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एपीडा ने बुल्गारिया भेजी जैविक ताड़ गुड़ पाउडर की पहली खेप

एपीडा ने 15 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के इरोड से बुल्गारिया के वार्ना के लिए 1.755 मीट्रिक टन जैविक ताड़ गुड़ पाउडर की पहली निर्यात खेप रवाना की।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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चर्चा में क्यों

एपीडा ने 15 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के इरोड से बुल्गारिया के वार्ना के लिए एनपीओपी और यूरोपीय संघ प्रमाणित 1.755 मीट्रिक टन जैविक ताड़ गुड़ पाउडर की पहली खेप रवाना की, जिससे एक पारंपरिक भारतीय मिठास नए विदेशी बाजार में पहुंची।

तमिलनाडु के गांवों का एक पारंपरिक मीठा उत्पाद अब पूर्वी यूरोप पहुंच गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करने वाले कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने 15 अक्टूबर 2026 को जैविक ताड़ गुड़ पाउडर की पहली निर्यात खेप रवाना की। यह खेप तमिलनाडु के इरोड जिले के गोबिचेट्टीपलायम से बुल्गारिया के वार्ना के लिए भेजी गई।

खेप में क्या गया

इस खेप का वजन 1.755 मीट्रिक टन है और इसे एनपीओपी तथा यूरोपीय संघ दोनों का जैविक प्रमाणन मिला हुआ है। इस उत्पाद को ताड़ ब्लॉसम नेक्टर भी कहा जाता है और यह ताड़ के पेड़ के फूल के रस से तैयार होता है। इसे परिष्कृत चीनी के विकल्प के रूप में बेचा जाता है और इसमें विटामिन तथा खनिज होने की बात कही गई है। खेप समुद्री मार्ग से चेन्नई बंदरगाह के रास्ते भेजी जा रही है।

कौन शामिल है

यह पाउडर इरोड की मेसर्स वेलबीइंग फूड्स ने चेन्नई की मेसर्स चेट्टी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर तैयार और निर्यात किया है। दूसरी ओर खरीदार और वितरक बुल्गारिया की मेसर्स सो लाइफ लिमिटेड है। एपीडा के अध्यक्ष श्री अभिषेक देव ने खेप को रवाना किया। इस मौके पर एपीडा की सचिव डॉ. सास्वती बोस, वरिष्ठ अधिकारी, कंपनियों के प्रतिनिधि, विदेशी साझेदार और मूल्य शृंखला से जुड़े किसान मौजूद रहे।

किसानों को क्या मिलेगा

इस पहल के तहत 137 एकड़ भूमि पर जैविक खेती हो रही है। बताया गया है कि किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में लगभग 15 से 22 प्रतिशत अधिक दाम मिल रहा है, जबकि विनिर्माता को करीब 17 प्रतिशत अधिक। यही अंतर इस पूरी कोशिश का मकसद है, क्योंकि इससे एक स्थानीय फसल निर्यात योग्य उत्पाद बन जाती है और किसान जैविक खेती से जुड़े रहते हैं।

यह खेप क्यों अहम है

भारत की जैविक निर्यात टोकरी लंबे समय से चावल, चाय, मसालों और तिलहन पर टिकी रही है। ताड़ से बना मीठा उत्पाद इस टोकरी को चौड़ा करता है और ऐसा बाजार खोलता है जहां यह पहले नहीं बिकता था। ताड़ का पेड़ पीढ़ियों से तमिलनाडु की खेती और संस्कृति का हिस्सा रहा है। यह खेप दिखाती है कि किसी एक क्षेत्र से जुड़े उत्पाद को प्रमाणित कर, पैक कर विदेश भेजा जा सकता है। एपीडा यहां वही भूमिका निभा रहा है जो वह कृषि निर्यात में निभाता है, यानी बाजार विकास, गुणवत्ता अनुपालन और भारतीय उत्पादकों को विदेशी खरीदारों से जोड़ना।

