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एपीडा ने हरियाणा से कनाडा भेजा एफपीओ का फ्रोजन फूड निर्यात

एपीडा की मदद से हरियाणा के सोनीपत से कनाडा के लिए 24 एमटी फ्रोजन फूड उत्पादों की खेप 1 अक्टूबर 2026 को रवाना हुई, निर्यातक एक किसान उत्पादक कंपनी थी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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एपीडा ने हरियाणा से कनाडा भेजा एफपीओ का फ्रोजन फूड निर्यात — GK24 title card

चर्चा में क्यों

2 अक्टूबर 2026 को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया कि एपीडा ने हरियाणा के सोनीपत से कनाडा के लिए 24 एमटी फ्रोजन फूड उत्पादों की खेप रवाना कराने में मदद की, जिसे एक किसान उत्पादक कंपनी ने निर्यात किया।

किसानों के स्वामित्व वाली एक कंपनी ने फ्रोजन सब्जियां और नाश्ते की वस्तुएं सीधे विदेशी खरीदार तक पहुंचाई हैं। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी एपीडा की मदद से 1 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के सोनीपत से कनाडा के लिए 24 एमटी फ्रोजन फूड उत्पादों की खेप रवाना की गई। निर्यात करने वाली इकाई अटेर्ना फूड्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड थी।

खेप में क्या भेजा गया

इस खेप में दो हजार दो सौ पंचानबे डिब्बे शामिल थे और इनका कुल मूल्य सीएडी के हिसाब से पैंतीस हजार एक सौ चालीस रहा। भेजे गए उत्पादों में हरे मटर, मिश्रित सब्जियां, मटर एवं गाजर, स्वीट कॉर्न तथा समोसा शामिल थे। निर्यात करने वाली इकाई को एपीडा की वित्तीय सहायता योजना के तहत मदद मिली थी।

विवरणतथ्य
मात्रा24 एमटी फ्रोजन फूड उत्पाद
डिब्बेदो हजार दो सौ पंचानबे
कहां से कहांसोनीपत, हरियाणा से कनाडा
रवाना होने की तिथि1 अक्टूबर 2026
निर्यातकअटेर्ना फूड्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड
सहायताएपीडा की वित्तीय सहायता योजना

एफपीओ के निर्यात का महत्व

किसान उत्पादक संगठन ऐसी संस्था है जिसके स्वामी किसान स्वयं होते हैं, और जब वह सीधे निर्यात करता है तो बिचौलियों के हिस्से में जाने वाला लाभ उसके सदस्यों के पास रहता है। खेप रवाना करते समय एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव ने निर्यातक तथा अन्य हितधारकों को बधाई दी और कहा कि एफपीओ द्वारा सीधे निर्यात से उत्पादकों को मिलने वाला मूल्य काफी बढ़ेगा। उन्होंने एनआईएफटीईएम के योगदान की सराहना की और कनाडा के बाजार में निर्यात बढ़ने की आशा जताई।

व्यापक प्रयास

एपीडा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है और एक ओर किसान उत्पादक संगठनों तथा कंपनियों और दूसरी ओर निर्यातकों तथा विदेशी खरीदारों के बीच संबंध बनाता है। ऐसे मामलों में उसका घोषित उद्देश्य किसान समूहों को निर्यात मूल्य श्रृंखला के भीतर लाना है, उन्हें आपूर्ति श्रृंखला के पहले पड़ाव पर छोड़ना नहीं। खेती के उत्पादों को प्रसंस्करण और फिर विदेशी बाजारों से जोड़कर एफपीओ आधारित मॉडल से किसानों की आय बढ़ने तथा व्यापार में किसान समूहों की भूमिका व्यापक होने की अपेक्षा है।

परीक्षार्थी इसे क्यों याद रखें

  • एपीडा का पूरा नाम कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण है और यह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन है
  • खेप 24 एमटी फ्रोजन फूड की थी, जो सोनीपत, हरियाणा से कनाडा गई और इसे अटेर्ना फूड्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने भेजा
  • निर्यातक इकाई को एपीडा की वित्तीय सहायता योजना से मदद मिली और एनआईएफटीईएम के योगदान की सराहना हुई
  • एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव हैं, जिनका नाम एक पंक्ति के प्रश्नों के लिए याद रखने योग्य है

महत्वपूर्ण तथ्य

सहायक संस्थाकृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा)
संबंधित मंत्रालयवाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
खेप24 एमटी फ्रोजन फूड उत्पाद, दो हजार दो सौ पंचानबे डिब्बों में
खेप का मूल्यसीएडी में पैंतीस हजार एक सौ चालीस
मार्गसोनीपत, हरियाणा से कनाडा
रवाना होने की तिथि1 अक्टूबर 2026
निर्यातकअटेर्ना फूड्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड
उत्पादहरे मटर, मिश्रित सब्जियां, मटर एवं गाजर, स्वीट कॉर्न और समोसा
सहायता योजनाएपीडा की वित्तीय सहायता योजना
एपीडा के चेयरमैनअभिषेक देव

परीक्षा की दृष्टि से

संस्था यानी एपीडा, उसका पूरा नाम और उसका मंत्रालय यानी वाणिज्य एवं उद्योग याद रखें। इसके बाद खेप का ब्यौरा: 24 एमटी फ्रोजन फूड, सोनीपत, हरियाणा से कनाडा, 1 अक्टूबर 2026, और निर्यातक अटेर्ना फूड्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड। यह भी याद रखें कि सहायता एपीडा की वित्तीय सहायता योजना से मिली, एनआईएफटीईएम की भूमिका सराही गई और एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव हैं। अवधारणा के रूप में एफपीओ आधारित निर्यात याद रखें, जिसमें किसानों के स्वामित्व वाली संस्था सीधे निर्यात करती है और लाभ सदस्यों के पास रहता है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

एपीडा की मदद से हरियाणा के सोनीपत से 24 एमटी फ्रोजन फूड की खेप किस देश को भेजी गई?

