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करेंट अफेयर्स क्विज

बैंकिंग करेंट अफेयर्स क्विज: 21 सितंबर 2026

  • 10 प्रश्न
  • 10 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
इनके लिए उपयोगी:बैंकिंग
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इस क्विज के बारे में

बैंकिंग के लिए यह करेंट अफेयर्स क्विज़ 21 सितंबर 2026 को प्रकाशित 3 समाचारों पर आधारित 10 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो बैंकिंग के सामान्य जागरूकता खंड के लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रश्न वही सत्यापित MCQ हैं जो GK24 के लेखों के साथ प्रकाशित होते हैं, और यहां बैंकिंग से उनकी प्रासंगिकता के आधार पर चुने गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है। निर्धारित समय में प्रश्न हल करें, अंत में व्याख्याएं पढ़ें, और जिन समाचारों से प्रश्न बने हैं उन्हें संबंधित लेख या उस दिन के संस्करण पृष्ठ पर पढ़ें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इस क्विज़ को बुकमार्क करें।

इस क्विज के प्रश्न

10 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बैंकिंग और वित्तआसान

सितंबर-अक्टूबर 2026 में बैंक यूनियनों ने मुख्य रूप से किस लंबित मांग को लेकर हड़ताल का आह्वान किया है?

  1. A.कार्य-निष्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना की वापसी
  2. B.पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करना
  3. C.पुरानी पेंशन योजना की बहाली
  4. D.क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का विलय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करना

व्याख्या

सही उत्तर पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करना है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और सरकारी बैंकों के कुछ अन्य संगठनों ने, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के समर्थन के साथ, दो मुख्य मांगें रखी थीं: बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह और कार्य-निष्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना की वापसी। वित्त मंत्रालय के अनुसार अब हड़ताल केवल पांच दिन के सप्ताह की मांग पर है, जिस पर अभी विचार चल रहा है।

पीएलआई योजना की वापसी जाल है। यह मूल दो मांगों में से एक थी, लेकिन सरकार ने योजना को स्थगित रखकर इसे पूरा कर दिया, इसलिए यह अब लंबित नहीं है। पुरानी पेंशन योजना और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का विलय इन हड़तालों का हिस्सा नहीं हैं। 11 सितंबर 2026 को एक दिन की हड़ताल हो चुकी है; 28 से 30 सितंबर को तीन दिन की और 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रस्तावित है।

Q2.अंतरराष्ट्रीयआसान

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता किस तिथि से लागू होगा?

  1. A.27 अप्रैल 2026
  2. B.16 सितंबर 2026
  3. C.20 अक्टूबर 2026
  4. D.1 जनवरी 2027
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 20 अक्टूबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 20 अक्टूबर 2026 है। 21 सितंबर 2026 को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने घोषणा की कि समझौता उसी दिन से लागू होगा, जो दशहरा-विजयादशमी का दिन है। गोयल ने कहा कि यह शुभ दिन सोच-समझकर चुना गया है।

बाकी तिथियां भी समझौते से जुड़ी हैं, इसीलिए भ्रमित करती हैं। 27 अप्रैल 2026 वह तिथि है जब नई दिल्ली के भारत मंडपम में एफटीए पर हस्ताक्षर हुए। 16 सितंबर 2026 को न्यूजीलैंड की संसद ने इसे लागू करने के लिए ज़रूरी कानून पारित किया। 1 जनवरी 2027 का समझौते से कोई संबंध नहीं है। तीनों तिथियों को क्रम से याद रखें: अप्रैल में हस्ताक्षर, सितंबर में न्यूजीलैंड की संसद से मंज़ूरी, और अक्टूबर से लागू।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

21 सितंबर 2026 को महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण इकोसिस्टम और सर्कुलर अर्थव्यवस्था पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में खान मंत्रालय ने क्या जारी किया?

