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एआईआईए रिपोर्ट: दस वर्षों में 37.74 लाख मरीजों का उपचार

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने बताया कि अक्टूबर 2016 से सितंबर 2026 तक उसके केंद्रों में 37,74,524 मरीजों का उपचार हुआ और मरीजों की संख्या चार गुना बढ़ी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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एआईआईए रिपोर्ट: दस वर्षों में 37.74 लाख मरीजों का उपचार

चर्चा में क्यों

16 अक्टूबर 2026 को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने स्थापना दिवस पर दस वर्षों की रिपोर्ट जारी की, जिसमें अक्टूबर 2016 से सितंबर 2026 तक 37,74,524 मरीजों के उपचार का आंकड़ा दर्ज है।

नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) ने अपने स्थापना दिवस पर एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें दस वर्षों के कामकाज का लेखा-जोखा दर्ज है। रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2016 से सितंबर 2026 के बीच संस्थान के मुख्य परिसर तथा संबद्ध एवं आउटरीच केंद्रों में 37,74,524 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएँ दी गईं। एआईआईए आयुष मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है।

मरीज कहाँ देखे गए

इस कुल संख्या में से लगभग 30,37,077 मरीजों का उपचार नई दिल्ली के सरिता विहार स्थित मुख्य परिसर में हुआ। वहाँ की चिकित्सा व्यवस्था में प्रतिदिन करीब 3,000 मरीजों को ओपीडी सेवा देने की क्षमता है, और 200 बिस्तरों वाला भर्ती विभाग उन मरीजों को देखता है जिन्हें दाखिल करने की जरूरत होती है। शेष भार, यानी करीब 7.37 लाख मरीज, मुख्य परिसर के बाहर के केंद्रों ने सँभाला।

आउटरीच नेटवर्क

  • गोवा में एक सैटेलाइट केंद्र
  • नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में संबद्ध सुविधा
  • यूपीएससी भवन में एक केंद्र
  • झज्जर स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट
  • मसूरी स्थित आईएएस प्रशिक्षण केंद्र
  • केवड़िया, एकता नगर में एक केंद्र

मरीजों की संख्या चार गुना

संस्थान के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी. के. प्रजापति ने बताया कि महामारी के वर्षों में आयुर्वेद के प्रति लोगों की रुचि तेजी से बढ़ी और उसके बाद भी बढ़ती रही। इस अवधि में संस्थान में आने वाले मरीजों की संख्या चार गुना से अधिक हो गई। वर्ष 2020 में करीब 1.23 लाख मरीजों को सेवाएँ दी गई थीं, जबकि सितंबर 2026 तक यह आंकड़ा 5.40 लाख से ऊपर पहुँच गया। इसे आयुर्वेद आधारित परामर्श और उपचार की बढ़ती माँग का संकेत माना जा रहा है।

संस्थान का कार्यक्षेत्र

रिपोर्ट के साथ-साथ उसी अवसर पर KAUMARACON-2026 का आयोजन भी हुआ। दोनों आयोजन संस्थान की दो प्राथमिकताओं की ओर संकेत करते हैं: अधिक लोगों तक चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाना, और वैज्ञानिक अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा दूसरे संस्थानों के साथ सहयोग के जरिए आयुर्वेद की साख मजबूत करना। संस्थान अपना लक्ष्य पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान को आज की स्वास्थ्य सेवा पद्धति से जोड़ना बताता है, ताकि उपचार प्रमाण पर टिके, और भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को देश तथा विदेश में पहचान दिलाना भी इसमें शामिल है।

महत्वपूर्ण तथ्य

संस्थानअखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), नई दिल्ली
मंत्रालयआयुष मंत्रालय (स्वायत्त संस्थान)
दस वर्षों में मरीज37,74,524 (अक्टूबर 2016 से सितंबर 2026)
मुख्य परिसर में30,37,077 मरीज, सरिता विहार, नई दिल्ली
क्षमताप्रतिदिन करीब 3,000 ओपीडी मरीज; 200 बिस्तरों का भर्ती विभाग
आउटरीच केंद्रकरीब 7.37 लाख मरीज; गोवा में सैटेलाइट केंद्र
वृद्धि2020 में करीब 1.23 लाख से सितंबर 2026 तक 5.40 लाख से अधिक
निदेशकप्रो. (वैद्य) पी. के. प्रजापति
सम्मेलनKAUMARACON-2026, स्थापना दिवस पर आयोजित

परीक्षा की दृष्टि से

संस्थान (एआईआईए, नई दिल्ली), मंत्रालय (आयुष), दस वर्षों का कुल आंकड़ा 37,74,524, मुख्य परिसर सरिता विहार की 200 बिस्तर तथा 3,000 ओपीडी क्षमता, गोवा का सैटेलाइट केंद्र, 2020 के 1.23 लाख से 5.40 लाख तक की वृद्धि, निदेशक का नाम और KAUMARACON-2026 याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रिपोर्ट और सूचकांकआसान

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान किस मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थान के रूप में काम करता है?

  1. A.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
  2. B.आयुष मंत्रालय
  3. C.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  4. D.शिक्षा मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आयुष मंत्रालय

नई दिल्ली का अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान इसी मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है, और उसका घोषित कार्यक्षेत्र आयुर्वेद में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार है, साथ ही भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को पहचान दिलाना भी।

Q2.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

दशक रिपोर्ट के अनुसार एआईआईए ने अक्टूबर 2016 से सितंबर 2026 के बीच कितने मरीजों का उपचार किया?

  1. A.17,74,524
  2. B.27,74,524
  3. C.37,74,524
  4. D.47,74,524
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 37,74,524

यही आंकड़ा संस्थान ने अक्टूबर 2016 से सितंबर 2026 तक के दस वर्षों के लिए अपने मुख्य परिसर तथा संबद्ध एवं आउटरीच केंद्रों के लिए दर्ज किया है।

Q3.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

सरिता विहार स्थित एआईआईए के मुख्य परिसर का भर्ती विभाग कितने बिस्तरों का है?

  1. A.100 बिस्तर
  2. B.150 बिस्तर
  3. C.200 बिस्तर
  4. D.500 बिस्तर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 200 बिस्तर

नई दिल्ली के सरिता विहार स्थित मुख्य परिसर की चिकित्सा व्यवस्था में प्रतिदिन करीब 3,000 मरीजों को ओपीडी सेवा देने की क्षमता है, और दाखिल होने वाले मरीजों के लिए उतने बिस्तरों का भर्ती विभाग मौजूद है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने दस वर्षों में कितने मरीजों का उपचार किया?

दशक रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2016 से सितंबर 2026 के बीच मुख्य परिसर तथा संबद्ध एवं आउटरीच केंद्रों में 37,74,524 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएँ दी गईं।

एआईआईए का मुख्य परिसर कहाँ है और उसकी क्षमता कितनी है?

नई दिल्ली के सरिता विहार में। वहाँ प्रतिदिन करीब 3,000 मरीजों की ओपीडी क्षमता और 200 बिस्तरों वाला भर्ती विभाग है।

एआईआईए किस मंत्रालय के अधीन काम करता है?

आयुष मंत्रालय के अधीन। यह आयुर्वेद में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को समर्पित स्वायत्त संस्थान है।

एआईआईए में मरीजों की संख्या कितनी बढ़ी?

चार गुना से अधिक, वर्ष 2020 के करीब 1.23 लाख मरीजों से बढ़कर सितंबर 2026 तक 5.40 लाख से ऊपर।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 16 अक्टूबर 2026

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