महत्वपूर्ण तथ्य

संस्थाएपीडा, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
उत्पादजैविक ताड़ गुड़ पाउडर, ताड़ ब्लॉसम नेक्टर
मात्रा1.755 मीट्रिक टन, पहली खेप
कहां सेगोबिचेट्टीपलायम, इरोड जिला, तमिलनाडु
कहां तकवार्ना, बुल्गारिया, चेन्नई बंदरगाह से समुद्री मार्ग
प्रमाणनएनपीओपी और यूरोपीय संघ जैविक
निर्यातकमेसर्स वेलबीइंग फूड्स, इरोड और मेसर्स चेट्टी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई
आयातकमेसर्स सो लाइफ लिमिटेड, बुल्गारिया
क्षेत्र137 एकड़ जैविक खेती
रवाना कियाएपीडा अध्यक्ष श्री अभिषेक देव
तारीख15 अक्टूबर 2026

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें, संस्था एपीडा है जो वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन है, उत्पाद जैविक ताड़ गुड़ पाउडर यानी ताड़ ब्लॉसम नेक्टर है, मात्रा 1.755 मीट्रिक टन है, रवानगी तमिलनाडु के इरोड जिले के गोबिचेट्टीपलायम से हुई, गंतव्य बुल्गारिया का वार्ना है, बंदरगाह चेन्नई है, प्रमाणन एनपीओपी और यूरोपीय संघ का है, क्षेत्र 137 एकड़ है और खेप एपीडा अध्यक्ष श्री अभिषेक देव ने रवाना की।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

एपीडा ने जैविक ताड़ गुड़ पाउडर की पहली खेप किस देश को भेजी?

  1. A.बुल्गारिया
  2. B.बहरीन
  3. C.बेल्जियम
  4. D.ब्राजील
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बुल्गारिया

जैविक ताड़ गुड़ पाउडर की 1.755 मीट्रिक टन की पहली खेप बुल्गारिया के वार्ना शहर भेजी गई, जहां मेसर्स सो लाइफ लिमिटेड आयातक और वितरक है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

जैविक ताड़ गुड़ पाउडर की यह खेप किस जिले से भेजी गई?

  1. A.इरोड, तमिलनाडु
  2. B.कृष्णा, आंध्र प्रदेश
  3. C.मैसूरु, कर्नाटक
  4. D.त्रिशूर, केरल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. इरोड, तमिलनाडु

खेप इरोड जिले के गोबिचेट्टीपलायम से भेजी गई और इसे इरोड की मेसर्स वेलबीइंग फूड्स ने चेन्नई की मेसर्स चेट्टी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर तैयार किया।

Q3.अर्थव्यवस्थाआसान

एपीडा किस केंद्रीय मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?

  1. A.कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
  2. B.वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
  3. C.खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
  4. D.सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण निर्यात संवर्धन से जुड़ी संस्था है, इसलिए इसे खेती देखने वाले मंत्रालय के बजाय वाणिज्य मंत्रालय के अधीन रखा गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एपीडा ने बुल्गारिया को पहली बार कौन सा उत्पाद भेजा?

जैविक ताड़ गुड़ पाउडर, जिसे ताड़ ब्लॉसम नेक्टर भी कहा जाता है। 1.755 मीट्रिक टन की यह पहली खेप 15 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के इरोड जिले के गोबिचेट्टीपलायम से बुल्गारिया के वार्ना भेजी गई।

एपीडा किस मंत्रालय के अधीन काम करता है?

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है। यह बाजार विकास, गुणवत्ता अनुपालन और भारतीय उत्पादकों को विदेशी खरीदारों से जोड़ने का काम करता है।

इससे किसानों को क्या फायदा होगा?

इस पहल में 137 एकड़ भूमि पर जैविक खेती शामिल है। किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में लगभग 15 से 22 प्रतिशत अधिक दाम मिलने की बात कही गई है, जबकि विनिर्माता को करीब 17 प्रतिशत अधिक।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS