महासागर दृष्टिकोण, जिसके तहत भारत ने इस तैनाती को रखा, का पूरा अर्थ क्या है?
- A.क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए समुद्री राजमार्ग
- B.क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति
- C.एशियाई क्षेत्रों में सद्भाव, सुरक्षा और विकास के लिए समुद्री गठबंधन
- D.बंदरगाहों, नौवहन और विकास की उन्नति का मिशन
सही उत्तर
B. क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति
व्याख्या
सही उत्तर क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति है। रक्षा मंत्रालय ने सुबिक खाड़ी में आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश की भागीदारी को एक्ट ईस्ट नीति तथा महासागर दृष्टिकोण से जोड़ा, जो बताता है कि भारत अपने विस्तृत समुद्री पड़ोस में सुरक्षा और विकास को साथ-साथ आगे बढ़ाना चाहता है। विकल्प A में अंत का हिस्सा तो सही है पर शुरुआत बदल दी गई है, और आधी याद रखी गई परिभाषा पर यही विकल्प भारी पड़ता है। विकल्प C इसे एक गठबंधन बता देता है, जबकि भारत इसे गठबंधन नहीं बल्कि एक दृष्टिकोण कहता है। विकल्प D इसे बंदरगाह और नौवहन का मिशन बना देता है, जो पूरी तरह अलग विषय है। संक्षिप्त नामों के प्रश्न शब्दशः पूछे जाते हैं, इसलिए पूरा अर्थ जस का तस याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: आईएनएस सह्याद्रि और कुलिश एडीएमएम-प्लस अभ्यास से लौटे
अभ्यास प्रश्न
सुबिक खाड़ी में हुई 23वीं एडीएमएम-प्लस समुद्री सुरक्षा गतिविधि में भारतीय नौसेना के कौन से दो जहाज शामिल हुए?
- A.आईएनएस शिवालिक और आईएनएस कदमत्त
- B.आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश
- C.आईएनएस दिल्ली और आईएनएस सतपुड़ा
- D.आईएनएस तलवार और आईएनएस त्रिकंद
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सही उत्तर: B. आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश
व्याख्या
सही उत्तर आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश है। आईएनएस सह्याद्रि अग्रिम पंक्ति का स्टील्थ युद्धपोत है और आईएनएस कुलिश मिसाइल कार्वेट है। ये दोनों फिलीपींस की सुबिक खाड़ी पहुंचे थे, जहां समुद्री सुरक्षा पर विशेषज्ञ कार्य समूह की गतिविधि का समापन समारोह 25 सितंबर 2026 को हुआ। विकल्प A में आईएनएस शिवालिक और आईएनएस कदमत्त हैं, जो इसी नौसेना के जहाज हैं और दूसरे विदेशी अभ्यासों में जा चुके हैं, पर इस बार सुबिक नहीं भेजे गए। विकल्प C में एक विध्वंसक और एक युद्धपोत का नाम है, जो इस तैनाती का हिस्सा नहीं थे। विकल्प D के दोनों जहाज तलवार श्रेणी के हैं और पश्चिमी तट पर तैनात रहते हैं। परीक्षा के लिए जहाज का नाम उसकी श्रेणी के साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न अक्सर स्टील्थ युद्धपोत या कार्वेट पूछकर बनाया जाता है।
इस एडीएमएम-प्लस समुद्री सुरक्षा गतिविधि की मेजबानी किसने की और सह-अध्यक्ष कौन था?
- A.इंडोनेशियाई नौसेना, सह-अध्यक्ष ऑस्ट्रेलिया
- B.फिलीपीन नौसेना, सह-अध्यक्ष जापान
- C.वियतनाम नौसेना, सह-अध्यक्ष भारत
- D.रॉयल थाई नौसेना, सह-अध्यक्ष दक्षिण कोरिया
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सही उत्तर: B. फिलीपीन नौसेना, सह-अध्यक्ष जापान
व्याख्या
सही उत्तर फिलीपीन नौसेना, सह-अध्यक्ष जापान है। यह गतिविधि 21 सितंबर 2026 को नौसैनिक परिचालन अड्डा सुबिक में शुरू हुई, जहां फिलीपीन नौसेना मेजबान थी और समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ कार्य समूह के इस सत्र की सह-अध्यक्षता जापान ने की। विकल्प A में इंडोनेशिया को मेजबान और ऑस्ट्रेलिया को सह-अध्यक्ष बताया गया है, दोनों देश एडीएमएम-प्लस में सक्रिय रहते हैं, इसलिए यह विकल्प भ्रम पैदा करता है, पर इस बार ये भूमिकाएं उनकी नहीं थीं। विकल्प C में भारत को सह-अध्यक्ष बताया गया है, जबकि भारत ने दो युद्धपोतों के साथ केवल भागीदार के रूप में हिस्सा लिया। विकल्प D में थाईलैंड और दक्षिण कोरिया हैं, जिनकी कोई भूमिका इस आयोजन में नहीं रही। ध्यान रखें कि एडीएमएम-प्लस के कार्य समूह हमेशा दो देश मिलकर चलाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा देश तरंग शक्ति 2026 में अपनी टुकड़ी के साथ भाग नहीं ले रहा है?
