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सीबीएन राजस्थान इकाई ने 3,937 किलो पॉपी स्ट्रॉ पकड़ी

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की राजस्थान इकाई ने हाल के अभियानों में 3,937 किलोग्राम पॉपी स्ट्रॉ, 9.6 किलोग्राम अफीम और 1.9 किलोग्राम गांजा जब्त किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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सीबीएन राजस्थान इकाई ने 3,937 किलो पॉपी स्ट्रॉ पकड़ी

चर्चा में क्यों

26 सितंबर 2026 को केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने बताया कि उसकी राजस्थान इकाई ने राज्य भर में चलाए गए गहन प्रवर्तन अभियानों में करीब चार टन प्रतिबंधित सामग्री जब्त की, जिसमें 3,937 किलोग्राम पॉपी स्ट्रॉ सबसे बड़ी मात्रा रही।

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाली वह एजेंसी है जो वैध अफीम खेती की निगरानी करती है और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करती है। इसकी राजस्थान इकाई ने बीते कुछ हफ्तों में चलाए गए अभियानों में करीब चार टन प्रतिबंधित सामग्री पकड़ी। इसका ब्यौरा 26 सितंबर 2026 को सामने रखा गया।

कुल जब्ती का ब्यौरा

इन मामलों में इकाई ने 3,937 किलोग्राम पॉपी स्ट्रॉ बरामद की, जिसे इस इलाके में डोडा चूरा कहा जाता है। इसके साथ 9.6 किलोग्राम अफीम और 1.9 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा भी मिला। दवाओं के अलावा ₹18.42 लाख नकद, छह गाड़ियां और तीन जिंदा कारतूस से भरी एक देसी पिस्तौल भी जब्त की गई तथा चार लोग पकड़े गए।

सामग्रीमात्रा
पॉपी स्ट्रॉ (डोडा चूरा)3,937 किलोग्राम
अफीम9.6 किलोग्राम
हाइड्रोपोनिक गांजा1.9 किलोग्राम
नकद₹18.42 लाख
गाड़ियांछह
गिरफ्तारीचार लोग

खेप कैसे पकड़ी गई

सबसे बड़ी अकेली खेप एक ट्रक से मिली, जिसमें 118 बोरियों में भरी 2,292.460 किलोग्राम पॉपी स्ट्रॉ सीमेंट की बोरियों की परत के नीचे छिपाई गई थी। वहां दो लोग पकड़े गए और ट्रक जब्त हुआ, जबकि बाद में उनमें से एक के घर से मोटरसाइकिल और एक रजिस्टर भी मिला। एक परिसर की तलाशी में 56 बोरियों में भरा 1,037 किलोग्राम डोडा चूरा निकला, जहां उसी सामग्री से लदी एक फॉर्च्यूनर कार खड़ी थी और उसी गाड़ी से देसी पिस्तौल बरामद हुई।

छोटे मामलों में तस्करों ने यात्री कारों को वाहक बनाया। एक टाटा हैरियर से 23 बोरियों में रखी 340 किलोग्राम पॉपी स्ट्रॉ निकली। एक होंडा अमेज, जिसका चालक गाड़ी छोड़कर भाग गया था, उसमें नौ बोरियों में 156.7 किलोग्राम सामग्री रखी थी। एक क्रेटा कार से 110 किलोग्राम और बरामद हुई तथा इस मामले में एक व्यक्ति पकड़ा गया। अफीम और नकदी एक अलग मामले में आवासीय परिसर से मिली।

जयपुर में खुला पार्सल

इकाई ने जयपुर के विदेशी डाकघर में अमेरिका से आए एक अंतरराष्ट्रीय पार्सल की जांच की। एक एयर सर्कुलेटर बॉक्स के भीतर चार पैकेटों में हाइड्रोपोनिक गांजा छिपाया गया था। बरामद हर वस्तु स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त की गई है। जांच एजेंसी अब इन खेपों के स्रोत, गंतव्य, आपूर्ति के रास्ते और इनसे जुड़े लोगों तक पहुंचने का काम कर रही है।

महत्वपूर्ण तथ्य

एजेंसीकेंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन)
संबंधित मंत्रालयवित्त मंत्रालय
राज्यराजस्थान
पॉपी स्ट्रॉ3,937 किलोग्राम
अफीम9.6 किलोग्राम
हाइड्रोपोनिक गांजा1.9 किलोग्राम
नकद₹18.42 लाख
गाड़ियां और हथियारछह गाड़ियां और तीन जिंदा कारतूस भरी एक देसी पिस्तौल
गिरफ्तारीचार लोग
सबसे बड़ी खेपट्रक से 118 बोरियों में 2,292.460 किलोग्राम पॉपी स्ट्रॉ
लागू कानूनएनडीपीएस अधिनियम, 1985
पार्सल जब्तीजयपुर का विदेशी डाकघर, अमेरिका से आई खेप

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो वित्त मंत्रालय के अधीन है, जब्ती के आंकड़े 3,937 किलोग्राम पॉपी स्ट्रॉ, 9.6 किलोग्राम अफीम और 1.9 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा हैं, ₹18.42 लाख नकद मिला और चार गिरफ्तारियां हुईं, जयपुर के विदेशी डाकघर में अमेरिका से आया पार्सल पकड़ा गया, और मादक पदार्थों की जब्ती एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत होती है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की राजस्थान इकाई ने हाल के अभियानों में कुल कितनी पॉपी स्ट्रॉ (डोडा चूरा) जब्त की?

  1. A.3,937 किलोग्राम
  2. B.2,292 किलोग्राम
  3. C.1,037 किलोग्राम
  4. D.340 किलोग्राम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 3,937 किलोग्राम

व्याख्या

सही उत्तर 3,937 किलोग्राम है। यह वह कुल मात्रा है जो राजस्थान इकाई ने सभी अभियानों को मिलाकर बरामद की, और इसके साथ 9.6 किलोग्राम अफीम तथा 1.9 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा भी जब्त हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि 2,292 किलोग्राम केवल सबसे बड़ी अकेली खेप का गोल आंकड़ा है। वह खेप 2,292.460 किलोग्राम थी और एक ट्रक में 118 बोरियों में सीमेंट की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही थी, यानी वह एक ही मामला है, कुल जब्ती नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1,037 किलोग्राम डोडा चूरा एक परिसर से 56 बोरियों में मिला था, जहां उसी सामग्री से लदी एक फॉर्च्यूनर कार खड़ी थी। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि 340 किलोग्राम मात्रा एक टाटा हैरियर कार से 23 बोरियों में बरामद हुई थी। इन सबके साथ होंडा अमेज से मिली 156.7 किलोग्राम और क्रेटा कार से मिली 110 किलोग्राम सामग्री जोड़ने पर घोषित कुल आंकड़ा 3,937 किलोग्राम बनता है।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

इन मामलों में मादक पदार्थ, गाड़ियां और अन्य वस्तुएं किस कानून के प्रावधानों के तहत जब्त की गईं?

  1. A.भारतीय दंड संहिता, 1860
  2. B.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
  3. C.एनडीपीएस अधिनियम, 1985
  4. D.शस्त्र अधिनियम, 1959
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एनडीपीएस अधिनियम, 1985

व्याख्या

सही उत्तर एनडीपीएस अधिनियम, 1985 है, जिसका पूरा नाम स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम है। इन मामलों में बरामद हर वस्तु, यानी पॉपी स्ट्रॉ, अफीम, हाइड्रोपोनिक गांजा, नकदी, गाड़ियां और देसी पिस्तौल, इसी अधिनियम की संबंधित धाराओं के अंतर्गत जब्त की गई है और आगे की जांच भी इसी के तहत चल रही है। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारतीय दंड संहिता, 1860 सामान्य आपराधिक अपराधों से जुड़ी है और यहां मादक पदार्थों की जब्ती उसके तहत दर्ज नहीं होती। विकल्प B गलत है, क्योंकि सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 आयात-निर्यात और तस्करी के सामान से जुड़ा कानून है, और विदेश से आए पार्सल के मामले में भी इसका उल्लेख नहीं किया गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि शस्त्र अधिनियम, 1959 का जिक्र इन मामलों में नहीं है, भले ही तलाशी के दौरान तीन जिंदा कारतूस से भरी एक देसी पिस्तौल बरामद हुई थी।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

एयर सर्कुलेटर बॉक्स में छिपाकर रखा गया 1.9 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा कहां से बरामद हुआ?

  1. A.विदेशी डाकघर, जयपुर
  2. B.विदेशी डाकघर, जोधपुर
  3. C.एयर कार्गो परिसर, उदयपुर
  4. D.कंटेनर डिपो, कोटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विदेशी डाकघर, जयपुर

व्याख्या

सही उत्तर विदेशी डाकघर, जयपुर है। राजस्थान इकाई ने वहां अमेरिका से आए एक अंतरराष्ट्रीय पार्सल की तलाशी ली और एक एयर सर्कुलेटर बॉक्स के भीतर चार पैकेटों में छिपाया गया हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया। विकल्प B में जोधपुर का नाम है, जो राज्य का एक बड़ा शहर जरूर है, लेकिन यह पार्सल वहां नहीं खोला गया। विकल्प C में उदयपुर का एयर कार्गो परिसर और विकल्प D में कोटा का कंटेनर डिपो बताया गया है, जबकि इन अभियानों में ऐसा कोई स्थान शामिल नहीं था। इन मामलों में एक विदेशी डाकघर, पॉपी स्ट्रॉ से लदा ट्रक, वाहक के रूप में इस्तेमाल हुई यात्री कारें और वे आवासीय परिसर शामिल थे जहां से अफीम और नकदी मिली। पार्सल से मिली 1.9 किलोग्राम मात्रा भी इकाई की कुल जब्ती में गिनी गई है और यह जब्ती एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत की गई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीएन की राजस्थान इकाई ने कितनी पॉपी स्ट्रॉ जब्त की?

कुल 3,937 किलोग्राम पॉपी स्ट्रॉ, जिसे डोडा चूरा कहा जाता है। सबसे बड़ी अकेली खेप 2,292.460 किलोग्राम थी, जो एक ट्रक में 118 बोरियों में सीमेंट के नीचे छिपाई गई थी।

ये जब्तियां किस कानून के तहत की गईं?

स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत। सारी प्रतिबंधित सामग्री, गाड़ियां और अन्य वस्तुएं इसी अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जब्त की गई हैं।

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो किस मंत्रालय के अधीन आता है?

वित्त मंत्रालय के अधीन। यह ब्यूरो नशा मुक्त भारत के लक्ष्य के लिए खुफिया सूचना पर आधारित प्रवर्तन और निवारक जागरूकता का काम करता है।

स्रोत

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