  1. A.महत्वपूर्ण खनिजों का ट्रेडिंग एक्सचेंज
  2. B.महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण इकोसिस्टम पर अवधारणा पत्र
  3. C.नए ई-कचरा (प्रबंधन) नियम
  4. D.नीलामी के लिए नए महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की सूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण इकोसिस्टम पर अवधारणा पत्र

व्याख्या

सही उत्तर महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण इकोसिस्टम पर अवधारणा पत्र है। नई दिल्ली में हुई संगोष्ठी में केंद्रीय मंत्रियों ने यह पत्र जारी किया, जो भारत में महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण को मज़बूत करने का रणनीतिक ढांचा प्रस्तुत करता है। इसका ज़ोर संसाधन दक्षता, ई-कचरे और जीवन-काल पूरा कर चुके उत्पादों जैसे द्वितीयक स्रोतों से खनिज निकालने, और सर्कुलर तथा आत्मनिर्भर इकोसिस्टम बनाने पर है।

बाकी विकल्प विश्वसनीय लगते हैं, लेकिन इस कार्यक्रम में ऐसा कुछ नहीं हुआ। कोई ट्रेडिंग एक्सचेंज शुरू नहीं हुआ। ई-कचरा प्रबंधन नियम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय बनाता है, खान मंत्रालय नहीं। महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी खान मंत्रालय की अलग प्रक्रिया है और इस संगोष्ठी का हिस्सा नहीं थी। संगोष्ठी का उद्घाटन जी. किशन रेड्डी ने किया और इसका आयोजन मटेरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ हुआ।

Q4.बैंकिंग और वित्तमध्यम

हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को सरकारी बैंकों के लिए अवकाश किस वर्ष घोषित किया गया?

  1. A.2012
  2. B.2015
  3. C.2019
  4. D.2020
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2015

व्याख्या

सही उत्तर 2015 है। 21 सितंबर 2026 की अपील में वित्त मंत्रालय ने याद दिलाया कि बैंक कर्मचारियों के हित में सरकार ने 2015 में हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को सरकारी बैंकों के लिए अवकाश घोषित किया था। मंत्रालय के अनुसार बाकी शनिवार कार्य दिवस हैं और बहुत से नागरिकों के लिए बैंकिंग सेवाओं तक आसानी से पहुंचने का अहम मौका हैं।

बाकी वर्ष भ्रम के लिए हैं। यह तथ्य इसलिए अहम है क्योंकि यूनियनों की लंबित मांग, पांच दिवसीय बैंकिंग, हर शनिवार को अवकाश बना देगी। सरकार का तर्क है कि ग्राहक पहले ही महीने के दो शनिवार खो देते हैं, और 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल, सप्ताहांत और 30 सितंबर की छमाही क्लोज़िंग के साथ मिलकर, वित्त वर्ष के एक संवेदनशील समय पर बैंकिंग को प्रभावी रूप से पांच दिन बंद कर देगी।

Q5.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के तहत न्यूजीलैंड ने भारत में कितने निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है?

  1. A.10 अरब अमेरिकी डॉलर
  2. B.15 अरब अमेरिकी डॉलर
  3. C.20 अरब अमेरिकी डॉलर
  4. D.25 अरब अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 20 अरब अमेरिकी डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 20 अरब अमेरिकी डॉलर है। समझौते में न्यूजीलैंड की यह प्रतिबद्धता शामिल है कि वह भारत में इतने निवेश को सुगम बनाएगा, और वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इससे भारतीय कृषि, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और स्टार्ट-अप्स को लाभ होगा।

बाकी आंकड़े भ्रम के लिए हैं। निवेश प्रतिबद्धता को व्यापार लक्ष्य से न मिलाएं: रणनीतिक साझेदारी के "रोडमैप टू 2030" के तहत दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर, यानी लगभग ₹35,000 करोड़, तक पहुंचाना है। 2025-26 में दोनों देशों का वस्तु व्यापार केवल लगभग 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो दिखाता है कि बढ़ने की कितनी गुंजाइश है। शुल्क कटौती के साथ ऐसी निवेश प्रतिबद्धताएं विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के हाल के व्यापार समझौतों की पहचान बन गई हैं।

Q6.अर्थव्यवस्थामध्यम

खान मंत्रालय ने महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी किस संस्था के सहयोग से आयोजित की?

  1. A.फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री
  2. B.मटेरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया
  3. C.कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री
  4. D.भारतीय खान ब्यूरो
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मटेरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया

व्याख्या

सही उत्तर मटेरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया है। "भारत का महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण इकोसिस्टम और सर्कुलर अर्थव्यवस्था" पर दिन भर की राष्ट्रीय संगोष्ठी खान मंत्रालय ने पुनर्चक्रण उद्योग की संस्था एमआरएआई के सहयोग से आयोजित की। इसमें नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रमुख, पुनर्चक्रणकर्ता, शोधकर्ता और शिक्षाविद शामिल हुए।

फिक्की और सीआईआई व्यापक उद्योग संगठन हैं जो अक्सर मंत्रालयों के साथ कार्यक्रम करते हैं, इसलिए ये आकर्षक लगते हैं, लेकिन इस संगोष्ठी का आयोजन इन्होंने नहीं किया। भारतीय खान ब्यूरो खान मंत्रालय का अधीनस्थ कार्यालय है, जो खनिज संरक्षण और खनन के नियमन का काम करता है, इसलिए यह भी मज़बूत भ्रम है। इस खबर की जोड़ी याद रखें: खान मंत्रालय और एमआरएआई, जिसमें केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे और सचिव केशव चंद्र ने संबोधित किया।

Q7.बैंकिंग और वित्तमध्यम

अगस्त 2024 में सरकारी बैंकों का स्टाफ वेलफेयर फंड कितना बढ़ाया गया?

  1. A.25%
  2. B.40%
  3. C.56%
  4. D.75%
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 56%

व्याख्या

सही उत्तर 56% है। स्टाफ वेलफेयर फंड वह राशि है जो सरकारी बैंक कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कल्याण के लिए अलग रखते हैं, जिसमें स्वास्थ्य खर्च, कैंटीन सब्सिडी, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां तथा शिक्षा से जुड़ी आर्थिक सहायता शामिल है। वित्त मंत्रालय ने बैंक कर्मचारियों के लिए उठाए गए कदमों में अगस्त 2024 में इसकी 56% वृद्धि को गिनाया।

बाकी प्रतिशत भ्रम के लिए हैं। इसी सूची में और भी जानने योग्य बातें हैं: वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक सरकारी बैंकों ने लगभग 4,82,800 कर्मचारियों की भर्ती की और पिछले तीन वर्षों में भर्ती दोगुनी हुई; 1 जुलाई 2026 तक अधिकारियों के 95.84% और अधीनस्थ/अवार्ड स्टाफ के 92% पद भरे थे; और अगले द्विपक्षीय समझौते पर बातचीत पहले ही शुरू हुई, ताकि यह नवंबर 2027 की समय-सीमा से पहले पूरा हो। द्विपक्षीय समझौते बैंक प्रबंधन और यूनियनों के बीच वेतन समझौते होते हैं।

Q8.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए कुशल भारतीयों के लिए कितने अस्थायी रोज़गार प्रवेश वीज़ा का प्रावधान करता है?

  1. A.1,000
  2. B.3,000
  3. C.5,000
  4. D.10,000
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 5,000

व्याख्या

सही उत्तर 5,000 है। समझौता कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए 5,000 अस्थायी रोज़गार प्रवेश वीज़ा का विशेष कोटा तय करता है, जिससे उन्हें न्यूजीलैंड में काम करने का स्पष्ट रास्ता मिलता है।

1,000 का आंकड़ा भी समझौते में है, लेकिन दूसरे वीज़ा के लिए: यह युवा भारतीयों को हर वर्ष मिलने वाले कार्य-अवकाश वीज़ा की संख्या है, इसलिए यही सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। 3,000 और 10,000 भ्रम के लिए हैं। सेवाओं के अध्याय में आईटी, पेशेवर सेवाएं, श्रव्य-दृश्य, निर्माण और पर्यटन समेत लगभग 118 क्षेत्र खुले हैं, और लगभग 139 उप-क्षेत्रों में सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र का दर्जा है। विद्यार्थियों पर कोई सीमा नहीं है, और पढ़ाई के बाद STEM स्नातकों को तीन वर्ष तथा डॉक्टरेट शोधार्थियों को चार वर्ष तक काम का अधिकार मिलता है।

Q9.अर्थव्यवस्थामध्यम

महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण संगोष्ठी में चर्चित शब्द 'ब्लैक मास' किसे कहते हैं?

