शुरू कीं?

असमिया में बिग्यान लहर, बंगाली में बिग्यान ब्रिटान्टो, मराठी में विद्न्यान क्षितिज, तमिल में अरिवियाल अरिक्कैयालर और तेलुगु में विज्ञान वेलुगु। इनका विमोचन सीएसआईआर के 85वें स्थापना दिवस पर हुआ।

इन पत्रिकाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्या भूमिका है?

विज्ञान प्रगति, साइंस रिपोर्टर और साइंस की दुनिया की चुनी हुई सामग्री का अनुवाद एआई की मदद से होता है, जिसकी समीक्षा, प्रूफरीडिंग और तथ्य-जांच मानव विशेषज्ञ करते हैं।

सीएसआईआर और एनआईएससीपीआर का नेतृत्व कौन कर रहा है?

डॉ. एन. कलाइसेल्वी सीएसआईआर की महानिदेशक और डीएसआईआर की सचिव हैं, जबकि डॉ. गीता वाणी रायसम सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CHSLIBPS