  1. A.यूनान
  2. B.कनाडा
  3. C.ऑस्ट्रेलिया
  4. D.संयुक्त अरब अमीरात
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कनाडा

व्याख्या

सही उत्तर कनाडा है। फ्रोजन फूड उत्पादों की यह खेप हरियाणा के सोनीपत से कनाडा के बाजार के लिए रवाना की गई, इसका निर्यात अटेर्ना फूड्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने किया और एपीडा के चेयरमैन ने इस अवसर पर कनाडा को निर्यात और बढ़ने की आशा जताई। विकल्प A यानी यूनान भारत की एक दूसरी कृषि खेप का गंतव्य है और यही वह भ्रम है जिसमें वह परीक्षार्थी फंसता है जिसे उत्पाद याद रहता है पर बाजार नहीं। विकल्प C यानी ऑस्ट्रेलिया और विकल्प D यानी संयुक्त अरब अमीरात, दोनों भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य के बड़े खरीदार हैं, लेकिन इस खेप से उनका कोई संबंध नहीं है। परीक्षा के लिए यह जोड़ी सीधी है, फ्रोजन सब्जियां और नाश्ते की वस्तुएं, सोनीपत यानी हरियाणा, और गंतव्य कनाडा, जिसमें एपीडा ने अपनी सहायता योजना के तहत मदद की।

Q2.अर्थव्यवस्थाकठिन

हरियाणा से कनाडा भेजी गई फ्रोजन फूड की खेप का कुल मूल्य कितना था?

  1. A.सीएडी 25,140
  2. B.सीएडी 35,140
  3. C.सीएडी 45,295
  4. D.सीएडी 55,295
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सीएडी 35,140

व्याख्या

सही उत्तर सीएडी 35,140 है। कुल 24 एमटी वजन वाले फ्रोजन फूड उत्पादों के डिब्बों की इस खेप का घोषित मूल्य इतना ही था, और मुद्रा कनाडाई डॉलर है, क्योंकि खरीदार कनाडा में है। विकल्प A उसी आकार का कम आंकड़ा है, जिसे इसलिए रखा जाता है कि जिस परीक्षार्थी को अंत के अंक याद रहते हैं पर पहला अंक नहीं, वह चूक जाए। विकल्प C और D मूल्य के आंकड़े को डिब्बों की संख्या के साथ मिला देते हैं, जबकि डिब्बों की गिनती खेप में रखे पैकेटों की है, धन की नहीं। दोहराते समय इस कहानी के तीनों आंकड़े अलग-अलग रखें, वजन 24 एमटी है, डिब्बों की एक अलग संख्या है और मूल्य कनाडाई डॉलर में है। निर्यात की खेपों पर प्रश्न आमतौर पर इसी अंतर पर बनाए जाते हैं।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

फ्रोजन फूड की खेप रवाना करते समय एपीडा के चेयरमैन के रूप में किसका नाम लिया गया?

  1. A.अभिषेक देव
  2. B.पीयूष गोयल
  3. C.सुधांशु पांडेय
  4. D.राजेश अग्रवाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अभिषेक देव

व्याख्या

सही उत्तर अभिषेक देव है। खेप रवाना करने के अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए एपीडा के चेयरमैन ने निर्यातक और हितधारकों को बधाई दी, कहा कि किसान उत्पादक संगठन के सीधे निर्यात से उत्पादकों को मिलने वाला मूल्य काफी बढ़ेगा, एनआईएफटीईएम के योगदान की सराहना की और कनाडा के बाजार में निर्यात बढ़ाने की आशा जताई। विकल्प B में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री का नाम है, जो उस मंत्रालय के प्रमुख हैं जिसके अधीन एपीडा काम करता है, पर वे इसके चेयरमैन नहीं हैं, और मंत्री तथा किसी वैधानिक संस्था के प्रमुख के बीच यही अंतर परीक्षा का पसंदीदा जाल है। विकल्प C और D अधिकारियों के नाम हैं, जो संभावित विकल्प के रूप में रखे गए हैं और इस पद पर नहीं हैं। दोहराते समय पद और संस्था साथ रखें, एपीडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन, चेयरमैन अभिषेक देव।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एपीडा की मदद से हरियाणा के सोनीपत से कनाडा क्या भेजा गया?

फ्रोजन फूड उत्पादों की 24 एमटी की खेप, जो दो हजार दो सौ पंचानबे डिब्बों में थी और 1 अक्टूबर 2026 को अटेर्ना फूड्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने रवाना की।

एपीडा का पूरा नाम क्या है और यह किस मंत्रालय के अधीन है?

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण। यह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है और कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात के लिए संबंध बनाता है।

एफपीओ के सीधे निर्यात को किसानों के लिए महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?

क्योंकि किसान उत्पादक संगठन का स्वामित्व किसानों के पास होता है और सीधे निर्यात से सदस्यों को मिलने वाला मूल्य बढ़ता है। एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव ने यही बात कही।

निर्यातक इकाई को एपीडा की किस योजना से मदद मिली?

एपीडा की वित्तीय सहायता योजना से। इस अवसर पर एनआईएफटीईएम के योगदान की भी सराहना की गई।

स्रोत

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