  1. A.कोयला धोने के बाद बची कोयले की धूल
  2. B.कच्चे तेल के शोधन का अवशेष
  3. C.नदी तल से निकाली गई गाद
  4. D.इस्तेमाल हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों से प्राप्त सामग्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इस्तेमाल हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों से प्राप्त सामग्री

व्याख्या

सही उत्तर इस्तेमाल हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों से प्राप्त सामग्री है। जब पुरानी लिथियम-आयन बैटरियों को इकट्ठा करके खोला और पीसा जाता है, तो एक गहरे रंग का चूर्ण बचता है, जिसे ब्लैक मास कहते हैं। इसमें लिथियम, कोबाल्ट, निकल और मैंगनीज़ जैसी कीमती धातुएं तथा ग्रेफाइट होते हैं, जिन्हें आगे के प्रसंस्करण से निकाला जा सकता है। संगोष्ठी का एक तकनीकी सत्र लिथियम-आयन बैटरी से धातु पुनर्प्राप्ति और ब्लैक मास के निर्यात पर ही था।

बाकी विकल्प दूसरे उद्योगों से लिए गए भ्रम हैं। कोयले की धूल और रिफाइनरी का अवशेष महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण से जुड़े नहीं हैं, और नदी की गाद का इससे कोई संबंध नहीं। ब्लैक मास का मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि अगर इसे सीधे निर्यात कर दिया जाए तो कीमती धातुएं विदेश में निकाली जाती हैं; देश में ही इसका प्रसंस्करण इन खनिजों को घरेलू आपूर्ति शृंखला में रखता है, जो सर्कुलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य है।

Q10.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारतीय किसानों की रक्षा के लिए भारत-न्यूजीलैंड एफटीए में निम्नलिखित में से किसे शुल्क रियायतों से बाहर रखा गया है?

  1. A.डेयरी उत्पाद
  2. B.लकड़ी के लट्ठे
  3. C.कोकिंग कोल
  4. D.धातु स्क्रैप
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. डेयरी उत्पाद

व्याख्या

सही उत्तर डेयरी उत्पाद है। किसानों की सुरक्षा के लिए भारत ने संवेदनशील उत्पादों को शुल्क रियायतों से बाहर रखा है: डेयरी, भेड़ के मांस को छोड़कर पशु मांस, प्रमुख कृषि उत्पाद, चीनी और खाद्य तेल। यह इसलिए अहम है क्योंकि न्यूजीलैंड दुनिया के बड़े डेयरी निर्यातकों में है, और व्यापार वार्ताओं में डेयरी लंबे समय से भारत का सबसे संवेदनशील मुद्दा रहा है।

बाकी तीनों विकल्प उल्टी स्थिति के हैं। लकड़ी के लट्ठे, कोकिंग कोल और धातु स्क्रैप ऐसे कच्चे माल हैं जिन्हें भारतीय निर्माता अब न्यूजीलैंड से बिना शुल्क आयात कर सकेंगे, जिससे उनकी लागत घटेगी और वे वैश्विक बाज़ारों में बेहतर मुकाबला कर पाएंगे। न्यूजीलैंड के सेब, कीवी फल और मनुका शहद को न्यूनतम आयात मूल्य और मौसमी अवधि वाले शुल्क दर कोटा के ज़रिए ही सीमित पहुंच मिलेगी, और साथ में भारतीय किसानों की मदद के लिए कृषि उत्पादकता साझेदारी होगी।

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