- A.ऑस्ट्रेलिया
- B.जापान
- C.श्रीलंका
- D.बांग्लादेश
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सही उत्तर: B. जापान
व्याख्या
सही उत्तर जापान है। तरंग शक्ति 2026 में सात मित्र देशों की वायु सेनाएं अपनी टुकड़ियों और विमानों के साथ उड़ान भर रही हैं और यह सूची है — ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश। जापान इस सूची में नहीं है, इसलिए वही सही उत्तर बनता है। विकल्प A यानी ऑस्ट्रेलिया सूची में शामिल है और उसने जोधपुर में विमान भेजे हैं। विकल्प C यानी श्रीलंका भी सूची में है और उसकी मौजूदगी बताती है कि अभ्यास की पहुंच पड़ोस तक है। विकल्प D यानी बांग्लादेश भी इन्हीं सात देशों में गिना जाता है। ध्यान रखें कि कई अन्य देश केवल पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद हैं और पर्यवेक्षक तथा भाग लेने वाले देश दो अलग श्रेणियां हैं, परीक्षा में यही अंतर पूछा जाता है।
तरंग शक्ति 2026 का उड़ान चरण किस वायु सेना स्टेशन पर शुरू हुआ है?
- A.ग्वालियर
- B.जामनगर
- C.जोधपुर
- D.सुलूर
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सही उत्तर: C. जोधपुर
व्याख्या
सही उत्तर जोधपुर है। उद्घाटन समारोह के अगले दिन वायु सेना स्टेशन जोधपुर पर तरंग शक्ति 2026 का कार्यकारी उड़ान चरण शुरू हुआ और विदेशी दल वहीं से उड़ान भर रहे हैं। पूरा अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक इसी ठिकाने पर केंद्रित है। विकल्प A यानी ग्वालियर भारतीय वायु सेना का जाना-माना लड़ाकू ठिकाना है, लेकिन इस अभ्यास के लिए उसका नाम नहीं आया। विकल्प B यानी जामनगर पश्चिमी क्षेत्र का अग्रिम ठिकाना है, फिर भी यह घोषित स्थान नहीं है। विकल्प D यानी सुलूर दक्षिण भारत में है और वहां दूसरे बेड़े तैनात रहते हैं। परीक्षा में अक्सर अभ्यास के साथ ठिकाने का नाम पूछा जाता है, इसलिए तरंग शक्ति के साथ जोधपुर को जोड़कर याद रखना उपयोगी रहेगा।
तरंग शक्ति 2026 अभ्यास की थीम क्या है?
- A.शक्ति थ्रू द स्काईज
- B.पावर इन पार्टनरशिप
- C.पार्टनर्स इन फ्लाइट
- D.स्ट्रेंथ इन यूनिटी
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सही उत्तर: B. पावर इन पार्टनरशिप
व्याख्या
सही उत्तर पावर इन पार्टनरशिप है। यही इस बहुपक्षीय हवाई अभ्यास के दूसरे संस्करण की घोषित थीम है, जिसे भारतीय वायु सेना 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक वायु सेना स्टेशन जोधपुर में आयोजित कर रही है। इस थीम का अर्थ है कि साथ मिलकर प्रशिक्षण लेने, विशेषज्ञता साझा करने और एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाने से ही वायु सेनाओं की असली ताकत बढ़ती है। विकल्प A यानी शक्ति थ्रू द स्काईज अभ्यास के नाम से मिलता-जुलता जरूर लगता है, पर यह कभी थीम नहीं रही। विकल्प C यानी पार्टनर्स इन फ्लाइट असली थीम के बहुत करीब सुनाई देता है और इसी तरह के विकल्प परीक्षा में भ्रम पैदा करने के लिए रखे जाते हैं, लेकिन वायु सेना ने यह शब्द जारी नहीं किए। विकल्प D यानी स्ट्रेंथ इन यूनिटी एक सामान्य नारा है और किसी संस्करण की थीम नहीं है। परीक्षार्थी थीम को स्थान और तिथि के साथ जोड़कर याद रखें।